हमारे समाज की वजह से मुझे गर्भवती होने का नाटक करना पड़ा

Urmi Chanda-Vaz
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पहचान छुपाने के लिए नाम बदल दिए गए हैं

एक सोमवार सुबह के 8:30 बजे हैं और चटर्जी परिवार के सभी युवा लोग नौकरी पर जाने के लिए तैयार होने की भागदौड़ कर रहे हैं। बड़ी बहू पिया, बाकी लोगों की तुलना में थोड़ा ज़्यादा समय लेगी, उसके आठ महीने के गर्भ की वजह से। और फेसबुक पर बधाई वाले मैसेजों का उत्तर भी देना है – उसने अपनी गोद भराई की तस्वीरे भी पोस्ट की थी ना। इसकी बहुत ज़्यादा आवश्यकता थी।

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पिया एक डॉक्टर है और अरिजीत के साथ विवाहित है, जो 10 साल से अधिक समय से एक बैंक कर्मी है। वे बैंगलोर के एक श्रेष्ठ इलाके में संयुक्त परिवार में रहते हैं। वे बचपन के दोस्त थे, और उन्होंने 8 वर्ष तक डेटिंग करने के बाद शादी की, तो सबने सोचा कि अब ये हमेशा के लिए सुखी रहेंगे।

बेशक, एक सुखी जोड़े को भविष्य में संतान की ज़रूरत होगी। लेकिन लोगों की निराशा के लिए, पिया और अरिजीत का शादी के तुरंद बाद, या दो साल बाद, या पांच, या अरिजीत के छोटे भाई की शादी के बाद, या फिर छोटे भाई के बच्चे पैदा होने के बाद भी कोई बच्चा नहीं हुआ। पिया और अरिजीत ने एक सुखी जीवन के अपने संस्करण को जीना जारी रखा, दोनों के पास सुरक्षित नौकरी है, वे अक्सर यात्रा करते हैं, जिम जाते हैं, सप्ताहंत पर क्लब जाते हैं, और बच्चे होने के बारे में अनैतिक सलाह और सतत प्रश्नों को टालते रहते हैं।

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यह जोड़ा संतान पैदा करने के लिए कभी वास्तव में उत्सुक नहीं था। लेकिन जब उस एक चीज़ के साथ तोला जाए, तो जीवन में उनकी उपलब्धियों में से कोई भी पर्याप्त नहीं लग रही थीं।

ऐसा नहीं है कि उन्होंने कोशिश नहीं की थी। कुछ समय बाद, उन्होंने पिया की स्त्री रोग संबंधी समस्याओं को स्वीकार कर लिया था, जिसका मतलब है कि वह कभी बच्चे को सफलतापूर्वक गर्भ में नहीं रख सकती थी। और उन्होंने हठ भी नहीं किया। यह इतना कष्ट उठाने के लायक भी नहीं लगता था। अब तक।

पिया धीरे से अपनी चाची को बुलाती है। उसे आज सुबह फूले पेट में परेशानी हो रही थी और वह चाहती है कि उसकी चाची उसके चपटे पेट पर उसे अच्छे से बांध दे। आशा चाची उन चंद लोगों में से हैं जो इस बड़े रहस्य के बारे में जानती हैं। पिया गर्भवती नहीं है। वह एक बढ़ता हुआ नकली पेट लगाए हुए है, जो पहले कपड़े और कपड़े की पट्टी से बनाया गया था और अब चीन से एक कृत्रिम पेट मंगवाया गया है। हर सुबह, बंद दरवाज़ों के पीछे, पिया यह विस्तृत छद्म शुरू करती है जो रात में पेट निकालने के साथ खत्म होता है। झूठ के पुलिंदों को निकालने के साथ, जो वह था ही।

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‘यह सामाजिक दबावों के कारण एक रहस्य है’ Image Source

कभी-कभी, दिन में ही, पिया को महसूस होता है कि नकली पेट खिसक रहा है और उसे ठीक करने के लिए उसे तत्काल बाथरूम में जाना पड़ता है। अगर यह इतना दुखद नहीं होता, तो यह वास्तव में मज़ेदार होता।

लेकिन सामाजिक दबाव मज़ेदार नहीं हैं। पिया और अरिजीत इसके सामने झुक गए और उन्होंने संतानरूपी पुरस्कार के लिए सैरोगेसी का सहारा लेने का निर्णय लिया। सेरोगेट माता अब करीब आठ महीने के गर्भ से है, और जमाने को दिखाने के लिए इस समानांतर नाटक का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। केवल पिया के माता-पिता, अरिजीत की माँ और आशा चाची को पता है। वे साथ में नाटक कर रहे हैं और पिया के लिए गोद भराई की रस्म की पार्टी भी रखी, ताकि दुनिया को पता चल जाए कि उनकी बड़ी बहू चटर्जी परिवार के उत्तरदायी को गर्भ में लिए अंततः गर्भवती हो गई है। अभी जश्न मनाए जा रहे हैं और जब नकली दर्द और नकली प्रसव होगा तब और भी ज़्यादा जश्न मनाए जाएंगे।

पिया कहती है, ‘‘हमारी कॉलोनी के ये लोग कभी नहीं समझेंगे,’’। वह कहती है ’’मैं नहीं चाहती कि जब वह खेलने जाए तो उसके साथ अलग बर्ताव किया जाए”। अरिजीत कहता है, ‘‘अगर हम यह बता दें कि यह सेरोगेसी का मामला है तो लोग बातें करेंगे और सोचेंगे कि क्या यह बच्चा मेरा है भी या नहीं”। वास्तव में पिया के लिए नकली पेट लगाने का विचार उसका ही था। शुरू में उनकी बहस हुई थी। कौन सी स्वाभिमानी और शिक्षित स्त्री 70 के दशक की एक भयानक बी ग्रेड फिल्म की तरह नकली पेट लगाने के लिए सहमत होगी? लेकिन अरिजीत का दृढ़ निश्चय जीत गया। तब से पिया इस मिलीभगत में शामिल है और उनके परिवार भी।

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उनके तर्क से और उनके बच्चे को चिढ़ाने और अलगाव की ज़रूरत से बहस करना मुश्किल है।

कोई सच्चाई, गर्व और सम्मान के गुणों की प्रशंसा ज़रूर कर सकता है, लेकिन कोई दूसरे का जीवन नहीं जी सकता। यहां मध्य आयू के पास पहुंचते दो सुशिक्षित, आर्थिक रूप से सुरक्षित शहरी व्यक्ति हैं, और उनके लिए भी, सत्य एक विकल्प नहीं नज़र आता।

तो क्या हुआ अगर आमिर खान, शाहरूख खान, तुषार कपूर और यहां तक कि करण जौहर ने भी सेरोगेसी द्वारा बच्चे पैदा किए और मीडिया ने उनकी खुशामद की? पिया और अरिजीत कोई सितारे नहीं हैं। उनका एकमात्र सच गपशप, पूर्वाग्रह और आलोचना और हां, ‘परंपरा के सम्मान’ की प्रबल इच्छा के साथ मध्यम वर्ग ब्रहमांड है। और उन्हें अपने बच्चे के साथ इसी ब्रहमांड में रहना होगा।

ना बेवफाई, ना घरेलू हिंसा फिर भी मैं शादी से खुश नहीं

जन्म देने में सक्षम हूँ, मगर मैंने सेरोगेसी या गोद लेने का फैसला लिया

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