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क्या एक भावनात्मक अफेयर ‘चीटिंग’ है?

आपका साथी किसी के साथ प्यार में पड़ जाए तो वो चीटिंग है, मगर वो आपके साथ हो, मगर भावनात्मक तौर पर किसी और से जुड़ने लगे तो.....
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हम “चीटिंग” “धोखा” जैसे शब्द बहुत सुनते हैं. कभी यह कि किसी लड़के ने लड़की को धोखा दे दिया, कभी लड़की ने लड़के को, मगर सच में यह चीटिंग है क्या? असल में अलग अलग लोगों के लिए अलग अलग परिस्थितियों में चीटिंग की अलग अलग परिभाषाएं होती हैं. एक साथी अगर अपने रिश्ते के बाहर किसी और से शारीरिक सम्बन्ध बनाये तो वो चीटिंग ही है, मगर हर बार चीटिंग करने वाले साथी किसी से शारीरिक अंतरंगता स्थापित करें, ये भी ज़रूरी नहीं है. या फिर है?

थोड़ा सा पेचीदा है यह बताना. एक इमोशनल या भावनात्मक अफेयर जब एक सीधी सरल दोस्ती से शुरू होता है और फिर आप उस दोस्त पर भावनात्मक तौर पर बहुत ज़्यादा निर्भर होने लगते है, तब उसे इमोशनल अफेयर कहते हैं. आपके नार्मल मैसेज जब अचानक आपके पूरे दिन का सबसे अनिवार्य काम हो जाते है, तब समझ लीजिये कि आप एक दोस्ती की परिभाषा से आगे बढ़ रहे हैं. जब आप एक रिलेशनशिप में होने के बाद भी किसी और की तरफ इतना ज़्यादा आकर्षित होने लगते हैं कि आप अपनी सारी ऊर्जा, समय और ध्यान उस एक व्यक्ति की तरफ लगाने लगते हैं. इसके अलावा आप अपने प्रेमी को अपने इस “नए दोस्त” के बारे में बहुत ही सिमित बातें ही बताते हैं. आप घंटों बैठ कर इस “नए दोस्त” को अपने प्रेम में होने वाली अटकलों के बारे में कुछ ज़्यादा ही बताते हैं. इस तरह की भावनात्मक निर्भरता आपकी शादीशुदा ज़िन्दगी या प्रेम में काफी मुश्किलें पैदा कर सकती हैं और हाँ, इसे इमोशनल चीटिंग या इमोशनल धोखा भी कहते हैं.

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कैसे पहचाने इमोशनल चीटिंग को?

अगर हाल फिलहाल में आपकी किसी से नयी नयी दोस्ती हुई है, और आप कन्फ्यूज्ड है कि ये इमोशनल चीटिंग तो नहीं, तो आप इन चिन्हो को देखिये.

1. आप उन्हें मिस करते हैं: आप उनसे अक्सर मिलते हैं और मिलने का कोई मौका नहीं गवाना चाहते. मगर आप पूरी कोशिश ये भी करते हैं कि आपके प्रेमी/प्रेमिका को आपकी इन मुलाकातों की भनक भी न मिले. आपको इस नए दोस्त से मिलना इतना पसंद है, कि आप उसके लिए अपने बाकि सारी दोस्तों, मीटिंग, आदि को रद्द करने को सदैव तत्पर हैं.

2. यूँ तो आप दोस्त हैं मगर फिर भी: आप कोशिश करते हैं कि आप अपना सबसे श्रेष्ट रूप ही ले कर उसके सामने जाएँ. आप अच्छे कपडे पहनते हैं, अपनी सबसे प्यारी मुस्कान के साथ उनसे मिलना चाहते हैं. आप उससे हर तरह के विषयों पर बातें कर सकते हैं, यहाँ तक की आप अपने प्रेमी के साथ होने वाली आपकी समस्याओं को भी साझा करने से नहीं झिझकते.

3. अपराधबोध: आपको बिना किसी कारण (या शायद कारण है) बहुत ग्लानि होती है अपने प्रेमी/प्रेमिका से अपने इस दोस्त के बारे में बातें करने में. दूसरी तरफ आपको यक़ीनन उस दोस्त के साथ समय बिताना अब कहीं ज़्यादा पसंद है.

4. आप अपनी कल्पनाएं उन्हें बताते है: आप उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध न बनाते हों, मगर आप अपनी सारी काम कल्पना उनसे साझा करने से नहीं कतराते हैं.

५. आप उनकर भावनात्मक तौर पर निर्भर हैं: अगर आप उन से किसी न किसी तरह हमेशा ही संपर्क में रहना चाहते हैं, चाहे वो मैसेज के द्वारा हो या फिर मेल, फ़ोन या आमने सामने, आप ये मान जाइये कि आपकी निर्भरता उनपर बहुत बढ़ गई है.

6. आप उनसे बेझिझक है: आप उनके संपर्क में आते ही बिलकुल सहज हो जाते हैं, बेझिझक अपने मन कि सारी बातें, डर, सब कुछ आराम से उन्हें बता कर मन हल्का कर लेते हैं.

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मैसेज के द्वारा इमोशनल चीटिंग

हमने अभी आपको बताया कि जब आपका किसी के साथ इमोशनल अफेयर शुरू होता है, तो आप किसी न किसी तरह हमेशा उनसे संपर्क में रहने चाहते हैं. हमेशा फ़ोन पर बातें करना तो संभव नहीं हो सकता इसलिए दूसरा आसान विकल्प होता है टेक्स्ट मैसेज या एसएमएस. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है आप दोनों ही आराम से किसी के भी सामने और इर्द गिर्द बातें कर सकते हैं. किसी को भनक भी होती और आप जो चाहे वो बातें करें.

आप उस इंसान से यूं बातें करते हैं मानो वो ही आपका असल प्रेमी हो और आप उसके साथ बहुत खुश हैं. कभी कभी तो आपको आभास भी नहीं होगा और आप उन्हें उत्तेजक मैसेज भेज देंगे.

यूँ तो आपको अपने वो मैसेज भी बिलकुल मासूम, सरल लगेंगे मगर कई खोज के बाद शोधकर्ता इस निर्णय पर पहुंचे हैं कि ९० प्रतिशत रिलेशन्स यूं ही मेस्सगेस के द्वारा ही करीब और करीब आते हैं.

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ऑफिस में पनपता अफेयर

ऑफिस के वातावरण में इस तरह का अफेयर होना बहुत ही आम बात है. इसका सीधा कारण यह है कि आप लोग बहुत अधिक समय एक साथ बिता रहे हो और हमेशा ही आप एक दुसरे से किसी न किसी कारण संपर्क में रहते हो. आपने कई अच्छे और बुरे पल ऑफिस में साथ बिताये होते हैं. जब ऑफिस के वातावरण में स्ट्रेस बढ़ जाता है, आप एक दुसरे को समझते है, आपके एक जैसे लक्ष्य होते हैं, और इसके कारण आपको एक दुसरे का साथ पसंद आने लगता है.

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दिन प्रतिदिन साथ काम करना, खाना खाना, मुश्किलें और उनके उपाय ढूंढ़ना, कुछ हलके फुल्के पल बिताना- यह सब कुछ दो लोगों को नज़दीक लाने के लिए काफी है और इसलिए ऑफिस में भावनात्मक अफेयर काफी आसानी से हो जाता है.

मगर ये इमोशनल अफेयर क्यों

अब सवाल यह उठता है कि अगर आप एक स्थाई रिलेशन में हो या आप शादीशुदा हो, तो फिर आपको क्या ज़रुरत है ऐसे किसी इमोशनल अफेयर की.

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सबसे बड़ा कारण जो देखा गया है, वो है अपने वर्तमान सम्बन्ध में असंतुष्टि. आप किसी भी स्तर पर असंतुष्ट हो सकते हैं, चाहे वो भावनात्मक हो या शारीरिक या कुछ और. कुछ तो है आपके और आपके साथी में, जिसका आभाव है जिसका नतीजा यह इमोशनल अफेयर है.

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क्योंकि आपको किसी की तलाश है जो आपको अपने साथी में नहीं मिल रहा, आप उसे अपने रिश्ते के बाहर ढूँढ़ते है, भावनात्मक निर्भरता के लिए. आपको बहुत संतुष्टि मिलती है जब आप अपने इस नए दोस्त को अपने उस रिश्ते की चरमराहट के बारे में बताते हैं.

इस इमोशनल अफेयर से कैसे निकलें?

इसके दो पहलु हैं. अगर आप शादीशुदा हैं, और उससे भी अहम् की अगर आपके बच्चे भी हैं, तो आपको सोचना होगा कि कैसे आप अपनी मुश्किलों के लिए उपाय ढूंढे. सबसे अच्छा रास्ता तो यह है कि आप बैठ कर अपने साथी से सभी बातें साफ़ साफ़ करें और कोशिश कर कोई रास्ता ढूंढे. अगर आप अलग होने या तलाक़ लेने के विषय में सोच रहे हैं, तो बच्चों के भविष्य को भी डिसकस करें. अगर बच्चों का ख्याल भी आपको आपके अलग होने के फैसले से डगमग नहीं कर पा रहा तो आपको दुसरे विकल्प सोचने होंगे.

अगर आप और आपका प्रेमी अभी शादी के बंधन के बाहर है तो आप सोच समझ कर अपने रिश्ते में आती अटकलों के बारे में बातें करें, खुल कर अपने मन की बातें रखें और सुने. हो सकता है की आपका इमोशनल अफेयर आपको सुकून तो दे रहा हो मगर इस रिश्ते की नीव काफी कमज़ोर हो. आपको समझना होगा की अक्सर जब हमारे वर्तमान रिश्ते किसी मुश्किल दौर से गुज़र रहे होते हैं, तो हम बिना ज़्यादा सोचे किसी और के प्रति आकर्षित हो जाते हैं, ये स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है.

कई ऐसी स्टडी हैं जो बताती है की इस तरह के रिश्ते ज़्यादा दिनों तक टिक नहीं पाते. किसी भी रिश्ते की कामयाबी इस बात पर निर्भर करती है की उन दो लोगों में कितना आपसी प्यार, आदर और एक दुसरे के प्रति विश्वास है. आप अपने साथी से प्यार करते हैं और आपके लिए ये ज़रूरी है की आप उनसे अपने मन की बातें करें, उन्हें अपनी परेशानी के कारण बताएं. अगर आप कोशिश करेंगे की आप टुकड़ों में दोनों रिश्तों को निभाए तो यह सब के लिए ही काफी हानिकारक हो सकता है. अगर आप अपने साथी के साथ अपने सम्बन्ध वापस ठीक कर सकते हैं, तो उसी को महत्व दीजिये और अपने उस नए रिश्ते को ख़त्म कर दें वरना वो आपके रिश्ते का वर्तमान और भविष्य दोनों ही दूषित कर सकने में सक्षम है.

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