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४ साल के मानसिक प्रताड़ना के बाद मैंने तलाक़ लिया मगर अब आत्महत्या के विचार आते हैं.

मेरे पास न नौकरी है, न दूसरी शादी के लिए कोई रिश्ता. मैं अपने परिवार के लिए एक परेशानी से ज़्यादा कुछ नहीं रह गई हूँ. इस उदासी से निकलने का एक ही रास्ता दीखता है- आत्महत्या.
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प्रश्न:

प्रिय मैम

मैं एक तलाक़शुदा स्त्री हूँ. शादी के चार साल मैंने बहुत ज़्यादा मानसिक तनाव और दर्द झेला है. इस समय न मेरे पास कोई नौकरी है और न ही कोई शादी के प्रस्ताव. मेरे पिता मुझे लेकर अक्सर चिंतित रहते हैं.

मैं अपनी ज़िन्दगी ख़त्म करना चाहती हूँ.

मैं चाह कर भी खुद को खुश नहीं रख पाती. मुझे लगता है की मैं अपने परिवार के लिए बोझ हो गई हूँ. मुझमे आत्मविश्वास की कमी है और मैं हमेशा खुद को कमतर समझती हूँ. लोग कहते हैं की मैं बहुत अच्छी और सीधी साधी हूँ इसलिए मेरे जीवन में इस प्रकार की मुश्किलें आ रही हैं. मैं स्मार्ट नहीं हूँ और बहुत ज़्यादा संवेदनशील हूँ. ज़िन्दगी के हर पहलु से मैं बिलकुल हताश हो चुकी हूँ. अपनी ही ज़िन्दगी से घुटन होती है. मैं कहाँ जाऊं? अकेले बैठ कर रोती रहती हूँ. मैं अपने ही परिवार के लिए मुश्किल और परेशानी का कारण बन गई हूँ. प्लीज मेरी मदद करें. कभी कभी मेरा आत्महत्या करने का मन करता है. मुझे बताइये की मैं किस तरह अपने मन को प्रबल बनाऊंऔर खुद को ऐसे विचारों से बचाऊं..

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निश्मिन मार्शल की सलाह:

बहुत अच्छा लगा की आपने मदद के लिए हमें लिखा.

सबसे पहले तो मुझे आपको ये बताना है की आप स्मार्ट, सक्षम और समझदार हैं. आपने बताया की आप अपनी शादी के चार साल मानसिक उत्पीड़न का शिकार रही हैं. चार सालों तक ऐसी प्रताड़ना झेलना एक बहुत ही जटिल बात है. आपके तलाक को कितना समय हो चूका है?

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एक गहरी सास लीजिये। आपको लगता है की क्योंकि आपके पास न नौकरी है न कोई जीवनसाथी, आप अपने परिवार के लिए बोझ बन गई हैं. आपका ऐसा सोचना समझ आता है मगर आप एक बात याद रखें की अगर हड़बड़ाहट में, या परिवार के बारे में सोच कर फिर से शादी की तो शायद आप कुएं से निकल कर खाई में फंस जाएँगी. इसलिए अपने मन को शांत करिए। ज़िन्दगी में कई बार परिस्तिथि इतनी जटिल हो जाती है की हम असहाय महसूस करते हैं और लगता है की हमारे जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा. मगर इस समय आपको अपने विश्वास को संभाल कर रखना है.उन चीज़ों के बारे में मत सोचे जिनका आपके जीवन में अभाव है, उन चीज़ों पर ध्यान दे जो आपके पास हैं. जब एक रास्ता बंद होता है तो विश्वास रखिये, एक दूसरा रास्ता ज़रूर खुलता है.

खुश होना बहुत हद तक हमारे खुद के हांथों में होता है. आपने अपने जीवन में बहुत कुछ झेला है मगर इसका मतलब ये नहीं की आप आत्महत्या जैसे विचार मन में घर करने दें. अपने जीवन की डोर को कस कर सम्भालिये और खुद को बार बार यकीन दिलाइये की चाहे कुछ भी हो जाये, मैं अपनी ज़िन्दगी जीने लायक बनाऊँगी.

मैं खुद भी खुश रहूंगी और दूसरों को भी प्रेरित करूंगी. दूसरों की मदद कर अपना आत्मविश्वास जगाइए. अकेले बैठ कर खुद को बेचारा न समझे. ऐसी सोच आपको और दुःख ही दे सकती है. सकारात्मक बातें सोचें, अच्छे काम करें और उन लोगों के साथ उठे बैठे जो खुश रहते हैं. कभी भी ये न सोचें की मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ. इसके विपरीत ये सोचे की इस परिस्तिथि का सामना करने की और इससे उबर कर निकलने की क्षमता मुझमे है. यकीन मानिये, जब आप खुद की मदद करना शुरू करेंगी तो पूरा ब्रह्माण्ड भी आपकी मदद करने को तत्पर होगा.

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सबसे ज़रूरी बात ये है की आपको अपने लिए दुखी होना बंद करना होगा और अपने जीवन की छोटी छोटी खुशियों पर कृतज्ञ होना सीखना होगा. आप अपने अंदर की अच्छी को परखिये और साथ ही अपने आस पास की अच्छाई को भी देखें. कभी भी अपनी ज़िन्दगी को खत्म करने का ख्याल मन में ना आने दें. याद रखें आपकी ज़िन्दगी ईश्वर की तरफ से आपको एक भेट हैं और आप इसका बेहतर से बेहतर उपयोग करें और दूसरों के लिए भी मार्गदर्शक बनने की कोशिश करें.

ईश्वर पर भरोसा रखें और उनसे सही राह दिखाने की प्रार्थना करें.

आपको हमारी शुभकामनाएं
निश्मिन

मेरा शादीशुदा जीवन मेरे रोमांटिक सपनों के बिल्कुल विपरीत था

अगर एक पत्नी चाहे तो अपने पति की ज़िंदगी बर्बाद कर सकती है

मेरी शादी ने मुझे इतना डरा दिया कि मैंने आत्महत्या करने की कोशिश की लेकिन मेरे पति ने मुझे बचा लिया

 

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