जब मेरी पत्नी ने मुझे धोखा दिया, मैंने ज़्यादा प्यार जताने का फैसला किया

Saheli Mitra
Couple-Hugging

(जैसा की सहेली मित्रा को बताया गया)

(पहचान सुरक्षित रखने के लिए नाम बदल दिए गए हैं)

जब मैं मिली से पहली बार मिला तब हम कॉलेज के सेकेंड ईयर में थे। उसने डेसडेमोना का किरदार निभाया था जो अपने शक्की पति ओथेलो द्वारा मार दी गई असाधारण सुंदरी थी। उसने हमारे कॉलेज फेस्ट के दौरान उस चरित्र को परफेक्ट आकार दिया। मुझे नहीं पता था कि लगभग दो दशकों बाद वही मुझे संदेह के शिखर तक पहुँचाएगी।

ये भी पढ़े: तीन पुरूषों से प्यार करने पर क्या मैं अनैतिक हूँ

मुझे उसकी सच्चाई से प्यार था

मिली जादवपुर विश्वविद्यालय में साहित्य की डिग्री हासिल कर रही थी, जबकि मैं ईंजीनियरिंगकर रहा था। मैं केवल उसकी सुंदरता से ही नहीं बल्कि उसके इंफेक्शियस व्यक्तित्व से भी आकर्षित था। हम अपने कॉमन मित्रों द्वारा जितना अधिक एक दूसरे को जानने लगे, उतना अधिक मुझे महसूस हुआ कि वह ऐसी लड़की है जो अपने मन की बात स्पष्ट रूप से कह देती है और कभी अपनी भावनाओं या ज़ज्बातों को छुपाने की कोशिश नहीं करती। मैंने अपने आप से कहा कि जो लड़की इतनी फ्रैंक है वह एक बहुत अच्छी और सच्ची जीवन साथी बनेगी। मैं उसके विचार सुनने के लिए तैयार रहता था और उसके विचारों और सच्चाई का सम्मान करता था।

फिर क्यों मिली ने उस आदमी के साथ अपने रिश्ते को छुपाया जिससे वह हमारी शादी के लगभग दस साल बाद एक ट्रिप पर मिली थी? मेरे पास कोई उत्तर नहीं है। क्या वह इसलिए था क्योंकि वह मेरे साथ विवाहित होने के बावजूद इस आदमी के साथ सोने के लिए कहीं ना कहीं खुद को दोषी मान रही थी? या फिर उसे लगता था कि वह किसके साथ सो रही है इससे उसके पति का कोई लेना-देना नहीं है बल्कि यह उसकी आज़ादी का विषय था? उसे जो भी लगा हो, उसने मुझे धोखा दिया।

हम छुट्टियाँ मनाते थे, हमारा सेक्स जीवन बेहतरीन था, हम साथ में हँसी मज़ाक करते थे, हमारी जल्द ही परिवार शुरू करने की योजना थी, फिर भी मेरे पास यह मान लेने का कोई कारण नहीं था कि वह इसी बीच एक दूसरे आदमी से भी मिल रही थी।

ये भी पढ़े: पुरूष महिलाओं से क्या चाहते हैं

मुझे अचानक सच का पता लगा

जब मुझे मेरी आधिकारिक यात्रा से लौटने के बाद, हमारी अलमारी में कार्ड, लेटर, यहाँ तक कि तोहफे में दिए गए अंतर्वस्त्र अचानक मिले, तब मिली घर पर नहीं थी। वह दोस्तों के साथ बाहर गई हुई थी; कम से कम मुझे तो उसने ऐसा ही बताया था। मैं अमेरिका में एक असाइन्मेंट खत्म करके लगभग दो महीने बाद लौटा था। मेरा वॉलेट रखते समय मेरा हाथ उस पैकेट पर पड़ गया। आज भी मुझे पछतावा होता है। काश कि वह मेरे हाथ लगा ही नहीं होता। मेरा पूरा काल्पनिक संसार एक झटके में टूट गया। मैं यह नहीं कहूंगा कि उसके किसी दूसरे मर्द के साथ शारीरिक संबंध होने पर मेरे मेल ईगो को चोट पहुंची थी। मुझे ज़्यादा दर्द इस बात का था कि वह ना तो मुझे बता सकती थी ना ही मुझे छोड़ सकती थी। यह मानना कि मेरी मिली अब सच्ची नहीं थी, अपने आप में एक झटका था। वह स्पष्टता और सच्चाई जिसने मुझे सबसे पहले आकर्षित किया था वह आज सिर्फ एक मज़ाक था।

रिश्ते बनाना मुश्किल है, उन्हें बनाए रखना और भी मुश्किल

सामान्य बर्ताव करते हुए इससे निपटना एक कठिन कार्य था। क्या मुझे उसे यह बताना चाहिए या ऐसे ही चलने देना चाहिए? मैंने बाद वाला चुना। मैं उसे जाने नहीं दे सकता था और ना ही दुनिया को बता सकता था कि मेरी पत्नी ने दूसरे मर्द के लिए मुझे छोड़ दिया। इससे मेरे स्वाभिमान को चोट पहुँचती थी। चुनिंदा दोस्त जिनसे मैंने इस बारे में बात की, उन्हें लगा कि दो पुरूषों से प्यार करना और दोंनो के साथ शारीरिक संबंध रखना एक अपराध है। मैं व्यभिचार के आरोपों पर आसानी से विवाह समाप्त कर सकता था, मेरे पास पर्याप्त सबूत थे। हमारे बच्चे भी नहीं थे, तो गिल्टी महसूस करने का भी कोई कारण नहीं था।

ये भी पढ़े: एक हमेशा खुश रहने वाला विवाहेतर संबंध?

प्यार को एक मौका मिलना चाहिए

फिर भी, मैं इसे एक मौका देना चाहता था। प्यार छीन कर या ज़बरदस्ती हासिल नहीं किया जा सकता। किसी बंधन रहित प्रवाह की तरह, समय आने पर यह किसी को छू जाता है। मैंने अपनी दूसरी पारी में कुछ नया करने का निर्णय किया। स्व-मूल्यांकन की एक यात्रा प्रारंभ करने का। मैंने महसूस किया कि इन सालों में हमारे बीच अनजाने में एक गहरा शून्य विकसित हो गया था। मैं प्रोजेक्ट्स पर काम करते हुए महीनों तक घर से दूर रहता था, दिन में लगभग 12 घंटे काम करते हुए। मैं कभी कभार ही उसकी लिखी कविताएँ पढ़ता था, ना ही मैं उससे उसकी रचनात्मक वर्कशॉप के बारे में पूछता था।

ये भी पढ़े: मैं अपनी पत्नी से प्रेम करता हूँ क्योंकि वह भिन्न है

मैंने अपनी शादी को हल्के में लिया था, समय की कमी के कारण कभी उसे विकसित होने का अवसर नहीं दिया। मिली को यह हिंट देने के बजाय, कि मुझे उसके अफेयर के बारे में पता है, मैंने घर पर ज़्यादा समय बिताना शुरू कर दिया।

कई बार, वह घबरा जाया करती थी क्योंकि मेरे बाहर होने पर घंटों तक फोन कॉल्स आया करते थे। मुझे महसूस हुआ कि ये फोन वही दुसरा आदमी किया करता था। धीरे-धीरे उसने फोन को अनदेखा करना शुरू कर दिया। मैंने गोल्फ खेलना बंद कर दिया और उसकी बजाय उसे बाहर ब्रेकफास्ट पर ले जाने लगा और उसके सभी रचनात्मक कार्यों को पेशेन्स के साथ सुनने लगा।

और फिर एक दिन, मिली बिखर गई। उसने बताया कि उसने मुझे धोखा दिया है। लेकिन वह उस आदमी से प्यार नहीं करती थी। यह सिर्फ शारीरिक संतुष्टी के लिए था। मैंने उसे बाँहों में भर लिया और कहाः ‘‘मैं सबकुछ जानता था”

तीन पुरूषों से प्यार करने पर क्या मैं अनैतिक हूँ

मेरी पत्नी के सपने

You May Also Like

15 comments

Dilip May 13, 2018 - 12:18 pm

Sacvhe pyar se janvar bhi vas me hote hay tab ham to insan hay aap kisi ko saccha pyar karte ho to dhokha dene vala sathi ki aatma use khud ko chen se nahi rahne degi. Uski aatma hi usko itni saja degi ki vo sahan nahi kar payegi. Fir aekdin vo sab batane ko majbur ho jayegi.

Dipti May 5, 2018 - 1:31 pm

I m agree with u … archana

Monesh borkar May 3, 2018 - 2:06 pm

प्यार दुनिया बदल सकता है तो सोच क्या चीज है।
ये कहानी सच हो सकती है नही।
बल्कि सच ही है।
क्योकि किसी के सपनो में भी वो सचाई नही, जो उस लड़के ने अपने प्यार को पाने में दिखाया।

और जो किसी न किसी से प्यार करता है । वही इन भावनाओ को समझ सकता है।
कोई और नही।

Ravikantm April 23, 2018 - 3:55 pm

प्रेम का डोर ही ऐसा होता है

Anjali February 19, 2018 - 8:05 pm

True….sometimes keeping quite gives best outcome. It’s my personal experience as well……

Neha February 18, 2018 - 8:17 pm

It’s true.

Lavi gupta February 15, 2018 - 8:13 am

Jb Hum kisi bhut jayda or true love karte h to esa hi hota h ki patner se galti ho jane par use maaf kr dete h yahi true love ka ehsas hota h

Archana February 14, 2018 - 6:06 pm

इतना बड़ा दिल रखना आसान नहीं है,घटना सच्ची लग रही है लेकिन दूसरी पारी का इतनी सहजता और प्यार से मौका देना सच सा नही लग रहा..धोखा धोखा होता है,आप जिसे प्यार करते हैं उसे छोड़ पाना आसान नही लेकिन जो चोट मिलती है उसे भूलना नामुमकिन है…

Manoj February 15, 2018 - 12:54 pm

True

A February 18, 2018 - 7:08 pm

Miss its possible

Aditya February 19, 2018 - 10:16 am

हा सच है ,लेकिन कभी कभी जीतने के लिए हारना भी पड़ता है !

Ajay February 21, 2018 - 8:08 pm

पर कुछ लोग गंदी नाली के कीड़े की तरह होते है, आप क्यो ही न उन्हें अच्छा व्यवहार , प्यार , सम्मान, ओर समय दो, पर वो आपके साथ दोखा ही करते है, वो फिर से उसी गंदी नाली को ही चुनते है।

Anuja Agarwal May 17, 2018 - 3:22 pm

Seriously kuchh log aise hi hote hai, kuchh bhi kr lo ye nhi sudhrne wale

Dipti May 5, 2018 - 1:30 pm

I m agree with u …

Komal December 12, 2019 - 4:42 pm

Right

Leave a Reply to Aditya Cancel Reply

Login/Register

Be a part of bonobology for free and get access to marvelous stories and information.