दो विवाह और दो तलाक से मैंने ये सबक सीखे

by Joie Bose
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(जैसा जोई बोस को बताया गया)

हमारे समाज में तलाक एक बड़ा कलंक है। यही कारण है कि लोग विवाह से डरते हैं। और प्रतिबद्धता से भी। मैं नहीं जानती कि मैं क्यों नहीं डरती हूँ। मैंने यह दो बार किया है। हाँ, मैं उन चुनिंदा स्त्रियों में से एक हूँ जिन्होंने दो बार शादी की और दो बार तलाक लिया है। लेकिन इसकी वजह से मैं प्यार और शादी से डरी नहीं हूँ। और मैं अब भी अपने पूर्व प्रेमियों के संपर्क में हूँ। और मैं अब भी डेट पर जाती हूँ और उम्मीद करती हूँ कि ऐसा कोई होगा जो मुझे चपलता से खुश रखेगा।

पहली शादी एक रहस्य थी

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जब मैंने पहली बार विवाह किया तब मैं 21 वर्ष की थी। मैं रिचर्ड के साथ पुणे में रहती थी, जो फिल्म स्कूल में मेरा 40 वर्षीय शिक्षक था। मेरे माता-पिता नहीं जानते थे। यह जानकर उन्हें झटका लग जाता कि मेरा बॉयफ्रैंड दूसरे धर्म से था और इतनी अधिक उम्र का था और इसलिए मैंने उन्हें नहीं बताया। रिचर्ड ने सबसे सुंदर तरीके से मेरा हाथ मांगा था, तारों के नीचे, घुटने पर बैठ कर, और मैं ना नहीं कह सकी। मैं ना कहना भी नहीं चाहती थी। रिचर्ड रोमांटिक था, मेरा ध्यान रखता था और मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं चाहती थी। समस्या सात वर्ष बाद शुरू हुई, जब मुझे पता चला कि रिचर्ड को 25 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों में रूचि थी। साथ ही, कोलकाता में मेरे घर पर किसी को भी विवाह के बारे में पता नहीं था। मैं उन्हें बताना नहीं चाहती थी। वो सब घबरा जाते। लेकिन यह सब संभाला जा सकता था अगर रिचर्ड में मेरी रूचि बरकरार रहती।

उसके बाद एक संबंध

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मैं एक विज्ञापन एजेंसी में काम कर रही थी जब मैं अशफाक से मिली। उसकी उम्र लगभग मेरे जितनी ही थी और रिचर्ड में मेरी दिलचस्पी खत्म हो चुकी थी। मैंने अशफाक से शादी नहीं की हालांकि उसने तलाक लेने और मुंबई स्थानांतरित होने में मेरी मदद की थी। हम कुछ वर्षों तक साथ रहे लेकिन इस संबंध की समाप्ति की तिथी जल्द ही आ गई। अशफाक भी मेरी तरह विज्ञापन की दुनिया में काम करता था और कहने की आवश्यकता नहीं कि जहां एक तरफ बांबे में स्थापित होने में उसने मेरी मदद की वहीं दूसरी तरफ उसने मेरे संपर्क और आइडिया का इस्तेमाल किया। पेशेवर प्रतिद्वंदी कभी भी व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्ध नहीं हो सकते हैं।

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और फिर धूम धाम और शानो शौकत के साथ

हालांकि, बहुत पहले मैं सागर से मिली जो बैंकर और मेरी तरह बंगाली था। मैं अपनी पहली स्वतंत्र फिल्म को फंड करने के लिए उनके बैंक में लोन मांगने गई थी। वह सहज था और हमने बहुत सा सामुहिक इतिहास साझा किया था – दुर्गा पूजा, रसगुल्ला और हिल्सा मछली जैसी चीज़ों के लिए प्यार। एक अनजान शहर में जब आप अकेले होते हैं, तो ये चीज़ें बहुत आराम प्रदान करती हैं। मैंने दूसरी शादी उससे की। बहुत ज़्यादा यौनाकर्षण के साथ यह एक बहुत बड़ा पारंपरिक विवाह था और इसे हर किसी से स्वीकृति मिली थी, लेकिन शादी के बाद सागर बदल गया।

उसे मेरे काम का लंबा समय पसंद नहीं था और वह अचानक मेरी जीवनशैली के विरूद्ध हो गया और हमेशा मुझ पर संदेह करता था। जब मैंने विरोध किया तो वह हिंसक हो गया। मैंने जीवन से यह एक चीज़ सीखी थी कि जब कुछ शेष ना रह गया हो तो आगे बढ़ जाओ। सागर मुझसे तब ज़्यादा आसक्त होता था जब मैं उसके पास नहीं बल्कि दूर होती थी, उसके लिए मैं एकदम कटु हो गई थी। यह एक गंदा तलाक था, हालांकि, मुझे खुशी है कि हम दोनों साथ में नहीं रहते। हम दोनों मुंबई में ही रहते हैं और इसलिए हम अब भी कुछ बंगाली भोज के लिए साथ में जाते हैं, लेकिन मैं उसके साथ जीवन बिताना कभी पसंद नहीं करूंगी।

यह जीवन है

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कभी-कभी मुझे लगता है कि मेरा जीवन एक फिल्म का भाग है और मैं नायक हूँ और मेरे साथ जो भी अच्छा या बुरा हो रहा है उसके पीछे कोई कारण है। उस समय, मैं रूकती हूँ और मेरे आसपास के माहौल पर एक नज़र दौड़ाती हूँ, एक दार्शनिक की तरह। हो सकता है आपको लगे कि मैं पागल हूँ, लेकिन पता नहीं, हो सकता है कि यह आपके साथ भी होता हो। अगर ऐसा होता है तो बहुत अच्छी बात है। और मुझे अहसास है कि हालांकि मैं अपने 30 के दशक के उत्तरार्ध में हूँ, लेकिन मेरा जीवन अब भी किसी फिल्म की तरह चलता है। हर एपिसोड एक फिल्म है। जैसे ही एक खत्म होता है, मैं दूसरे के शुरू होने का इंतज़ार करती हूँ। और तब मुझे गंभीरता से महसूस होता है कि मेरा खुद के साथ यह लंबा संबंध रहा है। और मेरे लिए यही मायने रखता है। और इसमें कुछ गलत नहीं है।

‘मैं’ मायने रखती हूँ

लोग तो आते-जाते रहते हैं। रिचर्ड, अशफाक और सागर के अलावा भी गई पुरूष थे, लेकिन वे सब बहुत महत्त्वहीन थे। जो सबसे ज़्यादा महत्त्वपूर्ण रहा है वह केवल मैं हूँ। लेकिन जब मैं पीछे मुड़ कर देखती हूँ तो मैं किसी को दोष नहीं देती, क्योंकि उनका जो भी महत्त्व था, या उन्होंने जो कुछ भी किया या मेरे जीवन को जो भी दिया वह एक सौ मिनट से ज़्यादा लंबी फिल्म की कथा है। मैंने विवाह, तलाक और संबंधों के बारे में बहुत कुछ सीखा है, और मैं उनसे डरती नहीं हूँ। मैं बहुत सारी स्थितियों से गुज़री हूँ, लेकिन मुझे कोई डर नहीं है। मैं निडर हूँ।

और अंततः, आज, मैं उन रोमांटिक फिल्मों की नाईकाओं में से एक हूँ जो ठंड में मरून या ग्रे रंग का स्वेटर पहनकर तारों भरी रात में चल रही है और श्रेष्ठ महसूस कर रही है। और जानते हैं क्या? मुझे यह महसूस होता है कि मेरे जीवन में बहुत, बहुत फिल्में आएंगी और जब मैं मरूंगी तो मैं निश्चित रूप से एक सितारा बन जाऊंगी।
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