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एक साल लग गया लेकिन अंततः अब मैं आगे बढ़ रही हूँ

उसे उस पुरूष को भूलने में काफी समय लग रहा है जो उससे शादी नहीं करेगा लेकिन फिर भी उसे मैसेज भेज कर और मिलने का वादा करके लटकाता रहता है।
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वह अपने परिवार के विरूद्ध नहीं जाना चाहता था

12 अगस्त 2016 को आदि ने कह दिया कि वह अपने परिवार के विरूद्ध नहीं जा सकता। मुझे उसके वाक्य के संदर्भ को समझने में थोड़ा समय लगा। फिर उसने कहा कि उसके परिवार ने उसकी आंटी जैसे ही एक व्यवसायी परिवार से एक लड़की चुनी है। उसने यह भी कहा कि उसका परिवार बहुत पारंपरिक और रूढ़िवादी है और तमिल परिवार के बाहर किसी भी लड़की को स्वीकार नहीं करेगा। यह सुन कर मैं चौंक गई, क्योंकि मैं इसके लिए तैयार नहीं थी। मैं उसके मुंबई आने का इंतज़ार कर रही थी, क्योंकि उसने मेरे माता-पिता से मिलने का वादा किया था।

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मैंने उससे पूछा, ‘‘तुमने क्या कहा?’’ उसका उत्तर था कि उन्होंने आठ वर्ष की उम्र से उसे पाला है (आदि अनाथ है) और यह उनकी आखरी इच्छा है और वह उनके खिलाफ नहीं जा सकता। ‘‘फिर हमारा क्या?’’ मैंने उससे पूछा तो उसने कहा कि वह उन्हें मनाने की कोशिश कर रहा है। ‘‘लेकिन अगर तुम उनकी इच्छा के विरूद्ध ना जाने का फैसला पहले ही कर चुके हो तो तुम हमारे बारे में बात कैसे करोगे?’’ मैंने पूछा।

मेरा दिल टूट गया था, इसलिए नहीं क्योंकि वे उत्तर भारतीय लड़की नहीं चाहते थे, बल्कि इसलिए क्योंकि फैसला करने से पहले वे एक बार भी मुझसे नहीं मिले थे और दूसरा, आदि ने उनसे हमारे बारे में बात नहीं की और बस उनकी इच्छाओं के अनुसार जाने का फैसला कर लिया। मैं बिखर गई थी और क्रोधित थी। मैं उसपर चिल्लाई भी और विनती भी की। मैंने अपने प्यार को बचाने के लिए सब कुछ किया लेकिन मुझे अहसास हुआ कि मैं अकेले ही लड़ रही हूँ क्योंकि वह पहले ही हार मान चुका था। मैं बहुत असहाय थी।

मैंने अपने प्यार को बचाने के लिए सब कुछ किया लेकिन मुझे अहसास हुआ कि मैं अकेले ही लड़ रही हूँ क्योंकि वह पहले ही हार मान चुका था।

मैं बहुत असहाय थी। दिसंबर 2016 में आदि की सगाई हो गई और मैं कुछ नहीं कर पाई। वह परिवार के दबाव में आ गया था।

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उसने मुझे लटकाए रखा

मैं यह उम्मीद करती रही की सबकुछ ठीक हो जाएगा। मैं टूर पर चली गई। मैं अवसाद की सीमारेखा तक पहुंच चुकी थी और बाहर निकलना चाहती थी। लेकिन जैसे ही मैं थोड़ा ठीक होने लगती, उसे अपने सामने पाती थी। वह हमेशा मेरे विचारों में रहता था।

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सितंबर 2016 से जुलाई 2017 तक उसने मुझसे कई बार माफी मांगी, लेकिन कभी मुझे फोन नहीं किया। उसकी बजाए वह मुझे सिर्फ मैसेज करता था। मैं उससे इतना गहरा प्यार करती थी कि मैं उसके मैसेज का उत्तर देती रहती थी, यह जानते हुए भी कि उसकी सगाई हो चुकी है और कभी कभार मैं मैसेज में उसे अपने ठिकाने के बारे में भी बता दिया करती थी। उसके द्वारा भेजे गए हर मैसेज में वह अपराध बोध और आगे बढ़ने का सुझाव ज़रूर व्यक्त करता था। मैं ऐसा हमेशा कर सकती थी लेकिन मैंने कभी ऐसा किया नहीं। सब कुछ भूल जाना इतना आसान नहीं है।

महीनों के संघर्ष के बाद मैंने फैसला किया कि मुझे अपना देश छोड़कर बिल्कुल अनजान लोगों के बीच अनजान जगह पर जाने की ज़रूरत है। और शायद भागने की मेरी इच्छा इतनी ज़्यादा मजबूत थी कि भाग्य ने भी मेरा साथ दिया। मुझे दो साल के अनुबंध पर विदेश में काम करने का अवसर मिला। मैं मना कर सकती थी, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैंने बस स्वीकार कर लिया। मैं निश्चित नहीं थी की यह फैसला सही था या नहीं, लेकिन मैं बस अपनी स्थिति से भागना चाहती थी। इसी बीच मैं अपने कार्यों के बारे में आदि को अपडेट करती रही। वह जानता था कि मेरी हालत ठीक नहीं थी और मैं अपनी ज़िंदगी से संघर्ष कर रही थी, लेकिन उसने कभी फोन नहीं किया।

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जब मैं कान्ट्रेक्ट साइन कर चुकी थी, उसके बाद अप्रेल में एक दिन आदि ने अचानक मैसेज किया कि मेरे बाहर चले जाने के बाद जीवन बदल जाएगा। मुझे नहीं पता कि उसने ऐसा क्यों कहा। शायद मेरी उम्मीदों को ज़िंदा रखने के लिए। शायद वह अपनी स्थिति के बारे में उलझन में था।

जब मैंने देश छोड़ने का फैसला किया, तब उसने फोन किया

मैं दो कदम आगे बढ़ रही थी और तीन कदम पीछे। मैं आगे नहीं बढ़ रही थी बल्कि अपने ही भावनात्मक जाल में फंसी हुई थी। यह समझने में मुझे 10 महीने लग गए कि आदि के साथ मेरा कोई भविष्य नहीं है। अप्रेल मध्य तक मेरे मैसेज सिर्फ गुड मॉर्निंग और गुड आफ्टरनून तक सीमित हो गए और वह भी उसके द्वारा मैसेज के उत्तर में। एक दिन जुलाई में आदि ने मैसेज किया कि मेरे द्वारा देश छोड़ कर जाने से पहले वह एक बार मुझसे मिलेगा और मैं हैरान रह गई थी। एक हफ्ते बाद उसने मुझे मुंबई आने के बारे में बात करने के लिए फोन किया।

उसने दस महीने बाद मुझे फोन किया था। एक बार फिर से उम्मीद ज़िंदा हो गई थी। मेरे अगले तीन हफ्ते योजना बनाने और वीज़ा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में निकल गए ताकि जब वह आए तो हम साथ में अच्छा समय बिता सकें। मैं उसे जी भर कर देख लेना चाहती थी ताकि दो साल तक उसकी याद ना आए, उससे इतनी बातें करना चाहती थी ताकि उसकी आवाज़ मेरे दिमाग में बस जाए। मैं उत्साहित और आशावादी थी लेकिन तीन हफ्ते बीत गए और उसने मैसेज किया कि वह नहीं आ सकता क्योंकि उसके उपर बहुत सी ज़िम्मेदारियां थीं। एक बार फिर, मैं अकेली रह गई थी।

अपने आपको सामान्य करने की इतने महीनों की मेहनत पानी में फिर गई। मैंने देश छोड़ने से पहले उसे आखरी लंबा भावनात्मक मैसेज भेजा और उसने उत्तर दिया कि वह खुशकिस्मत है कि उसे ऐसी लड़की मिली, लेकिन उसे अब भी उसकी ज़िंदगी से दूर जाना है मगर वह हमेशा उसके संपर्क में रहेगा।

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धीरे-धीरे मैं अपने जीवन में आगे बढ़ रही हूँ

अगस्त के पहले हफ्ते में मैं एक नए देश में आ गई, लेकिन आदि ने मुझसे जुड़ने का कोई प्रयास नहीं किया। उसने मुझे थोड़े मैसेज ज़रूर किए थे लेकिन वे शुष्क और फोरवर्डेड मैसेज थे। मुझे लगता है अब उसके लिए मेरा कोई महत्त्व नहीं बचा। इंतज़ार अंततः खत्म हो रहा है। आमतौर पर लोग जल्दी आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं लेकिन मेरे मामले में मुझे एक साल लग गया। अंततः मैंने अपने जीवन के इस चैप्टर को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला कर लिया है। मैंने हमारे द्वारा आदान-प्रदान किए गए सभी मैसेज, हमारे सुखी दिनों की तस्वीरें, ईमेल और उसका नंबर भी डीलीट कर दिया। मैंने अपने प्यार को बचाने के लिए सबकुछ किया। मुझे इस बात का पछतावा नहीं है कि ‘‘काश मैंने यह किया होता”। मैं अब उसके मेसेज का इंतज़ार नहीं करती। मुझे पता नहीं कि उसकी शादी हुई या नहीं, लेकिन अब मैं उसके बारे में नहीं सोचती।

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मैंने नए लोगों के साथ घूमना-फिरना, नए दोस्त बनाना, आसपास की जगहों पर घूमना शुरू कर दिया है। मैं सुनिश्चित करती हूँ कि शुक्रवार या शनिवार की रात मैं अकेली ना रहूँ, बल्कि कुछ मज़ेदार करूं। अगर कुछ ज़्यादा ना करूं तब भी मेरे पास करने के लिए कुछ ना कुछ काम तो रहता ही है।

अंततः मैंने आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। मैं उससे नफरत नहीं करती लेकिन मुझे लगता है मैं उससे प्यार भी नहीं करती। मैं प्यार में होने के विचार से ही ऊब गई हूँ। आप सिर्फ उसी व्यक्ति से प्यार कर सकते हैं जो आपका साथ देने के लिए तैयार हो। आप किसी ऐसे व्यक्ति से प्यार नहीं कर सकते जो आपके साथ सिर्फ आंशिक रूप से है या फिर आपको अकेलापन महसूस करवाए।

आप किसी ऐसे व्यक्ति से प्यार नहीं कर सकते जो आपके साथ सिर्फ आंशिक रूप से है या फिर आपको अकेलापन महसूस करवाए।

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