Hindi

प्रभुअग्निः शिव और सती के प्रेम से सीखे गए पाठ

जब प्रेम गहरा होता है, वह आध्यात्मिक ऊंचाईयों को स्पर्श कर लेता है।
siva-sati

सती को अपने प्रभु की हर बात से प्रेम था, विशेष रूप से उनकी कविता से।

जब वे लेटे हुए स्पष्ट आकाश में तारों को देखते थे, वह कहती थी ‘‘कुछ अच्छा सुनाइये,’’। आमतौर पर वह हंसते और कहते, ‘‘तुम बहुत अच्छी हो,’’ और फिर उसे अपने पास खींच लेते। वह आलिंगन से छूटने के लिए संघर्ष करती और कहती ‘‘यह कितना मूर्खतापूर्ण है!’’

एक दिन, उसने विनती की, ‘‘नहीं, वास्तव में कुछ अच्छा कहिए।”

शिवः जीवन का कोई अंत नहीं है, लेकिन, मेरी प्यारी तुम्हारे बगैर, जीवन ही नहीं है।

सतीः इसका क्या अर्थ है?

Please Register for further access. Takes just 20 seconds :)!


मेरी पत्नी के सपने

पुरुषों में कौन से गुण स्त्रियों को सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं?

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No