आदर्श साथी किस तरह अलग हो जाते हैं

वह एक आदर्श विवाह प्रतीत होता था लेकिन भीतर की दरारें

Madhuri Maitra | Posted on 04 Apr 2017
आदर्श साथी किस तरह अलग हो जाते हैं

मेरे विवाह में गंभीरता से, स्पष्टता से कुछ भी गलत नहीं था, लेकिन कुछ था जो ‘सही’ नहीं था। मेरी सारी ऊर्जा समाप्त की जा रही थी जिससे मेरा आत्मविश्वास और मेरी पहचान खो रही थी। अपने आप को ढूंढने के लिए मुझे संबंध विच्छेद करना पड़ा!

मैं उर्मी चौधरी हूँ और यह मेरी कहानी है।

दो दशक पहले, मैं इस कामुक युवा पुरूष की ओर आकर्षित हो गई थी। एक प्रीमियम 5 सितारा होटल में काम करते हुए हमें प्रेम हो गया। हम अच्छे मित्र थे जिन्होंने विवाह कर लिया; यह एक स्वप्न जैसा था!

हालांकि दरारे काफी जल्दी प्रकट होने लगीं। युवा माता-पिता के रूप में, हम कार्य एवं जीवन में संतुलन स्थापित करने में व्यस्त थे और कई झगडे़ कालीन के नीचे दबा लिए जाते थे। जहां भी उसका काम हमें ले गया हम वहां स्थानांतरित होते गए -कलकत्ता, बैंगलोर, हैदराबाद, फिलीपींस। वह उसके व्यवसाय में आगे बढ़ रहा था और मैंने अपने व्यवसाय में आगे नहीं बढ़ना चुना। हमारी एक बेटी थी और मैं उसकी देखभाल करना चाहती थी। उसने कड़ी मेहनत की, और फिर और अधिक की; घर से बाहर अधिक घंटे बिताने लगा। हमारा साथ में पारिवारिक समय आमतौर पर एक मॉल अथवा रेस्टोरेंट में बीतता था। हमारे पास झगड़ों को छोड़ कर एक दूसरे से कहने के लिए बहुत कम बातें होती थीं।

झगड़े!

वे अप्रासंगिक बातों से शुरू होते थे और कारण अंत तक एक ही रहता था। केवल विवाद और अधिक निरंतर होते गए और अधिक उग्र भी। मुझे यकीन है कि हमने इसे बेहतर तरीके से संभाला होता यदि हमने अन्य वस्तुएं साझा की होतीं।

लेकिन तथ्य यह है कि हम संवाद स्थपित करना बंद कर चुके थे और दूर हो गए थे। कोई बड़ी उथल-पुथल, हिंसा अथवा दुर्व्यव्हार नहीं हुआ बल्कि कुछ अति सूक्ष्म और अंतर्घाती हुआ। शायद हम एक-दूसरे में रूचि खो चुके थे, या फिर केवल एक चुंबक के दो विपरीत सिरे थे, और यह सब हमारे साथ इतना धीरे-धीरे हुआ कि हम महसूस ही नहीं कर पाए कि क्या हो रहा है। मेरा काम करने का आदी पति मेरी ‘घर पर रहने की असुरक्षाओं’ को नहीं झेल पाता था। यह एक पारंपरिक विवाह बन चुका था- वह साधन प्रदान करता था, मैं घर संभालती थी।

वह बहुत उदार था, मतलबी या ऐसा कुछ नहीं था। मैं अपनी पसंद की किसी भी वस्तु पर खर्च कर सकती थी, लेकिन एक कैरियर के बगैर अधूरा महसूस करती थी। यदि आप एक कामकाजी महिला रही हों, तो आप खाना पका कर और खरीदारी कर इतनी खुश नहीं रहेंगी।

और झगड़े जारी रहे! वास्तव में बदतर हो गए। स्वाभाविक रूप से, इन भावनाओं ने हमारी भावनात्मक और शारीरिक अंतरंगता पर अपना बुरा प्रभाव डाला। अब हम दोनों गंभीर रूप से नाखुश थे। यहां तक कि हम दो बार एक परामर्शदाता के पास भी गए। मगर कुछ हल नहीं निकला। हम एक-दूसरे के साथ संवाद नहीं कर सकते थे। हम और अधिक दूर हो गए।

मेरा पति मेरा परम मित्र भी था। मैं पूरी तरह उसके प्यार में थी और मानती थी कि यह परी-कथा वाला विवाह है। यहां तक कि आज भी जब लोग सुनते हैं कि हम अब साथ में नहीं हैं, वे आश्चर्यचकित रह जाते हैं या यू कहूँ कि हैरान। स्पष्ट कहूँ तो उसने कभी नहीं सोचा कि हमारे विवाह में कुछ गलत था।

वास्तव में, मैं भी नहीं समझ सकती कि गलत क्या हुआ। शायद इस प्रकार के बंधन में रखे जाने के लिए मैं कुछ ज़्यादा ही मुक्त व्यक्ति हूँ। शायद मैंने विकसित होना बंद कर दिया जबकि वह आगे बढ़ता रहा। मैंने एक क्षण के लिए भी कभी उसकी सफलता पर नाराज़गी नहीं जताई, ना तब, ना ही अब। लेकिन मैं जानती थी कि मैं उसके साथ अब और अधिक नहीं रह सकती थी। झगड़ो ने मेरे मन को उचाट कर दिया था।

मैंने अपने विवाह की ऐसी कल्पना नहीं की थी। आपने एक संबंध में निवेश किया है; आपसे साथ में उम्र काटने की अपेक्षा है।

लेकिन अचानक, विवाह के दो दशकों के बाद आपको नए सिरे से शुरू करना होगा। हानियां बहुत सारी हैं। घबराहट है; आप सोचते हैं कि क्या ऐसा कोई है जिसका आप सहारा ले सकते हैं।

यदि आपको कभी भी महसूस हो कि आपके विवाह में कुछ ऐसा है जो सही नहीं है, उसे ठीक करने के लिए सबकुछ करो। अपने आप को भ्रमित मत करो कि वस्तुएं ठीक हो जाएंगी। आपको उन समस्याओं पर उतना ही अधिक काम करना होगा जितना कि एक दोषपूर्ण प्लंबिंग में करने की आवश्यकता है, इसलिए इसे पहले संकेत में ही समझ जाओ!

शायद हमारा विवाह ठीक किया जा सकता था। शायद हम इसे बहुत देर होने से पहले ही छोड़ सकते थे। शायद यह कार्मिक था और हमने अपने ‘फलों’ को प्राप्त किया था। कौन जाने? मैं अब पहले से बहुत बेहतर स्थिति में हूँ और केवल प्रार्थना कर सकती हूँ कि उसे भी शांति मिले।

(जैसा कि माधुरी मैत्रा को बताया गया)

 

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