अपमानजनक ससुराल वालों से निपटने के 8 तरीके

Sandhya

ससुराल वालों के साथ संबंध हमेशा जटिल होता है – अगर मैं इसे जनरलाइज़ करूं तो। बेशक पारिवारिक गतिशीलता हर परिवार में भिन्न होती है, इसलिए ऐसे कुछ भाग्यशाली लोग हो सकते हैं जिन्हें भगवान ने महान ससुराल वाले दिए हों। लेकिन हममें से बाकी लोगों के लिए, जिन्हें विषम, झगड़ा करने वाले और अक्रामक ससुराल वालों से निपटना पड़ता है, लड़ाई तब गंभीर मोड़ ले सकती है जब वे भी अपमानजनक हो जाएं।

अपमानजनक ससुराल वालों से निपटने के 8 तरीके

ससुराल वालों के साथ एक दूषित और तनावपूर्ण संबंध होना आपकी शादी पर भी हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। ससुराल वाले वास्तविक दर्द हो सकते हैं, खासकर अगर आप उनके नकारात्मक प्रभाव के कारण अपनी शादी को बिगड़ते हुए देखते हैं। अगर आपके ससुराल वाले कठोर, अभद्र, निर्लज्ज और मेनिपुलेटिव हैं, तो ऐसी समस्याएं होनी ही हैं जो आपकी शादी और आपके जीवन से खुशी निचोड़ लेंगी। अपमानजनक ससुरालवालों से निपटने के लिए 8 तरीके यहां दिए गए हैं:

1. एक जोड़े के रूप में एकजुट हो जाएं

अगर आपके ससुराल वाले आपको और आपके साथी को तुच्छ सी समस्याओं के लिए भी एक-दूसरे के खिलाफ करने में कामयाब हो जाए, तो आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि इस सब में आप दोनों एक साथ हैं। आपके ससुराल वाले जो कहते हैं या करते हैं उसपर आप वास्तव में नियंत्रण नहीं कर सकते हैं, लेकिन एक जोड़े के रूप में आप अपनी प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित कर सकते हैं।

अपने साथी के साथ कोमलता से बात करें, अपने दिल को खोलें और समझाएं कि उनका व्यवहार आपके जीवन, आपकी शादी और आपके पूरे परिवार को कैसे प्रभावित कर रहा है। अपने साथी के साथ एक स्पष्ट बातचीत करें, और उसे हर अच्छी बुरी बात बताएं जो उसकी पीठ पीछे हो रही है।

सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि जब तक आप इस मामले में अपने साथी की राय ना सुन लें, तब तक निष्कर्ष पर ना पहुंचे। जब वह आपकी तरफ हो जाएगा, तो मतलब आप आधी लड़ाई तो जीत ही चुके हैं।

2. दृढ़ रहें और अपनी बात पर अड़े रहें

दृढ़ रहने और बिल्कुल भी नहीं झुकने से आपके ससुराल वालों के इरादे कामयाब नहीं होंगे। अगर आपको इसलिए हार मानने की इच्छा होती है क्योंकि वे बुज़ुर्ग हैं, तो खुद को याद दिलाइये कि आप भी वयस्क हैं और चीज़ों को अपने तरीके से प्रभावी ढंग से संभाल सकते हैं। अगर आप जो कर रहे हैं उसके बारे में आप निश्चित हैं तो ज़रा भी मत झुकिए। अपने लिए कुछ एक बार खड़े होने के बाद, शायद आपके ससुराल वालों को समझ आ जाए और वे आपको उनकी इच्छा अनुसार चलाना बंद कर दें।

जटिल मत बनिए। बस एडजेस्ट करना और उनकी हर इच्छा के आगे झुकना बंद कर दीजिए।

3. सीमाएं सेट करें

सीधे शब्दों में कहें, तो बस रेखा खींच दीजिए। अगर आपके ससुराल वालों की आदत है कि वे कभी भी आपके घर आ जाते हैं, और आपको एक जोड़े के रूप में हर समय अपनी योजनाओं को रद्द करना पड़ता है, तो सीमाएं निर्धारित कर दीजिए ताकि एक जोड़े के रूप में आपकी स्पेस को सम्मान मिल सके। अपने हस्तक्षेप को वे परवाह का नाम देते हैं, उस परवाह का सम्मान करें, लेकिन स्पष्ट शब्दों में कह दें कि आप चीज़ों को अपने तरीके से और खुद संभालना चाहते हैं।

अगर आपके ससुराल वाले अभी भी सीमाओं का सम्मान नहीं कर रहे हैं और आपकी इच्छाओं का अनादर करना जारी रखते हैं, तो इसे अपने साथी के नोटिस में लाएं। याद रखें, अपने ससुराल वालों को प्रशिक्षण देना अपने बच्चों को पालने जैसा ही लग सकता है।

4. अपने ससुराल वालों के साथ अपनी बातचीत सीमित करें

अगर आपके ससुराल वाले जानबूझकर ऐसी चीज़ें करते हैं या ऐसी बातें कहते हैं जो आपको चोट पहुंचाती है और अक्सर आपको परेशान करते हैं, तो यह स्पष्ट है कि वे आपको पसंद नहीं करते हैं। सरल शब्दों में आपके ससुराल वाले आपसे नफरत करते हैं। ज़ाहिर है, वे परिपक्व वयस्कों की तरह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर सकते हैं और जानबूझ कर ऐसा करते हैं या ऐसी चीज़ें कहते हैं जो आपको सबसे ज़्यादा चोट पहुंचाती हैं। हालांकि संभावित सलाह यह होगी कि उनसे स्पष्ट रूप से बात की जाए, लेकिन संभावना है कि आप पर कुछ ज़्यादा ही संवेदनशील होने का ठप्पा लगा दिया जाएगा।

इस तरह के परिदृश्य में आपके लिए सबसे अच्छा यह होगा कि अपने ससुराल वालों के साथ अपनी बातचीत को न्यूनतम कर दें। भौगोलिक रूप से दूरी रखना भी अच्छा रहेगा। उन्हें आपको चोट पहुंचाने का मौका कम मिलेगा और भी बहुत कम रोएंगे।

5. ससुराल वालों के साथ समय सिर्फ साथी की मौजूदगी में बिताएं

आपके साथी को उन सभी गतिविधियों के केंद्र में होना चाहिए जिसमें आपके ससुराल वाले शामिल हैं। उसे अपने परिवार से बात करने, या यूं कहें कि मुसिबत से निपटने के लिए नेतृत्व लेने की ज़रूरत है। क्योंकि वह आपके और उसके परिवार के बीच का कनेक्शन है, सुनिश्चित कीजिए कि उसकी अनुपस्थिति में आप अपने ससुराल वालों के साथ समय ना बिताएं। उसकी उपस्थिति का अर्थ होगा कम समस्याएं, साथ ही वह उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या से निपटने में सक्षम होगा।

हो सकता है, बेटे की उपस्थिति आपके ससुराल वालों के व्यवहार को नियंत्रण में रखेगी, और वे इतनी आसानी से फैसला लेने में सक्षम नहीं होंगे। आप भी उतना कमज़ोर महसूस नहीं करेंगे।

Couple holding hands
ससुराल वालों के साथ समय सिर्फ साथी की मौजूदगी में बिताएं

6. उनसे ऋण या उपकार ना लें, और उन्हें भी ना दें

वित्तीय या अन्यथा, कोई भी उपकार, उपहार आदि अक्सर लगावों के साथ आते हैं। आपको उन लोगों से किसी भी प्रकार का अहसान नहीं लेना चाहिए जो आपको अपमानित करते हैं और आपके साथ कभी अच्छे नहीं होते हैं। जब आप उपहार और अहसान का आदान प्रदान करते हैं, तो आप प्ले पर नियंत्रण की पावर डायनेमिक्स को जटिल करते हैं, और अंततः एक पक्ष आमतौर पर कृतज्ञता के बोझ तले दूसरे को दबा देता है।

त्योहारों और विशेष अवसरों के लिए भी नो गिफ्ट पॉलिसी रखिए।

7. अपने साथी की भावनाओं के प्रति संवेदनशील रहें

अपने ससुराल वालों को संभालना जो वास्तव में एक दर्द हो सकते हैं, कभी-कभी एक संवेदनशील समस्या हो सकती है – सिर्फ इसलिए क्योंकि आपका साथी और वे एक मजबूत बॉन्ड साझा करते हैं। बहुत तेज़ी से कदम उठाना और उन्हें बदलने के लिए पर्याप्त समय ना देना आपके पति के साथ आपके रिश्ते को खराब कर सकता है। सुनिश्चित कीजिए कि उसे ऐसा महसूस ना हो कि मुश्किल परिस्थिति उत्पन्न होने पर उसे पक्ष लेने और किसी को दोष देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उसे आश्वस्त करें कि आप सिर्फ सम्मान चाहती हैं और उसके माता-पिता के प्रति उसकी भावनाओं से आपको कोई समस्या नहीं है।

अपने साथी की भावनाओं के प्रति विचारशील और संवेदनशील होने से यह सुनिश्चित हो जाएगा कि आप दोनों एक ही तरफ हैं। उसे समझाएं कि उसके और आपके लिए सम्मान पाने की कोशिश में वह अपने माता-पिता का अपमान नहीं कर रहा है और ना ही उन्हें धोखा दे रहा है। उसकी भावनाओं को स्वीकार करें और उसे आश्वस्त करें कि आप उसके माता-पिता के साथ स्वस्थ संबंध बनाए रखने में उसके साथ हैं।

8. उन्हें बताएं कि आपने ऐसा कुछ नहीं किया जिसकी वजह से आपको अपमानित किया जाए

अपने ससुराल वालों से बात करें और उन्हें बताएं कि आप नहीं मानती कि आपने ऐसा कुछ किया है जिसकी वजह से वे आपका अनादर करें या आपके साथ कठोर व्यवहार करें। एक कदम आगे बढ़ाएं और उनसे पूछें कि आपने ऐसा क्या कर दिया जिससे वे इतने दुखी हो गए कि वे आपका अपमान कर रहे हैं और दूसरे रिश्तेदारों के सामने भी आपकी बुराई कर रहे हैं। उन्हें बताएं कि आप जानते हैं कि आपकी पीठ पीछे आपके बारे में क्या गॉसिप हो रही है।

शायद बातचीत एक मोड़ ले लेगी और ससुराल वाले वे घटनाएं बताएंगे जब आपने उन्हें वास्तव में चोट पहुंचाई है। ऐसे मामले में, उनसे अनुरोध करें कि वे ऐसी समस्याओं को एक परिवार के रूप में साथ बैठकर हल करें और ना कि एक दूसरे के प्रति अवमानना दिखा कर। अगर ऐसा नहीं होता है, तो शायद आपके ससुराल वाले आपको पसंद नहीं करते हैं और आपको इसी तथ्य के साथ जीना होगा।

ये कदम आपके ससुराल वालों को यह संदेश देंगे कि उनके सामने एक वयस्क व्यक्ति खड़ा है कोई बच्चा नहीं, और वे आपके साथ ऐसा व्यवहार करके बच नहीं सकते हैं। हम मानते हैं कि ससुराल वालों से निपटना उतना आसान नहीं है जितना सुनने में लगता है। वे आमतौर पर समस्याओं को उस तरह नहीं देखते जैसे आप देखते हैं, और अगर वे ऐसा करते भी हैं, तो उन्हें बिल्कुल परवाह नहीं है। अगर आपके मामले में भी ऐसा है, तो आपको प्रभार लेने की ज़रूरत होगी इससे पहले की यह सफोकेटिंग हो जाए और आप ऐसे लोगों पर अपनी ऊर्जा खर्च करें जिन्हें परवाह ही नहीं है।

Spread the love
Tags:

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.