Hindi

जब दुःख एक जोड़े के संपर्क और अंतरंगता को खत्म कर देता है

दुःख ने उसे बदल दिया है, और अब वे संबंध की लाश के आसपास घूम रहे हैं क्योंकि दोनों में से किसी को भी यह स्वीकार करने का साहस नहीं है कि संबंध मृत हो चुका है।
Couple-about-to-Kiss

यह मेरी और उसकी कहानी है। मैं यह मानना चाहूँगा कि व्यक्तिगत रूप से हम दोनों श्रेष्ठ व्यक्ति हैं; मज़ाकिया, स्मार्ट और काफी नियमित। हम आठ वर्षों से साथ हैं। लेकिन एक महत्त्वपूर्ण अंश की कमी है; हम कभी कभार ही सेक्स करते हैं! हालांकि यह हमेशा से ऐसा नहीं था।

जब हमने डेटिंग करना शुरू किया था, सेक्स नियमित था। सेक्स जोशीला और साहसी था। फिर हमारा संबंध टूट गया, लेकिन अगले कुछ वर्षों तक अन्य लोगों के साथ डेटिंग करने के बाद, हम फिर से एक-दूसरे की ओर आकर्षित हो गए। हर बार जब हम मिलते, बात नग्न होने, पसीना बहाने और थक कर चूर होने पर खत्म होती थी। नहीं, मैं आपके दिमाग में कामुक चित्र उत्पन्न करने की कोशिश नहीं कर रहा हूँ। यह सिर्फ स्पष्ट करने के लिए था कि सेक्स शुरू में इतना अनियमित नहीं था।

मैं हमेशा उसके साथ लंबी अवधि तक रहना चाहता था और यद्यपि वह संबंध या उसके भविष्य के बारे में कभी सुनिश्चत नहीं थी, मेरे आग्रह पर वह मेरे साथ रहने आ गई। हमने आर्थिक रूप से संघर्ष किया और काफी समायोजन की आवश्यकता थी लेकिन हम खुश थे। इस चरण पर भी, सेक्स बहुत अच्छा था। फिर उसका परिवार शहर में रहने चला गया और वह उनके साथ रहने चली गई क्योंकि उसकी माँ बिमार थी। धीरे-धीरे मैं खुद उसके परिवार का एक हिस्सा बन गया। हमने कभी हमारे संबंध के बारे में स्पष्ट रूप से चर्चा नहीं की, लेकिन उसकी माँ एक समझदार स्त्री थी। वे मुझे पसंद करती थी और जानती थी कि उनकी आदर्शवादी और संरक्षित बेटी को संभालने के लिए मुझमें धैर्य और दृढ़ता थी। यहां तक कि, एक बार, उन्होंने मज़ाक-मज़ाक में हमें शादी करता हुआ देखने की इच्छा व्यक्त कर दी! इस चरण तक भी, सब छुपने छुपाने के साथ, सेक्स स्थिर था। और अच्छा भी। यह चरण एक वर्ष से थोड़ा ज़्यादा समय तक रहा।

ये भी पढ़े: क्या एक भावनात्मक अफेयर ‘चीटिंग’ है?

हालांकि, आखिरकार, उसकी माँ ने बिमारी के कारण दम तोड़ दिया। मेरी गर्लफ्रैंड का दिल टूट गया था। उसका बाकी का परिवार अपने गृहनगर वापस चला गया। एक महीने के शोक के बाद वह वापस आ गई। एक नई शुरूआत की उम्मीद के साथ हम एक नए घर में चले गए। जो घर उसे पसंद आया वह मेरे सामर्थ्य से बाहर था लेकिन हालात और उसकी भावनात्मक स्थिति को देखते हुए, मैंने वह लेने का फैसला किया। मैं बस चाहता था कि वह खुश रहे, भले ही उसके लिए मुझे तीन नौकरियां करनी पड़े। दिन हफ्तों में बदल गए और हफ्ते महीनों में। उसके परिवार में हर एक ने नए जीवन के साथ समायोजन करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। ऐसा नहीं था कि उसकी माँ को कभी भुलाया जा सकता था, लेकिन कुछ काम किए जाने थे। जीवन जीना था।

मेरी गर्लफ्रैंड अतीत में फंसी हुई थी। वह अल्पभाषी हो गई थी। लगभग हर बार जब मैं एक आलिंगन के लिए पास आता था, वह पीछे हट जाती थी, यह कहते हुए कि वह अब भी दुखी थी। इसी तरह से यह शुरू हुआ। अजीब बात यह है कि हालांकि जब वह अपने दोस्तों के साथ होती थी तो वह खुश प्रतीत होती थी। वह पार्टियां दिया करती थी और जन्मदिन आयोजित करती थी, लेकिन दोस्तों के आसपास होने पर मुझसे दूर रहने के लिए कहती थी। मुझे पता नहीं था कि क्या प्रतिक्रिया दूं। धीरे-धीरे उसका अवसाद मुझ तक सीमित रह गया। सेक्स तो दूर की बात है, सामान्य अंतरंगता का अस्तित्व भी ना के बराबर रह गया। मेरे लिए यह विशेष रूप से कठिन था क्योंकि मैं आलिंगन और चुंबन पसंद करने वाला पुरूष हूं। हम कई बार संबंध विच्छेद के बहुत नज़दीक आ गए थे। लेकिन मैं सुधार के प्रति आशावान था। मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा था।

ये भी पढ़े: वो अब शादीशुदा नहीं, मगर… आज़ाद है

एक दिन, जब वह रसोई में खड़ी थी, और मैंने उसे पीछे से गले लगाया, वह पीछे हट गई। सहजता से, मैंने उसे जाने दिया। एक साल तक संबंध इसी तरह यहां वहां झूलता रहा, किसी पुराने और दोहराए जाने वाले टीवी सीरियल की तरह, और अंततः कहर टूट पड़ा। सेक्स की कमी के बारे में एक चर्चा के बाद, जो बाद में पूर्ण विकसित तर्क में बदल गया, उसने कहा कि पहली बात तो यह कि उसे कभी भी सेक्स में रूचि थी ही नहीं और इतने वर्षों में, उसने झूठी रूचि इसलिए दिखाई क्योंकि मैं चाहता था या फिर उसे लगता था कि ये चीज़ें ऐसे ही की जाती हैं। उसे किसी भी प्रकार की अंतरंगता ना पसंद है ना उसे चाहिए। उसने कहा कि उसे लगता था कि सेक्स एक घरेलू काम है और मैं उससे केवल वही चाहता था। फिर मैंने उसे याद दिलाया कि किस तरह मैंने हर परिस्थिति में उसका साथ देने की कोशिश की यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर काम किया ताकि वह सहज हो। मैंने उसे बताया कि मैं समझ नहीं सकता कि उसका अवसाद तभी क्यों बाहर आता था जब मैं आसपास होता था। अगर वह खुश नहीं थी तो वह अब भी मेरे साथ क्यों थी? इसके बाद अधिक आरोप -प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहा।

sad-wife
Image Source

आज, हम अलग-अलग कमरों में रहते हैं, मुश्किल से एक-दूसरे से बात करते हैं और वहीं पर साथ में जाते हैं जहां साथ में दिखना अनिवार्य हो। प्यार, जुनून, रोमांच जा चुका है। वह दावा करती है कि यह कभी था ही नहीं। मुझे लगता है कि हमने इसे जीवन की भागदौड़ में खो दिया है। लेकिन तथ्य तो यही है कि हम संबंध की लाश के आसपास घूम रहे हैं क्योंकि दोनों में से किसी को भी यह स्वीकार करने का साहस नहीं है कि संबंध मृत हो चुका है।

ये भी पढ़े: जब एक गृहणी निकली प्यार की तलाश में

दुख को साथ में संभालने के विषय में विशेषज्ञ प्राची वैश कहती हैं

हम आमतौर पर सोचते हैं कि कुछ महीनों या सालों में हम उन लोगों की मौत को भूल कर आगे बढ़ सकते हैं जिनसे हम प्यार करते हैं, लेकिन कभी-कभी हम फंस जाते हैं। घर बदलना या ‘नई शुरूआत’ करना काम नहीं करता। साथ ही, कभी-कभी माँ जितने महत्त्वपूर्ण व्यक्ति को खोना पीछे छूट गए व्यक्ति में स्वयं जीवित रह जाने का अपराधबोध उभार देता है। दुःख के समय कभी-कभी हम अपने सबसे निकटतम व्यक्ति से दूर होने लगते हैं, क्योंकि उनके साथ होना हमें मृत्यु और क्षति से पहले के समय की याद दिलाता है – और अपराधबोध और तड़प की नई पीड़ा उत्पन्न करता है, जो विरोधी और दर्दनाक भावनाएं हैं। हम दोस्तों और अन्य कम करीबी लोगों में सांत्वना ढूंढते हैं।

“तुम ऐसा क्यों कर रहे हो?’’ पूछने की बजाय हम ‘‘तुम्हें किस चीज़ की ज़रूरत है?’’ ‘‘क्या मैं आज तुम्हारे लिए कुछ कर सकता हूँ?’’ पूछ सकते हैं। हालांकि जटिल दुःख कभी-कभी 5-10 साल तक भी चल सकता है! सबसे अच्छा विकल्प एक योग्य दुःख चिकित्सक या परामर्शदाता या ऑनलाइन सहायता समूह ढूंढना और एक पेशेवर सहायता प्राप्त करना होगा। यह केवल एक गांठ है जिसे सुलझाने की आवश्यकता है और संबंध ठीक हो सकता है – यकीन मानिये!

प्राची एस वैश एक लाइसेंस प्राप्त नैदानिक मनोवैज्ञानिक और वैवाहिक चिकित्सक हैं जो जोड़ों की समस्याओं और आघात से रोग निवृत्ति की विशेषज्ञ हैं। उन्होंने नैदानिक मनोविज्ञान में एम फिल किया है, भारत की पहली ऑनलाइन मनोवैज्ञानिक सेवाओं की प्रमुख हैं और कई प्रकाशनों के लिए नियमित रूप से विशेषज्ञ सलाहकार के रूप में लेखों का योगदान करती हैं।

जब बच्चों को छोड़ा तो पुरांना प्यार फिर से जागा

8 लोग बता रहे हैं कि उनका विवाह किस प्रकार बर्बाद हुआ

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No