मैं अपने पति को ये झूठ बोलती हूँ

मैं बहुत आराम से कह सकती हूँ की मेरे पति मेरे सबसे मित्र भी हैं. हम जब भी किसी पार्टी में आमंत्रित होते हैं, हमारा घर वापसी का सफर अक्सर पार्टी में आये मेहमानो को बड़ी तसल्ली से डिस्कस करते हुए ही निकलता है. हम खूब हँसते हैं, लोगों की प्रशंसा करते हैं और गहरे दोस्तों की तरह आलोचना भी करते हैं. यूँ तो हमारी राजनितिक सोच काफी मिलती है मगर हम अक्सर राजनीति के बारे में खूब लम्बी लम्बी बहस करते हैं. कई बार इन न्यूज़ एंकर के बेबाकपन की तारीफ़ करते हैं और कभी उनकी भरपूर आलोचना करते हैं. साथ फिल्में देखने जाते हैं और एक दुसरे का साथ काफी एन्जॉय भी करते हैं. तो जैसा मैंने बताया की हम पति पत्नी से ज़्यादा अच्छे दोस्त हैं.

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पार्टी से पहले पार्टी

अभी उस दिन मेरा जन्मदिनथा और पतिदेव ने मेरे कुछ दोस्तों को डिनर पर आमंत्रित किया. हमने फैसला किया की कुछ ड्रिंक्स घर पर ही पी कर हम सब डिनर के लिए कहीं बाहर जायेंगे। एक महंगेचाइनीज़ रेस्तौरां पहुंचे मगर मेरा तो आधे से ज़्यादा समय वहां के वाशरूम में ही बीता.

चिंतित पति ने पुछा, “क्या हुआ? तुम ठीक तो हो न?”

“हाँ हाँ. ठीक हूँ.बस थोड़ी एसिडिटी हो गयी है,” मैंने हड़बड़ा कर धीरे से जवाब दिया.

मैंने पति को नहीं बताया की शाम को सहेलिओं के साथ मस्ती करते मैंने अपनी ड्रिंक्स मिक्स कर ली थी और बार बार मैं वाशरूम में उलटी कर रही थी. अक्सर मैं अपनी सहेली गैंग से साथ यूँमस्ती करने निकल जाती हूँ लेकिन अगर चार ड्रिंक्स पीती हूँ तो पति को एक ही बताती हूँ.

पार्टी से पहले पार्टी
मैंने पति को नहीं बताया की शाम को सहेलिओं के साथ मस्ती करते मैंने अपनी ड्रिंक्स मिक्स कर ली थी

मेरा वज़न और उस टॉप की कीमत

एक और चीज़ जिसके बारे में मैं अपनी पति से थोड़ा सा सच छुपा लेती हूँ, वो हैवज़न. ऐसा नहीं है की मैं बिलकुल ही गलत वज़न बताती हूँ, बस चार-पांच किलो का हेर फेर कर लेती हूँ. मुझे खुद नहीं पता की मैं ये झूठ क्यों बोलती हूँ मगर जब भी ये सवाल आता है, अचानक ही मेरे मुँह से असली वज़न माइनस ५ किलो का जवाब निकल जाता है.

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मुझे आज भी याद है की एक बार मेरी दादी ने एक बहुत ही खूबसूरत सी शाल ओढ़ी हुई थी. वो कभी भी खुद के लिए कुछ नहीं खरीदती थी, तो जब मैंने उनकी शाल की तारीफ़ की, उन्होंने बड़े ही फक्र से बताया की वो उन्होंने खुद खरीदी है. कुछ देर बाद जब मेरे दादाजी ने आकर शाल की तारीफ़ की तो दादी ने बिना झिझके तुरंत कहा की वो शाल उनके भाई ने उन्हें उपहार में दी है. शायद ऐसे झूठो की आदत खानदानी ही है. तभी तो आज भी जब भी पति मेरी किसी ड्रेस की तारीफ़ करते हैं, मेरे मुँह से झट से निकलता है, “मम्मा लायी थी मेरे लिए”.

मेरा वज़न और उस टॉप की कीमत
मेरे मुँह से असली वज़न माइनस ५ किलो का जवाब निकल जाता है.

वो बर्फी जो तुम कल लाये थे…

मेरे पति पंजाब से हैं और चंडीगढ़ की एक मिठाई की दूकान उनकी बहुत ही पसंदीदा दुकान है. जब भी मौका मिलता है, वो वहां से अपनी फेवरिट बर्फी ज़रूर ले कर आते हैं. पिछलीबार वो आधा किलो बर्फी ले कर आये थे. रात को खाने के बाद जब पति ने बर्फी मांगी तो मैंने उन्हें धीरे से कहा की कुछ दोस्त अचानक आ गए और उन्होंने ही बर्फी ख़त्म कर दी.

ज़ाहिर सी बात है की अपनी पसंदीदा मिठाई के ऐसे ख़तम हो जाने से पतिदेव काफी आहत हो गए. बहुत दुखी लहज़े में कहा, “मेरा कितना मन था खाने के बाद बर्फी खाने का. चलो कोई बात नहीं.”

वो बर्फी जो तुम कल लाये थे
अपनी पसंदीदा मिठाई के ऐसे ख़तम हो जाने से पतिदेव काफी आहत हो गए

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मैंने बहुत माफ़ी मांगी और कहा की मुझे सचमुच दुःख है की मैंने उनकी बर्फी मेहमानो को परोस दी. अब मैं उन्हें ये कैसे बताती की जब मैंने वो पहली बर्फी मुँह में डाली तो ऐसा लगा की वो मिठाई का डब्बा मुझे आमंत्रण दे रहा है की मैं सारी मिठाई खा लूँ. मैं खुद को रोक नहीं पाई और सारी बर्फी देखते ही देखते ख़त्म हो गई.


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वो नोटों की गड्डी का सच

नोटबंदी हमारे लिए एक भयानक सपने से कम नहीं था. मैं हमेशा अपने पति से अपने कंगाल होने की शिकायत करती थी. और उस समय जब सारे नोट बंद हो रहे थे, मुझे मजबूरन अपने पति को अपनी सारी पूँजी दिखानी पड़ी. ये वो रुपये थे जो मैंने बड़ी मुश्किलों से छुपा कर इतने सालों से रखे थे. अब क्या करती इसलिए पति को गड्डियां देते हुए कहना पड़ा की पता नहीं अलमारी के किसी कोने में ये दबे हुए मिले.

“काश मुझे इनका पता होता तो मैं कब का सब तुम्हे दे देती,” मैंने बहुत ही संजीदगी से अपने पति को कहा.

अपने एक दोस्त की पार्टी में हम सब ख़ुशी और शराब के हलके फुल्के नशे में नृत्य कर रहे थे. मैंने अपने पति को देखा और मैं जानती थी की जो वादे हमने शादी के समय एक दुसरे से किये थे, वो हमेशा के लिए थे. मगर फिर क्यों मैं बार बार अपने उस क्लासमेट के बारे में सोचती हूँ जिससे मैं कॉलेज के बाद कभी नहीं मिली.

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