मैं अपनी हर छुट्टी पति के साथ बिताना चाहती हूँ

Priya Chaphekar
couple on holiday

मेरी कई ऐसी सहेलियां हैं जो अक्सर मुझे बताती है की कैसे वो अकेले सोलो ट्रिप्स पर जाना चाहती हैं. शायद क्वीन की कंगना राणावत को इन लोगों ने काफी संजीदगी से ले लिया है. दूसरी तरफ लड़कों को जब देखो वो अपनी मंडली के साथ समुद्र के बीच मज़े करना चाहते हैं. मुझे नहीं लगता उनमे से अधिकतर की ये “दिल चाहता है”वाली ख्वाइश इस जन्म में तो पूरी हो पाएगी.

मगर आप मुझसे पूछे तो मैं कहीं भी अपने पति के बिना जाना पसंद नहीं करुँगी. नहीं नहीं, हम उन जोड़ो में से बिलकुल नहीं हैं जो एक दूसरे के बैग पैक करते हैं, जोड़ो के लिए मिलने वाले स्पा ट्रीटमेंट लेते हैं या एक ही प्लेट से एक दुसरे को खाना खिलातेहैं. हम बस दो लोग हैं जो एक साथ घूमना फिरना पसंद करते हैं. फिर वो चाहे रोमांचक खेलों से मिलना वाला उत्साह हो, या समुद्र के किनारे नंगे पैर चलते अंगूठे में गर्म रेट का एहसास, सूरज की तपिश जो हांथों में महसूस होती हो या कही सितारों के बीच खुले आसमान के नीचे टेंट में सोना का रोमांच.

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कैसे पता चले की ये “वही” है

जब तीन साल पहले शेखर ने मुझसे शादी के लिए पुछा था, मुझे बिलकुल नहीं पता था की क्या सचमुच ही शेखर मेरा वो सच्चा प्यार है. “शादी ज़िंदगी काएक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला है और इस फैसले में भरपूर समय और सोच विचार डालना ज़रूरी है.” उसका प्रश्न सुन कर मुझे वो सारे सम्पादको के लेख और उनमे कही शादी की ऐसी बातें याद आने लगीं. मुझे ये भी पता था की मुझे अपने जीवनसाथी को चुनने में महनी कॉफ़ी डेट्स और आलिशान डिनर से कोई मदद नहीं मिलने वाली है. मुझे किसी ऐसे इंसान की ज़रुरत थी जो बहुत ही सहजता से मेरे मन की भूलभुलैया में अपना रास्ता खुद ही ढून्ढ ले.

मुझे हमेशा से ही लगता था की अगर किसी लड़के को अपना जीवन साथी बनाना है तो सिर्फ उसके साथ समय बिताने से ही कुछ नहीं होगा– साथ बैठ कर अलग अलग कैफ़े में खाना खाना, रज़ाई में दुबके साथ नेटफ्लिक्स देखना, साथ बियर पीना, खूब प्यार जाताना और फिर एक को जा कर पॉपकॉर्न का खाली डब्बा फिर से भर कर लाना. मेरी एक सोच मेरे साथ मेरे २५वे साल तक चली. फिर मुझे एहसास हुआ की मुझे प्यार की अपनी इस रूमानी परिभाषा में थोड़ी सी यथार्त की घुट्टी भी मिलनी चलिए, तभी मुझे कोई अपनी पसंद आएगा. “मैं किसी पहाड़ की चोटी पर अपने साथी को ढूंढूगी.” मैंने खुद से ये वादा किया और ऐसा हुआ भी. मैं एक हिमायालन ट्रेक पर थी जहाँ मुझे मेरा सपनों का राजकुमार मिला और तब से हम दोनों ने ही पीछे मुड़कर नहीं देखा है.

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साथ घुमते हमने एक दुसरे को पाया

हम साथ घुमते हैं. फिर वो चाहे कसौनी की वादियां हो या कसोल के पुरातन और सस्ते गेस्टहाउसे हो या मैक्लॉएडगूंज में सुकून भरा वातावरण. हमने साथ कूर्ग की खूबसूरती को सराहा है और पंचमढ़ी के अनदेखे पहाड़ों पर अपने रास्ते ढूंढे है, हम साथ घुमते हैं.

shekhar and his wife

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ये बात और है की अधिकतर दम्पतियों की तरह हम पांच सितारा होटलों में नहीं रहते, हम अक्सर आरामदायक होमस्टे में रहना ही पसंद करते हैं. कई बार ऐसे भी मौके आये हैं की हमने रात ही को सफर करा है क्योंकि हमें एक दिन बचाना होता है. यकीन मानिये इस तरह हम अपने लिए कई छुट्टियों के दिन बढ़ा लिए हैं.

हमारे बैग में आप महंगे डिज़ाइनर स्विमवेयर और सनग्लासेस यही देखेंगे, मगर हाँ, उसमे आपको मिलेंगे हाइड्रेशन पैक जो प्लास्टिक के बदले इस्तेमाल करते है, पक्षियों को देखने के लिए दूरबीन और ड्राई शैम्पू।

मैंने अपने साथी का असली चेहरा देखा है

हम दोनों ने साथ इतने सफर किये हैं की मैं अपने साथी का असली रूप बहुत बखूबी जानती हूँ. और हाँ, उसने मुझे बिखरे बाल, बिना मेक अप, गन्दी, बुरी, थके हाल हालत में कई बार देखा है. हमने तूफानों में ज़ोर से एक दुसरे के हाथ पकड़ कर बिताये है और उन घुमावदार सड़कों पर एक दुसरे के कंधे पर सर रख कर आराम पाया है. हमारे लिए प्यार सिर्फ बर्फीले पहाड़ों में एक दुसरे की बाहों में खोना नहीं है. हमारे लिए प्यार साथियो के साथ लकड़ी इक्कठी कर आग जलाने की तैयारी करना भी है. प्यार हमारे लिए रेसिपी पढ़ना और उसका उन निर्देशों को मान कर सबके लिए खाना बनाना है. प्यार का मतलब है उसे पता है की मुझे ड्रिंक में कितनी बर्फ चाहिए और मुझे पता है की उसे कितनी.

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मैंने अक्सर अपने साथी को अपने आस पास के लोगों को और वातावरण को बहुत ही प्यार से हैंडल करते देखा है. ये बात और है की मैं हमेशा उसे ये शिकायत करती हूँ की वो कभी मेरे आंसूं नहीं पोछता है मगर मुझे पता है की वो हमेशा किसी भी ज़रूरतमंद के लिए मदद का हाथ बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है.

ये बात और है की मैं हमेशा उसे ये शिकायत करती हूँ की वो कभी मेरे आंसूं नहीं पोछता है मगर मुझे पता है की वो हमेशा किसी भी ज़रूरतमंद के लिए मदद का हाथ बढ़ाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है.

ख़ुशी हमेशा सबसे महँगी कार खरीद कर या विदेशों में घूमना ही नहीं है. ख़ुशी ज़िन्दगी की छोटी छोटी भेंट को समझना और उसकी कदर करना भी है. और जब आप इन छोटी खुशियों में भी प्यार पा सकते हैं, चाहे वो खुले आसमान के नीचे झपकी लेना हो या फिर रातभर चाँद को देखते सोना हो, साथ बैठ कर अदरक वाली चाय पीते सूर्यास्त देखना हो… आप कहीं भी ख़ुशी पा सकते हैं और अगर आपको अपने साथी के साथ इन खुशिओं का एहसास कर सकते हैं, समझ लीजिये आपको “वो” परफेक्ट जीवनसाथी मिल गया है.

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