भारत जैसे गर्म देश में शरीर की गंध से बचने के 8 उपाय

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एक उष्णकटिबंधीय देश में रहना गर्मियों में एक कष्ट है, भले ही आप अपना पूरा दिन एक वातानुकूलित कमरे में बिताएं, कार में घूमें और ठंडे कमरे में काम करें। क्योंकि कार से उतरकर बिल्डिंग की लिफ्ट तक जाने में बिताए गए समय में ही आपको पसीना आने लगेगा। प्रसिद्ध ‘उफ की गोरोम’ ऐसी बार-बार आने वाली भावना है जिससे हर बंगाली इत्तेफाक रखेगा। और इस शब्द का उपयोग उष्णकटिबंधीय देश की आद्रता वाली गर्मी के समय में होता है।

तो, हम भारत में त्वचा को पिघला देने वाली गर्मी से कैसे बचते हैं? यूवी से बचाने के लिए खुद को कवर कर के, दिन भर बार-बार सनस्क्रीन लगा कर, पर्याप्त पानी पीकर। ये कदम सुनिश्चित करेंगे कि आप डीहाइड्रेट होकर सड़क पर बेहोश ना हो जाएं।

गर्मियां आ चुकी हैं और गर्मियां हमसे सफेद शर्टस के लिए हमारा प्यार नहीं छीन सकती हैं और बदले में हमें शरीर की गंध दे सकती हैं। अगर आप उन बदकिस्मत लोगों में से एक हैं जिनके पास हर समय एहरकंडीशन की सुविधा नहीं है, तो यह आपके ही लिए है।

1. मसालेदार भोजन से परहेज़ करें

भारतीयों के तौर पर, हमें तीखी पानीपुरी और अत्यधिक मसालेदार मुर्ग मसाला से ज़्यादा सुख और कोई चीज़ नहीं देती। लेकिन इन मसालेदार व्यंजनों का मुख्य घटक है कैप्सेसिन। यह विशिष्ट रसायन मस्तिष्क को संकेत भेजता है कि शरीर ज़्यादा ही गर्म हो रहा है और शरीर को ठंडा करने का क्या तरीका है? पसीना बहना। आप जितनी ज़्यादा मसालेदार चीज़ें खाएंगे, उतना ज़्यादा पसीना आपको आएगा, जिसका मतलब है कि शरीर की गंध तो आनी ही है।

2. डीटॉक्स करो बेबी

पसीना किस वजह से आता है? शरीर को ठंडा रखने के लिए यह आपके शरीर की जैविक प्रक्रिया है। डीयोड्रेंट छिड़कने से आपकी दुर्गंध तो दूर हो जाती है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। स्वयं को शिक्षित करें कि आप किस तरह का भोजन खा सकते हैं। डिटॉक्सीफिकेशन आपके शरीर को भीतर से साफ कर देगा, ताकि आपका पसीना बहना कम हो जाए। डीटॉक्सीफिकेशन के लिए पानी पीना (दिन में 3-4 लीटर) सबसे बुनियादी कदम है। तैलीय पकवान, जंक फूड, हॉट सॉस डिशेज़, शराब और सिगरेट कम करना बहुत मददगार होगा। हरी सब्जियां या फाइबर वाले भोजन को शामिल करना डिटॉक्सीफिकेशन प्रक्रिया को अच्छे तरीके से प्रभावित करेगा।

3. सिर्फ और सिर्फ कॉटन

गर्मियों का मतलब है कि आपकी त्वचा को सांस लेने दें। रेशम, पॉलिस्टर या ऐक्रेलिक पहनने का मतलब है कि पसीना बस आपके शरीर पर चिपक जाता है और एक बुरी गंध छोड़ता है। हल्के कॉटन के धागे या नमी सोखने वाले कपड़े पहनना बेहतर है। इसके अलावा, हल्के रंग वाले कपड़े पहने जाने चाहिए।

4. अंडरआर्म पैच

अब कुछ भी संभव है। अगर आप हल्के रंग के कपड़े पहनने से डरते हैं क्योंकि यह बगल के दाग दिखाएगा, तो अंडरआर्म पैच बहुमूल्य रत्न हैं। गारमेंट शील्ड पैच को बगल में, कपड़े के भीतरी भाग पर चिपकाए जाने की ज़रूरत है। यह एक तरह का आविष्कार है क्योंकि यह हमें पूरे दिन तरोताज़ा और सूखा रखने में मदद करता है। इसे ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से आसानी से खरीदा जा सकता है।

5. नमक खाना कम करें

ज़्यादा नमक का मतलब है ज़्यादा सोडियम, मतलब ज़्यादा पसीना, अर्थात ज़्यादा दुर्गंध। नमक के सेवन को रोक दें, कम से कम दिन के दौरान, पसीने को कम करने के लिए।

6. नींबू बहुत मददगार है

बगलों में नींबू लगाने से शरीर को पसीने से लड़ने में मदद मिलती है। यह सोने से पहले किया जा सकता है। यह एक हल्की सी सिट्रस वाली खुश्बू भी देता है।

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7. कॉफी पीना कम कर दें

कॉफी आपका हमसफर हो सकती है। कॉफी आपका प्यार, आपकी ज़िंदगी, आपका सबकुछ है। लेकिन गर्मियों के दौरान कॉफी बहुत गर्म होती है जिसे हमारा शरीर संभाल नहीं सकता। हो सकता है आप उन लोगों में से एक हो जो सुबह कॉफी पीए बगैर जाग नहीं सकते हैं लेकिन कॉफी केंद्रीय नर्वस सिस्टम को उत्तेजित कर देती है, जो शरीर को याद दिलाता है कि सबकुछ पसीने में बहा देना है। सरल शब्दों में, कॉफी की वजह से हम ज़्यादा पसीना बहाते हैं, जिससे शरीर की गंध भी बढ़ जाती है। अगर आप इसके बिना रह नहीं सकते हैं, तो कोल्ड कॉफी या डीकैफ इस्तेमाल करें।

8. नहाएं

यह शरीर की दुर्गंध को नियंत्रित करने का जाना पहचाना तरीका है। पानी हर चीज़ को ठंडा कर देता है। दिन में तीन बार नहाना पसीने को काफी कम कर सकता है और आपको तरोताज़ा भी करेगा। साथ ही, दिन में एक बार टी ट्री तैल और नींबू के साथ शरीर को एक्सफोलिएट काने से पसीना काफी कम हो जाएगा और आपको तरोताज़ा महसूस होगा।

प्रो टिपः दिन में एक बार मेडिटेशन करना भी मदद करता है। यह मन को और शरीर को भी शांत करता है।

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