Hindi

अपने 40 के दशक में किस तरह बेहतरीन सेक्स करें?

अपने 40 के दशक में किस तरह बेहतरीन सेक्स करें?
Couple-making-sex

40 के दशक के बाद यौन संबंध अधिकतर भारतीय जोड़ों के लिए गोपनीय मामला है। उनमें से कई अब भी सोचते हैं कि इस मील के पत्थर को पार करने के बाद उनका यौन जीवन संभवतः खत्म हो गया है। लेकिन निश्चित रूप से ऐसा नहीं है। यौन जीवन के मामले में ‘नौटी एट फोर्टी’ असहमति प्रकट करने योग्य चीज़ नहीं है। यदि जोड़े अपनी उम्र को सही दिशा में लें, तो यह आपकी यौन अंतरंगता, गुणवत्ता जीवन और साहचर्य को श्रेष्ठ बना सकता है। 40 के दशक में सेक्स की छिपी गतिकी का पता लगाने से पहले, आइये पहले विश्लेषण करें कि यह आपके 30 और 20 के दशक के सेक्स से कितना अलग है।

40 के दशक में सेक्स 20 और 30 के दशक से अलग कैसे है?

सेक्स का आनंद लेने के दौरान 40 के आयु वर्ग के जोड़ों में उनके युवा समकक्षों की तुलना में बहुत सारा अनुभव और स्थिरता होती है। अधिकांश युवा जोड़े सिर्फ प्रवाह के साथ बह जाते हैं, जबकि परिपक्व जोड़े अपने साथी को भीतर से जानते हैं। वे अपने वास्तविक रूप में आत्मविश्वास से भरे होते हैं, उनका दृष्टिकोण और केमिस्ट्री अनुभवी होते है। इसी तरह, ऐसे कई अन्य कारण हैं जो 40 के दशक में सेक्स को आपके 20 या 30 के दशक से अलग करते हैं, जिसका पता हम इस खंड में लगाएंगे।

ये भी पढ़े: पोर्न आपके संबंध के लिए किस तरह अच्छा हो सकता है

1. बेफिक्र सहजता की अनुपस्थितिः सेक्स के दौरान युवा जोड़े बेफिक्र रवैया और सहजता प्रदर्शित करते हैं। अपने साथी के साथ होना ही एक अद्भुत यौन रोमांच के लिए पर्याप्त है। लेकिन 40 के दशक में जोड़े घरेलू ज़िम्मेदारियों, बच्चों/बुजुर्गों आदि के कारण अपने साथी के साथ सहज यौन मिलन से बचते हैं। इन जोड़ों पर बढ़ती उम्र का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन परेशान ना हों, क्योंकि 40 का दशक अपने साथ बहुत शानदार सेक्स भी लाता है, अगर जोड़े हर हफ्ते अंतरंग दिन निर्धारित कर लें।
[restrict]
2. बातचीत में खुलेपन का आनंद लें: 20 के दशक में जोड़े स्वयं के बारे में और यौन इच्छाओं के बारे में यौन रूप से अनिश्चित रहते हैं। वे अब भी एक दूसरे को पूरी तरह जानने और यौन संगतता बनाने की प्रक्रिया में हैं। इसलिए, हो सकता है कि वे स्वयं को खुले तौर पर व्यक्त करने में सक्षम ना हों। जबकि 40 के दशक के जोड़े बातचीत में केमिस्ट्री, समझ और खुलेपन को इस तरह प्रदर्शित करते हैं जैसा पहले कभी नहीं किया। दोस्त रूपी साथियों की तरह वे उनमुक्त तरीके से गुणवत्तापूर्ण सेक्स का आनंद लेते हैं।

3. प्रयोग के लिए तैयारः  क्योंकि 40 के दशक के जोड़े एक दूसरे के साथ अपनी इच्छाओं और कल्पनाओं को खुल कर बताते हैं, इसलिए उनके लिए नई मुद्राओं और फंतासियों का प्रयोग करना काफी आसान होता है। जबकि उनके युवा समकक्ष, अपने सीमित अनुभव के कारण, अपनी इच्छाओं को साझा करने में और साथियों के साथ प्रयोग करने में संकोच कर सकते हैं। तो, यहां बढ़ती उम्र और संगतता एक जोड़े को एक-दूसरे की कल्पनाओं को प्रोत्साहित करने और सेक्स को एक यादगार अनुभव बनाने में सक्षम बनाती है।

ये भी पढ़े: प्लीज़, सेक्स नहीं, हम विवाहित हैं

couple-under-sheets-in-bed
Representative Image Image Source

4. अपने वास्तविक रूप में सहज होनाः युवा व्यक्ति अपने साथियों के साथ अंतरंग होने से पहले अपने लुक, वज़न, रंग और नाक नक्श के प्रति हमेशा सचेत रहते हैं। लेकिन 40 के दशक का जोड़ा सेक्स में लिप्त होते समय शरीर की चर्बी, या बढ़ते वज़न के बारे में असुरक्षित नहीं होता है। ऐसे व्यक्ति अपने शरीर की संरचना को खुशी-खुशी अपना लेते हैं और वे अपने वास्तविक स्वरूप में सहज होते हैं, जो बिस्तर पर आत्मविश्वास की कूंजी है।

5. एक जोड़े के रूप में आत्मविश्वासः 20 का दशक, यौन अंतरंगता के मामले में स्वयं के बारे में पता लगाने के बारे में होता है। कौन सी चीज़ आपको उत्तेजित करती है, आप सहवास पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं, क्या आपका साथी अंतरंग रूप से आपके साथ सहज है, ये प्रश्न सेक्स के दौरान उनके दिमाग में घूमते रहते हैं। लेकिन, 40 के दशक का एक सक्रिय जोड़ा इस राज़ का पता लगा चुका होगा कि बिस्तर पर उनके लिए कौन सी चीज़ काम करती है और चरमोत्कर्ष कैसे प्राप्त किया जाए, एक साथ बिताए गए समय के कारण। वे सेक्स के दौरान बस अपने साथी में पूरी तरह लिप्त हो जाते हैं और उस क्षण का आनंद लेते हैं।

ये भी पढ़े: सेक्स अजीब/मज़ेदार क्षणों के बारे में है

6. स्थिरता के बेहतर स्तरः उनके 20 के दशक में, एक जोड़े के लिए सेक्स काफी नया होने के नाते, उन्हें स्त्रियों के चरमोत्कर्ष को समझने में, या फिर पुरूषों के लिए बिस्तर पर ज़्यादा देर टिकने में समय लग सकता है। लेकिन 40 के दशक में एक अनुभवी जोड़े के रूप में, पुरूषों और स्त्रियों दोनों के लिए सेक्स में पहले से कहीं ज़्यादा आनंद लेना काफी आसान हो सकता है। इसे एक दैनिक काम समझने की बजाए, ऐसे जोड़े आमतौर पर धीमे पड़ जाते हैं और अधिक जुड़े हुए तरीके से इस अनुभव का आनंद लेते हैं।

7. शरीर के परिवर्तनों को अपनानाः लोकप्रिय संस्कृति के विपरीत, 40 के दशक में एक जोड़ा बहुत से शारीरिक परिवर्तनों से गुज़रता है। आपकी शारीरिक सहनशक्ति कम हो सकती है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि सेक्स को रूकना होगा। थोड़ा सा प्रयास आपके फिट रूप के लिए सेक्स को एक बहुत ज़रूरी एंटीडोट बना सकता है। मध्यम आयु वर्ग के पुरूषों और स्त्रियों के लिए सेक्स के बहुत से स्वास्थ्य लाभ हैं जिसमें हृदय स्वास्थ्य, मजबूत प्रतिरक्षा और नियंत्रित हार्मोन स्तर शामिल हैं। ये सभी कारण 40 के दशक में एक जोड़े के लिए सेक्स को एक रोलर कोस्टर राइड बना देते हैं।

8. सबसे महत्तवपूर्ण -अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें: जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आप चिकित्सा समस्याओं को भी विकसित होते देखते हैं। आपके 40 के दशक और उसके बाद के यौन जीवन का आनंद लेने के लिए मेडिकल फिटनेस बहुत ज़रूरी है। यही वह समय है जब आपको अपने स्वास्थ्य के बारे में गंभीर होना चाहिए और इसे गंभीरता से लेना चाहिए। अभ्यास, संतुलित भोजन और अच्छी नींद के साथ एक अच्छी दिनचर्या अपनाओ। आप अपने यौन जीवन पर अपनी नियमित दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों की भी जांच कर सकते हैं। एक अच्छी जीवनशैली बनाए रखें और प्रदर्शन के मामलों पर बिल्कुल परेशान ना हों।

ये भी पढ़े: क्या भारतीय अपने शरीर और सेक्स को लेकर अनजान हैं?

40 के दशक में स्त्रियों की कामेच्छा

अगर आपको लगता है कि उम्र बढ़ने और स्वास्थ्य चुनौतियां के कारण स्त्रियों की कामेच्छा कम हो जाती है, तो आप गलत हैं। आम धारणा के विपरीत, 40 के दशक में स्त्रियां निसंदेह अपने जीवन के सबसे अच्छे सेक्स का आनंद लेती हैं। लाखों स्त्रियों को इस चरण में स्वयं और अपने साथी के प्रति मुक्ति का अनुभव होता है। वे प्रजनन क्षमता के बारे में कम सोचती हैं, सेक्स के बारे में ज़्यादा सोचती हैं और अपनी यौन आवश्यकताओं और कल्पनाओं के बारे में काफी मुखर हो जाती हैं। यही कारण है कि 40 के दशक की कई स्त्रियां अपनी व्यक्तिगत कामुकता के बारे में प्रसन्न और आत्मविश्वासी महसूस करती हैं। लेकिन अगर वे प्रीमैनोपोज़, अवसाद या चिंता जैसी कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हैं, तो यह उनकी कामेच्छा को प्रभावित कर सकता है। वे सेक्स में पीड़ा या उदासीनता से भी पीड़ित हो सकते हैं। उचित चिकित्सा निदान और उपचार ऐसी परेशानी से बचा सकते हैं।

40 के दशक में पुरूषों की यौनेच्छा

स्त्रियों की ही तरह, 40 के दशक में पुरूष भी अपनी यौनेच्छा में बदलाव अनुभव करते हैं। स्वास्थ्य परिवर्तन, ताकत की कमी और बढ़ते तनाव के कारण, ऐसे पुरूषों को यौन गतिविधि के लिए तैयार होने में थोड़ा समय लग सकता है। वे उत्तेजित होने और यौन गतिविधि में शामिल होने के लिए बहुत लंबा समय ले सकते हैं। लेकिन यह एक स्त्री के दृष्टिकोण से कोई नुकसान नहीं हैं। बल्कि, यह एक 40 के दशक के जोड़े के लिए संभावित लाभ हो सकता है, क्योंकि वे एक दूसरे के साथ स्पर्श की अंतरंगता और फोरप्ले महसूस कर सकते हैं।

ये भी पढ़े: जब पत्नी मूड में होती है

अपने साथी से दोबारा जुड़ने के लिए, अपने 40 के दशक में पुरूषों को अपने स्वास्थ्य का प्रभार लेना चाहिए। ऐसे पुरूषों के लिए नियमित फिटनेस उनकी दिनचर्या का एक हिस्सा होना चाहिए। उचित नींद और स्वस्थ आहार का मिश्रण पुरूषों के स्वास्थ्य के लिए भी चमत्कार कर सकता है। भावनात्मक स्तर पर, साथी के साथ आरामदायक समय व्यतीत करने से आप दोनों अंतरंग स्तर पर दोबारा जुड़ सकते हैं।

आपको अपने 40 के दशक में ये मुद्राएं आज़मानी चाहिए

40 का दशक वह समय है जब आप सेक्स में लिप्त होने पर दर्द और पीड़ा का सामना करना अनुभव करेंगे। इसे अपनी यौन अंतरंगता में बाधा ना डालने दें। सहवास के दौरान बहुत सारे आलिंगन या स्पूनिंग मुद्रा से शुरू करें। यह लिपटना भावनात्मक स्तर पर आपकी मदद कर सकता है। अंतरंगता के बढ़ते स्तर का आनंद लेने के लिए फोरप्ले को अधिक समय दें। मिशनरी मुद्रा को मसालेदार बनाने के लिए खाद्य सामग्री का उपयोग करें। या फिर एक दूसरे की ओर देखते हुए लेटकर दोनों की सुविधा के अनुसार यौन प्रवेश शुरू करें। उसे दोनों हाथों और पैरों पर टिकने के लिए कहें और पीछे से संभोग करें। या, आप सहमति के आधार पर नई यौन मुद्राओं के प्रयोग के लिए अपने साथी के साथ चर्चा कर सकते हैं।

ये भी पढ़े: बच्चे पैदा होने के बाद अंतरंगता का क्या होता है?

Couple-in-missionary-position
Representative Image Image Source

क्या आपको पता था? नियमित सेक्स जोड़ों के बीच यौन इच्छा और समझ को बढ़ाता है। यह एक शक्तिशाली कारण है कि 40 के दशक में जोड़ों को अपनी यौन अंतरंगता के बीच सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य चुनौतियों को नहीं आने देना चाहिए। ‘साझे समय’ के लिए एक या दो दिनों को अलग करें, और इसका उपयोग अपने बीच खो चुके यौन स्पार्क को फिर से जीवित करने के लिए करें। एक दूसरे को गुणवत्ता पूर्ण समय दें जैसे डेट, डिनर या एक लंबी ड्राइव जिसके बाद जोशीला संभोग हो। इसे एक नियमित दिनचर्या बनाएं और देखें कि यह आपके भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को कैसे बदलता है। यह घनिष्ठ, लंबे समय तक चलने वाले और स्थायी संबंधों की कुंजी है। हमारे साथ सहमत हैं? इस बारे में अपने विचार हमारे साथ ज़रूर साझा करें।
[/restrict]

कई सालों से साथ जोड़े क्यों सेक्स से उदासीन हो जाते हैं?

जब दुःख एक जोड़े के संपर्क और अंतरंगता को खत्म कर देता है

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No