मेरी एक्स अब मेरी सहकर्मी है और उससे अब भी प्यार है

Cheating

(जैसा जोइ बोस को बताया गया)

हमारा ब्रेक अप हो गया मगर हम सहकर्मी हैं

पियाली और मैं काफी करीब थे मगर बहुत कम लोग ही इस बारे में जानते हैं. सच कहूँ तो हम दोनों ही अब जैसे एक दुसरे के साथ बर्ताव करते हैं, शायद ही किसी को ऐसा कोई आभास भी होगा. पियाली और मैं एक दुसरे से पागलों सा प्यार करते थे और ये प्यार तीन साल चला. उसके बाद वो सिंगापुर आगे की पढ़ाई के लिए चली गई और वहीँ उसकी मुलाकात एक अफ्रीकन अमेरिकन लड़के टीम से हुई. दोनों ने साथ रात गुज़री और जब अगले दिन पियाली ने मुझे फ़ोन पर उनके सेक्स की बात बताई, मैंने उससे बात बात करना बंद कर दिया. उसने भी फिर मुझसे कभी बात करने की कोशिश नहीं की और बस हम दोनों का रिश्ता यूँ ही खत्म हो गया.

वो दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज में पढ़ती थी और मैं हिन्दू कॉलेज में. हम दोनों ही इकोनॉमिक्स पढ़ रहे थे और दोनों एक ही टूशन के लिए जाते थे. हम दोनों ही कमला नगर में पेइंग गेस्ट्स रहते थे. हम दोनों एक दुसरे के पहले प्यार थे मगर आज, दस साल बाद, हम फिर से एक ही ऑफिस में सहकर्मी हो गए हैं. हम दोनों को यूँ एक ही ऑफिस में काम करते अब दो साल हो गए हैं और हमें नहीं पता की हम इस स्तिथि का कैसे विवरण दें.

ये भी पढ़े: उसकी “मदद” से बॉयफ्रेंड अब घुटन महसूस करता है

ऑफिस के पहले दिन मेरे लिए एक सरप्राइज था

३ दिसंबर, २०१५- मेरे ऑफिस का पहला दिन था. जब ऑफिस पहुंचा तो मैनेजर ने मुझे मेरी सीट दिखाई और फिर मुझे मेरी टीम से मिलाने लगा. मैंने उसे देखा. विश्वास नहीं होगा आपको मगर उसकी सीट मेरे बगल में ही थी. जब मैनेजर ने हमारा परिचय कराया, वो मुस्कुराई और एक औपचारिक सा हेलो किया. उसके रवैये में हमारे बीते दिनों की कोई धुल तक नहीं थी. ऐसा लगा मानो वो मुझे पहचान ही नहीं रही थी. मुझे पता चला की वो एक दूसरी टीम की संचालक थी और उसकी टीम मेरी टीम के अंडर काम कर रही थी. क्योंकि मैं अपनी टीम का संचालक था, मुझे उससे अक्सर बातें करनी होती थी. पियाली मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी और मैं हंस रहा था की अब ज़िन्दगी मेरे साथ ये नया खेल खेल रही है. मैं भी देखना चाहता थी की ये सब कितना मुश्किल होने वाला था और ये भी की मैं कब तक इस को खींच पाऊँगा.

मगर मैं जल्दी ही अचंभित हो गया क्योंकि हम दोनों का अतीत हमारे आज के बीच नहीं आ रहा था. हम दोनों ही अब समझदार हो गए थे और स्तिथि को संभालने में हमें मुश्किल नहीं हो रही थी. इसके आलावा एक फायदा भी था. क्योंकि मैं पियाली को बहुत अच्छे से जानता था, उसके साथ काम करने में मुझे मुश्किल नहीं हो रही थी. कई बार वो कहती कुछ थी और उसका तात्पर्य कुछ और होता था. ऐसे मौकों पर मैं ही था जो समझ पाता था आखिर उसका आशय क्या है. उसकी अनुपस्तिथि में मैं उसकी जगह आराम से भर लेता था और मेरी अनुपस्तिथि में वो बखूबी मेरे हिस्से की बागडोर भी संभाल लेती थी.

इतना समय और इतनी दूरी ने हम दोनों के बीच की अनुकूलता को बिलकुल प्रभावित नहीं कर पाया था.

मेरे साथ कोई नहीं और वो कभी किसी साथी के बिना नहीं

हमारे ब्रेक अप के बाद मैं आगे नहीं बढ़ पाया और मैंने फिर किसी रिश्ते में खुद को नहीं बाँधा. कभी कभी डेट पर ज़रूर गया, अब भी जाता हूँ, मगर फिर भी मैं अब किसी भी लड़की पर भरोसा नहीं कर पाता हूँ. दूसरी तरफ पियाली हमेशा किसी न किसी पुरुष के साथ होती है. पिछले दो सालों में उसके तीन हफ़्तों से लेकर तीन महीने तक अफेयर हो चुके हैं. मैं ये सब जानता हूँ क्योंकि मैंने उसे कई बार फ़ोन पर बातें करते सुना है. वो सिद्धार्थ नाम के एक लड़के के काफी करीब थी मगर वो उसे धोखा दे रहा था और उसकी एक और गर्लफ्रेंड थी. एक दिन वो सूजी नम आँखों के साथ ऑफिस पहुंची. उसे देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उससे पुछा, “क्या हुआ पियाली?” ये पहली बार था जब मैं अपनी ऑफिस सहकर्मी पियाली से कोई निजी सवाल पूछ रहा था. उसने जवाब में पुछा, “क्या हम नाश्ता करने चलें?” मैं मना नहीं कर पाया.

ये भी पढ़े: मैं 28 वर्ष की विधवा और सिंगल मदर थी जब जीवन ने मुझे दूसरा मौका दिया

sad woman crying
मेरे साथ कोई नहीं और वो कभी किसी साथी के बिना नहीं

मेरे मन का एक कोना उससे अब भी प्यार करता है. मैं उसके लिए खुद को ज़िम्मेदार समझता हूँ. रोज़ देखते देखते अब फिर से उसके लिए लगाव होने लगा है. मैं जब दुसरे लड़कों को उसका दिल तोड़ते देखता हूँ तो मुझे ईर्ष्या नहीं होती है. जानता हूँ की ये अजीब बात है मगर ये सच है. हम अक्सर कॉफ़ी या लंच पर जाते हैं, हाँ हम अभी तक कभी ड्रिंक के लिए नहीं गए हैं. मुझे पता है की पी कर कैसे हो जाती है और मैं ये भी जानता हूँ की पी कर मैं क्या हो जाता हूँ. मुझे यकीन है की अगर हम ड्रिंक करने गए तो फिर हम रात साथ ही बिताएंगे. और अगली सुबह हमें इस बात का बहुत पछतावा होगा. खैर मुझे तो नहीं होगा मगर उसे होगा. वो उस तरह की लड़की है. मगर आपसे एक बात साझा करूँ? मुझे लगता है की ऐसा एक न एक दिन ज़रूर होगा. आखिर हम दोनों ही अकेले हैं.

हम अभी एक दुसरे की फ़िक्र करते हैं

हम दोनों आस पास ही रहते हैं. मैं कार से ऑफिस जाता हूँ और वो टैक्सी लेती है. मैंने कई बार सोचा की मैं उससे पूछूं की क्या वो मेरे साथ जाना चाहेगी मगर मैं डरता हूँ. एक दिन बहुत तेज़ बारिश तूफ़ान का मौसम था और मैंने उससे पुछा की क्या मैं उसे घर छोड़ दूँ और उसने मना कर दिया. उसका बॉयफ्रेंड ४० मिनट ड्राइव कर उसे ड्राप करने आया. वो इतनी लुभावनी है की कोई भी लड़का उसके लिए कुछ भी करेगा. मुझे पता है की मेरा प्यार एक तरफ़ा है. मैंने अपने मन की बात किसी को नहीं बताई है. मैं कैसे बताऊँ जब मैं खुद ही इतना कन्फ्यूज्ड हूँ. मगर अपने इतने सालो के करियर में मुझे उससे काबिल सहकर्मी नहीं मिला है. मैं उसे एक बार फिर से खोना नहीं चाहता.

ये भी पढ़े: महिलाओं को इंप्रेस करते समय पुरूष ये 10 आम गलतियां करते हैं

मगर मेरे लिए सबसे प्यारे पल वो होते हैं जब मैं बीमार होता हूँ. वो मुझसे मिलने खुद नहीं आती मगर डॉक्टर को मेरे घर भेज देती है. और खाना भी. हर घंटे मुझे मैसेज कर मेरा हाल पूछती है. कभी कभी सोचता हूँ की वो ये सब क्यों करती है? क्या इसलिए क्योंकि वो जानती है की मैं एक अंतर्मुखी हूँ और मेरा इस शहर में कोई मित्र नहीं? क्या उसे मुझ पर दया आती है? क्या वो मुझसे अब भी प्यार करती है? मुझे इन सवालों के जवाब नहीं पता. मेरा और उसका रिश्ता इतना अजीब और उलझा हुआ है की रिश्तों की किसी भी परिभाषा इस पर फिट ही नहीं होती है. मैंने सब कुछ किस्मत पर छोड़ दिया है. मैं डेट्स पर जाता हूँ मगर वो मुझे इतने बोरिंग लगते हैं की मैं दोबारा उनसे नहीं मिलता हूँ. मुझे नहीं पता की आगे क्या होगा मगर इस बात की तो तस्सली है की कम से कम हम अच्छे सहकर्मी तो हैं.

Tags:

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.