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मैंने प्यार के लिए शादी नहीं की, लेकिन शादी में मैंने प्यार पा लिया

लॉन्ग डिस्टेंस विवाह, दखलंदाज़ी करने वाले ससुराल वाले और दूरी बनाए रखने वाले पति की वजह से प्रीति तलवार अपनी शादी नहीं तोड़ सकती थी
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‘‘हमारी शादी को 25 साल हो चुके हैं। एक मील का पत्थर जो कभी एक दूर का सपना था …

मैंने हमेशा सफेद घोड़े पर सवार एक लंबे, सुंदर शूरवीर का सपना देखा था जो मुझे लहराते हुए उठा लेगा। लेकिन सपने हमेशा वास्तविकता में नहीं बदलते और हमारा मेल एक वैवाहिक कॉलम के माध्यम से किया गया था। कोई कोर्टशिप नहीं थी, कोई कैंडल लाइट डिनर नहीं, कोई प्रेमगीत नहीं था, न ही उपहारों का आदान-प्रदान था … हमारे परिवार मिले और शादी पक्की कर दी गई।

हमारे सगाई के एक सप्ताह के भीतर, हम विवाह बंधन में बंध गए। और किसी भी नई दुल्हन की तरह, मेरा दिल उत्साह से भर गया। मैं अपने वैवाहिक घर के छोर पर एक गुलाबी भविष्य का सपना देख रही था, जो प्यार और खुशी से भरा था। लेकिन मैं एक कठोर सदमे की ओर बढ़ रही थी।

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मेरी सास जिनकी जुबान अब तक शहद जैसी थी, वह अचानक एक चिल्लाने वाली चुड़ैल में बदल गई, जो मेरे हर किसी काम में दोष निकालती थी। मुझे रोज कड़ी फटकार लगाई जाती थी। मैं बचाव के लिए अपने पति को देखती थी लेकिन वह चुपचाप रहते थे। लेकिन सबसे बुरा अभी होना बाकी था।

हमारी शादी के दो महीने के भीतर मेरे पति के मार्चिंग आदेश आए – एक छह महीने की प्रशिक्षण अवधि के लिए जहां पत्नी को ले जाने की अनुमति नहीं थी। उनके माता-पिता के साथ रहने के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं था। हम टिपिकल नवविवाहित जोड़ा नहीं थे, और वह बिना कोई फीलिंग्स जताए चले गए।

वे 6 महीने 6 साल जैसे लगे। मेरे साथ एक युद्ध के कैदी की तरह व्यवहार किया जाता था – मित्रों और रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति नहीं थी, मुझसे सभी घरेलू काम करने की और परिवार के सदस्यों के हर व्यक्तिगत व्यवहारों के साथ एडजस्ट करने की उम्मीद की जाती थी ।

मेरे पास एक उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड था और उस समय के दौरान मुझे बहुत सारी नौकरियों के प्रस्ताव मिले लेकिन मेरी सास का कोई विरोध नहीं कर सकता था – वह मेरे नौकरी करने के सख्त खिलाफ थी। यहां तक कि मेरे ससुर भी उनके फैसले पर सवाल नहीं उठा सकते थे।

मेरी किताबें मेरे रोज की साथी बन गईं। आखिरकार, छह महीने की कठिन परीक्षा खत्म हो गई और मेरे पति को दूसरे शहर में नियुक्त कर दिया गया। अंततः हमें थोड़ी खुशी मिलेगी, सास-बहू द्वारा आपस में छोड़ी जाने वाली मिसाइलों से छुट्टी मिलेगी।

दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। मेरी सास हमें हर दिन कॉल करती थी, हमें बताती थी कि हमें हमारा जीवन कैसे जीना चाहिए, उनके फोन कॉल हमारे जीवन को पूरी तरह से नरक बना रहे थे। लेकिन मेरे पति अपनी मां पर अत्यधिक लाड़ बरसाते थे और सच को स्वीकार नहीं कर पाते थे। इसके बजाय हमने एक-दूसरे को अपशब्द कहना शुरू कर दिया।

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मैं घर में दुखियारा चेहरा लेकर घूमती थी, उन दोस्तों से ईर्ष्या करने लगी थी जो अपनी रोमांटिक शरारतों को उत्साह के साथ बताते नहीं थकते थे। विवाह मेरे लिए कोई प्यार भरी चीज़ नहीं निकली थी।

मैं अपने पति से कानूनी अलगाव का चरम कदम उठाने पर विचार करती थी। हालांकि, मध्यम वर्ग के मूल्यों के साथ पली-बढ़ी होने के कारण, मैं इस विचार को मानती थी कि विवाह हमेशा के लिए होता है, और उस पर हमेशा काम किया जाना होता है, जिसके लिए दोनों पक्षों को हर समय अपना सौ प्रतिशत देना होगा। मैं अपने पति को उनके वास्तविक रूप में स्वीकार करने लगी थी। उन्होंने भी प्रयास करना शुरू कर दिया और जल्द ही हम एक खूबसूरत लड़के के माता-पिता बन गए।
जल्द ही हमारी बेटी भी हमारे साथ आ गई और मैं, जिसने कभी अपने पति का नरमदिल पक्ष नहीं देखा था, हैरान रह गई थी। अचानक, वह और ज़िम्मेदार बन गये और घर के कामों में भी मदद करने लगे। वह डायपर बदलते थे, रात का भोजन बनाते थे, बच्चे को सोने के लिए लोरी सुनाते थे … यह रूपांतर एक अंडे से तितली बनने की तरह था।

लेकिन अभी भी वह अपने माता-पिता के पुराने दृष्टिकोण से दूर नहीं जा रहे थे। जब भी वे आते थे, वे देख नहीं पाते थे कि उनका प्रिय पुत्र मेरी मदद कर रहा था और एक आज्ञाकारी पुत्र होने के नाते, वह तुरंत रूक जाया करते थे।

मेरा जीवन एक नीरस काम बन चुका थी जिसे मैं स्वीकार नहीं कर पा रही थी और मैंने खुद के विचारों को लिखना शुरू कर दिया। जल्द ही मेरे कुछ लेख प्रकाशित हुए और मुझे अपनी कुछ कहानियों के लिए पुरस्कार मिलने लगे। और देखो, मेरे पति आखिरकार मेरा महत्त्व समझने लगे!

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हम तब से एक लंबा सफर तय कर चुके हैं। जीवन के उतार-चढ़ावों का सामना करते हुए, हम सही मायनों में विकसित हुए हैं। दो अजनबियों के बीच एक कड़ी जुड़ी है और मेरे पति अब सहानुभूतिपूर्ण कंधे हैं जिस पर मैं अपना सिर रख लेती हूं जब जीवन से परेशान हो जाती हूँ। वह अब और अधिक धैर्यवान और समझदार हो गए हैं, जिसने मुझे जीवन में और अधिक आत्मविश्वासी और सकारात्मक बना दिया है।

मैंने मेरे कान में प्यार भरी बातें कहने वाले सुन्दर शूरवीरों का सपना देखा होगा, लेकिन यह मेरा गलतियां से भरा पति है जो मेरे लिए एकदम सही मैच है।”

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