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हमें विवाहेतर संबंधों के लिए लोगों की आलोचना करनी बंद कर देना चाहिए

जब प्रजनन क्षमता और बच्चों की देखभाल यौन कृत्यों से जुड़ी नहीं है, तो क्या इससे फर्क पड़ता है अगर साथी एकविवाही ना हों?
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मैं क्लिंटन/लेविंस्की घोटाले की खबरों के दौरान मलेशिया में था। मुझे याद है एक सहकर्मी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ घोषणा की थी, ‘‘जिस दिन क्लिंटन राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे देगा, हिलरी उससे संबंध समाप्त कर लेगी,’’

देखिए, अब हम जानते हैं। हिलेरी ने अपने पति को छोड़ा नहीं। सभी संकेतों के अनुसार, क्लिंटन परिवार एक सुखी और करीबी परिवार है। समय के साथ, इसमें कोई संदेह नहीं कि अपने पति के ‘अविवेक’ के प्रति हिलेरी की प्रतिक्रिया परिपक्व और समझदार थी। कुछ लोग यह तर्क दे सकते हैं कि मेरे दोस्त की भविष्यवाणी केवल इसलिए गलत हो गई क्योंकि यह एक पत्नी द्वारा अपने पति के यौन परिवर्तन के प्रति एक सामान्य प्रतिक्रिया नहीं थी।

एक पुरूष दृष्टिकोण से, यह जोखिम है कि वह किसी अन्य पुरूष की संतान की देखभाल करने में लिप्त हो सकता है। स्त्री के लिए, जोखिम यह है कि पुरूष उसे अन्य स्त्री के लिए छोड़ देगा -और इस तरह वंश को पालने में अपना योगदान देने से पीछे हटेगा।

उपरोक्त कारकों से पता चलता है कि कई पशुयों में यौन ईर्ष्या की प्रकृति एक मूल प्रवृत्ति के रूप में क्यां विकसित हुई है। विशेष रूप से उन प्रजातियों में जहां बच्चों की देखभाल में नर का काफी योगदान होता है। नर ने यौन अधिकार भी भावना विकसित की, जबकि मादाओं ने सहज ज्ञान से ऐसे नरों को साथी बनाना विकसित किया जो यौन रूप से वफादार हों (और बच्चों की देखभाल में योगदान देने के लिए तैयार हों)।

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मनुष्य के मामले में, यह पितृसत्ता की उत्पत्ति है, और स्त्रियों के प्रति एक सामान्य अवज्ञा जिन्हें यौन रूप से स्वच्छंद माना जाता है। स्त्रियां सहज रूप से यौन संपर्क बनाए जाने के लिए विकसित हुई हैं, सिवाए इसके कि जीवनभर सहयोग के लिए कथित प्रतिबद्धता हो।

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बात यह है कि यौन ईर्ष्या अनिवार्य रूप से एक पशु वृत्ति है। यह सच है कि कुछ पशु – जैसे कि सुखी बोनोबो – वे स्वाभाविक रूप से स्वच्छंद हैं। लेकिन यह संदेह नहीं किया जा सकता कि इस पर हमारा सहज व्यवहार तब ही शुरू हो गया था जब हम जानवर ही थे। हमारे यौन प्रतिबंध किसी भी तरह से केवल मानव के लिए अद्वितीय नहीं हैं!

अब जानवर नहीं

इस जानकारी के साथ, हम यौन मूल्यों को बदलने के प्रति अपने स्वयं के दृष्टिकोण में बेहतर फर्क कर सकते हैं। जानवरों से विपरीत, मनुष्यों ने गर्भावस्था को सेक्स से अलग करना सीख लिया है।

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इसका मतलब यह है कि अब हम जानते हैं बच्चे पैदा किए बिना सेक्स कैसे किया जाए -सिवाए इसके कि यह करने का इरादा हो यह यौन ईर्ष्या के लिए मुख्य तर्क को कम कर देता है -पुरूष और स्त्री दोनों के लिए।

बेशक, एक अंतर्निहित उम्मीद बनी रहेगी कि जो लोग यदा-कदा विवाहेतर यौन संबंधों में लिप्त होते हैं, वे ऐसा विवेक और ज़िम्मेदारी के साथ करते हैं। यह उम्मीद इतनी अवास्तविक भी नहीं है, यह मानते हुए कि वैसे भी ऐसे ज़्यादातर संबंधों का उद्देश्य बच्चे या कलंक पैदा करना नहीं है। स्त्रियां निश्चित रूप से अपेक्षा करती हैं कि उनके पति परिवार की देखभाल के लिए संसाधनों से हाथ पीछे ना खींच लें। ये दोनों अपेक्षाएं उचित हैं।

नैतिक कोण के बारे में क्या?

उपर्युक्त अपेक्षाओं से परे, क्या विवाहेतर सेक्स के लिए कोई नैतिक आपत्ति हो सकती है? यदि विवाह केवल सेक्स के लिए नहीं है, तो विवाह के बाहर यौन संबंध में यह आपत्ति क्यों रखना? विवाहेतर यौन संबंध को शादी के भीतर एक प्रतिबद्ध संबंध के लिए खतरे के रूप में क्यों देखा जाए? खास तौर पर जब विवाह बंधन और पारस्परिक संबंध पर आधारित होते हैं, जो दोनों चीज़ें सेक्स के परे जा सकती हैं।

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विवाहेतर संबंधों के खिलाफ सामाजिक वर्चस्व के बिना, कई अन्यथा अच्छे विवाह टूट नहीं सकते हैं। क्या विवाह में एक पक्ष के लिए यह उचित है कि घर और बच्चो की देखभाल को खतरे में डाले केवल इसलिए क्यांकि दूसरे पक्ष ने विवाह के पूर्व या विवाहेतर यौन संबंध बनाए? मुझे लगता है कि यह शादी को नष्ट करने का एक कमज़ोर आधार है।

हम यौन ईर्ष्या के लिए हमारी पशु प्रवृत्ति पर अच्छी तरह पुनर्विचार करेंगे। मनुष्य, जो बेहतर जानते हैं, उन्हें ऐसी छोटी प्रवृत्तियों से ऊपर उठना चाहिए। हम साथियों के प्रति हमारे व्यवहार में और अधिक सहिष्णु और कृपालु हो सकते हैं, जो कि अन्यथा परिवार की देखभाल और परवाह करते हैं ….

क्या आगे खतरा है?

क्या विवाह की संस्था यौन प्रतिबंधों में इन (शायद अपरिहार्य) परिवर्तनों के परिणामस्वरूप कमज़ोर पड़ जाएगी?

मुझे नहीं लगता कि हमें एक पुरूष और स्त्री के बीच प्रतिबद्ध संबंध (विवाह) को महिमामंडित या बदनाम करने की आवश्यकता है। जब तक लोग ऐसे संबंध चुनने के लिए स्वतंत्र हैं जिनमें उन्हें शामिल होने की ज़रूरत है (या नहीं है), तब तक सब ठीक है। हममें से कुछ शादी करने का और दूसरे अकेले रहने का विकल्प चुन सकते हैं। व्यक्तियों पर कोई सामाजिक दबाव नहीं होना चाहिए, किसी भी तरह….

पांच सहमत, धोखा देने वाले वयस्कों के मध्य ईमेल वार्ता

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