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जब मेरे पति ‘मूड’ में होते हैं

एक अरेंज मैरिज के पूरा होने की कहानी
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एक वर्ष पहले मेरी अरेंज मैरिज हुई। मैं दिल्ली से हूँ, जबकि मेरे पति मुंबई में रहते हैं। शादी से पहले मेरा कभी कोई बॉयफ्रेंड नहीं रहा था और मुझे रिश्तों की जटिलताओं के बारे में कुछ भी नहीं पता था, इसलिए शुरूआत में मुझे अपने पति के साथ रहने के लिए एडजस्ट होना बहुत मुश्किल लगा।

मुझे अपने पति से प्यार होने में और, हमारी शादी को पूरा होने में ढाई महीने लग गए। कई बार ऐसा हुआ कि हम हल्के स्पर्श से शुरूआत करते हुए अंतिम चीज़ की ओर आगे बढ़े लेकिन मैं आखरी वक्त पर पीछे हट गई क्योंकि मुझे शर्म आती थी और अजीब लगता था।

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चाहते तो मेरे पति चिढ़ सकते थे और गुस्सा हो सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बल्कि हुआ इसका विपरीत था। वह मेरे प्रति बहुत उदार और सहयोगी थे।

यहां तक की, उन्होंने मुझे उनके मोबाईल में पोर्न वीडियोज़ दिखाकर मेरे अंदर भावनाएं जगाने की भी कोशिश की लेकिन मुझपर कुछ असर नहीं हुआ। अंत में, उन्होंने हार मान ली और कहा कि हम तब ही करेंगे जब मैं पूरी तरह से तैयार हो जाऊंगी।

मैं जानती हूँ कि रोमांस और सेक्स किसी भी विवाह का अटूट अंग है, लेकिन मुझे उन्हें अपने जीवन में स्वीकार करने में थोड़ा समय लगा। और जब अंत में मैंने अपने बंधनों को तोड़ा, मुझे जादू जैसा लगा! मैं अपनी पहली बार के दौरान ज़्यादा ही उत्साहित थी और वह अनुभव ठीक वैसा ही था जैसी मुझे उम्मीद थी बल्कि उससे भी बेहतर! हमने पिछले साल करवा चौथ में अपना विवाह पूर्ण किया।

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मुझे कैसा लगता है जब मेरे पति रोमांटिक होते हैं? मुझे बहुत प्यारा लगता है। मैं ध्यान नहीं देने का नाटक करती हूँ क्योंकि मुझे मज़ा आता है जब वो मेरा ध्यान पाने की कोशिश करते हैं और मैं चाहती हूँ कि यह चीज़ थोड़ी देर तक चले। मैं उनकी आँखों में सीधे नहीं देखती क्योंकि वे बहुत गहरी हैं! जब चीज़ें आगे बढ़ती हैं, मैं अपने बालों या चीज़ों के साथ खेलना शुरू कर देती हूँ, केवल उन्हें थोड़ा छेड़ने के लिए।

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फिर वे हाथ या पैर की उंगलियों से छूकर मेरा ध्यान पाने की कोशिश करते हैं। और तब मैं उनकी आँखों में देखने के लिए मजबूर हो जाती हूँ और उनकी आँखें बहुत कुछ बोलती हैं! मैं शर्माती हूँ या मुस्कुरा पड़ती हूँ।

जब भी हम आँखों में आँखे डालते हैं, आमतौर पर मैं ही पहले नज़रे हटाती हूँ, क्योंकि थोड़ी देर बाद मुझे शर्म आने लगती है। उनकी आँखों की गहराई मेरे प्रति उनके प्यार के बारे में काफी कुछ कहती है। मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती कि मैं कैसा महसूस करती हूँ। मुझे लगता है कि कोई भी पत्नी नहीं बता सकती कि अपने पति के रामांटिक मूड के दौरान वह कैसा महसूस करती है। बोलने से ज्यादा बेहतर उनका अनुभव करना होता है।

मैं कभी भी पहला कदम नहीं उठाती। शायद मैं भविष्य में ऐसा करूँ लेकिन अब तब मैंने कभी पहला कदम नहीं उठाया और हाँ, जब वह ऐसा करते हैं तो मुझे अच्छा लगता है।

ऐसा नहीं है कि मैं बिल्कुल भी रोमांटिक महसूस नहीं करती, ऐसा बिल्कुल नहीं है! मैं रोमांटिक महसूस करती हूँ, लेकिन मैं अपने पति के सामने अपनी रोमांटिक भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाती हूँ, शायद मेरी शर्म की वजह से।

अगर मैं रोमांटिक महसूस करती हूँ तो मैं उन्हें शालीनता से जतलाती हूँ कि मैं कैसा महसूस कर रही हूँ। कभी कभी मैं केवल उनके कंधे पर अपना सर रख देती हूँ या केवल उनका हाथ थाम लेती हूँ। कभी कभी मैं उनके पैरों पर अपने पैरों की उंगलियाँ फिरा कर उन्हें परेशान करती हूँ। लेकिन मैं उससे आगे नहीं बढ़ती। मैं घबरा जाती हूँ और मुझे डर लगता है।

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मुझे बहुत अच्छा लगता है जब मेरे पति रोमांटिक होते हैं। ये ही ऐसे पल हैं जो वैवाहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं। एक पत्नी के तौर पर, मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे ऐसा पति मिला है जो रोमांटिक है और मुझसे अपने प्यार का इज़हार करते समय दुनिया की परवाह नहीं करता।

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वे पल जब मेरे पति रोमांटिक हो रहे होते हैं, मुझे पिघला देते हैं। मैं अक्सर खुद को उन्हें सौंप देती हूँ। मैं हमेशा उनके इरादों पर ध्यान देती हूँ। कभी-कभी वह ‘मूड’ में होते हैं, कभी-कभी वह सिर्फ कुछ पलों के लिए मेरा ध्यान पाने की कोशिश करते हैं। मैं कभी उन्हें अनदेखा नहीं करती, क्योंकि यही वे पल हैं जिसमें हम ‘हम दोनों’ से सिवा बाकी सबकुछ भूल जाते हैं। चाहे मैं थकी हुई हूँ या फिर मूड में नहीं हूँ, मैं कभी भी उन्हें या उनके प्यारभरे ईशारों को नज़रअंदाज़ नहीं करती हूँ। मैं उन्हें धीरे से बताती हूँ कि मैं कैसा महसूस कर रही हूँ। मैं उनका हाथ पकड़ती हूँ और उनकी आँखों में देखती हूँ। कई बार मैं वक्त को रोक देना चाहती हूँ क्योंकि मैं चाहती हूँ कि वे पल हमेशा बने रहें।

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