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एक रिश्ते में अब्यूस क्या है?

Abused woman

अब्यूस एक जोड़े के रिश्ते में शक्ति, विश्वास और नियंत्रण का दुरूपयोग है। एक जोड़े के जीवन में अब्यूस के पहले चटाकेदार संकेत तब दिखाई देते हैं जब एक साथी कंट्रोल फ्रीक की तरह काम करता है और अपनी इच्छा के अनुसार अपने साथी के जीवन को नियंत्रित करने की कोशिश करता है। यह अनुचित पैटर्न अधिकांश भारतीय विवाहों में दिखाई देता है जहां एक साथी दूसरे साथी पर हावी होता है और अपमानजनक पैटर्न की श्रृंखला के साथ वैवाहिक समीकरण को बिगाड़ देता है। डेटिंग या शादी में दुर्व्यवहार को कई तरीकों से परिभाषित किया जा सकता है। इनमें गहराई से उतरने से पहले, आइये पहले अब्यूस के उन प्रकारों को ढूंढते हैं जो जोड़े के स्वस्थ संबंधों को खतरे में डाल सकते हैं।

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रिश्ते में दुर्व्यवहार के प्रकार

जब एक व्यक्ति शारीरिक या मानसिक रूप से किसी अन्य व्यक्ति को दर्द देता है, तो उसे अब्यूस माना जाता है। यह आमतौर पर एक चक्र में होता है और एक अवधि तक जारी रहता है। संबंधों में विभिन्न प्रकार के अब्यूस हो सकते हैं। इन्हें निम्न में वर्गीकृत किया जा सकता हैः

1.  शारीरिक शोषणः इस प्रकार के शोषण को शारीरिक हमले से चिन्हित किया जाता है। इसमें पीटना, थप्पड़ मारना, लात मारना, गला दबाना और चरम मामलों में जलाना और म्यूटिलेशन भी शामिल है। शारीरिक दुर्व्यवहार के लक्षणों में चोट, कट के निशान और अन्य शारीरिक चिन्ह शामिल हो सकते हैं।

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2.  भावनात्मक शोषणः दूसरे व्यक्ति को बुरा महसूस करवाने के लिए अपमान, हानिकारक शब्दों और अनुचित आलोचना का उपयोग करना। भावनात्मक दुर्व्यवहार अकेले में और सार्वजनिक रूप से भी किया जा सकता है। किसी व्यक्ति के लुक्स या क्षमताओं के बारे में चोट पहुंचाने वाली टिप्पणियाँ भावनात्मक शोषण ही है।

3.  यौन शोषणः अपने साथी के साथ ज़बरदस्ती सेक्स करना या फिर उससे कोई भी कामुक कृत्य करवाना। वैवाहिक बलात्कार भी यौन शोषण में शामिल है। यह पुरूष और महिलाओं दोनों के साथ हो सकता है। यौन शोषण में कई गतिविधियाँ शामिल हो सकती हैं। बच्चे भी घर पर यौन शोषण का शिकार हो सकते हैं।

4.  मनोवैज्ञानिक शोषणः बच्चों या साथी से कुछ ऐसा काम करवा कर उन्हें डराना जो वे नहीं करना चाहते। इसका इरादा शोषित व्यक्ति को शोषण करने वाले व्यक्ति पर निर्भर बनाना है। एक साथी मनोवैज्ञानिक रूप से दूसरे के साथ शोषण कर सकता है ताकि जो वह चाहता है उसे प्राप्त कर सके।

5.  वित्तीय शोषणः दूसरे व्यक्ति को नियंत्रित करने के लिए धन का उपयोग करना, जब एक साथी वित्तीय रूप से दूसरे पर निर्भर हो। एक वित्तीय शोषण करने वाला व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का खर्च उठा सकता है ताकि यौन रूप से उसके शामिल होने के लिए दबाव बना सके।

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एक रिश्ते में दुर्व्यवहार क्या होता है?

‘नियंत्रण’ की गतिशीलता एक रिश्ते में दुर्व्यवहार को नियंत्रित करती है। शोषण करने वाले व्यक्ति वे कंट्रोल फ्रीक्स होते हैं जो सोचते हैं कि जब तक सामने वाला उनके नियंत्रण में है, सब कुछ ठीक है। नियंत्रण की उच्च आवश्यकता में, ऐसे व्यक्ति आलोचना के साथ सकारात्मक सुदृढ़ीकरण को संतुलित करके स्थितियों को अपने पक्ष में मैनिपुलेट करते हैं। कभी-कभी वे कह सकते हैं, ‘मैं बहुत भाग्यशाली हूँ कि तुम्हारे जैसा साथी मिला…’ या फिर उनके सच्चे प्यार को व्यक्त करने के लिए प्रशंसा, चापलूसी और उपहारों का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन अगले ही दिन स्थिति बदल सकती है जहां शोषण करने वाला व्यक्ति पीड़ित व्यक्ति पर मनोवैज्ञानिक दबाव डाल सकता है। नतीजतन, शोषित व्यक्ति चुप्पी, धमकियां, अपराधबोध, गाली-गलौच, मेनिपुलेशन आदि का सामना कर सकता है।

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इस तरह का विविध व्यवहार पीड़ित को परेशान, अस्पष्ट और भ्रमित कर देता है। वे एक तटस्थ परिप्रेक्ष्य में स्थितियों का विश्लेषण करने में असमर्थ होते हैं। ‘इनाम और दंड’ का यह अपमानजनक पैटर्न शोषित व्यक्ति की कमज़ोरियों का शोषण करता है और धीरे-धीरे उनके आत्मविश्वास और आत्म-मूल्य को खत्म कर देता है। नतीजतन, वह अपने रिश्ते की हर गलती का दोष खुद पर ही ले सकता है। जल्द ही, एक रिश्ते में यह दुर्व्यवहार का दुष्चक्र बन जाता है, जहां शोषण करने वाला व्यक्ति विवाह में सभी प्रमुख मामलों में ‘उन्नति’ का मज़ा उठाता है। एक मास्टर की तरह, वह साथी को नियंत्रित करता है और मेनिपुलेट करता है, जो शादी या किसी भी प्रकार के रिश्ते के लिए हानिकारक है। भावनात्मक दोषारोपण और समस्याओं के उस दुष्चक्र से बचने के लिए यहां कुछ संकेत हैं जो विवाह जैसे रिश्ते में दुर्व्यवहार की पहचान करने में आपकी मदद कर सकते हैं।

रिश्ते में दुर्व्वहार के संकेत क्या हैं?

निर्णय लेने पर कोई नियंत्रण नहीं: शोषण करने वाला व्यक्ति घर में लिए जाने वाले हर निर्णय पर नियंत्रण रखता है। एक गृहणी के तौर पर भी, एक विवाहित स्त्री को दैनिक निर्णय लेने और दैनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं जैसे बुनियादी निर्णयों के लिए अपने पति की अनुमति पर निर्भर होना पड़ सकता है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2005-2006 के मुताबिक, केवल 37 प्रतिशत विवाहित महिलाएं इस बात पर सहमत हुईं कि खुद की स्वास्थ्य देखभाल, दैनिक ज़रूरतों के लिए सामान खरीदने और अपने खुद के परिवार या रिश्तेदारों से मिलने से संबंधित निर्णयों में वे शामिल होती हैं। बाकी औरतें पति के ‘अनुमोदन’ पर निर्भर हैं जो एक अब्यूसिव रिश्ते में होने के मज़बूत संकेतों में से एक है।

साथी की आज़ादी पर हमला करनाः शोषण करने वाले व्यक्ति के रास्ते में आज़ादी मुख्य बाधा है। शुरू में, शोषण करने वाला व्यक्ति सामारिक तरीकों से साथी की आज़ादी को खत्म करने का प्रयास कर सकता है। पति अपनी पत्नी से कह सकता है कि घर और नौकरी संभालते हुए वह खुद को ज़्यादा ना थका दे। बाद में, वह उससे हर छोटे बड़े खर्च का हिसाब मांग सकता है। या फिर हो सकता है वह हर महीने के खर्च के लिए बहुत छोटी राशि प्रदान करे, जिससे पत्नी को अवांछित तनाव हो सकता है। इस तरह का वित्तीय शोषण पीड़ित पर अवांछित तनाव डालता है और वे शोषण करने वाले व्यक्ति की दया पर पलने लगते हैं।
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गतिविधि की स्वतंत्रता पर प्रतिबंधः यह हैरानी की बात है कि केवल एक तिहाई महिलाओं को बाज़ार, अस्पताल या अपनी सहेलियों से मिलने के लिए अकेले जाने की अनुमति मिलती है। अगर ऐसा पति अपनी पत्नी को ऐसी आवश्यक यात्राओं के लिए जाने देता है, तो वह अक्सर वॉट्स एैप मैसेज या फोन कॉल के ज़रिए उसकी निगरानी कर सकता है, जो महिला के मन की शांति को भी प्रभावित कर सकता है। अपनी पत्नी पर प्रतिबंध लगाकर एक शोषण करने वाला पति अपना पज़ेसिव व्यवहार दर्शाता है।

नियंत्रण करने वाला व्यवहार दर्शानाः नियंत्रण करने वाला व्यवहार एक जोड़े के जीवन में समस्याओं और संदेह का बीज बो देता है। आपका हर कदम, हर खर्च, हर शब्द अबयूसिव साथी द्वारा आंका जाता है और नियंत्रित किया जाता है। कभी-कभी स्थिति इतनी मुश्किल हो जाती है कि पीड़ित व्यक्ति फोन पर अपने परिवार या दोस्तों से भी खुल कर बात नहीं कर पाता। शोषण तब भी जारी रहता है जब अब्यूज़र वित्त और व्यय पर नियंत्रण लागू करने का प्रयास करता है। बजट थोड़ा सा बदलने पर या फिर चीज़ें उसके अनुसार ना होने पर क्रोध और गुस्सा अवांछित समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। ईर्ष्या भी नियंत्रण करने वाले व्यवहार का कारण बनती है। अगर एक अब्यूसिव साथी सोचता है कि पीड़ित वफादार नहीं है और विपरीत सेक्स के व्यक्ति से खुल कर बात करता है, तो वह मोबाइल मैसेज और कॉल रिकॉर्ड भी चैक कर सकता है, जिससे पीड़ित व्यक्ति वापस दब जाता है।

वैवाहिक हिंसा आम हैः दुर्व्यवहार का एक चरम संकेत, पारस्परिक हिंसा कई भारतीय परिवारों को प्रभावित करती है। क्या आप जानते हैं, तीन में से एक विवाहित महिला ने बताया है कि उनके पति ने उन्हें थप्पड़ मारा है। हाल ही के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2015-2016 के तहत सर्वेक्षण की गईं 28 प्रतिशत महिलाओं के मुताबिक चरम मामलों में, यह वैवाहिक हिंसा, जबरदस्ती सेक्स या फिर वैवाहिक बलात्कार का रूप ले सकती है।

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रिश्ते में अब्यूस का क्या कारण है?

आमतौर पर, यह देखा जाता है कि शोषण करने वाले व्यक्ति में कुछ अजीब पर्सनालिटी डिसऑर्डस होते हैं। ‘लेने और देने’ की अवधारणा उनके शब्दकोश से गायब होती है। ऐसे व्यक्ति नरसंहारवादी होते हैं जो जीवन में ‘मैं, मेरा और मैं खुद’ पर फोकस करते हैं। ये ज़रूरतमंद व्यक्ति मानते हैं कि उनके पति/पत्नी, परिवार और मित्र मंडल समेत हर व्यक्ति को उनकी ज़रूरतों और अपेक्षाओं के अनुसार काम करना चाहिए। इस मूल सिद्धांत को ना मानना एक जोड़े के रिश्ते में शोषण का कारण बन जाता है। बोनोबोलॉजी विशेषज्ञ पैनल के अनुसार, रिश्ते में दुर्व्यवहार के कुछ बुनियादी कारण यहां दिए गए हैं।

 

शोषण को सामान्य माननाः अक्सर, अब्यूसिव परिस्थितियों को देखकर बड़े होने वाले लोग शोषण को एक जोड़े के जीवन में आम बात मानते हैं। यही कारण है कि शोषण करने वाले व्यक्ति साथी को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें शोषित करना जारी रखते हैं। एक बच्चे के रूप में, इस तरह के अब्यूसर ने अपने माता-पिता को भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक या वित्तीय शोषण में देखा होगा और हो सकता है वे अपने विवाह में वही चक्र कायम रख रहे हों। अन्य मामलों में, जिन बच्चों ने माता-पिता की हिंसा देखी है या खुद हिंसा भुगती है, वे मानते हैं कि शारीरिक शोषण ही विवादों को हल करने का एकमात्र तरीका है।

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साथी के अधिकार को कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से लेनाः कई अब्यूसिव पति अपने आप को अपनी पत्नी का ‘हकदार’ मानते हैं और उनके आत्म-सम्मान, वित्तीय स्वतंत्रता और हिंसा को प्रभावित करने के लिए इसे एक आधार मानते हैं। सामाजिक मान्यता के अनुसार, उन्हें लगता है कि उनके साथी पर उनका नियंत्रण होना चाहिए जो उन्हें शादी में महत्त्वपूर्ण व्यक्ति बनाएगा।

सहानुभूति ना होनाः अपने आत्मकामी स्वभाव के कारण अब्यूसर बहुत आत्म अवशोषित होते हैं और अपने साथी के प्रति सहानुभूति व्यक्त करने या उनके दृष्टिकोण को समझने में विफल रहते हैं। किसी भी मामले में, वे अपने साथी की बात पर विश्वास करने के लिए तैयार ही नहीं होते हैं। यह एक तरफा नज़रिया विवाह पर ज़हरीला प्रभाव डालता है।

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इसलिए, रिश्ते में शोषण के संकेतों को जानने पहचानने के बाद, यह इस बात पर विचार करने का सही समय है कि आपका रिश्ता कहां जा रहा है। अगर आपको लगता है कि अब्यूसर आपको नकारात्मकता और समस्याओं के दुष्चक्र में खींचने की कोशिश कर रहा है, तो आप यहां बोनोबोलॉजी डॉट कॉम पर मदद प्राप्त कर सकते हैं। विशेषज्ञ सलाहकारों का हमारा पैनल अब्यूसिव रिश्तों को पहचानने, उनसे निपटने और रिकवर होने में आपकी मदद के लिए उपलब्ध है। तो, खुल कर बात कीजिए और अपना जीवन बदलिए।

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