बैली नृत्य द्वारा अपने भीतर की एफ्रेडाइट को जागृत करना

अधिकांश मोटी लड़कियों की तरह, मैं, चपटे पेट वाली मॉडल वाली पत्रिकाओं द्वारा छलनी होती थी, शीशे में अपने निकलते पेट को देखकर निराश होकर बिखर जाती थी। कसरत भी कोई मदद नहीं कर रही थी क्योंकि मैं जिम ना जाने के लिए हर तरह का बहाना बना लेती थीः मैं थकी हुई थी; मैं दिल तोड़ने वाली फिल्में देखकर रोते हुए और दुनिया भर की चीज़केक आइसक्रीम खाकर ब्रेकअप के बाद के तनाव से धीरे-धीरे बाहर आ रही थी; किसी फलां व्यक्ति का जन्मदिन था और मैं अपने चेहरे पर केक लगाने में व्यस्त थी; जिम में कोई व्यक्ति चिड़चिड़ा कर रहा था। और जब मेरे सारे बहाने खत्म हो जाएं, तब मुझे बचाने के लिए मासिक धर्म तो था ही।

मैं वज़न कैसे घटा सकती थी जब ट्रेडमिल पर दौड़ने के विचार से ही मैं चिंतित हो जाती थी और रैक पर रखे हुए वज़न केवल एक बोझ प्रतीत होते थे। तो तीन साल पहले, मेरे 25वें जन्मदिन पर, मैंने स्वयं को बैली नृत्य कक्षा का उपहार दिया- आंशिक रूप से इस कामुक मध्यपूर्वी नृत्य के प्रति जिज्ञासा के कारण और आंशिक रूप से अपने साथी को रिझाने के लिए नई मुद्राएं सीखने के प्रयास में।

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मैंने स्वयं को बैली नृत्य कक्षा का उपहार दिया
मैंने स्वयं को बैली नृत्य कक्षा का उपहार दिया

मैं कहना चाहूंगी कि इस कला को सीखने के लिए प्रवेश लेना एक जीवन परिवर्तित करने वाला कदम बन गया। मेरी पहली कक्षा के दौरान, मैं उन स्त्रियों से घिरी हुई थी जो मेरे जितनी ही अनभिज्ञ थीं, लेकिन जब हमने अपने पेट पर से आवरण हटाया, अपने कंधे घुमाएं, और अपने हाथ लहराते हुए जीवंत अरेबिक धुन पर अपने कूल्हों को मटकाना शुरू किया, तो हमारे शरीर में कुछ चमत्कारिक घटित हुआ।

वह ऐसा क्षण था जब मेरे भीतर कैद कामुकता फिर से उपर उठी और उसने अपनी भाषा पाई, जब मैंने अपने शरीर की गोलाइयों से नफरत करने की बजाए उन्हें पूरी तरह से गले लगा लिया।

जब आप कोर्पारेट संस्कृति से घिर चुके हों तब सेक्स एक प्रासंगिक वस्तु बन जाती है। लेकिन शयनकक्ष के प्रयोगों के प्रेमी के रूप में, मैंने हार मानने से इनकार कर दिया था। मैंने यह सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया कि मेरा कूंआ सूखा ना रहे – सुगंधित मोमबत्तियों से ब्लाइंडफोल्ड और योगा तक। लेकिन मन के भीतर, मुझे अब भी एक खालीपन महसूस होता था। एक आशंका। मैं लगभग वहां पहुंच चुकी थी, लेकिन फिर भी नहीं पहुंची थी। ऐसे भी कई दिन आए थे जब मैं अपनी सोई हुई कामुकता को नहीं जगा पाई थी, चाहे मैंने कितना भी प्रयास किया हो।

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पिछले कुछ वर्षों से बैली नृत्य के अभ्यास ने मेरी कामेच्छा को इतना अधिक बढ़ाया है जो कोई अन्य व्यायाम नहीं कर सका। इतना अधिक कि मैं स्त्रियों को सलाह देती हूँ कि चाहे अनकी उम्र, आकार और आकृति कैसी भी हो, अपने टी-शर्ट को अपनी ब्रा में दबा लें, अपने कूल्हों को विशेष रूप से दर्शाने के लिए उन पर एक सुंदर दुपट्टा लपेट लें, अपने श्रोणि को अंदर खींच लें और नृत्य का मज़ा लें। बैली मृद्राएं चक्राकार चक्र (नाभी और जघन हड्डी के मध्य स्थित) को खोल देती हैं और उनके यौन जीवन को बेहतर करती है। कूल्हे की मुद्राएं और शक्तिशाली शिम्मी नृत्य श्रोणि क्षेत्र में रक्त परिसंचरण की वृद्धि करता है।

यह आपकी कामेच्छा को वास्तव में बेहतर करता है
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और जहां इस यौन रूप से मोहक नृत्य में आपको साथी बनाने की आवश्यकता नहीं होती, शयनकक्ष में यह उसके लिए चमत्कारिक होता है। इतने वर्षों बाद भी, जब मैं कमरे में दरबुका की मंत्रमुग्ध कर देने वाली ताल और बांसुरी के सम्मोहक स्वर में खोई हुई स्नेक आर्मस और हिप सर्कल करती हूँ, मैं दूर से ही सुस्पष्ट रूप से देख सकती हूँ कि मेरा साथी मुझे निहार रहा है। और उस समय, मुझे बिल्कुल परवाह नहीं होती कि मेरा पेट बाहर छलक रहा है या फिर मेरा काजल कुछ ज़्यादा ही फैल गया है, या मेरे पैरों को वैक्स करवाने की आवश्यकता है। मेरी एकमात्र अनुभूति स्वयं के शरीर में सुखी होना, यह पुर्वानुमान की वह कैसे मुझे अपने पास खींचेगा, धीरे से, अनपेक्षित रूप से, और एक तीव्र चिंगारी को फिर से सुलगाएगा।

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