Hindi

मैं एक वेश्या के पास क्यों गया

उनका संबंध टूट चुका था लेकिन वह उससे उबर नहीं पाया था
Man-Smoking

हमारे संबंध को टूटे कुछ महीने हो चुके थे लेकिन यह देखते हुए कि पूरे संबंध के दौरान वह मेरी पूरी दुनिया थी, मुझे लगा जैसे हमारे अलग होने के बाद मैं एक अनिश्चय की स्थिति में था। हर बार जब मैं उसे देखता था, मैं उसे वापस बुलाना चाहता था। मैंने ऐसा इसलिए नहीं किया क्योंकि मैं उसके मना करने की संभावना का सामना नहीं करना चाहता था।

हम साथ में रह रहे थे और जब हमारा संबंध समाप्त हुआ, वो हमारे पालतू कुत्तों को अपने साथ उसके नए घर ले गई। मैं उसके रखरखाव का खर्च उठाया करता था और वो उनकी देखभाल किया करती थी। उसने कहा कि इसके सिवा अब वो मेरे साथ ज़िंदगी की कोई भी चीज़ बांटने के लिए तैयार नहीं थी।

दिन हफ्तों में बदले और हफ्ते महीनों में। वह इससे बाहर निकल चुकी थी और जिंदगी का सामना अच्छे से कर रही थी लेकिन मैं भावनात्मक अशांति के भंवर में घूमता रहा। मैं उस समय को याद करने की कोशिश करता था जब उसने मुझे दुःख पहुंचाया था, मेरा अपमान किया था, और स्वयं के बारे में बुरा सोचने पर विवश किया था, लेकिन मेरा दिल उससे ज़्यादा जिद्दी था जितना मैं समझता था और उसने नरम पड़ने से मना कर दिया।

Please Register for further access. Takes just 20 seconds :)!


आप मुझे विश्वासघाती कह सकते हैं

पुनर्विवाह कर के आये पति का स्वागत पहली पत्नी ने कुछ ऐसे किया

Facebook Comments

2 Comments

  1. मेरा नाम जुआनिया दानज है। मैं आपके अनुभव को आपके साथ साझा करना चाहता हूं वास्तव में मेरे पति ने हमारे पास एक छोटे से तर्क के बाद कई वर्षों तक वैवाहिक घर छोड़ दिया है, उसने मेरे दो बच्चों को मेरे प्रभारी छोड़ दिया। मेरी स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ गई चूंकि एक ही समय में मैंने अपना काम खो दिया। हमेशा उससे प्यार करते हुए और उसे अपने प्यारे बच्चों के साथ रहने के लिए चाहते थे, मैंने डॉ। चेम्बरबर्ग से संपर्क किया जो मुझे मंचों पर मिला। मुझे अपने पति की वापसी के बाद 3 दिनों के बाद मेरे पति की वापसी पर सुखद आश्चर्य हुआ डॉ। चेम्बरबर्ग, और अब मेरी सभी वित्तीय स्थिति सकारात्मक रूप से बदल गई है, मुझे एक और नौकरी मिल गई और मुझे अच्छी तरह से भुगतान किया गया है। जिन लोगों को भावनात्मक, वित्तीय, स्वास्थ्य, मनोवैज्ञानिक इत्यादि की समस्या है …. डॉ। कैम्बर्बर से संतुष्ट होने के लिए संपर्क करें। यहां उनके संपर्क हैं:
    ई-मेल: chamberc564@yahoo.com

  2. Patni ki jagah koi nahi le sakti kyunki vo Jeevan sathi har sukh dukh me saath deti hai or character ke mamle me bhi purush se achchhi hoti hai. Haa aaj hamari education me moral education nahi di jaati hai ush vajah se relationship ki value khatm ho rahi hai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No