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जब मेरे पति ने अपनी मुस्कुराहट खो दी

अचानक बेल्स पाल्सी ने ईशा के पति पर वार किया। यह कहानी बताती है कि कैसे वे दोनों पक्षाघात की स्थिति से लड़े और उसकी मुस्कान वापस लाए...

मैं कुछ यादों के दराज खोलती हूँ जिन्हें मैंने अपने दिमाग के कोनों में अच्छी तरह से टिकाया हुआ है और मुझे 2011 दिखता है। हम ढाई सालों से शादीशुदा थे। मुझे रचित की दूर से आती आवाज़ सुनाई देती हैः

“मैंने पानी के साथ अपने मुँह में कुल्ला करने की कोशिश की लेकिन यह सब बाहर आ गया।”

“सच में?”

उसने जवाब नहीं दिया।

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जैसे ही मैं बिस्तर पर लेटी, मैंने अपनी अधखुली आँखों ने देखा कि वह काम पर जाने के लिए पहनने के लिए कपड़े ढूंढ रहा था। जो चीज़ हमें अधिकांश विवाहित जोड़ों से अलग करती थी वह थी मेरे पति की अलमारी का मेरी तुलना में बड़ा होना। अंत में, उसने कुछ पहना और दरवाजे से बाहर चला गया।

मेरे लिए आगे का दिन व्यस्त था। मुझे युनिवर्सिटी में छात्रों को व्याख्यान देना था, उनके असाइनमेंट्स को सही करना था, कुछ पढ़ना था, लिखना था, एडिट करना था और सोशल मीडिया पर नए अवसरों की खोज करनी थी।

शाम 7 बजे रचित घर आया। मैंने ‘हाय’ कहने के लिए कंप्यूटर स्क्रीन से अपनी आँखें हटाईं। उसने बाथरूम में प्रवेश किया। कुछ मिनट बाद वह मेरे पीछे खड़ा हुआ और कहा, “मैंने माउथवॉश से अपने मुँह में कुल्ला करने की कोशिश की और यह सब बाहर निकल गया।” मैं उसके सामने आ गई। “सच में, ऐसा हुआ,” उसने कहा। मैं अवाक थी। उसके चेहरे का दांयी ओर का आधा भाग हिल नहीं रहा था। मेरे दिमाग में दो शब्द आए, ‘बेल्स पाल्सी’।

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wife talking
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स्वास्थ्य को कवर करने वाली एक पत्रकार होने का फायदा यह है कि आपको बहुत से ऐसे शब्दों की जानकारी होती है जिन्हें सामान्य लोग नहीं जानते। 2004 में, मैं एक लोकप्रिय वीजे-गायक, रागेश्वरी से मिली थी, जो 2000-01 में इस स्थिति से पीड़ित थी। उसके चेहरे के बाईं तरफ लकवा हो गया था और उसे अपनी आवाज और उसकी चेहरे की माँसपेशियों के कार्य को ठीक करने के लिए डेढ़ साल लगा था। जब मैंने रचित को देखा, तो मुझे पता था कि उसे क्या हुआ था। मैंने उससे तुरंत डॉक्टर से मिलने का आग्रह किया। एक बार के लिए, मैं गलत साबित होना चाहती थी। मैं गलत नहीं थी।

अगले 9 महीनों के लिए चिकित्सकों, न्यूरोलॉजिस्ट और फिजियोथेरेपिस्टों का दौरा किया गया। कोई कारण नहीं जानता था। यह वायरल हो सकता है या कान के अंदर हवा के दबाव में बदलाव के कारण यह हो सकता है जब उसने मनाली में पैराग्लाइडिंग की थी। उन्होंने स्टेरॉयड, इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन और व्यायाम के रूप में आशा जताई।

मुझे सिखाया गया था कि मैं अपने अंगूठे के साथ उन माँसपेशियों की मालिश कैसे करूँ। जब मेरा अंगूठे मेरे पति के चेहरे की ट्राइगेमिनल तंत्रिका के बिंदुओं के साथ सर्कल में घूमता था, पहले होंठ के साथ, फिर गाल, और आखिरकार आँखों के पास, तब मैं अपने दर्द को दबाने की कोशिश करती थी। रचित मुझे खुश करने की कोशिश करता थाः “मैं अभी से ही थोड़ा अंतर महसूस कर सकता हूँ।” मैंने अपने दिमाग में रेंग रहे हर दूसरे विचार को खत्म करते हुए, अपनी अंगुलियों और उसकी माँसपेशियों पर बहुत फोकस किया।

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प्रारंभ में, जब रचित काम पर गया, तो उसके कर्मचारी और ग्राहक उससे बात करते हुए उसके चेहरे को देखने से बचते थे। स्टेरॉयड ने उसे निद्रालु बना दिया। उसका वजन बहुत बढ़ गया और उसके बहुत से बाल झड़ गए।। मेरा एथलेटिक पति फूला हुआ और मटके जैसे पेट वाला हो गया। वह अपने मुँह के केवल एक तरफ से भोजन चबा सकता था।

जहाँ भी हम गए, चिकित्सक उसे मुस्कुराने के लिए कहते। रचित खिसिया जाता। मैं कहीं और देखती। मुझे इससे नफ़रत थी! उन्होंने व्यायाम के हिस्से के रूप में, उससे और अधिक मुस्कराने के लिए कहा। जब हम किसी गेट-टुगेदर में लोगों से मिलते, तो वे कहते कि उसका वजन कितना बढ़ गया था। हम सामाजिक रूप से जागरूक हो गए, मैं उससे ज्यादा, क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि हम इस तरह से फोटो खिंचवाएँ। उसकी मुस्कुराहट ही वह चीज थी जो मेरे लिए सबसे अधिक मूल्यवान थी और यह आसानी से वापस नहीं आ रही थी।

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पक्षाघात का इलाज करने में समस्या यह है कि आपको पता नहीं होता कि आप फिर से ठीक हो जाएँगे या और बिगड़ जाएँगे। हम कोशिश करते रहे और धीरे-धीरे चीजों में सुधार होना शुरू हो गया। उसने छह महीने के लिए इलेक्ट्रिकल स्टिमुलेशन ली। मैंने प्रतिदिन कम से कम तीन बार उसके चेहरे की माँसपेशियों की मालिश की। हमने फिजियोथेरेपी सत्रों को हम दोनों की दिनचर्या में एकीकृत किया। अपने निचले जबड़े और होंठ पर नियंत्रण पाने में उसे चार महीने लग गए। उसने अपने भोजन को चबाने के लिए अपने मुँह के दोनों किनारों का उपयोग करना शुरू कर दिया। फिर, धीरे-धीरे, मोमबत्तियों को बुझाने की कोशिश करते हुए उसके दाहिने गाल की माँसपेशियों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया, फिर नाक के आस-पास का क्षेत्र ताकि वह अपनी नाक और आखिरकार भौहों और पलकों को सिकोड़ सके।

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एक साल के बाद ही वह मुझे फिर से चुंबन देने के लिए अपने होंठ पास लाने में सक्षम हो सकेगा। वह चुंबन अजीब था लेकिन अच्छा था, जब हमने पहली बार किस किया था उससे मिलता जुलता ही। कैमरे के लिए स्माइल रेडी होने के लिए उसे लगभग डेढ़ साल लगेगा।

हमारी शादी के इन ढाई सालों में ही इसका सामना करने पर हम एक टीम के रूप में मजबूत बन गए। मैंने उन छोटी चीजों को महत्त्व देना सीखा है जो रचित को खुश करती हैं – उसके साथियों के साथ टेनिस खेलना, दीवारों और छत से रबड़ की गेंदों को उछालना (हालांकि यह इरिटेटिंग है), जोर से गाना, ड्राइविंग और समानांतर पार्किंग कौशल दिखाना (हालांकि मुझे ड्राइविंग से नफरत है), दि इकोनोमिस्ट से लेख पढ़ना और चर्चा करना और नए व्यवसाय करने की बात करना। उसके चेहरे पर वह मुस्कुराहट अमूल्य है जिसे वापस पाने के लिए हम दोनों लड़े!

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