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अपने पति की बेवफाई के सबूत को रखना क्यों आवश्यक है?

जब आपको यह पता चलता है कि आपके पति का किसी के साथ विवाहेतर संबंध है, तो आपको उसका सबूत बचा कर रख लेना चाहिए। इसलिए नहीं क्योंकि आप बदला लेना चाहती हैं, बल्कि भविष्य के लिए |
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उसने उसे धोखा दिया और सबूत नष्ट कर दिए |

सलोनी के पति ने, जिनसे उनकी शादी ११ वर्ष पहले हुई थी, सलोनी को मानसिक रूप से अनुपयुक्त घोषित करने का फैसला किया, उसे घर से बाहर निकाल दिया और बच्चों को हिरासत में ले लिया जब सलोनी ने उनकी सचिव के साथ हो रहे संबंध के बारे बात करना चाहा । उनकी सचिव उनसे १० वर्ष छोटी थीं | सलोनी को कई मेल, पोस्ट, संदेश और बिल मिले थे जो अदालत में संदिग्ध साबित हो सकते थे, परन्तु जब उन्होंने वादा किया था कि वह इस संबंध को ख़तम कर देंगे और उनका मन उनके परिवार के साथ है ! उन्होंने यह तय करने के लिए अपना समय लिया कि वह वास्तव में किसके साथ रहना चाहते थे और उन्होनें अपनी सचिव और बच्चों को चुन लिया । उन्होंने अपने संबंध के सभी सबूत व्यवस्थित रूप से मिटा दिए / नष्ट कर दिए और जब सुनिश्चित हो गए कि उनका रिकॉर्ड साफ है, तो उन्होंने सलोनी को तलाक दे दिया । अदालत में उन्होंने साबित किया कि सलोनी मानसिक रूप से अनुपयुक्त थीं और खुद और उसके आसपास के लोगों को नुकसान पहुंचा सकती थीं।

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सलोनी ने इंटरव्यू में मुझे बताया, “मैंने अपने बच्चों को १२ से अधिक वर्षों से नहीं देखा है। मैं खुद को, इस दुनिया में खुद के स्थान को, अपने काम को खोजने के लिए संघर्ष कर रही थी। मुझे यह समझने में काफी समय लग गया कि मैं गलत नहीं थी, वह गलत था ।” सलोनी एक साल के लिए आत्मधातक हो चुकी थी जब उसके पति ने अपनी प्रेमिका के साथ अपना संबंध जारी रखा था और हर मौके पर ऐसा लगता है कि यह खुद की ही गलती थी, क्योंकि वह मूर्ख थी, स्मार्ट नहीं थी और मोटी . . . .। “अब मैं महिलाओं को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करके उनको शक्त बनाने में मदद करती हूं और स्कूल में उच्च वेतन ग्रेड के लिए अर्हता प्राप्त करती हूं। मैं अपने जीवन से सुखी हूं, परन्तु, हाँ, मुझे अपने बच्चों को याद किया करती हूँ |” उसने उदासी से कहा जो कि, मुझे पता था कि, कम से कम एक दशक पुरानी थी।
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मैंने जो गलतियां की हैं, वह गलतियां ना करो |

“काश मैं इतनी भोली नहीं होती । काश मेरे माता-पिता ने मुझे अपने पति के साथ भगवान की तरह व्यवहार न करने के लिए कहा होता, तब भी शांति बनाने के लिए ना कहा होता जब उसने कभी भी अपनी गलतियों को सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए। मैंने उसके झूठ को भी स्वीकार किया । काश मैंने उसकी बेवफाई का सबूत रक्खा होता ताकि वह मेरे बच्चों को छीनने के कारण के रूप में अपने कार्यों के कारण मेरे डिप्रेशन का उपयोग नहीं करता। मुझे पैसे, घर, बच्चों, मर्यादा और यहां तक कि लंबे समय तक स्वयं की भावना के बिना छोड़ दिया गया था।”

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‘महिलाओं, खुद की रक्षा करो!’ वह चाहती हैं कि मैं महिलाओं को बताऊँ । “हाँ, ज्यादातर विवाहेतर संबंध सहज रूप से मर जाय करते हैं, परन्तु उनका क्या जो ख़तम नहीं होते?या तब क्या होगा यदि आपका पति ना रुके? तब क्या होगा यदि, मेरे जैसे, आप इसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं और वह आपको बस बाहर निकालने का फैसला करता है क्योंकि वह यह कर सकता है। क्योंकि आप कमाती नहीं हैं, वह कमाता है। घर आपके नाम पर नहीं है, परन्तु उसके नाम पर है । क्योंकि आप उनके वित्तीय रिकॉर्ड के बारे में कुछ नहीं जानती हैं, क्योंकि आपको कभी भी इसकी आवश्यकता नहीं हुई । क्योंकि आप अपने खुद के रिटर्न भी दर्ज नहीं करती हैं, वह करता है। मैंने जो भूल की है, उसे आप ना करें । होशियार बनें । सतर्क रहें । खुद को बचाने के लिए आप कई चीजें कर सकते हैं।”

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“होशियार बनिए। सतर्करहिये। खुद को बचाने के लिए आप कई चीजें कर सकते हैं। “

लंबी चर्चा के बाद और हमारे पैनलिस्ट नंदीश ठाकर के साथ लंबे समय तक, जो तलाक के मामलों में माहिर हैं, हमनें कई सूत्रों पर ग़ौर किया और यह जाना कि भारत के अदालतों में सबूत के रूप में क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं है। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के बारे में बात की और उन अधिकारों का दावा करने के लिए उनके लिए क्या आवश्यक है। मैंने कुछ सलाहकारों से भी बात की और निम्नलिखित जानकारी उन सभी का संयोजन है।

जब आप किसी संबंध के संकेत देखते हैं, तो अपने आप से झूठ ना बोले कि कुछ नहीं है |

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महिलाओं को यह समझ है। आपको पता चल जाएगा कि कुछ सही नहीं है – शायद उसने अपनी छाती को शेव करना शुरू कर दिया है, जिसे उसने पहले कभी नहीं किया था, या देर रात की बैठकों में अचानक व्यस्त है। हो सकता है कि आपने एक संदेश पकड़ा जो बंद हो गया था, एक दोस्त जिसने आपको कुछ बताने की कोशिश की थी, या फिर उसके बयान में कुछ असंगति है । अपनी आंतरिक आवाज पर विश्वास करें ।

परन्तु बस अपनी भावना के साथ उसके पास ना जाएँ । पहले सबूत इकट्ठा करें |

अदालत में यह साबित करना करना कठिन है और सबूत अचूक होना चाहिए। सबूत ऐसा जिसके कारण ‘आप मनोचिकित्सक हैं’, यह समझाया ना जा सके, या ‘हम सिर्फ दोस्त हैं’ ना कहा जा सके ।

जब एक महिला पर्याप्त सहारे के बिना किसी व्यक्ति पर आरोप लगाती है, तब दो चीजें हो सकती हैं ।

1.उसने उस पर आरोप लगाया और उसने इनकार कर दिया। पति इस तरह सोचने के लिए पत्नी को दोषी महसूस करवा सकता है। मनोचिकित्सक और हमारे पैनलिस्ट डॉ: रिमा मुखर्जी ने कहा, “आप स्वयं पर शक करेंगे और उन पर विश्वास करेंगे। कृपया इस पर खुद को कष्ट ना दें । आप उससे प्यार करते हैं और ज्यादातर यह विश्वास करना चाहते हैं कि आप किसी भी तरह गलत हैं। स्वीकार करें कि आपका मन उसका पक्ष लेगा, परन्तु अपने दिमाग का उपयोग करें। अपनी आंखें और कान खुले रखें। वह अधिक सावधान रहेंगे और खुद को बेहतर तरीके से बचाएंगे, परन्तु यदि उनकी कहानियों में असंगतताएं हैं, तो और भी कुछ है जो आपको नहीं दिख रहा है।”

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2.वह उस पर आरोप लगाती है और वह इसे स्वीकार करता है। वह टूट जाता है, अपने अवैध संबंधों को स्वीकार करता है और इसे समाप्त करने का वादा करता है। फिर से, दो चीजें यहां हो सकती हैं। वह वास्तव में संबंध समाप्त कर सकता है, या फिर वह नहीं कर सकता है। दोनों परिस्थितियों में, पीड़ित साथी के पास उसके दावे को साबित करने के लिए ठोस सबूत होना चाहिए, चाहे वह इसका उपयोग करने का फैसला करे या ना करे।

आप सबूत कैसे इकट्ठा कर सकते हैं?

• साथी की ‘रिपोर्ट की गई’ गतिविधियों का जर्नल रखें। समय, तारीखें, स्थान, अन्य लोगों की भागीदारी, बहाने, इत्यादि लिखें। फोन पर बातें, हालांकि प्रत्यक्ष सबूत नहीं हैं, परन्तु माध्यमिक सबूत बन सकते हैं जब प्रस्तुत तथ्यों के अन्य विसंगति के साथ पुष्टि की जाती है। यह गतिविधिक सबूत बन सकते हैं । फ़ोन बिल, अन्य लोगों, क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट्स, एटीएम से निकाली गयी रक़म इत्यादि के साथ तुलना करें कि क्या कहा गया ।

• एक निजी जासूस को किराए पर रखें और सबूत के लिए फोटो / चित्र प्राप्त करें।

• स्पाइवेयर से लेकर जीपीएस ट्रैकर्स, आदि स्थापित किया जा सकता है और अदालतों में गतिविधिक सबूत के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

आपको इस हद तक क्यों जाना चाहिए?

यदि चीजें गलत दिशा में जाती हैं, तो आपके पति आप पर मानहानि का मुक़दमा चला सकते हैं। इससे पहले कि वास्तविक शिकार अपनी इच्छाओं को इकट्ठा कर सके, धोखेबाज साथी तलाक के मामले में मानसिक या शारीरिक क्रूरता और हिंसा के अन्य रूपों का दावा भी कर सकता है ।

मामले का अध्ययन

‘आर’ ने अपनी पत्नी को अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ एक गंभीर संबंध में लिप्त पकड़ा। चालक ने पति को उस अपार्टमेंट का पता दे दिया जहां वे दोनों मिला करती थे । जबकि ‘आर’ अभी भी अपनी पत्नी के विचार से लड़खड़ा रहा था और अभी भी दोषारोपणयुक्त एवं कषटक दौर से गुज़र रहा था, उसकी पत्नी ‘डी’ बच्चों के साथ गायब हो गयी। अगले दिन पुलिस अत्याचार और घरेलू हिंसा के लिए गिरफ्तारी के वारंट के साथ घर पहुँच गयी । यह मुक़दमा ६ वर्षों तक चला जिसके बाद ‘आर’ ने तलाक दे दिया और अपने बच्चों से मिलने के लिए एलीमनी का भुगतान देने के लिए राज़ी हो गया । मौका मिलने के बाद, उसने अपने संबंध के सबूत हटा दिए थे। पत्नी के धनी प्रेमी ने चालक को मौन रहने के लिए बड़ी रक़म दे दी थी । अफसोसजनक बात यह है कि पति अब अपने बच्चों के साथ नहीं रहता ।

अवैध संबंध में लिप्त आपके पति या पत्नी के विरुद्ध सबूत के रूप में योग्य होंगे?

१. अविश्वासू पति द्वारा एक विषयी रोग का संकुचन

२. दोष-स्वीकृति और स्वीकारोक्ति – यदि पति / पत्नी एक रिकार्डेड वार्तालाप में व्यभिचार को स्वीकार करता है।

३. एक वेश्यालय के दौरे का सबूत

४. नाजायज बच्चे का जनम / उस बच्चे का पैटर्निटी टेस्ट रिपोर्ट

५. प्रेमी / प्रेमिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्तालाप, फोटो / चित्र, वीडियो सबूत के रूप में माना जा सकता है। चूंकि इस अधिनियम या कुछ प्रत्यक्ष दोष-स्वीकृति जैसे सबूत प्राप्त करना बहुत कठिन है, इसलिए व्यभिचार आम तौर पर गतिविधिक सबूत जैसे अनुमानित प्रमाण प्रस्तुत करके साबित किया जा सकता है। वॉट्सऐप, फेसबुक पर यौन सम्बंधित चैट मैसेज, यहां तक कि गूगल टॉक भी स्वीकार्य सबूत है, परन्तु उनकी पुष्टि गवाही जैसी प्राथमिक सबूत के साथ की जानी चाहिए |

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याद रखें: भले ही धोखाधड़ी करने वाले साथी द्वारा कॉल के रिकार्ड्स मिटा दिए गए हैं, फिर भी पीड़ित कॉल रिकार्ड्स प्राप्त करने के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं। होटल की रसीदों के लिए, जांच के लिए पुलिस विभाग में आवेदन करना होगा। एफ. आई. आर. के मामले में, अगर पुलिस कुशलता से कार्य नहीं करती है, तो अदालत हस्तक्षेप कर सकती है और ऐसे आदेश पास कर सकती है। ठाकर कहते हैं, “अगर पति ने अपने प्रेमी के साथ एक होटल में प्रवेश किया है और वे उसी कमरे में रहे हैं, तो यह व्यभिचार का सबूत होगा। आप होटल से संपर्क कर सकते हैं और रसीद के साथ ठहरने का सबूत प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, अगर उन्होनें अलग अलग कमरों में प्रवेश किया है, तो व्यभिचार साबित नहीं किया जा सकता है। ”

१. ग्राफिक ईमेल एक अवैध संबंध की पुष्टि करते हैं या किसी नए प्रेमी के घर में पति / पत्नी के दौरे का लॉग भी अवैध संबंध को साबित कर सकते हैं |

याद रखें:चैट को उस ईमेल पर भेजने की कोशिश करें जिस के साथ आपका फ़ोन नंबर दर्ज है और फिर उसे अपने ईमेल पर भेज दें | या फिर यदि आपके पहुँच में कोई क्लाउड स्टोरेज है, तो वहाँ भेज दें |

१. दो संबंधित व्यक्तियों के वीडियो, प्रेम प्रसंगयुक्त या अन्यथा, कुछ संबंध दिखाते हुए |

अवैध संबंध का सबूत क्या नहीं होता है?

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• फ़ोन पर लम्बी बातचीत, जब तक वे अंतरंग कार्य की बात नहीं करते हैं और इसे प्रतिबद्ध करते हैं।

• यह साबित करता है कि उस समय वे एक ही शहर में हैं, परन्तु एक ही कमरे में नहीं।

नंदीश ठाकरे कहते हैं, “हिन्दू विवाह अधिनियम, १९५५, के अनुसार, व्यभिचार तलाक का एक कारण है | :

धारा 13. विवाह विच्छेद – (1) कोई विवाह भले वह इस अधिनियम के प्रारम्भ के पूर्व या पश्चात अनुष्ठित हुआ हो, या तो पति या पत्नी पेश कि गयी याचिका पर तलाक कि अज्ञाप्ति द्वारा एक आधार पर भांग किया जा सकता है कि –

(i) दुसरे पक्षकार ने विवाह के अनुष्ठान के पश्चात अपनी पत्नी या अपने पति से भिन्न किसी व्यक्ति के साथ स्वेच्छ्या मैथुन किया है |

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इंडियन कानून धारा 497 आईपीसी – इंडियन पीनल कोड – व्यभिचार

जो भी कोई ऐसी महिला के साथ, जो किसी अन्य पुरुष की पत्नी है और जिसका किसी अन्य पुरुष की पत्नी होना वह विश्वास पूर्वक जानता है, बिना उसके पति की सहमति या उपेक्षा के शारीरिक संबंध बनाता है जो कि बलात्कार के अपराध की श्रेणी में नहीं आता, वह व्यभिचार के अपराध का दोषी होगा, और उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या आर्थिक दंड या दोनों से दंडित किया जाएगा। ऐसे मामले में पत्नी दुष्प्रेरक के रूप में दण्डनीय नहीं होगी।

सी. आर.पी. सी. की धारा 125 के अनुसार तलाक के लिए प्रतीक्षा करती हुए भी मेंटेनेंस कि मांग, खुद के लिए या फिर बच्चों के लिए, की जा सकती है |
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अगर आप किसी शादीशुदा पुरूष के प्यार में पड़ रही हैं तो स्वयं से ये प्रश्न पूछिए

उसने अपने पति को धोखा दिया और अब डरती है कि कहीं उसका भी कोई संबंध ना हो

क्या होता अगर मुझे अपने पति के धोखे के बारे में पता ही नहीं चलता?

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