10 इम्तियाज़ अली क्वोट्स जो सीधे दिल से निकले हैं

सिनेमा की हर पीढ़ी में एक ऐसा निर्देशक होता है जो अपने दर्शकों को पूरी तरह से समझता हैं वे आपके दिल को आकर्षक कहानियों, सोचने पर मजबूर करने वाले संवाद और परफेक्ट निर्देशन से छूते हैं। हमारे समय में हमारे पास इम्तियाज़ अली हैं! उनके द्वारा बनाई गई हर फिल्म बार-बार देखने योग्य है। सोचा ना था, जब वी मेट, रॉकस्टार उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्मों में से हैं। लेकिन वह समान रूप से यादगार संवाद लिखकर अपनी फिल्मों को यादगार बना देते हैं। यहां उनमें से कुछ दिए गए हैं:

1. फिल्म सोचा ना था से

समझ, मज़हब सब अपनी जगह है….लेकिन प्यार सबसे ऊपर है।

सबसे पहले, इस फिल्म ने हमें अभय देओल दिया। तो शुक्रिया इम्तियाज़! परिवार के झगड़ों से विभाजित हुए एक लड़के और लड़की के बीच साधारण प्रेम कहानी। काफी सुनी गई कहानी। लेकिन यह लाइन हममें से कई लोगों के लिए बहुत प्रासंगिक है जिन्होंने किसी की जाति, वित्तीय स्थिति या लुक्स के बारे में सोचे बिना उनसे प्यार किया है। यह जो प्यार है वह शुद्ध, मिलावट रहित प्यार है क्योंकि प्यार सबसे ऊपर है।

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2. फिल्म हाइवे से

जहां से तुम मुझे लाए हो मैं वापस जाना नहीं चाहती। जहां भी ले जा रहे हो वहां पहुंचना नहीं चाहती। पर ये रास्ता बहुत अच्छा है, मैं चाहती हूँ ये रास्ता कभी खत्म ना हो।

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क्या यह हममें से अधिकांश लोगों के साथ नहीं हुआ है, कि एक रोड ट्रिप या बहुत इंतज़ार की गई छुट्टियों के बाद, वास्तविकता में लौटने का समय है और आपको आलिया के शब्द याद आते हैं? हम सिर्फ उस यात्रा के पल में रहना चाहते हैं, हम ना तो अतीत और ना भविष्य में किसी गंतव्य के लिए उत्सुक हैं।

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3. फिल्म रॉकस्टार से

टूटे हुए दिल से संगीत निकलता है

दिल का टूटना कठोर होता है और इसका मतलब सिर्फ ब्रेकअप नहीं होता है। अपने प्रियजन के साथ झगड़ा, अपने माता-पिता या बच्चों के साथ एक गंभीर मतभेद हमें एक बहुत अंधेरे और तनहा स्थान पर ले जाता है। कुछ वहीं रहना चुनते हैं जबकि कुछ अज्ञात प्रतिभाओं के साथ बाहर निकल आते हैं। कुछ गाते हैं, कुछ लिखते हैं, कुछ लोग चित्र बनाते हैं, लेकिन वे खुद को व्यक्त करने के नए तरीके ढूंढ ही लेते हैं। शायद इम्तियाज़ फिल्म में यही कहना चाहते थे।

दिल का टूटना कठोर होता है और इसका मतलब सिर्फ ब्रेकअप नहीं होता है।
Image Source – Eros Now

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4. फिल्म तमाशा से

तू वही है जो सुबह उठके ऑफिस जाता है और शाम को घर आता है। बॉस की डांट खाता है और किसी को नहीं बताता है।

यह सिर्फ एक संवाद नहीं है बल्कि आज की कठोर वास्तविकता को दर्शाता है जिसमें हम अपनी सभी आकांक्षाओं को त्यागने वाले रोबोटों की तरह रहते हैं जो आखिरकार हमारी आत्मा को ही खत्म कर देते हैं।

यह सिर्फ एक संवाद नहीं है बल्कि आज की कठोर वास्तविकता को दर्शाता है
Twitter – Tamasha Official

5. फिल्म लव आज कल से

जाने से पहले एक आखरी बार मिलना ज़रूरी क्यों होता है?

मनुष्य कभी संतुष्ट नहीं होते हैं, और जब किसी प्रियजन को अलविदा कहने की बात आती है, तो अलविदा कहने के लिए कितना भी ज़्यादा समय पर्याप्त नहीं होता है।

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6. फिल्म जब वी मैट

जब कोई प्यार में होता है तो कोई सही गलत नहीं होता है

इम्तियाज़ द्वारा एक और फिल्म, जहां यह कितनी सरलता से कहा गया है कि प्यार सबको जीत लेता है। भोली-भाली गीत यह लाइन इतनी सरलता के साथ कहती है कि यह एक श्रेष्ठ संवाद की तरह लगती भी नहीं है। इसे फिर से पढ़ें, क्या प्यार और जंग में सब जायज़ नहीं है?

7. तमाशा फिल्म से

हम अपने बारे में जो भी कहेंगे झूठ कहेंगे और झूठ के सिवा कुछ नहीं कहेंगे।

फिल्म का मुख्य किरदार अपने नियमित जीवन को छोड़कर एक नई जगह पर आता है, एक ऐसा व्यक्ति बनने के लिए जो वह अपने दैनिक जीवन में नहीं बन सकता है। क्या कुछ दिनों तक किसी जजमेंट या नियमों के बिना रहना अच्छा नहीं होगा?

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8. फिल्म रॉकस्टार से

पता है यहां से बहुत दूर, गलत और सही के पार एक मैदान है, मैं वहां मिलूंगा तुझे।

ऐसी सिर्फ एक ही जगह है – सपने। हममें से कई इतने भाग्यशाली नहीं हैं कि अपने प्रियजन के साथ रहें। लेकिन हमें सपने देखने से कोई नहीं रोक सकता।

पता है यहां से बहुत दूर, गलत और सही के पार एक मैदान है, मैं वहां मिलूंगा तुझे।
Image Source – Eros Now

9. फिल्म जब हैरी मैट सेजल से

ढूंढने से भगवान भी मिल जाता है, और जो मिला है वही ढूंढा होगा, सोच के देखो।

क्या यह शानदार लाइन नहीं है! हम ऐसी चीज़ पाना चाहते रहते हैं जो हमारे पास नहीं है। भले ही यह बेहतर नौकरी, बेहतर लुक्स या बेहतर घर हो। जहां हमारे लालच की सूची अंतहीन है, हो सकता है भगवान ने वास्तव में नौकरी पाने, स्वस्थ होने, जीवित रहने और खुद का घर होने की हमारी इच्छा पूरी की हो।

ढूंढने से भगवान भी मिल जाता है, और जो मिला है वही ढूंढा होगा, सोच के देखो।
Image Source – IMDb

10. फिल्म जब वी मैट से

ऐसा लग रहा था जैसे कुछ गलत हो रहा है, जैसे कोई ट्रेन छूट रही है।

हम सभी को यह महसूस होता है। ‘कुछ ठीक नहीं है’ वाली फीलिंग। यह संबंधों और नौकरी में होता है और असहज महसूस होना तब तक जारी रहता है जब तक चीज़ें अंततः ट्रैक पर ना आ जाए।

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