हर किसी को इस सरवाइवर से प्रेरणा लेनी चाहिए और कभी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए

(जैसा शाहनाज़ खान को बताया गया)

जब दूसरा लड़का बुरी तरह व्यवहार कर रहा था

छह साल पहले इसी महीने में मेरा जीवन पूरी तरह बदल गया। मैं एक सामान्य 28-29 वर्षीय लड़का था जो नोएडा में रहता था। मेरे पिताजी शहर से बाहर गए थे इसलिए मैं एमबीए करते हुए उनकी दुकान और गोडाउन भी संभाल रहा था। गोडाउन के मालिक का एक बेटा था, जिसने उस दिन मेरी दुकान के बाहर बैठने और लड़कियों को छेड़ने का फैसला किया। वह वहां से गुज़रने वाली लड़कियों को घूर रहा था और कभी-कभी भद्दे कमेंट भी कर रहा था। मैंने उसके व्यवहार का विरोध किया और उसे रूकने को कहा। जवाब में उसने मुझे यह याद दिलाया कि मैं उसकी संपत्ति पर खड़ा था और उसने हमें बाहर निकाल फैंकने की धमकी दी। उसका व्यवहार देखकर, मैंने उसके पिता से बात करने का फैसला किया। बूढ़े पुरूष ने उग्रता से माफी मांगी और मुझसे कहा कि अब उनका बेटा मुझे और तंग नहीं करेगा।

भयानक हमला

हालांकि, उस आदमी ने अगले दिन पूरे दिन मेरा पीछा किया और वह बहुत संदिग्ध लग रहा था। लेकिन मैंने मामले को आगे बढ़ाने से पहले अपने पिता के लौटने का इंतज़ार करने का फैसला किया। तीसरे दिन, मैं दुकान बंद करके अपने पिता के स्कूटर पर घर लौट रहा था। मैंने देखा कि वह छतरी और एक बाल्टी के साथ मेरी ओर आ रहा है। अगले ही पल उसने बाल्टी मेरे ऊपर ढोल दी। मैंने संतुलन खो दिया और गिर पड़ा। मुझे यह महसूस करने में एक पल लग गया कि वह पानी नहीं था- वह एसिड था।

मुझे यह महसूस करने में एक पल लग गया कि वह पानी नहीं था- वह एसिड था।
अगले ही पल उसने बाल्टी मेरे ऊपर ढोल दी। मैंने संतुलन खो दिया और गिर पड़ा।
मुझे यह महसूस करने में एक पल लग गया कि वह पानी नहीं था- वह एसिड था।

मेरी आँखें, चेहरा, सिर, कान सब जलने लगे। मेरा भाई जो मुझे घर ले जाने आया था वह चिल्लाने लगा और वहां से गुज़रने वाले लोगों से मदद मांगने लगा। फिर उस पुरूष ने मेरे भाई को धमकाया कि उसके पास एक और बाल्टी है और वह उसपर भी एसिड फैंक देगा।

मुझे निकटतम अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनके पास इस तरह के गंभीर मामले का उपचार करने की क्षमता नहीं थी। इसलिए मुझे एक बड़े अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और 21 दिनों तक गहन उपचार चला।

मेरी कोई गलती नहीं थी

मेरी कोई गलती ना होने के बावजूद, मेरी ज़िंदगी पूरी तरह उलट गई थी। बल्कि सही चीज़ करने की वजह से। मेरे हमलावर को 6 महीने की जेल हुई लेकिन वह बेल प्राप्त करने में कामयाब रहा और अब भी आज़ाद घूम रहा है। कानूनी लड़ाई से पूरी तरह अनजान होने पर और मदद की गुहार लेकर, मैंने कई संगठनों और एनजीओ के दरवाज़े पर दस्तक दी। लेकिन मुझे बताया गया कि एसिड हमले के पीड़ितों के लिए बहुत ज़्यादा प्रावधान नहीं थे। तो वे मेरा फोन नंबर और विवरण ले लेते थे और फिर कभी मेरे फोन का जवाब नहीं देते थे।

एक ऐसा व्यक्ति होने के नाते जिसका जीवन सामान्य चल रहा था, मुझे अचानक एक बहिष्कार महसूस हुआ।
सबसे बड़ा झटका मेरे सपनों और आत्म सम्मान को लगा था।

उपचार महंगे हैं और कई सालों तक चल सकते हैं। मुझे कुछ संपत्ति बेचनी पड़ी और लोन लेना पड़ा। लेकिन सबसे बड़ा झटका मेरे सपनों और आत्म सम्मान को लगा था। एक ऐसा व्यक्ति होने के नाते जिसका जीवन सामान्य चल रहा था, मुझे अचानक एक बहिष्कार महसूस हुआ। हर वह चीज़ रूकी हुई लग रही थी जिसपर मैंने अब तक काम किया था।

मदद के लिए दरवाज़ों पर दस्तक देना

ऐसे अनुभव के बाद कोई कहां जाएगा? ऐसा अनुभव जो जख्म के निशान छोड़ देता है, सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि आपके मन पर भी। सर्जरी सतही चीज़ों को ठीक कर सकती है। लेकिन ऐसा लगता था कि बड़ी क्षति भीतर हुई है और उसे कोई भी ठीक नहीं कर सकता। जब मैं कानूनी मार्गदर्शन और सरकार द्वारा मुआवजा प्राप्त करने के लिए दरवाज़ों पर भटक रहा था, कई बार हार मानना आसान लग रहा था।

जैसे-जैसे समय बीता, मुझे ऐसे लोग मिले जो पूरी तरह से अनजान व्यक्ति की मदद करना चाहते थे।
भले ही यह कितना भी दुःस्वप्न जैसा लगे, यह मेरी हकीकत थी।

मैं एक एसिड अटैक पीड़ित था और भले ही यह कितना भी दुःस्वप्न जैसा लगे, यह मेरी हकीकत थी। ऐसी हकीकत जिसे मुझे स्वीकारना ही था। जैसे-जैसे समय बीता, मुझे ऐसे लोग मिले जो पूरी तरह से अनजान व्यक्ति की मदद करना चाहते थे। वे ज़्यादा लोग नहीं थे, लेकिन उनका दिल बहुत बड़ा था, मेरे लिए इतना ही काफी था। मेरी तकलीफों ने उन लोगों की बदनसीबी के प्रति भी मेरी आँखें खोल दी जो ऐसा ही दुर्भाग्य झेल रहे थे। और मुझे अहसास हुआ कि या तो मैं खुद पर तरस खाकर संतुष्ट हो सकता हूँ या आसपास के लोगों की मदद कर सकता हूँ। वह मार्गदर्शक और सहारा बन सकता हूँ जो मैं अपने शुरूआती दिनों में ढूंढ रहा था।

मेरे जीवन में खुशी आई

घटना के दो साल बाद, 2013 में, मेरा जीवन और भी ज़्यादा सुखी हो गया। एक विवाह का प्रस्ताव था जो हमले से पहले मेरे पास आया था। लेकिन बाद में मैंने मान लिया कि कोई भी बदसूरत चेहरे वाले व्यक्ति से शादी नहीं करना चाहेगा। लेकिन लोगों का बढ़प्पन सबसे सुंदर सरप्राइज़ हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह प्रस्ताव अब भी है। मैंने अपने होने वाले ससुरजी से कहा कि अस्पताल में आकर मुझसे मिले और सच्चाई जान लें। लेकिन वह परिवार अपनी ज़बान पर अटल रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने वचन दिया था और यह चीज़ उनके रास्ते में नहीं आएगी। अगर यह शादी के बाद हुआ होता तो? दुल्हन के पिता ने पूछा।

उन्होंने कहा कि उन्होंने वचन दिया था और यह चीज़ उनके रास्ते में नहीं आएगी। अगर यह शादी के बाद हुआ होता तो?
मैंने अपनी सुंदर पत्नी से शादी कर ली जो मेरी जिंदगी में मेरा सबसे बड़ा सहारा रही है

और इसलिए मैंने अपनी सुंदर पत्नी से शादी कर ली जो मेरी जिंदगी में मेरा सबसे बड़ा सहारा रही है और अपना बिना शर्त का प्यार बरसाना जारी रखती है। आज हमारी 3 साल की बेटी भी है जिस पर हम दोनों जान छिड़कते हैं।

इस तरह के जीवन को बदलने वाले अनुभव से कैसे निपटें? बिखरे टुकड़े कैसे समेटें और आगे बढ़ें? मैं कहूंगा – उसे गले लगा लें। हाँ, मेरी पहचान एक ऐसे व्यक्ति की है जिस पर एसिड फैंक दिया गया था। लेकिन यह चीज़ मुझे कमज़ोर नहीं करती है -यह मुझे सशक्त करती है। अब मेरे पास इतने सारे लोगों के जीवन में अंतर लाने के लिए एक मंच है। जो लोग आपको प्यार करते हैं उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरी बेटी के लिए, मेरे चेहरे के निशान कोई डराने वाली चीज़ नहीं है। वह मुझे उतना ही प्यार करती है और मेरी पत्नी भी।

आपका भाग्य आपके हाथों में है

खुद को गुस्से की दीवार के पीछे ना छुपाएं, या खुद पर तरस ना खाएं। हाँ, जो भी हुआ वह ना तो उचित था और ना ही सही। लेकिन उसके बाद आप क्या करते हैं वह आपके हाथ में है।

जो भी हुआ वह ना तो उचित था और ना ही सही। लेकिन उसके बाद आप क्या करते हैं वह आपके हाथ में है।
आज हमारी 3 साल की बेटी भी है जिस पर हम दोनों जान छिड़कते हैं।
किसी और का इंतज़ार करने की बजाए अपने लिए खुद लड़ें।

मैंने सीखा कि हाँ, मेरे चेहरे के निशानों को पैसे और डॉक्टरों की ज़रूरत थी। लेकिन भीतर के निशानों को बस एक उदार दिमाग की ज़रूरत थी। और मैंने उन्हें जीत लिया।

कोई भी व्यक्ति या तो सच से भागने का विकल्प चुन सकता है या मज़बूत बनकर उभरने का; पीड़ित होना चुन सकता है या सरवाइवर होना। आपका लिंग, आयु, आर्थिक स्थिति जो भी हो, आप ऐसा विकल्प चुन सकते हैं जो आपके जीवन में अर्थ और उद्देश्य लाए। यह चीज़, उस एक पल को खुद पर हावी होने देने और आपके जीवन में बाधा डालने देने से बेहतर है। और आप जैसा जीवन चाहते हैं उसके लिए काम करना आपके हाथों में है।

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