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जब आप आउटडोर सेक्स के आनंद के बारे में जानेंगे तो आप इसे और ज़्यादा चाहेंगे

क्या प्रकृति के बीच आउटडोर सेक्स करना घर के अंदर करने से ज़्यादा मज़ेदार है?
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आपने दरवाज़ा और बाहर की दुनिया को बंद कर दिया है। पर्दे खींच दिए और बत्तियां बुझा दी हैं। आरामदायक बिस्तर पर अपने साथी के साथ धम से बैठ गए हैं -रतिक्रिया करने और शिखर तक पहुंचने के लिए। देखिए, यह एक ऐसा खेल है जिसे बाहर भी खेला जा सकता है और समान रूप से या शायद उससे भी ज़्यादा आनंद लिया जा सकता है -तभी जब आपने कभी यौन फंतासी को हकीकत में बदलने का सोचा हो।

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बस एक मन का लड्डू

यौन रूप से सक्रिय अधिकांश जोड़ों के लिए, एक चांदनी रात के नीचे प्यार करना – टिमटिमाते तारों के बीच -एक मन का लड्डू ही रहता है। विदेशी फिल्मों में वे स्थानापन्न रूप से आनंद लेते हैं जहां वे जंगल में या झील के किनारे या फिर सुंदर घांस पर एक जुनूनी आवेग के लिए सब कुछ उतार देते हैं -चाहे भर दुपहरी में या फिर तारों से भरी रात में। प्राकृतिक स्थान आपको एक समान सेटिंग में सेक्स का आनंद लेने जैसा अहसास दिलाते हैं।
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ना केवल सितारे, विदेशों में आम लोगों की भी आउटडोर सेक्स के प्रति स्वस्थ, स्वाभाविक भूख है। ऐसा नहीं है कि हम कुछ कम हैं, लेकिन हमारी घनी आबादी वाले शहरी परिवेश ऐसे यौन व्यवहार के लिए अनुकूल नहीं हैं। किसी भी प्रकार के सेक्स में अपने शरीर को रमाने के लिए स्वतंत्र, पृथक और सुरक्षित स्थान कहां मिलता है? पकड़े जाने या रिकॉर्ड किए जाने का डर और भी ज़्यादा संकोच उत्पन्न करता है। और वैसे, आउटडोर सेक्स के एक साहसिक प्रकरण के लिए ये 20 सजीव स्थान हैं।

गांव में चले जाएं

उपनगरीय स्थान में चले जाएं और वहां आउटडोर सेक्स करने के लिए अवसरों की प्रचुरता है। अगर आपका वहां घर है -या बंगला या कॉटेज -यह सेक्स के लिए एक र्स्वग से कम नहीं है।

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उन लोगों से पूछिए जो इसमें लिप्त रहे हैं और उनकी कथा रोमांचकारी लगती है, विशेष रूप से उनकी जो गांवों में रहे हैं और जिन्होंने खेतों और घास के ढेर पर अपना कौमार्य गंवाया है। ट्रेक्टरों पर मुच्छड़ पुरूष आपको खुली हवा में मज़े के अनुभवों का प्रलोभन देते हैं, खुले में संभोग करने का चलन कितना आम और निरंतर है, बिल्कुल नहाने-धोने की तरह। ये वो लोग हैं जो आउटडोर संस्करण का अधिक आनंद लेते हैं, उनके विपरीत जो शहरों में छोटे-छोटे डिब्बों जितने आकार के अपार्टमेंट में रहते हैं।

शहरी भारत तनाव में चकराता रहता है और चरमराते बिस्तरों पर यौन रूप से विमुक्त जीवन का त्याग कर देता है, लेकिन ग्रामीण इलाका आउटडोर सेक्स में लिप्त होने की संभावना के साथ पूरी तरह से संतुलित प्रतीत होता है।

कोई अवरोध नहीं

एक छोटे शहर में रहने वाले जोड़े ने तय किया कि वे उनकी साप्ताहांत की ट्रिप उनके पैतृक घर में बिताएंगे जो कुछ 50 किमी दूर था -आंगन या छत पर सेक्स करने के लिए। पकड़े जाने का कोई डर नहीं, और वे स्वीकार करते हैं कि जो मज़ा उन्हें गांव में सेक्स करते हुए आता है, वह फ्लैट में नहीं आता। उन्हें लगता है कि वे बड़ी प्राकृतिक दुनिया का हिस्सा हैं और इसलिए अपने शरीर के माध्यम से प्यार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं।

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पुरूष लंबे समय तक टिका रहता है और स्त्री को बेहतर चरमोत्कर्ष प्राप्त होता है – बगैर किसी उत्तेजक के।

प्रश्न यह है कि महानगरों में आपको आकाश का ऐसा हिस्सा कहां मिलेगा? उसके लिए आपको पैंटहाउस में रहना होगा और बहुत ज़्यादा अमीर होना होगा। यह विशेषाधिकार एक सीमित वर्ग तक ही सीमित है। शहरी क्षेत्र खुले में प्रदर्शन को लगभग असंभव बना देता है, क्योंकि एकांत एक प्राथमिक आवश्यकता है -प्राकृतिक प्रवृत्ति से ज़्यादा प्राथमिक।

यह स्वाभाविक रूप से आना चाहिए

एक प्राकृतिक कार्य को प्राकृतिक स्थान में किया जाना चाहिए। लेकिन सेक्स के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जाने का विचार एक अत्यंत सम्मोहक आवेग नहीं बन सका है। कई एकड़ भूमि वाले बंगले और रीट्रीट होम्स एक अच्छा विकल्प प्रदान करते हैं। लेकिन जंगली जानवरों के प्रेमातुर जोड़ों से ज़्यादा अनियंत्रित हो जाने का डर प्रेमियों को कम उत्साही बनाता है।

एक ताज़गीभरे बदलाव के लिए या फिर जब आपको अपने यौन जीवन को मसालेदार बनाना हो तब इस विचार का खतरा लें, लेकिन शहरी वर्ग के लिए दैनिक सेक्स के लिए यह निश्चित रूप से व्यवहार्य विकल्प नहीं है।

मज़ेदार बहाने बनाए जाते हैः ‘‘मुझे लव बाइट के साथ बिच्छू का डंक नहीं चाहिए।” ‘‘जब वह मेरे ऊपर हो तब मेरे आसपास सांप कुंडली बना कर बैठे” ये एक और डर है जो युवा दिलों में है।

यह बहस करने की बजाए कि सेक्स एक बाहरी या भीतरी उद्गम है, चलो इसे एक अनूठा खेल कहते हैं जिसे बाहर और भीतर दोनों जगह अच्छे से खेला जाता है। यह खिलाड़ियों पर निर्भर करता है जिन्हें इस खेल का पूरी तरह आनंद लेना चाहिए, जहां भी और जब भी वे कर सकें।
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