तीन पुरूषों से प्यार करने पर क्या मैं अनैतिक हूँ

Ipsita Nathak
Affair

मैं रोहिणी हूँ, एक पत्नी और दो सुंदर बच्चों की माँ हूँ।

घर बसाने से पहले दो विवाहित पुरूषों के साथ मेरा संबंध था।

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मेरा पहला पुरूष, सिद्धार्थ, मेरे जीवन में तब आया जब मैं 2004 में दिल्ली में रहती थी और कार्य करती थी। हम कार्य पर मिले। उन दिनों मैं एक पत्रकार के रूप में रीयल एस्टेट बाज़ार के बारे में लिखती थी और वह एक ऊर्जावान आर्किटेक्ट था। जब मैंने पहली बार उसका साक्षात्कार किया, मैं उसकी ओर खिंची चली गई थी। वह मज़ेदार, मज़बूत ढंग से आकर्षक था और उसकी एक विलक्षण मोहक अपील थी जिसने मेरा ध्यान खींचा।

हम औपचारिक तौर पर कुछ बार मिले, और अंत में एक दिन उसने मुझे डेट पर ले जाने को कहा। जब मुझे पता लगा कि वह मुझे बहुत अधिक पसंद करता है तो मैं उसके प्रस्ताव से पीछे नहीं हट सकी क्योंकि वह मुझे अविश्वसनीय रूप से आकर्षक लगता था! मैं केवल 23 वर्ष की थी, वह 37 वर्ष का था; और हमारी चर्चा के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसका एक खुला विवाह (ओपन मैरिज) है। हम कई स्तरों पर जुड़ गए। जो कुछ डेट से शुरू हुआ था वह धीरे धीरे एक रूमानी संबंध में बदल गया और चार वर्षों की अवधि में कई यौन समागमों तक बढ़ गया। पहली बार मैं शर्माई और सकुचाई थी क्योंकि तब मैं कुंवारी (वर्जिन) थी। लेकिन सिद्धार्थ ने मुझे मेरी गति और सहजता से बढ़ने दिया, और मैंने इसकी सबसे अधिक सराहना की – कि उसने मुझ पर दबाव नहीं डाला, हालांकि वह कर सकता था! अंततः हम अलग हो गए जब मैं नई नौकरी के साथ 2008 में बैंगलोर स्थानांतरित हो गई। लेकिन हमने संपर्क बनाए रखा और एक ही शहर में होने पर हम अब भी मिलते हैं। और हाँ, मैं अब भी उसे प्यार करती हूँ।

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मैं 28 वर्ष की थी और मुझे अधेड़ उम्र के पुरूषों के प्रति अपने आकर्षण का अहसास हुआ। मुझे अपनी अंतर्निहित कामुकता के बारे में भी गहरी समझ थी। अब तक मैं जान चुकी थी कि अगर मैं चाहूँ तो अपने आकर्षण से किसी भी पुरूष को आकर्षित कर सकती हूँ।

यह तब की बात है जब मैं बैंगलोर में मित्रों द्वारा आयोजित पार्टी में 40 वर्षीय मिलनसार, आकर्षक गोल्फर राजीव से मिली। बल्कि राजीव एक पारीवारिक मित्र था जिसके दो बच्चे थे। मैं उससे कई वर्षों बाद मिल रही थी।

हमने मित्रों के रूप में शुरूआत की, बीते हुए दिनों के बारे में यूँ ही चर्चा करते हुए। हमने फोन नंबर साझा किए और हमारी बातचात की आवृत्ति बढ़ती गई। राजीव और मैंने एक अंतरंग संपर्क, एक समान तरंग (वेवलेंथ) महसूस किया, जो हमें समय के साथ करीब ले आया। हमें प्यार हो गया। वह कई बार मुझे कहा करता था कि मैं उसके नीरस जीवन में एक ‘ताजा हवा के झौंके’ की तरह आई हूँ! मुझे यह स्वीकार करने में कोई पछतावा नहीं है कि बैंगलोर में 2 वर्षों तक हमारा एक मस्तीभरा संबंध था, कुछ लोग इसे मौज उड़ाने वाला संबंध कहेंगे।

मैं अब 30 वर्ष की हो चुकी थी। मेरे माता-पिता मेरा विवाह करवाने के लिए उत्सुक थे। मैंने भी विरोध नहीं किया, केवल एक शर्त पर, कि पहले मुझे उस लड़के से प्रेम करना होगा। मैंने कई रिश्ते ठुकरा दिए जब तक मुझे 2010 में एक अच्छा संबंध प्राप्त नहीं हुआ। मैं लड़के से मिली, उसे पसंद किया, उससे प्रेम किया। अश्विन और मैं अब 6 वर्षों से विवाहित हैं, और मुझे लगता है कि दो सुंदर बच्चों के साथ खुश भी हैं!

मैं अब भी मेरे दोनों पूर्व प्रेमियों के संपर्क में हूँ। सिद्धार्थ और राजीव के अलावा भी पूर्व में मेरे कुछ संबंध थे, लेकिन ये दो पुरूष वास्तव में खास थे, वे पुरूष जिन्हें मैं अब भी प्यार करती हूँ। मुझे उनके साथ बिताया गया हर पल अब भी याद है। प्यार समय के साथ या फिर संबंध की स्थिति (रिलेशनशिप स्टेटस) में बदलाव के साथ धुंधला नहीं पड़ता, हैं ना? केवल इसलिए कि मैं अब विवाहित हूँ, क्या मुझे उन्हें प्यार करना बंद कर देना चाहिए?

मेरे पति इन पुरूषों के साथ मेरे पूर्व के संबंधों को नहीं जानते हैं। हालांकि वे दोनों से मिल चुके हैं, वे उन्हें केवल मेरे मित्रों के रूप में जानते हैं। कभी कभी मैं इन पुरूषों को छुपकर छेड़छाड़ वाले मैसेज अथवा फोन भी करती हूँ। वे मुझे अपने बारे में अच्छा महसूस करवाते हैं। मैं सुंदर और सेक्सी महसूस करती हूँ, मैं इच्छित महसूस करती हूँ। मैं उनसे पिछले पांच वर्षों के दौरान कई बार निजी डेट पर मिली हूँ। राजीव मुंबई में मेरे विवाह पर भी आया था क्योंकि वह वास्तव में मेरा भला चाहता है।

मैंने अब तक अपने पति को धोखा नहीं दिया है। मैं यहां पर स्पष्टवादी हो रही हूँ कि मेरे पति के अलावा मेरे कोई यौन संबंध नहीं हैं। लेकिन मैं इनकार नहीं करूंगी की लोभ रहे हैं! सिड और राजीव दोनों ने यह मुझ पर छोड़ दिया है कि मैं उनके साथ संपर्क में रहना अथवा शारीरिक संपर्क रखना चाहती हूँ या नहीं। वे मेरे निर्णय का सम्मान करते हैं, और जैसा कि सिड हमेशा कहता है, ‘‘मुश्किल खड़ी करने का मेरा कोई इरादा नहीं है!’’

आप मेरी आलोचना कर सकते हैं, मुझे फूहड़ या बदचलन बूला सकते हैं। सच कहूँ तो मैं नहीं जानती की नैतिक/अनैतिक क्या है। राजीव ने हमारे संबंध की शुरूआत में कहा था, ‘‘जीवन में काला और सफेद कुछ नहीं है, सब कुछ भूरा (ग्रे) है!’’

आज मैंने अपनी कहानी आपके साथ साझा की है। मुझे मेरे अतीत के बारे में कोई पछतावा नहीं है। क्या मैं कभी अपने पति को बता सकूंगी? शायद नहीं। शायद हाँ, किसी दिन, एक ड्रिंक के बाद इस आशा में कि वह मुझे, उसकी स्त्री को समझेगा कि मैं कौन हूँ। और चाहे वह ना भी समझे, लेकिन एक बात का विश्वास है…..मैं अपने सभी पुरूषों को हमेशा अपने दिल की गहराई से प्यार करूंगी!
(जैसा की इप्सिता नाथक को बताया गया)

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