मैं अपनी पत्नी से प्रेम करता हूँ क्योंकि वह भिन्न है

Subhabrata Nandi

यदि हमारे समाज द्वारा प्रस्तावित आर्दश विवाह की धारणा के अनुसार देखें तो मेरी पत्नी कुछ हद तक विलक्षण है। यहां तक कि जिस दिन हमारा विवाह हुआ, उसने सिंदुर, मंगलसूत्र या संखा सहित विवाह की कोई भी निशानी पहनने से इनकार कर दिया। उसने विवाह से पहले मुझे कहा था कि वह कभी भी अपना सरनेम (उपनाम) नहीं बदलेगी। खैर उससे मुझे कोई समस्या नहीं थी। मैंने सोचा एक नाम में वैसे भी होता क्या है? लेकिन एक बड़े परिवार में चाचा-चाची और माता-पिता के साथ रहने और तीन भाई बहनों में सबसे छोटा होने के कारण; मुझे सबको यह समझाने में बहुत कठिनाई आई कि मैं एक ऐसी लड़की से विवाह कर रहा था जो वास्तव में ‘‘भिन्न” थी।

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कई बार उसके ‘‘भिन्न” तरीके मुझे शर्मिंदा करते थे। कई लोग समझ नहीं पाते थे कि वह पारिवारिक और सामाजिक समारोहों के स्थान पर पुस्तक के विमोचन को क्यों चुनती थी। शुरूआत में, मैं कई बार गुस्सा हो जाया करता था और दूर हो जाता था। लेकिन इन वर्षों में, मैंने इस ‘‘भिन्नता” का आनंद लेना सीख लिया है।

मैं आपको बताता हूँ कि क्यों!

मैं एक विशिष्ठ मध्यम वर्गीय बंगाली परिवार से हूँ जहां महत्वाकांक्षाएं राज करती हैं। अच्छी आय और समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त करना हममें से अधिकांश लोगों के लिए एक अभिलाशा है। लेकिन मेरी पत्नी ने मेरा दृष्टिकोण बदल दिया। उसके लिए प्रसन्नता सबसे पहले है। उसने मुझे और मेरे बेटे को जीवन और प्रकृति से प्रेम करने के लिए और छुट्टियों पर जाने के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया है और अब भी करती है; आकर्षक स्थानों पर नहीं, बल्कि हमारे देश के दूरदराज के गावों में छुट्टियों पर जाना, केवल यह समझने के लिए कि लोग उन परिस्थितियों में कैसे रहते हैं जिनके बारे में हम सोच भी नहीं सकते।

अधिकांश समय वह कार्य में मेरे तनाव को कम करती है मुझे आश्वस्त करते हुए कि यदि मुझे काम में कोई समस्या हो तो मैं कभी भी इस्तीफा दे सकता हूँ, वह अपनी आवाज़ में एक दुर्लभ आत्मविश्वास के साथ कहती है ‘‘मैं नौकरी करती हूँ, इसलिए मैं परिवार को सहारा दे सकती हूँ और तुम स्वयं का कोई व्यवसाय शुरू कर सकते हो” क्योंकि उसके लिए, खुशी और अपने मन की सुनना तथाकथित ‘‘प्रतिष्ठा” से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है जिसे अधिकांश लोग बहुत तवज्जो देते हैं। कई वर्षों से उसने मुझे महंगे फ्लैट और आकर्षक कार खरीदने से रोका है क्योंकि उसके लिए एक छोटा घर आलीशान जीवन शैली की तुलना में अधिक महत्त्वपूर्ण था।

कई बार ऐसा होता था जब मैं उसे उसके पुरूष मित्रों के साथ कविता अथवा लेखों के बारे में चर्चा करते हुए देखता था और असुरक्षित महसूस करता था क्योंकि मैं जानता था कि हमारे बीच एक बौद्धिक रिक्तता थी। लेकिन फिर एक दिन मैं उसकी दुनिया में पहुंचा और मैंने पढ़ना शुरू किया। स्पष्ट कहूँ तो, मैं हर वह वस्तु नहीं समझ पाता जो वह लिखती है। लेकिन मुझे गर्व महसूस होता है कि जो भी वह मध्य रात्री या कार की यात्रा के दौरान लिखती है, उसे पढ़ने का पहला अवसर मुझे मिलता है।

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महँगे आभूषण उसे आकर्षित नहीं करते हैं, इसकी बजाय वह पुस्तकें खरीदने के लिए कहती है। इसलिए मैंने उसे शब्दों के माध्यम से प्यार जताना सीख लिया है और उसकी ‘‘भिन्नता” के साथ रहना और उसे प्रेम करना शुरू कर दिया है।

अब मैं जीवन के एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया हूँ, जहां उसकी विलक्षणताएं मुझे उत्तम महसूस करवाती हैं। मुझे बहुत पसंद है जिस प्रकार वह मेरे यात्रा से लौट कर आने पर दौड़ते हुए मेरी बाहों में आती है। मुझे बहुत पसंद है जब वह मेरे लिए गाना गाती है या उन पक्षियों के चित्र दिखाती है जो मेरी अनुपस्थिति में हमारे बगीचे में आए थे। बारिश होने पर, वह आज भी भीगने के लिए छत पर दौड़ती है। कभी कभी वह काम से हमारे वापस घर लौटने के दौरान सुंदर सूर्यास्त की तस्वीर लेने के लिए अचानक नीचे उतर जाती है। जिस तरह से वह लावारिस बच्चों से मित्रता कर लेती है और हमारे जन्मदिन और वर्षगांठ उनके साथ मनाने का अवसर देती है, उसकी मैं प्रशंसा करता हूँ। अंत में, मैं उसके अपने साथ होने में गर्व महसूस करता हूँ।

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