जब मुझे पता चला मेरी पत्नी लेस्बियन है

(जैसा समबुद्ध आचार्य को बताया गया)

(पहचान छुपाने के लिए नाम बदल दिए गए हैं)

मेरा नाम आनंद गांगुली है और मेरी शादी एक लेस्बियन (समलैंगिक) से हुई है।

मैं कोलकाता में स्थित एक बहुत नम्र, मध्यम वर्गीय परिवार से हूँ। मेरे पिता एक इंजीनियर थे जो अपनी नौकरी के प्रति उदासीन थे और, विडंबना देखिए कि वे चाहते थे मैं भी वही कार्य करूं।

मेरा एक बड़ा भाई था जिनसे मिलने हमेशा लड़के आया करते थे। मुझे याद है कि मेरे पिता उसे मारते थे और दोनों एक दूसरे के साथ गाली-गलौच किया करते थे। आखरी बार मैंने उसे तब देखा था जब मेरे पिता ने उसे घर से निकाल दिया था। कुछ वर्षों पहले मुझे पता चला कि वह गे (समलैंगिक) था और मेरे पिता एक समलैंगिक लड़के को अपना पुत्र नहीं मान सकते थे।

फिर मेरी शादी हुई

सत्रह साल बाद, जब मेरे माता-पिता ने घोषणा की कि उन्हें मेरे लिए एक लड़की मिल गई है, तब मैं एक सॉफ्टवेयर ईंजीनियर था जो एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करता था। मेरे माता-पिता जीवित रहते हुए अपने पोतों को देखना चाहते थे, और मैं, एक पूरी तरह वयस्क पुरूष, अब भी उनकी अवज्ञा करने के विचार से ही डरता था।

और इससे पहले कि मैं समझ पाता, मैं रूपा से मिला, उसे आकर्षक पाया, और उससे शादी कर ली। मुझे याद है कि उससे यह पूछने के लिए मैंने हिम्मत इकट्ठी की थी कि क्या वह सच में मुझसे शादी करना चाहती थी, और रूपा ने बगैर कुछ बोले बस हामी में सिर हिला दिया था।

एक गलत अवधारणा के साथ बड़ा होना

देखिए, मैंने एक लड़कों के स्कूल में शिक्षा प्राप्त की है जहां स्त्रियों के जो एकमात्र निशान देखे जा सकते थे वे स्तन और योनि के उच्छृंखल चित्रण के रूप में होते थे जो कक्षा की डेस्क पर बनाए जाते थे। हमें लगता था कि शादी, जब और जहां दिल करे, सेक्स करने का लाइसेंस था।

young boy in school canteen
young boy in school canteen

हमें लगता था कि शादी, जब और जहां दिल करे, सेक्स करने का लाइसेंस था।

और हैरानी की बात नहीं कि हमारी सुहागरात में, रूपा के कपड़े उतार कर उसे बिस्तर पर ले जाने से पहले मैंने उसकी सहमति के बारे में नहीं पूछा। बहुत ही कम समय में, हम किसी अन्य भारतीय जोड़े जैसे हो गए थे जिनका स्वयं का एक फ्लैट था और एक नौकरानी जो मेरी पत्नी की आज्ञानुसार हर रात वहीं रूकती थी।

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रूपा ने पूरे समय मुझे नहीं देखा। मुझे याद है कि उसकी आँखों से आंसू निकल रहे थे और मैंने सोचा कि वह कुंवारी (वर्जिन) होगी। स्कूल के समय, हमने सीखा था कि कुंवारी स्त्रियां पहली बार सेक्स करते समय रो पड़ती है। हमने यह भी सीखा था की चीखना, चिल्लाना और दर्द के सभी संकेतक हमारी मर्दानगी के साक्षी थे, और ये एक स्वस्थ, शक्तिशाली पति के लिए सम्मान का विषय थे।

man in love with wife
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मैं उसी शोषण का अपराधी बन गया था, जो बचपन में मुझे डराया करता था।

रात को, मैं वीर्य के स्खलन के तुरंत बाद सो जाया करता था। और हर सुबह, मैं बिस्तर पर सर्वदा स्वयं को अकेला पाता था। रूपा जल्दी जाग जाया करती थी; और जब भी वह चाय पीते हुए नौकरानी से बात करती थी, वह थकी हुई लेकिन वास्तव में खुश प्रतीत होती थी।

फिर वह गर्भवती हुई

महीनों बीत गए और मैंने अपना घृणित अभ्यास जारी रखा। मेरा पसंदीदा सेक्स उग्र प्रकार का था जो मैंने पोर्न फिल्मों में देखा था और मैं इसे किसी और तरह से नहीं करना चाहता था।

जब मेरी पत्नी गर्भवती हुई, उसे पूरे समय के लिए अपने माता-पिता के घर रहना पड़ा। उन्होंने रूपा का ध्यान रखने के लिए एक युवा नौकरानी रख ली। तब मैं कुंठित होने लगा। आधी बार, रूपा मेरा फोन ही नहीं उठाती थी। वह हमेशा थकी हुई होती थी। अन्य बार, नौकरानी लक्ष्मी मेरा फोन उठाकर मुझे बताया करती थी कि मेरी पत्नी उपलब्ध नहीं है।

रिश्ते बनाना मुश्किल है, उन्हें बनाए रखना और भी मुश्किल

मुझे यकीन था कि वह अन्य पुरूष से बात कर रही है। उसका पति होने के नाते, मुझे उसके सारे यूज़रनेम और पासवर्डस् पता थे। मैंने उसकी सर्च हिस्ट्री छान मारी और मैं जडवत् रह गया। कोख में मेरा बच्चा लिए मेरी पत्नी लेस्बियन पोर्न देख रही थी।

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पोर्न के उस प्रकार ने मुझे परेशान कर दिया। मैंने स्वयं को यह समझाने की कोशिश की कि पोर्न शायद मेरी अनुपस्थिति की क्षतिपूर्ति करने का प्रयास होगा, लेकिन कुछ था जो सही नहीं लग रहा था।

जब मुझे सच का पता चला

lesbian couple together on bed
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यह बहुत बाद में हुआ- जब रूपा एक बहुत सुंदर बच्ची को जन्म दे चुकी थी -तब मुझे सच का पता चला। लक्ष्मी ने छुट्टी ले ली और जाने से पहले वह मुझे बता गई कि किस तरह उसके साथ लिपटने और सोने के लिए रूपा ने उसे पैसे दिए थे।

थोड़े ही समय पहले उसने यह मेरे सामने स्वयं स्वीकार किया है। मुझे याद है कि मैं बहुत क्रोधित था। और मुझे उसका भावहीन चेहरा भी याद है। और मुझे मेरे भाई की याद आ गई।

अपने भीतर के दानव को पहचानने में मुझे बहुत समय लग गया, और मैंने कितना कठिन बना दिया था कि वह मुझे सच बता सके। एक लंबे समय तक, मुझे शक्तिहीन महसूस हुआ। मेरे साथ जो हुआ उससे मैं बहुत परेशान था। और पत्नी पर, एक पल मुझे दया आती थी और -दूसरे पल क्रोध।

young family with their little daughter
young family with their little daughter


मेरी पत्नी ने जब मुझे यह बताया, उस बात को पांच वर्ष हो गए हैं। हमने कभी तलाक नहीं लिया। एक ही समय में हम हमारी छोटी बच्ची के गर्वित माता-पिता और दोस्त भी हैं जो गुप्त रूप से एक दूसरे को डेट करने में मदद करते हैं। मुझे पता नहीं की यह कब तक चलता रहेगा।

लेकिन अगर मेरी पत्नी समलैंगिक नहीं होती, तो मैं अब भी एक शोषण करने वाला व्यक्ति होता। और जो भी मैंने किया उसके बाद, कम से कम इतना तो मैं उसके लिए कर ही सकता हूँ।

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