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यह एक परिकथा जैसा विवाह था जब तक …

उसका उसकी कॉलेज की प्रेमिका के साथ परिकथा जैसा विवाह था, लेकिन फिर उसे उसकी सेक्रेटरी से प्यार हो गया
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(पहचान सुरक्षित रखने के लिए नाम बदल दिए गए हैं)

संजय और मोनिका गुड़गांव के उत्कृष्ठ आधुनिक दम्पति थे। वे कॉलेज में मिले और उन्होंने परी कथा जैसा प्रेम किया, जिसे उनके साझे मित्रों द्वारा प्रोत्साहित किया गया था। कॉलेज के बाद दोनों को गुड़गांव में नौकरी मिल गई और जब उन्होंने विवाह की घोषणा की तब किसी को भी आश्चर्य नहीं हुआ। संजय के माता-पिता, जो बहुत समय से गुड़गांव में उनके खुद के घर में रहते थे, उन्होंने अपना दिल और घर मोनिका के लिए खोल दिया।

जीवन अच्छा था

संजय ने खुद को काम में झोंक दिया, कॉर्पोरेट जगत में तेज़ी से बढ़ते हुए, वह एक संभावित उगता सितारा था, जिसे एक प्रतिष्ठित परियोजना को स्वतंत्र रूप से संचालित करने के लिए खुद सीईओ ने चुना था। मोनिका भी उसके बैंक में अच्छा कार्य कर रही थी और सफलता की सीढ़ी चढ़ रही थी।

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उनकी पार्टियां मजे़दार होती थीं। कॉलेज के करीबी दोस्त और नए मित्र अक्सर उनके घर पर पार्टी किया करते थे, जो कि संजय के माता-पिता के घर की पहली मंजिल था। उसके माता-पिता निचली मंजिल पर रहने लगे और पार्टियों, मित्रों के वहां ठहरने और तेज़ संगीत को मुस्कुराते हुए अनदेखा कर दिया। संजय के माता-पिता को एक पोते की आशा थी लेकिन वे समझ गए कि संजय और मोनिका इंतज़ार करना चाहते थे। अभी बहुत समय था और किसी बात की जल्दी नहीं थी।

जीवन अच्छा था।

फिर एक दिन, मोनिका को एक अजीब सा फोन कॉल आया। एक पुरूष था जिसने अपना नाम बताए बगैर इशारा किया कि संजय का उसकी सेक्रेटरी के साथ प्रेम संबंध है। ‘‘क्या यह संभव है?’’ मोनिका ने सोचा। संजय ऐसा नहीं कर सकता। वह ऐसा क्यों करेगा? उसने अजनबी से बात समाप्त करने की कोशिश की और इस अजीब फोन कॉल के बारे में संजय से बात करने का निश्चय किया, लेकिन तभी उस अजनबी ने बम फैंका।

उसके पास सबूत था।

इसलिए मोनिका, उसका सबूत देखने के लिए संजय को बताए बगैर उस आदमी से मिलने के लिए पब्लिक कॉफी शॉप में गई। सबूत केवल एक वस्तु नहीं थी, वह कई सारे डिजीटल मैसेज थे। कॉल रिकॉर्डिंग, प्रेम भरे मैसेज, नग्न तस्वीरें। उसने उनमें से हर एक को देखा और संजय द्वारा बोले, पुकारे अथवा टाइप किए गए हर शब्द और तस्वीर के साथ जैसे उसके दिल पर एक भारी पत्थर पड़ता जा रहा था।

उस अजनबी ने उसे बताया कि वह उस सेक्रेटरी का पति है जिसके साथ संजय का प्रेम संबंध है। अपराध बोध की स्थिति में सेक्रेटरी ने उसके सामने यह स्वीकार कर लिया था। वह केवल इतना चाहता था कि संजय उसकी पत्नी का पीछा करना छोड़ दे ताकि वह उसके विवाह को बचा सके।

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मोनिका की दुनिया टूट गई।

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उसने संजय के माता-पिता के सामने उसका विरोध किया। झगड़े कडवाहट भरे थे, कटाक्ष भयानक थे और आंसू दिल दुखाने वाले थे।

फिर परिणाम सामने आए।

मोनिका ने उसके साथ रहने से मना कर दिया। संजय के माता-पिता ने मोनिका का साथ दिया; वे विश्वास नहीं कर सकते थे कि उनका बेटा इतना भयानक काम कर सकता है। इसलिए उन्होंने संजय को घर से निकाल दिया और अपनी बहु को अपने साथ रख लिया।

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उन्होंने कहा कि वह अब उनकी बेटी है।

साझे मित्र हैरान रह गए और मोनिका के साथ खड़े हो गए। संजय के परम मित्रों ने उसे अकेला छोड़ दिया और मित्र समूह के दबाव के कारण उसके साथ बातचीत करना बंद कर दिया।

हां, पृथ्वी पर नर्क है

उसके कोई मित्र नहीं बचे थे। वह एक सूटकेस के साथ एक कमरे के किराए के अपार्टमेंट में रहता है। वह सेक्रेटरी जिसे उसने वास्तव में प्यार किया था, उसने उसे छोड़ दिया और कहा कि सब खत्म हो गया है। उनका प्रेम जारी नहीं रह सका क्योंकि वह उसके पति के साथ रहना चाहती थी।

सीईओ ने जब सेक्रेटरी के साथ संजय के प्रेम संबंध के बारे में सुना तो उसने परियोजना से संजय को हटा दिया और एचआर टीम को संजय के चरित्र पर एक जांच शुरू करने को कहा कि कहीं कोई यौन उत्पीड़न तो शामिल नहीं है। फिर उसने संजय को अपने कार्यालय में बुलाया और कहा कि उसके पास नई नौकरी ढूंढने के लिए 4 महीने हैं। उस कंपनी में उसका कैरीयर खत्म हो चुका था।

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मोनिका के मित्र उसका सबसे बड़ा सहारा बन गए। वे उसे कुछ योग्य पुरूषों के साथ स्थापित करने के लिए सख्त प्रयास कर रहे हैं और उसे डेटिंग करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

संजय दो महीनों में 10 वर्ष बड़ी उम्र का दिखाई देने लगा।

शैतान मुस्कुराया।

हाँ, पृथ्वी पर नर्क है।

उसका एक भाग गुड़गांव के एक कमरे के घर में है जहां एक त्रस्त चेहरे के साथ युवा-वृद्ध अकेला दुःखी पुरूष, हर दिन बहुत अधिक शराब पीता है और एक नौकरी ढूंढता है।

वह प्यार और दुनिया को गाली देता है।

और फिर उसने मुझे कस कर थप्पड़ मारा

मेरा पति स्वयं को बहुत लिबरेटेड दर्शाता था लेकिन उसने मेरे जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करने की कोशिश की

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