अपमानजनक लिव-इन संबंध से एक औरत के बच निकलने की कहानी

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(पहचान छुपाने के लिए नाम बदल दिए गए हैं)

जब मेरी करीबी सहेली प्रीति मुझसे मिलने आई, तब उसकी आँखों में एक डर था। मुझे वह एक डरी हुई लड़की प्रतीत हुई। जब मैंने उसे पूछा कि मामला क्या था, उसने मेरा हाथ कस कर पकड़ा और वह कहानी सुनाई जिसमें वह और उसका एक्स ब्वॉयफ्रैंड शामिल थे।

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प्रीति और अमित युनिवर्सिटी में सहपाठी थे। प्रीति एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती है और देखने में काफी सुंदर है। लेकिन उसे लगा कि अमित उसके स्तर से ऊपर था। वह लंबा और आकर्षक था और अत्यंत समृद्ध परिवार से ताल्लुक रखता था।

हैरानी की बात है कि पहला प्रस्ताव अमित ने दिया। उसने प्रीति को एक प्रेम पत्र लिखा जो एक काव्य था। प्रीति का प्रतिरोध जल्द ही टूट गया और उसने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। युनिवर्सिटी से उत्तीर्ण होने के तुरंत बाद, दंपत्ति ने एक घर किराए पर लिया और साथ रहने लगे।

यह शब्दों के साथ शुरू हुआ

उसके असली व्यवहार का पता लगाने में उसे छह महीने लग गए। उसकी शुरूआती मीठी-मीठी बातें तानों में बदलने लगी।

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उसने एक दिन कहा, ‘‘मेरा परिवार समृद्ध है, तुम्हारा स्तर हमारे स्तर के लायक नहीं है।”

यह जल्द ही भावनात्मक शोषण और गाली गलौच में बदल गया।

रात 9 बजे घर लौटकर जब प्रीति ने खाना बनाया तब उसने कहा ‘‘बेवकूफ लड़की! तुम्हारी माँ ने तुम्हें ठीक से खाना बनाना तक नहीं सिखाया,’’

जहां प्रीति को युनिवर्सिटी के तुरंत बाद नौकरी मिल गई, वहीं अमित ने एमबीए करने का निर्णय लिया। चूंकि यह एक दूरस्थ शिक्षा संस्थान था, इसलिए वह कक्षा में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं था। हाँ, प्रीति ही सब खाना पकाना, सफाई और घर के अन्य काम किया करती थी और घर के हर खर्च उठाती थी।

फिर पीटना शुरू हुआ

अमित ने शारीरिक रूप से शोषण करने में ज़्यादा समय नहीं लिया। जब प्रीति ने उसकी महिला सहपाठी के निरंतर फोन कॉल्स का विरोध किया तो अमित ने उसे लात मारी और वह ज़मीन पर जा गिरी। जब उसने उठने की कोशिश की तो उसने उसे थप्पड़ मारा।

स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती गई। हर छोटी बात पर अमित प्रीति पर हाथ उठाने लगा। एक बार, एक झगड़े के दौरान अमित ने प्रीति के मुंह पर उसे मारने की कोशिश करते हुए एक तकिया डाल दिया। प्रीति ने हाथ जोड़कर अपने जीवन की भीख मांगी; तब कहीं जाकर अमित ने उसे जाने दिया। इस घटना के बाद प्रीति और सहन नहीं कर सकी।

यह वह समय था जब वह मेरे पास आई थी। मैंने उसे भागने में मदद करने का फैसला किया। हमने योजना बनाते-बनाते कई दिन गुज़ार दिए।

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एक दिन, जब अमित घर पर नहीं था, प्रीति ने मुझे फोन किया। हमने जल्दी से उसकी आवश्यक चीज़ें पैक की और वह मेरे साथ मेरे होस्टल आ गई। उसने फोन पर एक मैसेज छोड़ दिया कि वह उसे छोड़ कर जा रही है।

मैं तुम्हें कभी जाने नहीं दूंगा…..

अमित तैयार नहीं था कि प्रीति घर छोड़ कर जाए। उसने जल्द ही हमारे होस्टल के बारे में पता लगा लिया और वार्डन से मिल कर कहा कि प्रीति को उसके साथ जाने दे। वार्डन, जिसे मैं पहले ही सच बता चुकी थी, उन्होंने इनकार कर दिया। फिर अमित उसके ऑफिस में गया। वह जहां-जहां भी गया, प्रीति की छवि खराब करने में लगा रहा।

उसने सबको बता दिया, ‘‘वह बिना शादी किए मेरे साथ रहती थी, अब उसने मुझे छोड़ दिया- शायद किसी और के लिए। उसका चरित्र खराब है।”

उसने झूठ का सहारा लिया ‘‘मैं सारा खर्चा उठाया करता था। अब उसे मेरा पैसा वापस करना होगा”

प्रीति मानसिक रूप से परेशान थी और छुप-छुप कर रोया करती थी, लेकिन वह आसानी से हार मानने वालों में से नहीं थी। मैं उसे पुलिस स्टेशन ले गई और हमने एक एनओसी (गैर संज्ञेय अपराध) दर्ज किया।

पुलिस की मदद

प्रीति ने अमित को फोन किया और कहा कि वह उसे पैसे देना चाहती है। जब वह उसे मिलने गई, दो पुलिसवाले उसके साथ गए। जब अमित ने दरवाज़ा खोला, पुलिसकर्मी ने उसे संबोधित किया और प्रीति से दूर रहने को कहा। पुलिस ने अपने घर से कुछ शेष सामान लेने में भी प्रीति की मदद की।

आज, प्रीति ने अपने अतीत को पीछे छोड़ दिया है। वह अपने माता-पिता के साथ रहती है और एक श्रेष्ठ नौकरी करती है, और उसके अनुभवों ने उसे सिखाया है कि अपनी संगती का चयन सावधानीपूर्वक करे।

आज मैं अपने दोस्त की सराहना करती हूँ कि वह उत्पीड़न के सामने झुकी नहीं और खुद के लिए खड़ी हुई।

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