मैं इस कम उम्र के पुरूष के प्रति आकर्षित क्यों होती हूँ जो मेरे पति के विपरीत है

जैसा ईरावती नाग को बताया गया

मैं रेशमा हूँ, एक कलाकार, जो एक रूढ़िवादी दक्षिण भारतीय परिवार में सशक्त फेमिनिस्ट माँ द्वारा पली बढ़ी है, एक ऐसे व्यक्ति के साथ विवाहित है जिसकी मानसिकता अपेक्षाकृत प्रगतिशील है, लेकिन जो अत्यंत अंतर्मुखी है जो अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम नहीं है। हमारी एक 6 साल की प्यारी सी बेटी है और जीवन के इस चरण में मैं एक दुविधा में हूँ कि विवाहेतर संबंध के साथ आगे बढूं या नहीं।

मैंने लगभग 9 साल पहले श्रीराम से शादी की थी। तब मैं 23 वर्ष की थी। श्रीराम के पहले, मैं करणजीत के प्यार में पागल थी। वह मेरा हॉट और लंबा पंजाबी बॉयफ्रैंड था जो बुलेट लेकर शहर में घूमता था और कॉलेज में मेरा सीनियर था, लेकिन कम से कम 4-5 साल बड़ा था। जब मेरी माँ को मेरे अफेयर के बारे में पता चला, तो उन्होंने मुझे सलाह दी कि उसे छोड़ दूं। हालांकि शुरू में मुझे लगा कि वह हस्तक्षेप कर रही थी और डॉमिनेट कर रही थी, बाद में मैं समझ गई कि उनका मतलब क्या था।

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मेरा लूज़र बॉयफ्रैंड

करण एक लूज़र था। वह पढ़ने में अच्छा नहीं था, मुझे बाइक पर घुमाने के लिए अपने पिता के पैसे उड़ाता था। मैं ऐसी लड़की थी और अब भी हूँ जिसे कैंडल लाइट डिनर, चॉकलेट और गुलाब पसंद हैं। करण मुझे जो तवज्जो देता था वह मुझे बहुत अच्छी लगती थी। वह इतना उदार था कि मुझे तवज्जो देता था, जहां भी मैं घूमने जाना चाहती थी वह ले जाता था, सही समय पर सही चीज़ें कहता था और मुझे उससे प्यार हो गया। मैं पतली थी, सुंदर थी और लंबे बाल थे और मैंने अपने कॉलेज में मिस न्यूकमर का खिताब भी जीता। अन्य सीनियर पर करण के प्रभाव के कारण मैं और मेरे क्लासमेट कष्टप्रद रैगिंग से बच गए थे।

मैं हमेशा से जानती थी कि मैं सुंदर होने की वजह से लोकप्रिय हूँ। हालांकि मैं बातूनी नहीं थी और कॉलेज में मेरे ज़्यादा दोस्त भी नहीं थे, फिर भी लोग मुझे जानते थे। मुझे खुद को मिल रही तवज्जो बहुत पसंद थी। मुझे यह स्वीकार करने में कोई शर्मिंदगी नहीं है कि मुझे तवज्जो प्राप्त करना पसंद है, फ्लर्टिंग मुझे ललचाती है और सबसे बढ़कर, मेरा व्यक्तित्व बहुत मिलनसार था।

तो, मेरे संबंध में मेरी माँ के बिन मांगे हस्तक्षेप के बाद, उन्होंने मुझे समझाया कि जीवन पिता के पैसों से नहीं बिताया जा सकता है। करणजीत का पुरूष-वर्चस्व वाले परिवार से होने का उनका मूल्यांकन भी सच साबित हुआ। अब जब मैं बैठ कर सोचती हूँ, तो मैं जानती हूँ कि एक साथी के रूप में उसे देखना मेरी मुर्खता थी। मेरे माता-पिता को जल्द ही एक अरेंज मैरिज मार्ग से श्रीराम मिल गया। पहले उसके माता-पिता आकर मुझसे मिले। वह शादी से पहले मुझसे मिला नहीं और ना ही मुझे फोन किया। मैंने उसे जो अच्छे रोमांटिक मैसेज भेजे थे, मुझे कभी उनका रिप्लाए नहीं मिला। अब वह मुझे बताता है कि वह मेरे मैसेज का उत्तर देने से डरता था।

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उसके बाद अरेंज मैरिज

मेरे पोस्टग्रेजूएशन के तुरंत बाद हमने शादी कर ली और मैं एक दूसरे शहर में रहने चली गई। मेरे ससुराल वाले लोग काफी अच्छे हैं। मेरी माँ ने अच्छा लड़का ढूंढा था। श्रीराम ने 25 वर्ष की उम्र में ही दो बेडरूम का घर खरीद लिया था। उसके माता-पिता संपन्न थे और अलग रहते थे, उन्हें मेरे शॉर्टस्, स्कर्ट और स्लीवलेस टॉप्स पहनने से कोई परेशानी नहीं थी (हाँ, ये चीज़ें मेरे लिए मायने रखती हैं)। मैं शादी से पहले श्रीराम को करणजीत के बारे में नहीं बता पाई, और आज तक उसे बताने की हिम्मत इकट्ठी नहीं कर पाई हूँ। जब भी मैं अपने दोस्तों से मिलती हूँ जो हर बात में इतने खुले हुए हैं, मुझे थोड़ा अपराधबोध महसूस होता है। लेकिन मुझे लगता है कि श्रीराम मेरे अतीत के बारे में ज़्यादा ही जजमेंटल हो जाएगा। इसलिए मैंने फैसला किया है कि मरते दम तक उसे नहीं बताउंगी।

हाल ही में, मैं अपने शहर में एक लोकप्रिय हॉलिडे ग्रूप के साथ साप्ताहांत ट्रेक पर गई थी। श्रीराम इतना उदार है कि वह मुझे मेरी दैनिक दिनचर्या से थोड़ा समय देता है, जो अन्यथा बहुत उबाऊ है। मैं बाहर ज़्यादा नहीं जाती हूँ, मेरे घर पर मेरा स्टूडियो है, मैं बस अपनी बेटी का ध्यान रखती हूँ, उसे उसकी क्लासेस और स्कूल ले जाती हूँ और खाना खिलाती हूँ। मैं काम करना शुरू करना चाहती हूँ लेकिन मुझमें बाहर जाकर काम ढूंढने की हिम्मत नहीं है। तो कभी कभार, मैं इन छोटी साप्ताहंत छुट्टियों पर चली जाती हूँ।

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अब दूसरा आदमी

मैं हाल ही में ट्रैक पर संजय से मिली। वह स्पष्ट रूप से मेरे प्यार में पागल हो गया था। सच कहूं तो मुझे 22 वर्षीय समझने की भूल की जाती है जबकि मैं एक दशक बड़ी हूँ। शुरू में मैंने उसे अपनी पृष्टभूमि के बारे में नहीं बताया था। मैं बस प्रवाह के साथ बह गई। लेकिन जल्द ही यह बात बाहर आ गई कि मैं 32 वर्ष की हूँ और मेरी एक बेटी भी है। वह 25 वर्ष का है, मुझसे सात साल छोटा। लेकिन क्या इससे कोई फर्क पड़ता है?

जब मैंने उसे बताया तो उसकी पहली प्रतिक्रिया थी कि ‘‘रेशमा तुमने शादी क्यों की”। मैं महसूस कर सकती थी कि वह पूरी तरह से उदास हो गया था।

अब हम लगातार संपर्क में हैं। मैं जानती हूँ कि उसका हर मैसेज पढ़कर मैं एक किशोरी की तरह शर्मा जाती हूँ। मैं नहीं चाहती की श्रीराम मुझे शर्माते हुए देखे इसलिए मैंने संजय को निर्देश दिया है कि रात आठ बजे के बाद मुझे मैसेज ना भेजे। मेरा जीवन अचानक से बहुत दिलचस्प हो गया है। मैं उससे मिलने उसके ऑफिस जाती हूँ, एक सुखद लंच लेती हूँ जो आमतौर पर 3-4 घंटे चलता है। वह मुझे समय देता है जो मेरा कामकाजी पति देने से इन्कार कर देता है।

जब मेरे पति साप्ताहंत पर शहर से बाहर जाते हैं, मैं संजय के साथ पब में जाती हूँ। वह बहुत अच्छा डांसर है और डांस करते समय हमारी केमिस्ट्री बहुत अच्छी होती है। मुझे सालसा बहुत पसंद है। वह उसमें बहुत अच्छा है। सालसा हमारे बीच जो अंतरंगता लाता है उसमें मुझे बहुत मज़ा आता है। कभी कभी मुझे लगता है कि काश श्रीराम संजय होता।

संजय के पास एक सुपर बाइक है। एक बार हम बारिश में लॉन्ग ड्राइव पर गए। मैं उसके साथ अंतरंग होने से खुद को रोक नहीं पाई। नहीं, हमने सेक्स नहीं किया, लेकिन मैं स्वीकार करती हूँ कि सेक्स करने का मोह है। मुझे बस हाँ कहना है; लेकिन अपराधबोध मुझे रोक रहा है।

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क्या मुझे चुनना है?

सच यह है कि मैं जानती हूँ मैं श्रीराम से प्यार करती हूँ, वह मेरे जीवन में स्थिरता लाया है, लेकिन वह कुछ ज़्यादा ही अच्छा इंसान है। मुझे अच्छा लगता अगर वह भी वे सभी चीज़ें करता जो संजय मेरे साथ करता है। संजय सार्वजनिक रूप से अपना प्यार और स्नेह दर्शाने में संकोच नहीं करता है। श्रीराम किसी तीसरे व्यक्ति के सामने मुझे हाथ तक नहीं लगाता है (भले ही वह हमारी बेटी क्यों ना हो)। श्रीराम के पास मेरे लिए कोई समय नहीं है, मैं जानती हूँ कि वह मेरी और अपनी बेटी की ज़िंदगी को आरामदायक बनाने के लिए जीतोड़ मेहनत करता है। लेकिन मुझे अच्छा लगता अगर वह मुझे कभी कभार बाहर डिनर पर ले जाता, क्लबिंग ले जाता, थोड़ा नॉटी बन जाता और सभी संभव तरीकों से स्नेह दर्शाता। लेकिन नहीं, वह ऐसा नहीं करेगा। मुझे यह सब चाहिए और मुझमें इतनी हिम्मत नहीं है कि मैं श्रीराम को यह सब बताउं।

क्या किसी ऐसे व्यक्ति के प्रति आकर्षित होना गलत है जो मुझे वह सब देना चहता हो जो मैं चाहती हूँ? मान लीजिए कि मैं संजय के साथ सेक्स करने वाली थी, यह गलत क्यों है? केवल इसलिए कि यह तलाक का केस बन जाता है? या केवल इसलिए कि समाज ने इसे गलत बना दिया है? सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं संजय के साथ सोती हूँ इसका यह मतलब नहीं है कि मैं श्रीराम को कम प्यार करती हूँ। मेरे जीवन के इस चरण में, मैं इतनी परिपक्व हूँ कि वासना और प्यार के बीच अंतर पहचान सकूं।

मैं जानती हूँ कि संजय के साथ मेरा अफेयर (मुझे पता नहीं कि मैं इसे यह नाम देना चाहूंगी या नहीं) ज़्यादा नहीं चलेगा। मैं जानती हूँ कि यह ‘खुल कर जी लो, कल हो ना हो’ वाली स्थिति है। लेकिन मैं निश्चित रूप से नहीं कह सकती कि इसका अंत कैसे होगा। अभी के लिए, मैं बस प्रवाह के साथ बह रही हूँ।

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