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काश हमारे बॉयफ्रैंड्स को हमारे पीएमएस के बारे में पता होता

पीएमएस बुरे हैं, लेकिन यह हमारे लिए आसान हो जाएगा अगर पुरूष इसके लक्षणों के बारे में ये तथ्य जाने।
PMS

प्रिय पुरूष, पीएमएस (प्री मैन्सटू्रअल सिंड्रोम) उतना ही वास्तविक है जितना हमारा मासिक धर्म। इतना ज़्यादा कि लगभग 90 प्रतिशत स्त्रियां किसी ना किसी तरह के पीएमएस सिंड्रोम का अनुभव करती हैं। इसलिए हम स्त्रियां पहले ही उस ड्रिल के बारे में जानती हैं जिससे हमारे शरीर और दिमाग हर महीने के उस समय के दौरान गुज़रते हैं जबकि पुरूष अब भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे होते हैं कि ज़्यादा बुरा क्या है, अंडकोष पर लात मारा जाना या फिर मासिक धर्म की ऐंठन? भले ही हम पुरूष के दिमाग में इस विषय पर कुछ ज्ञान भरने की कितनी भी कोशिश करें, कुछ वस्तुएं सिर्फ एक औरत ही समझ सकती है। लेकिन जब हम एक पुरूष के साथ रहते हैं, भले ही वह रूममेट हो, पति हो या फिर कोई भी हो -ऐसे कुछ समय होते हैं जब हम सोचते हैं कि काश उन्हें पीएमएस के दौरान हमारे शरीर में होने वाले शारीरिक एंव रासायनिक परिवर्तनों के बारे में पता होता।

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1. जब हम नारी विरोधी चुटकुलों का शिकार बन जाते हैं

पीएमएस के बारे में नारीविरोधी चुटकुले सुनाना पूरी दुनिया को अच्छा लगता है, लेकिन इससे पीएमएस एक सनक या दिखावा नहीं बन जाता। यह वास्तविक है, लेकिन हम इसके दौरान पागल नहीं हो जाते हैं। पीएमएस की तीव्रता हर स्त्री के लिए भिन्न होती है। मासिक धर्म चक्र के दौरान हमारे हार्मोन में उतार चढ़ाव होते हैं और इसके परिणामस्वरूप हमारे दिमाग में कुछ रासायनिक परिवर्तन होते हैं – यह बहुत आम है लेकिन निश्चित रूप से एक सार्वभौमिक घटना नहीं है। इसलिए हमारे चिड़चिड़े मूड के लिए हर बार पीएमएस को दोषी करार देना बंद कर दो, कभी-कभी हम बस इसलिए क्रोधित हो जाते हैं क्योंकि आप एक अप्रिय व्यक्ति की तरह बर्ताव करते हो।

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