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वो दोस्तों और सहकर्मीयों से हमारा प्रेम क्यों छुपाता है?

अपने पिछले कड़वे अनुभव के बाद मेरा विश्वास अब प्रेम से उठ सा गया है और जब मेरावर्तमान प्रेमी हमारे रिश्ते को दोस्तों और ऑफिस से छुपाता है, मैं और विचलित हो जाती हूँ.
Upset woman looking at her boyfriend

प्रश्न

प्रिय मैम

 मैं आपको इसलिए लिख रही हूँ क्योंकि मैंने अपने पिछले कड़वे अनुभव के बाद प्यार में अपना विश्वास खो दिया है. मैं उस रिश्ते में करीब आठ साल तक थी. मगर मेरा एक्स मुझ पर जब अत्यधिक शक करने लगा तो मैंने वो रिश्ता ख़त्म कर दिया. मुझे उस रिश्ते में घुटन हो रही थी और धीरे धीरे मैं हर किसी से दूर होती हा रही थी. छह साल साथ होने के बाद अंततः मैंने उस रिश्ते को अलविदा कहने का निर्णय लिया. मगर वो समय मेरे करियर के लिए भी बहुत ज़रूरी दौर था तो मैंने दो साल और उस रिश्ते को बनाये रखा. ये बात और है की वो दो साल मेरे लिए कई महीनो का मानसिक तनाव ही था. आखिर जब उसकी नौकरी कहीं लगी तो मैंने उससे ब्रेक अप कर लिया.

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कुछ महीनो पहले मुझे ज से प्यार होने लगा. मुझे उससे बातें करना अच्छा लगने लगा और हम दोनों को एक दुसरे के प्रति आकर्षण महसूस होने लगा. मुझे भी उसके अतीत में हुए संबंधों के बारे में पता चला. उसने मुझे बताया की कैसे उसे एक लड़की बहुत पसंद थी मगर वो कभी उससे मन की बात कहने की हिम्मत ही नहीं जुटा पाया. मैं ज को हमारे कॉलेज के दिनों से जानती हूँ, वो कॉलेज में मेरा सीनियर था. मैंने उसे बता दिया की मुझे वो पसंद है और उसके हावभाव से लगा की उसे भी मैं पसंद हूँ. हम अक्सर फ़ोन पर बातें करते थे मगर हमने कभी अपनी सीमाएं नहीं लाँघि. कुछ महीनो बाद मैं उसकी ही ऑफिस में सहकर्मी बन गई. असल में ज ने ही मेरा रिफरेन्स अपने ऑफिस में दिया था. उसे पता था की मैं उसे पसंद करती हूँ और वो भी मुझमे दिलचस्पी रखता था. पिछले साल जुलाई से हम साथ ही ऑफिस से घर जाने लगे और फिर हमने एक दूसरे को कमिट कर दिया.

मुझे अजीब बात ये लगी है की उसके माता पिता को तो हमारे बारे में पता है मगर वो कभी भी अपने दोस्तों को नहीं बताता की उसकी एक गर्लफ्रेंड है. क्या ये बात सामान्य है? यहाँ तक की वो ऑफिस के सहकर्मियों को भी नहीं बताना चाहता की हम दोनों के बीच कोई रिश्ता है. इसके अलावा जब हम उसके घर के आस पास घुमते हैं तो वो मेरा हाथ तक पकड़ने को तैयार नहीं होता. अगर हमने एक दुसरे का हाथ पकड़ा है, और पास से कोई सुन्दर लड़की गुज़रती है तो वो मेरा हाथ छुड़ाने की भरकस कोशिश करता है. ये मुझे कुछ गलत लगता है. क्या मैं कुछ ज़्यादा ही सोच रही हूँ?

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बात बात में वो अक्सर अपनी एक्स का ज़िक्र ले आता है जो मुझे बिलकुल पसंद नहीं है. मैंने कुछ दिन पहले उससे पूछ ही लिया की क्या वो अब भी उसके बारे में सोचता है तो उसने ऐसा होने से साफ़ इंकार कर दिया. वो मुझे कहता है की वो मुझसे प्यार करता है और मेरे साथ ही रहना चाहता है.

मगर मैंने आपको पहले भी बताया की प्यार को लेकर मेरा विश्वास अब काफी डांवाडोल है और उसके इस रवैय्ये से मैं और कंफ्यूज हो जाती हूँ. कृपया मुझे बताइये की क्या मैं गलत हूँ?

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मल्लिका पाठक कहती हैं:

मैं कुछ भी और कहने के पहले आपको एक बात कहना चाहूंगी की मुझे गर्व है की आपने एक शोषण करने वाले रिश्ते से निकलने की हिम्मत दिखाई. अक्सर लोग भावनात्मकशोषण को सहते रहते हैं और बस उम्मीद करते हैं की एक दिन सब ठीक हो जायेगा. मैं खुश हूँ की आपने इतना साहसी कदम उठाया और खुद को प्रताड़ना से मुक्त किया.

जहाँ तक बात आपके वर्तमान रिश्ते की है, जब ज खुद ही अपने परिवार को आप दोनों के बारे में बोल चूका और आपसे भी उसने ऐसा ही कहा है, मुझे नहीं लगता है आपको परेशां होने की ज़रुरत है. वो निश्चय ही इस रिश्ते में दूर तक आपके साथ खुद को देखता है. मगर हाँ, मैं आपके मन में आ रही भावनाओं को भी समझ सकती हूँ.

वो अपने दोस्तों को आपके बारे में नहीं बता रहा है, ये बात आपको परेशां करना लाज़मी है. मगर आप इसके बारे में उससे बात करिये. मैं हमेशा इस बात पर ज़ोर डालती हूँ की किसी भी रिश्ते में बातचीत एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है उस रिश्ते को सफल बनाने के लिए.

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जहाँ तक बात ऑफिस की है, हो सकता है की वो अपनी कामकाजी और निजी ज़िन्दगी में अंतर रखना पसंद करता हो. हम ये नहीं भूल सकते की आखिर उसने ही तो आपकी इस नौकरी पाने में मदद की थी. इसके अलावा कई लोग दूसरों के सामने अपनत्व दिखने में सहज महसूस नहीं कर पाते। अगर अपनी लोकैलिटी में वो आपका हाथ पकड़ने से इंकार करता है तो आप उससे इसका कारण पूछिए. उसे विश्वास दिलाइये आप सिर्फ उत्सुकतावश ये पूछ रही हैं, आप उस पर शक नहीं कर रही हैं.

अपने मन की असुरक्षाओं को एक्सेप्ट कीजिये. आप एक चोट खाई प्रेमिका हैं मगर बार बार खुद को याद दिलाइये की ये रिश्ता नया है, पुराने रिश्ते से इसकी तुलना करना सही नहीं. कई बार शारीरिक शोषण के निशाँ तो दिख जाते हैं मगर भावनात्मक चोटें बहुत छुपी होती है.

आप दोनों एक दुसरे को अपनी ज़िंदगिओं में और अधिक सम्मलित करने की कोशिश करें और एक दुसरे से खूब खुल कर ईमानदारी से बातें करें.

याद रखें, की ये एक नया रिश्ता है. आपका पुरानाप्रताड़ना से भरा रिश्ता नहीं है ये तो दोनों की तुलना मत करें. जो है उससे आनंद लें और ऐसे कदम बढाइये की ये रिश्ता और गहरा हो सके.

आपको मेरी हार्दिक शुबकामनाएं

मल्लिका

 

उसने झूठ का एक जाल बुना और पुरूषों के प्रति मेरे विश्वास को नष्ट कर दिया

मैं उसका गुप्त रहस्य नहीं बनना चाहती थी

वह प्यार में पागल हो गई थी और ना सुनने के लिए तैयार नहीं थी

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