Hindi

मेरे माता-पिता ने मेरे समलैंगिक भाई को मरने के लिए मज़बूर कर दिया

एक युवा पुरूष जिसे गलत समझा गया और जिसने अपनी लैंगिकता के साथ संघर्ष किया, उसका अंत दुखद हुआ
gay-brother

(जैसा पूजा शर्मा राव को बताया गया)

पहचान छुपाने के लिए नाम बदल दिए गए हैं

आज मैं शिमला में जाखू पहाड़ी पर स्थित हमारे पैतृक घर की अटारी पर विशाल फ्रैंच खिड़की के पास फिर से बैठी। शहर की बत्तियां, सितारों से जड़े किसी कंबल की तरह मेरे सामने फैली हुई थी।

आज मैं फिर से मेरे छोटे भाई विक्रम के बारे में सोच रही थी, जो हमारे भूतपूर्व कुलीन परिवार और एक लंबे राजनितिक वंश का वंशज था। मैं कुछ वर्ष बड़ी थी और हम शिवलिक पहाड़ियों में मशहूर बोर्डिंग स्कूल में साथ में थे, जहां 90 के दशक में भी समलैंगिक जोड़े एक खुला रहस्य थे। लेकिन इनमें से अधिकांश संबंध स्कूल से शुरू होकर स्कूल में ही खत्म हो गए। उन दिनों भारत में मोबाइल फोन के आगमन से पहले, पत्र लिखने और ट्रंक कॉल के वादे जल्द ही टूट जाते थे, और इस तरह के अधिकांश अवैध संबंध, समलैंगिकों से डरने वाले कर्मचारियों, प्रबंधन और बड़े लड़कों की उत्सुक नज़रों से छुप कर फलते-फूलते थे।

ये भी पढ़े: माँ ने समलैंगिक बेटे को अपना लिया लेकिन पिता ने नहीं

आंतरिक संघर्ष

विक्रम उन दिनों कई गहन भावनाओं से जूझ रहा था, जैसे कि डर, अत्यंत अकेलापन, अपराधबोध, स्वयं से नफरत और संबंध के अनुभव की उग्र आवश्यकता; मैं उसकी एकमात्र विश्वासपात्र थी, लेकिन उसकी मदद के लिए मैं कुछ नहीं कर सकती थी।

Please Register for further access. Takes just 20 seconds :)!

मैं अपने ब्वॉयफ्रैंड के माता-पिता के साथ लिव-इन में रहती हूँ

पिता की मौत के बाद जब माँ को फिर जीवनसाथी मिला

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No