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जन्म देने में सक्षम हूँ, मगर मैंने सेरोगेसी या गोद लेने का फैसला लिया

सहेली मित्रा, जन्म देने की बजाय परिवार को बढ़ाने के वैकल्पिक तरीकों का प्रयास करने के औचित्य और सामाजिक चुनौतियों के बारे में बात करती हैं…
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“हमने हमेशा, विभिन्न उम्र के बच्चों की गूंज के साथ आधी फुटबॉल टीम को पालने की कामना की थी। वह हमारी परिवार की अवधारणा थी।”

एंजेलिना जोली और ब्रेड पिट द्वारा स्वयं का बच्चों का समूह होने का फैसला किए जाने से कहीं पहले, मैंने और मेरे पति ने कई सारे बच्चे होने की संभावना, जिनमें से केवल एक जैविक होगा, पर कई बार चर्चा की थी। इसलिए 28 वर्ष की उम्र में, हमने हमारी पहली संतान उत्पन्न की और वह एक लड़का था। मैं बहुत आसानी से गर्भवती हो गई -पहले ही प्रयास में। इसलिए जिस समाज में मैं रहती हूँ उसके अनुसार अन्य माध्यम से अधिक बच्चे उत्पन्न करने का कोई ठोस कारण नहीं था। लेकिन मैंने बिल्कुल वही करने का फैसला किया था।

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“जीन समूह की गुणवत्ता बढ़ाना हमारा कर्तव्य हैः मैंने अपने पति को उनके शुक्राणुओं को आईवीएफ क्लिनिक में किसी और के अण्डाणुओं से मेल कराने का कहते हुए यह तर्क दिया।”

मेरे सरल, चार्टेड अकाउंटेंट पति, जो जीन समूह के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे, बुरी तरह स्तंभित रह गए। हालांकि, उन्होंने स्वयं को कुर्सी पर से गिरने से बचा लिया, बल्कि मेरी बातों को धैर्य से सुना और जेनेटिक्स (अनुवांशिकी) पर कुछ पढ़ने का प्रयास किया। मैंने उन्हें भाषण दिया कि किस तरह विभिन्न गुण हमारे बच्चों को अद्वितीय बनाएंगे और मानव जीन समूह में विविध स्वस्थ विशेषताएं जोड़ेंगे। आखिर, मैं प्राणीशास्त्र की छात्रा थी, और अनुवांशिकी मेरे विषयों में से एक था।

“मेरे पति ने “चोरी चोरी चुपके चुपके” फिल्म की शैली में काम करना स्वीकार कर लिया जहां पति जैविक रूप से अन्य स्त्री के साथ संपर्क बनाता है लेकिन बच्चे को पत्नी के लिए रखता है।”

मैं तुरंत जान गई कि मेरे पति ने यह प्रस्ताव मुझे कुछ उपद्रवी काम करने से रोकने के लिए दिया है। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि मैं दूसरे पुरूषों, विशेष रूप से आकर्षक पुरूषों के शुक्राणुओं का उपयोग करूं और प्यारे बच्चे पैदा करूं। लेकिन मैं जन्म देने के अपने अनुभव को अनूठा अनुभव बनाना चाहती थी। मेरे लिए, दूसरी बार का अर्थ था कि जब नौ महीने मेरा बेटा मेरे गर्भ के अपनेपन का आनंद ले रहा था उस दौरान मेरे द्वारा अनुभव किए गए आनंद, आघात या मज़े को किरकिरा करना। भाग्य पर विज्ञान की जीत को देखने का भी मेरा अजीब सा विचार था। बहुत सी भावनात्मक धमकियों के बाद, मेरे पति अंत में मान गए। हमने तय किया कि इसे अपने माता-पिता से छुपाएंगे जब तक की आईवीएफ और सेरोगेसी के माध्यम से दूसरा बच्चा अस्तित्व में ना आ जाए।

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हम शहर के सबसे अच्छे आईवीएफ क्लिनिकों में से एक में गए और हमारे साथ राजसी व्यवहार किया गया। उन्होंने हमसे कभी नहीं पूछा कि हमें आईवीएफ या सेरोगेसी की आवश्यकता क्यों है। तब हम 35 वर्ष के थे और मैं पूरी तरह जननक्षम और स्वयं के बच्चे पैदा करने में सक्षम थी। वे उनके अनुसार ‘एक बहुत सुंदर और शिक्षित स्त्री’ जो अंडाणु दान करेगी, उसके द्वारा हमारी मदद करने को तैयार थे। वास्तव में वह पैसे बनाने का अनैतिक नैटवर्क था लेकिन तब हम यह नहीं जानते थे।

“इसी बीच, हम एक बेटी भी गोद लेना चाहते थे और हमने CARA, जो भारत में बच्चे गोद लेने की अधिकारिक साइट है, उसपर पंजीकरण कर दिया।”

और बहुत ज़्यादा अहसास हुआ कि परिवार को यह समझाना कितना मुश्किल होता है कि बच्चे की मासूमियत मायने रखती है, आपके जीन्स नहीं। मेरे परिवार वालों के लिए यह बहुत ज़्यादा लज्जाजनक था। मेरी सास ने सीधा यह प्रश्न पूछ लियाः तुम खुद के बच्चे क्यों नहीं कर सकती, और क्या मेरे वापस गर्भवती होने में कुछ समस्या थी? वह काफी निश्चित थीं कि उनके बेटे में कोई कमी नहीं हो सकती। कुछ मित्र, जिन्होंने हमारे गोद लेने के प्रयास का समर्थन किया, उनके अलावा ज़्यादातर दोस्तों को लगता था कि हम यह स्टाइल स्टेटमेंट के लिए कर रहे हैं, यह साबित करने के लिए कि हम एक सामाजिक कल्याण कार्य का समर्थन करते हैं। शुक्र है कि मेरे माता-पिता जो एक समय पर खुद बच्चा गोद लेना चाहते थे, उन्होंने हमारा साथ दिया।

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“मुझे अहसास हुआ कि कम से कम मेरा शहर, मेरे परिवार का हिस्सा और यहां तक कि समाज अब भी ब्रेंजेलीनाओं को गोद लेने या सेरोगेसी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए तैयार नहीं है।”

बांझपन क्लिनिक एक सेरोगेट ले आया, एक स्त्री जो सेरोगेसी के माध्यम से उसे मिलने वाले पैसों से अपनी दो बेटियों को उपयुक्त शिक्षा दिलाने की कामना करती थी। हमने ना केवल सेरोगेट को वह सब दिया जो वह चाहती थी, अनुबंध के अनुसार भुगतान किया, बल्कि उसकी बेटियों की शिक्षा को प्रायोजित करने का भी फैसला किया। वह गर्भवती हो गई, लेकिन एक ही महीने के भीतर उसने हमारे फोन उठाना और क्लिनिक पर आना बंद कर दिया। क्लिनिक ने उसका पता लगाने के लिए लोगों को भेजा, तो हमें पता चला कि उसने भ्रूण को गिरा दिया था क्योंकि तब तक उसे आधी राशी प्राप्त हो चुकी थी और उसके पति ने वह दुकान खरीद ली थी जो वे खरीदना चाहते थे। क्लिनिक ने मुझे उसपर मुकदमा करने को कहा, हमने नहीं किया। क्लिनिक के अव्यवसायिक रवैये पर मैं काफी चकित थी।

“और मुझे मेरे परिवार और पति को समझाना पड़ा था कि जब गोद ली हुई बेटी घर आएगी, तो उसे वैसा ही सम्मान, प्यार और संपत्ति मिलनी चाहिए जैसा मेरे बेटे को मिला।”

हाँ, मेरे पति का परिवार बड़ा है। और उनके लिए, कुछ भी अपरंपरागत करना पाप के समान है। इसलिए मुझे पहले से ही स्पष्ट करना पड़ा की मेरी दत्तक पुत्री को परिवार के अन्य पोते-पोतियों जैसा ही दर्जा प्राप्त होना चाहिए। दत्तक केंद्र ने आखिरकार हमें उम्मीद दिखाई है कि वे हमारे घर को रोशन करने के लिए हमारी बेटी देंगे। मैं चाहती हूँ कि ऐसे और भी बच्चे आएं, और हम वास्तव में आधी फुटबॉल टीम बना पाएं।

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