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एक ईर्ष्यालू सास से निपटने के 12 तरीके

जब आप घर के भीतर प्रतिस्पर्धा करते हैं!
Jealous mother in law

एक ईर्ष्यापूर्ण सास घायल शेरनी की तरह है, उसे चोट लगी है, लेकिन अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक है। बहुत सारी महिलाएँ हैं जिनका विवाहित जीवन ईर्ष्यालू सास की उपस्थिति से प्रभावित होता है। उनकी ईर्ष्या एक स्वस्थ विवाह को जहरीला बना सकती है और इसके अंत का कारण बन सकती है। लेकिन सास को इतना ईर्ष्यालू कौन सी चीज़ बनाती है? वह अपनी स्थिति बनाने के लिए एक शादी को तोड़ने की ज़रूरत क्यों महसूस करती है?

सास को इतना ईर्ष्यालू कौन सी चीज़ बनाती है?

एक माँ ने उसके पूरे जीवन में अपने परिवार, खासकर उसके बेटे में निवेश किया है। वही वह व्यक्ति है जो हमेशा अपने बेटे के जीवन निर्णयों की प्रभारी रही है। हर बार वही फैसले लेती रही हैं। अचानक, जब बेटा शादी करता है, तो वह खुद को अपने परिवार पर नियंत्रण खोते हुए महसूस करती है। वह, जो हमेशा लाइमलाइट में थी, अब स्वयं के एक जवान और खुश संस्करण द्वारा प्रतिस्थापित कर दी गई है, जिसके लिए वह तैयार नहीं थी। सभी का ध्यान नवविवाहित बहू पर है और वह बाहरी व्यक्ति की तरह महसूस करती है। उसकी ईर्ष्या और असुरक्षा के कुछ कारण निम्न हो सकते हैं:

  • बेटा अपना अधिकांश समय अपनी पत्नी के साथ बिताता है। वह उसके निर्णय लेने में एक प्रमुख भूमिका निभाती है
  • बहू उससे ज्यादा प्रतिभाशाली है और हर समय उसकी प्रशंसा की जाती है
  • बहू हर किसी की चहेती है
  • ऐसा लगता है कि वह अपने बेटे के जीवन में मौजूद नहीं है

एक ईर्ष्यापूर्ण सास के लक्षण

एक ईर्ष्यापूर्ण सास हार मानने के लिए तैयार नहीं होती है। वह हर तरह से अपनी बहू को यह दिखाना सुनिश्चित करेगी कि घर का वास्तविक मालिक कौन है। एक ईर्ष्यापूर्ण सास पीछे नहीं हटेगी जब तक कि उसने अपना क्षेत्र चिह्नित नहीं किया और यह स्पष्ट नहीं कर दिया कि वह हमेशा उसका ही नियंत्रण रहेगा। एक ईर्ष्यापूर्ण सास के इन संकेतों को देखें:

  1. वह आपके द्वारा की जाने वाली हर चीज की आलोचना करेगी
  2. वह हर किसी चीज को एक बड़ा मुद्दा बना देगी
  3. वह हमेशा आपकी शादी में हस्तक्षेप करेगी
  4. वह छोटी चीजों के लिए भी अपने बेटे का ध्यान आकर्षित करेगी
  5. वह अपने बेटे के सामने पीड़ित बन जाएगी
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यह एक परिदृश्य है जो ज्यादातर भारतीय घरों में देखा जाता है जहाँ सास अपनी आंतरिक असुरक्षा और ईर्ष्या को पूरा करने के लिए, बहू को भावनात्मकया मानसिक रूप से चोट पहुँचाने के तरीके लगातार ढूँढती रहती है। जबकि सास सोच सकती है कि यह युद्ध एक रस्साकशी का खेल है जहाँ बेटा उसका इनाम है, वहीं यह बहू के अत्यधिक मानसिक आघात का कारण बन सकता है। आपकी मदर-इन-लॉ को मॉन्सटर-इन-लॉ बनने से पहले इसे कैसे रोकें?

एक ईर्ष्यालू सास से निपटने के 12 तरीके

अपने जीवन में कुछ शांति पाने के लिए, और इसे थोड़ा आसान बनाने के लिए, हम आपको ईर्ष्यापूर्ण, शत्रुतापूर्ण सास से निपटने के लिए 12 अपनाए गए-आज़माए गए तरीके देते हैं। आशा है कि ये आपके लिए काम करेंगे और आप उनके साथ अपने संबंधों को सुगम बनाने में सक्षम होंगे। आखिरकार, घर के अंदर प्रतिस्पर्धा नहीं होनी चाहिए।

1. उन्हें तवज्जो दें

ईर्ष्या असुरक्षा से उत्पन्न होती है। किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा रिप्लेस होने का डर जो हाल ही में परिवार का सदस्य बना है, ऐसी चीज़ है जिससे हर माँ को डर लगता है। वह अपने बेटे के जीवन का दर्शक मात्र बनने से डरती है। बहू को अपनी सास की इन असुरक्षाओं को समझना चाहिए और उन्हें तवज्जो देना चाहिए।

उसे सास से नए व्यंजन सीखने चाहिए और शुरुआत से अपनी सास के साथ स्नेही बंधन बनाना चाहिए।

2. उनकी भावनाओं को समझें

उनके साथ प्रतिशोध करने या लड़ने के बजाय, आपको पहले यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि इस तरह के विद्रोह का कारण क्या है। सभी महिलाएँ भावनात्मक प्राणी हैं। कुछ लोग अपने दर्द को रो कर भूल जाते हैं जबकि अन्य दूसरों को सबक सिखाने के लिए उन्हें चोट पहुँचाने का विकल्प चुनते हैं। उसके व्यवहार का निरीक्षण करने की कोशिश करें और उन ट्रिगरों को देखें जो उसे ऐसा व्यवहार करने के लिए उत्तेजित करते हैं।

एक बार जब आप उसे समझ लेंगी, तो उनसे बात करना आसान होगा।

3. उन्हें परिवार के साथ शामिल रखें

वह परिवार की सबसे महत्वपूर्ण सदस्य है। उन्होंने अपना पूरा जीवन परिवार को एक साथ रखने के लिए बिताया है। जिस व्यक्ति ने आप से विवाह किया है वह उनके अच्छे पालन-पोषण का परिणाम है।

उन्हें विशेष महसूस कराएँ। उन्हें परिवार के बड़े और छोटे फैसलों से जोड़े रखें। आप उन्हें बेहतर महसूस करवाने के लिए थोड़ा बेवकूफ होने का भी नाटक कर सकती हैं।

4. उनके और उनके बेटे के बीच बंधन को सुदृढ़ करें

माँ के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज़ उसके बच्चे का प्यार है। जब वह महसूस करेंगी कि उसका बेटा हमेशा उससे प्यार करता रहेगा, तो वह आपको भी पसंद करेंगी। उन्हें दिखाओ कि आपकी शादी माँ-पुत्र संबंधों को नुकसान पहुँचाने वाली नहीं है। उनके संदेह और डर दूर हो जाएँगे। वह जल्द ही आपके गुणों की सराहना करना शुरू कर देगी और आपको मूल्यवान सुझाव भी देगी।

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5. एक दोस्ताना हाथ बढ़ाएं

यदि आपको एहसास होता है कि कुछ भी काम नहीं कर रहा है तो सफेद झंडी दिखाना और एक दोस्ताना हाथ बढ़ाना बेहतर है। उनका सबसे अच्छा दोस्त, उनका विश्वासपात्र और गॉसिप वाला दोस्त बनने की कोशिश करें। उन्हें आपको नई चीजें सिखाने के लिए कहें और अपने बेटे के बारे में कहानियाँ बताने के लिए कहें। वह वांछित महसूस करेगी और बदले में प्यार देंगी।

6. उन्हें बदलने में मदद करें

आप अकेले नहीं हैं जिसका जीवन यहाँ बदल रहा है। आपकी सास भी यहाँ एक परिवर्तन से गुजर रही हैं। परिवार में सब कुछ बदल रहा है और उन्हें नहीं पता कि वह इसे संभाल सकती है या नहीं। नवविवाहित के रूप में, हर कोई आपके लिए चौकस रहता है और जो कुछ भी आपको चाहिए उसमें मदद करता है लेकिन यह कोई नहीं समझ रहा कि आपकी सास को भी आराम और सुरक्षा की आवश्यकता है। इस विशेष तथ्य को अधिकांश लोगों द्वारा अनदेखा किया जाता है जो एक परफेक्ट माँ को ईर्ष्यापूर्ण सास बनाते हैं।

आपको शुरुआत से उनकी मदद करने की ज़रूरत है ताकि वह आपको खतरे के रूप में न देखे और इसके बजाय, आपको अपने विश्वासपात्र के रूप में देखे।

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7. उन्हें सरप्राइज दें

अपने पति या अपने ससुर से अपनी सास की पसंद और नापसंद के बारे में पूछें। उन्हें सरप्राइज दें और उन्हें खुश करें। उनका दिल उनके दिमाग से संघर्ष करना शुरू कर देगा। वह आपका एक ऐसा पहलू देखेंगी जिसकी उन्होंने उम्मीद नहीं की थी और खुली बाहों के साथ आपका स्वागत करेगी।

8. याद रखें संचार ही कुंजी है

अगर आप अपनी सास के व्यवहार को समझ नहीं पा रही हैं, तो बात करें। उनके साथ गहरी बातचीत करें। विनम्र रहें ताकि वह क्रोध से प्रतिशोध न करे। उनसे पूछें कि वह इस तरह क्यों व्यवहार कर रही है और उनसे पूछें कि क्या गलत है। आप हैरान हो सकते हैं कि एक छोटी बातचीत कैसे चीजों को इतना आसान बना सकती है। आप महसूस कर सकते हैं कि आप दोनों एक-दूसरे को गलत समझ रहे थे!

9. झगड़े से बचें

घर में शांति बनाए रखने के लिए, झगड़े और उन चर्चाओं से बचना बेहतर है जो झगड़े का कारण बन सकती हैं। झगड़े केवल परिवार में और कड़वाहट पैदा करके चीजों को और खराब कर देंगे। यह अन्य परिवार के सदस्यों से अनजाने में पक्षों का चयन करवाएगा। आपकी शादी वह रिश्ता होगा जो इस सब से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा।

10. अपने पति से बात करें

अपनी सास के व्यवहार के बारे में आपके पति के साथ बात करना मददगार साबित हो सकता है। उनके बारे में पति से शिकायत ना करें। बस उन चीजों में से कुछ बताएं जो आपको परेशान कर सकती हैं। उन्हें अपनी माँ से बात करने और एक दोस्ताना तरीके से मूल कारण खोजने के लिए कहें। इस तथ्य के बारे में स्पष्ट रहें कि आप शिकायत नहीं कर रही हैं। बेटा अपनी माँ तक पहुँचने में आपसे बेहतर हो सकता है और युद्ध खत्म करने में मदद कर सकता है।

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11. उनके व्यवहार को अनदेखा करें

एक समय के बाद आपको इस तथ्य को स्वीकार करना पड़ सकता है कि आपकी सास बदलने वाली नहीं है। उनके व्यवहार को अनदेखा करना और अपनी ऊर्जा को उन चीज़ों पर केंद्रित करना सबसे अच्छा है जो आपके लिए महत्वपूर्ण हैं, आपकी शादी। उन्हें पता चलनें दें कि आप उनके निरंतर झगड़ों से थक चुकी हैं और यह वास्तव में कितना व्यर्थ है। उन्हें बताएँ कि आपने कई प्रयास किए हैं लेकिन अब इसे संभाल नहीं सकती हैं और इस तरह आप इसे तब भी जाने देंगी जब भी वह आपको चुनौती देती है। वह भी, यह महसूस कर सकती हैं कि वास्तव में यह कितना अनावश्यक था।

12. घर बदल लें या दूसरे शहर में चले जाएं

अगर आपकी सास की ईर्ष्या उस स्थान पर पहुँच गई है जहाँ आप इसे और नहीं झेल सकती हैं, तो इसके द्वारा पूरे परिवार को जहरीला करने से पहले घरों को स्थानांतरित करना बेहतर होता है। कभी-कभी, पारिवारिक सद्भाव बनाए रखने और रिश्तों को स्वस्थ रखने के लिए दूरी आवश्यक है। साप्ताहिक या मासिक आधार पर अपने पति के साथ अपने ससुराल जाएँ। संपर्क में रहें।

अपनी सास को अपनी तरफ रखना बहुत महत्वपूर्ण है। आपको इस तथ्य को स्वीकार करने की ज़रूरत है कि आपका पति हमेशा अपनी माँ के प्रति वफादार रहेगा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह आपसे कितनी बुरी तरह से व्यवहार करती है। इसलिए आपके लिए समझदार होना और यह समझना महत्वपूर्ण है ताकि उनकी असुरक्षाएँ आपके पूरी तरह स्वस्थ संबंधों को खराब न करें। याद रखें, आप एक पूरे परिवार से विवाहित हैं और परिवार के हर सदस्य का विश्वास प्राप्त करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना आपके पति का विश्वास प्राप्त करना।

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