Hindi

जब मैं विवाह में सुखी हूँ तो मैं किसी और से प्यार कैसे कर सकती हूँ?

क्या आपको तभी प्यार हो गया जब आप सोच रहे थे कि आप पूरी तरह से सुखी विवाहित जीवन जी रहे थे? क्या यह सच हो सकता है?
cheating

तो आपने प्यार के वर्जित फल को खा लिया, है ना? और अब यह आपकी आत्मा को खा रहा है। क्यों? क्योंकि प्रेम का फल शादी की दीवार के बाहर किसी पेड़ से आया था। आप, जो हमेशा अपने विवाह में स्थिरता के बारे में प्रशंसा किया करते थे; आप हमेशा अपने दुखी दोस्तों को एक मज़बूत कंधा प्रदान करते थे, जब वे विवाहेतर संबंधों में रंगे हाथों पकड़े गए थे। और अब अचानक यह व्यक्ति आपके जीवन का केंद्र प्रतीत होता है। तो क्या यह प्यार है? या इनफेचुएशन है? या विशुद्ध वासना है?

निश्चित रूप से किसी ने आपको सम्मोहित कर लिया है। नहीं तो विवाह में सुखी होने के बावजूद आपको किसी और के प्रति भावनाएं क्यों होती? या, आप सिर्फ इस भ्रम में थे कि आप सुखी थे। या फिर आप एक मदहोश मनःस्थिति में तैर रहे हैं और उसके साथ आने वाली मोहकता को छोड़ने से इन्कार कर रहे हैं। शायद आप सिर्फ ऊब गए हैं।

क्या यह वाकई सच्चा प्यार है या बस इन्फेचुएशन है?

तो, इससे पहले की आप अपने बाल खोने लगें, अनिद्रा से पीड़ित हो जाएं, या अपनी डायरी के उन सुंदर पन्नों को भर दें, स्वयं से दो बहुत ही सरल प्रश्न पूछें। सबसे पहले, आपने उस व्यक्ति से शादी की ही क्यों जो अब आपका साथी है? दूसरा, क्या आप वास्तव में सुखी हैं? (हम ‘प्यार क्या है’ सवाल महान युनानी दार्शनिकों के लिए छोड़ रहे हैं)। सबसे ज़्यादा संभावना है कि आप यह अंतर करने में सक्षम होंगे कि यह प्यार है या सिर्फ एड्रोलाइन रश है जो आपको आनंद दे रहा है। और आनंदः वह कभी भी वैध नहीं होता है, है ना?

क्या यह आपके माता-पिता के फैसले के कारण था या अकेले रह जाने का डर था, क्या यह शादी से पहले का प्यार था या बस अपने वंश को बढ़ाने के लिए एक तर्कसंगत निर्णय था? कारण चाहे जो भी हो, लेकिन प्यार हमेशा आपको और आपके साथी को करीब लाने का रास्ता ढूंढ ही लेता है। यह आपके ऊपर है कि उस प्यार को संजोएं और उसे कभी जाने ना दें। हो सकता है कि आप दोनों एक दूसरे से तुरंत प्यार ना कर बैठ हों, लेकिन आपने धीरे-धीरे प्यार तक का रास्ता ज़रूर तय किया होगा। फिर क्या हुआ? आपने बीच राह में एक दूसरे से प्यार करना क्यों बंद कर दिया?

दूसरे प्रश्न पर आते हुए, आपके साथी के साथ आपके रिश्ते का समीकरण बिल्कुल ठीक है। समझ और संगतता का आपका स्तर त्रुटिहीन है। जब कुछ करने की बात आती है तब आप लगभग एक-दूसरे के दिमाग को पढ़ सकते हैं। वह एक अत्यधिक स्नेह करने वाला पिता है, आप एक समर्पित पत्नी और एक माँ हैं। आप एक आदर्श जोड़ा हैं। आपके पास हर वह चीज़ है जो एक सामान्य, विवाहित जोड़े के पास होती है – एक स्थिर आय, एक घर, बचत, बच्चे और अच्छी सामाजिक स्थिति। लेकिन एक लंबे दिन के बाद जब आप सोते हैं, तो आप भीतर एक खालीपन महसूस करते हैं। एक झटके के साथ आप महसूस करते हैं, कि आप इन सभी एैशोआराम के बावजूद खुश नहीं हैं।

इन दो प्रश्नों के उत्तर, उन कई कारणों में से दो कारण हैं जिनकी वजह से आप विवाहित होने के बावजूद किसी के प्रति भावनाएं रखने लगते हैं।

8 कारण कि लोग शादी के बाहर किसी से प्यार कर बैठते हैं

  1. क्योंकि यह प्राकृतिक हैः मानव के रूप में कभी-कभी हम उतने ही कमज़ोर और अपूर्ण होते हैं जितनी की वह शादी जिसमें हम बंधे हैं। और क्या विवाहित होने के बावजूद किसी के प्रति भावनाएं रखना एक पाप है? नहीं, यह सिर्फ एक मानवीय दोष है। आपको प्यार होता रहता है और खत्म भी होता रहता है। आज आपको किसी और के प्रति फीलिंग्स हैं; कल को हो सकता है आप अपराधबोध महसूस करने लगें और फिर से अपने विवाहित साथी के साथ प्यार कर बैठें। बिल्कुल ज्वार भाटे के चढ़ने उतरने की तरह।

    Woman feel guilty
    Image source
  2. आपको लगता है कि आप गलत व्यक्ति के साथ फंस गए हैं: आप 25 साल के थे। आप उस डिग्री को पूरा कर सकते थे और फिर शादी का विकल्प चुन सकते थे। लेकिन आपने स्वयं को एक जीवन नामक खेल में डालने का फैसला किया, क्योंकि यही वह तरीका था जिससे आप अपने दोस्तों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते थे। आप 25 साल के थे, इतनी जल्दी क्या थी? अगर आप इतने मज़बूत होते कि आप अपने प्यार के लिए खड़े होते, तो आप यह शादी करते ही नहीं। कभी-ना-कभी ‘काश ऐसा होता’ आपके मन में मंडराने लगता है। और आप महसूस करने लगते हैं कि एक गलत निर्णय के कारण आप गलत व्यक्ति के साथ फंस गए हैं। और आप अपनी शादी के बाहर, सही व्यक्ति की तलाश करना शुरू कर देते हैं।
  3. आप अदृश्य महसूस करने लगते हैं: एक तरफ आपका साथी है जिसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने भी सरप्राइज़, प्यार का इकरार, विशेष व्यंजन और उनकी ज़रूरत पूरी करने के लिए छोटे प्रयास कर लें, वे कभी आपको ‘नोटिस’ नहीं करते। और इससे भी बुरा, वे आपकी सराहना करने में विफल रहते हैं। आप फर्नीचर के एक हिस्से की तरह महसूस करने लगते हैं। वांछित, नोटिस्ड, सराहना किए जाने और परवाह किए जाने की ज़रूरत आपको विवाहित होने के बावजूद किसी और के प्रति भावनाएं विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं।
  4. शादी में से ‘सुख’ चला जाता हैः अपने साथी के अलावा किसी और के साथ प्यार में पड़ने के सबसे आम कारणों में से एक यह है कि विवाह एक सुस्त कोर्टरूम की तरह बन जाता है। शादी के सालों बाद आपको अहसास होता है कि सुख ने आपको गुप्त रूप से छोड़ दिया है। एक साथ होना कोई आनंद नहीं है, केवल कर्तव्यों का पालन करने और बच्चों, परिवार और नौकरी की देखभाल करने का एक अनंत मार्च है। इसलिए, आपको किसी ऐसे व्यक्ति से प्यार होने लगता है जो आपको जीवित महसूस करवाता है। यह एक मासूम दोस्ती के रूप में शुरू हो सकता है, लेकिन इससे पहले की आप जान पाएं, चीज़ें गहराई और अंतरंगता में बदलने लगती हैं।
  5. प्रारंभिक उत्तेजना वाले दिनों की यादः आपका कुछ हिस्सा अतीत की सुनहरी यादों में फंसा हुआ रहता है। आपको प्यार और कोर्टशिप के शुरूआती दिनों के एड्रोलाइन और रोमांच की कमी खलती है। लेकिन आपकी शादी में अब वैसा कुछ नहीं हो सकता है, आप वह चरण जी चुके हैं। तो आप वह रोमांच अपने विवाह के बाहर किसी व्यक्ति के साथ ढूंढने लगते हैं।
  6. सच्चा प्यार कभी था ही नहीं: यह भ्रम तोड़ने का समय है। जिसे आप प्यार समझते थे वो दरअसल वासना, जुनून, गर्मी और उत्तेजना का संयोजन था। कोई वास्तविक भावनात्मक संपर्क कभी था ही नहीं। तो जब आपके विवाह से वे परतें निकलने लगीं, तो आपकी शादी पर से भी आपका विश्वास उठने लगा और आप बस प्यार की कमी को इसका दोषी ठहरा सकते हैं।

    woman hugging man
    Image source
  7. बोरियत आने लगती हैः जब एक शादी नियमित रूप से काम करती है, तो बोरियत अपना रास्ता ढूंढने लगती है। यह ‘वही चीज़ें’ हैं जो आप दोनों बिना चूके करते हैं, और आपको महसूस होने लगता है कि कोई उत्साह, कोई रोमांच नहीं बचा है। आप दोनों एक दूसरे के साथ और अपनी बोरियत भरी विवाहित ज़िंदगी के साथ बहुत सहज हो जाते हैं। यह आपको शादी के बाहर कुछ ढूंढने, बोरियत से लड़ने और कुछ नया पाने के लिए प्रेरित कर सकता है। और चूंकि आप ऊब चुके हैं, तो आप मूर्खतापूर्ण जोखिम उठाने से भी नहीं डरते हैं।
  8. आप भावनात्मक रूप से कमज़ोर हैं: हममें से कईयों को जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और ये चुनौतियां कभी-कभी हमें भावनात्मक रूप से कमज़ोर बना देती हैं। भावनात्मक रूप से कमज़ोर लोगों की नाजु़क नींव पर आशा बांधने की ज़्यादा उम्मीद होती है। वे अपने जीवन के साथ भी वैसा ही जोखिम उठाने के लिए तैयार रहते हैं। हालांकि, फिर भी एक संभावना है कि आपको अपने विवाह के बाहर सच्चा प्यार मिल जाए। और अगर आप सुनिश्चित हैं कि यही प्यार है, तो शायद आप आगे भी बढ़ जाएं। अगर आप वास्तव में किसी से प्यार करते हैं और वे भी आपको प्यार करते हैं, और आप दोनों एक साथ भविष्य देखते हैं, तो आगे बढ़ें। बस इसमें शामिल सभी लोगों की भावनाओं को खतरे में डालकर और उन्हें चोट पहुंचा कर ऐसे ही ना बैठे रहें। और अगर आप इसे आगे ले जाने का फैसला करते हैं, तो सुनिश्चित कीजिए कि सौदा पक्का हो।

रिश्ते गुदगुदाते हैं, रिश्ते रुलाते हैं. रिश्तों की तहों को खोलना है तो यहाँ क्लिक करें

विवाहित होने के बावजूद किसी और के प्यार में पड़ने के बाद क्या करें?

आपको या तो आगे बढ़ना होगा या पीछे लौटना होगा।

1. परिणामों पर विचार करें

विवाह एक महत्त्वपूर्ण प्रतिबद्धता है। यह दो लोगों का मिलन है। कोई भी निर्णय लेने से पहले, आप अपने साथी और आपके जीवन से जुड़े सभी लोगों के जीवन पर इसके प्रभावों पर विचार करना चाहेंगे। क्या आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि जिस व्यक्ति से आप प्यार करते हैं वह अपने प्यार की ज़िम्मेदारी लेने के लिए तैयार है? आपके इस कदम का आपके बच्चों के भविष्य पर क्या असर होगा?

जब शादी की बात आती है, तो प्यार ही एकमात्र महत्त्वपूर्ण कारक नहीं होता। आपको कुछ कठिन विकल्प भी चुनने होते हैं, भले ही वे आपको खुश करें या नहीं।

Lady showing stop sign
Image source

2. स्वयं को क्षमा करें

किसी और के लिए भावनाएं विकसित हो जाने के बाद आप उन्हें बदल नहीं सकते हैं। लेकिन आप निश्चित रूप से खुद को माफ कर सकते हैं और अपराधबोध से मुक्ति पा सकते हैं। अगर आप अपनी शादी को सफल बनाना चाहते हैं, तो आपको अपनी भावनाओं पर क्लोज़र लगाना होगा, खुद को माफ करना होगा और आगे बढ़ना होगा।

याद रखिए, हम सभी अपूर्ण और कमज़ोर हैं।

3. कृतज्ञता का एक दृष्टिकोण बनाएं

क्या आपको कभी अहसास हुआ है कि आपके द्वारा खोई हुई चीज़ों के बारे में सोचने की बजाए आपको जो मिला है आप उसके प्रति आभारी हो सकते हैं? एक बार ऐसा करने का प्रयास करें और आप पाएंगे कि आप बहुत भाग्यशाली व्यक्ति हैं।

4. प्यार देने के बारे में भी है

प्यार हमेशा प्यार प्राप्त करने या प्यार किए जाने के बारे में ही नहीं होता। असली और सच्चा प्यार, प्यार करने और प्यार बांटने में है। जब आप अपने इस प्रीकंडीशन्ड माइंडसेट से बाहर निकल आएंगे कि आपको प्यार, देखभाल और सम्मान महसूस करवाने का कर्तव्य आपके साथी का है, तब आपको पता चलेगा कि प्यार की अवधारणा के बारे में आप कितने ज़्यादा गुमराह थे।

और जब आप अपने विवाहित साथी को और ज़्यादा प्यार देने लगेंगे तो आप प्यार प्राप्त भी करने लगेंगे। अब बाहरी लोगों के लिए खिड़की खोलने की ज़रूरत नहीं है।

मनुष्य के रूप में हमारी भावनाओं पर हमेशा हमारा नियंत्रण नहीं रहता है और इस बात पर भी नियंत्रण नहीं रहता है कि हम किस से प्यार कर बैठेंगे। यह जानना और भी ज़्यादा ज़रूरी है कि हमने प्यार के लिए सही व्यक्ति चुना है या नहीं। पूरी तरह हमारे दिल की बात सुनने पर कभी कुछ अच्छा हासिल नहीं हुआ है। तो अगर आपको विवाहित होने के बावजूद किसी और से प्यार हो जाए, तो यह सुनिश्चित करने की कोशिश कीजिए कि क्या आप वास्तव में यही चाहते हैं। और फिर दिल और दिमाग दोनों की बात सुनकर निर्णय लें।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No