मेरे पति की कामेच्छा खत्म हो गई इसलिए मैंने अपने स्कूल के दोस्त का रूख किया

my husband has lost his libido

(जैसा प्रिया छापेकार को बताया गया)

अपनी हनीमून अवधि में किसी भी अन्य जोड़े की तरह, मेरा पति (तब वह मेरा बॉयफ्रैंड था) और मैं प्यार में डूबे हुए थे। मुझे अब भी वह रात याद है जब हम मिले थे – एक सर्दियों की शादी। एक बोनफायर पार्टी। टोस्टेड मार्शमेलो की सुगंध से भरा वातावरण। ध्वनिक संगीत। भावुक मौसम। हम मस्ती मज़ाक करते हुए गले मिलने लगे और इससे पहले की हमें पता लगता, हम एक ही शॉल ओढ़े हुए थे। डेटिंग अवधि के दौरान हमारी केमिस्ट्री ईर्ष्या योग्य थी। हम प्यार करने का एक भी अवसर नहीं गंवाते थे। हमने यह सब जगह किया। लिफ्ट में, पार्किंग गराज और मूवीज़ में, बिस्तर पर, बीच और किचन काउंटर पर। हम गंदे वॉशरूम में पागलों की तरह और महंगे होटल के कालीन पर भी उतनी ही तीव्रता के साथ किस करते थे। हमें किसी की परवाह नहीं थी।

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फिर हमने शादी कर ली

दो साल बाद हमने शादी कर ली और फिर वासना का टावर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हाँ, शुरूआत के कुछ महीने एक्शन से भरे थे, लेकिन अब उसमें वह मज़ा नहीं रहा था क्योंकि यह अब वर्जित नहीं रहा था। हम इसे जब चाहे कर सकते थे। तो कभी-कभी यह बेस्वाद हो जाता था और कभी-कभी हमारा मन ही नहीं करता था। मैं घर में बगैर कपड़ों के चल सकती थी और अब मेरे पति को मुझे मेरी कमर से पकड़ कर बिस्तर पर लेटाने की ज़रूरत महसूस नहीं होती थी। मेरे पीछे भागना तो स्पष्ट रूप से खत्म हो चुका था।


उसके बाद मैं लाइफस्टाइल वेबसाइटों और पत्रिकाओं में “शादी के बाद स्पार्क को दुबारा जीवंत कैसे करें?’’, ‘‘क्या आपका नया साल मसालेदार है?’’, ‘‘आपका पति क्या चाहता है?’’, ‘‘जोश को कायम रखने के 8 तरीके” आदि के बारे में पढ़ने लगी। मैंने सेक्सी लॉन्जरी, जो बहुत ज़्यादा असहज थी, परफ्यूम और बॉडी बटर्स पर बहुत ज़्यादा पैसा खर्च किया। लेकिन किसी ने भी काम नहीं किया।

मैं नहीं जानती की यह उम्र के अंतर के कारण है या फिर हमारी टाइमिंग के कारण लेकिन हमारा सेक्स जीवन कुछ ही वर्षों में नाटकीय से बेरंग हो गया। सेक्स जीवन, लाव लाइफ नहीं। हम अब भी प्यार करते थे। हम नई जगहें देखने के लिए यात्रा किया करते थे, विशेष अवसरों पर एक दूसरे को सरप्राइज़ किया करते थे और रात में साथ में नहाते थे और कडल करते थे। लेकिन अब वह वो वाइल्ड बॉय नहीं रहा था जिससे मुझे उस चांदनी रात में प्यार हो गया था।

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वह कम, और मैं ज़्यादा चाहती थी

जब मेरे पति की कामेच्छा तेजी से घट रही थी, मेरी कामेच्छा बढ़ते ज्वार की तरह बढ़ रही थी। मैंने हॉट शॉवर के दौरान और उन रातों में कंबल के भीतर खुद को सुख देना शुरू कर दिया जब मैं घर पर अकेली होती थी।

फिर मुझे पता लगा कि ओर्गेज़्म प्राप्त करने के बाद मेरा जीवन बेहतर लगता है। मैं उन कुंठित स्त्रियों जैसी नहीं बनना चाहती थी जिन्हें अपना चिड़चिडापन दूर करने के लिए किसी के भी साथ सोने की जरूरत पड़े, इसलिए मैंने अपने संदूक में छिपाए हुए सेक्सुअल टॉइज बाहर निकाल लिए। अब मुझे अपने पति को मूड में लाने के लिए उसे एक ड्रिंक देने की ज़रूरत नहीं थी और ना ही हर महीने भयानक दर्द वाले ब्राज़ीलियन वेक्स के लिए जाने की। मैं अपनी ज़रूरतें खुद पूरी कर सकती थी।

खैर, तो मैंने यह सोचा था जब तक की मैं किराने की दुकान में अपने स्कूल के दोस्त करण से नहीं मिली थी। हम सोशल मीडिया पर एक दूसरे के साथ फिर से जुड़ गए। मेरे लिए उसके गुड मॉर्निंग धूप से भी ज़्यादा मायने रखते थे और मैं उसके द्वारा तारीफे सुन कर खुश होती रहती थी – मेरी त्वचा के रंग के लिए, मेरे होंठों के आकार के लिए और मेरी पतली कमर के लिए। करण के मधुर शब्दों ने मुझे आश्वस्त कर दिया कि मैं अपने 30 के शुरूआती दशक में भी बहुत हॉट थी।

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pleasuring myself
Pleasuring myself

एक तरफ मेरा पति था जिसे मैं बहुत प्यार करती थी और दूसरी तरफ था करण जो मेरी शरीर की हर जरूरत पूरी करने में और मुझे आधुनिक युग की एफ्रेडाइट महसूस करवाने में सक्षम था। क्या ग्रीक देवी एफ्रेडाइट के लिए यह उचित होगा कि वह किसी पुरूष से आग्रह करे की वह उसे प्यार करे? नहीं, ऐसा नहीं होगा। इसलिए एक दिन, करण ने मुझे कॉफी पीने के लिए उसके घर पर आमंत्रित किया, मैं गई और चीज़ें वैसी ही होती चली गई जैसा मैंने चाहा था।

मेने जीवन में मज़ा वापस आ गया है

मुझे याद नहीं कि आखरी बार जब किसी पुरूष ने मेरी गर्दन पर चुंबन दिया था या मेरी ब्रा का हुक खोला था तो मैं ऐसी कंपकपाई थी। मुझे याद नहीं कि आखरी बार कब मैं संभोग के बाद भी बिस्तर में रही थी, कॉफी पीते हुए और सिगरेट फूंकते हुए, आखरी बार कब किसी पुरूष ने मुझे खूबसूरत महसूस करवाया था।

मुझे पता है कि यह कई मायनों में गलत है, लेकिन अपनी इच्छा दबाना और दिन-ब-दिन कंबल के भीतर खुद को खुश करना भी उतना ही गलत है। अपने साथी के इरेक्ट होने की प्रतिक्षा करना सदियों जितना लंबा लगता है। खुद को प्यार करना अच्छा है, लेकिन अगर कोई आपको प्यार करना चाहता है, तो शायद आपको उन्हें एक मौका दे देना चाहिए?

खुद को प्यार करना अच्छा है, लेकिन अगर कोई आपको प्यार करना चाहता है, तो शायद आपको उन्हें एक मौका दे देना चाहिए?

हालांकि, स्वयं की रिस्क पर।

उसने अपने पति को धोखा दिया और अब डरती है कि कहीं उसका भी कोई संबंध ना हो

एक विवाहेतर संबंध के दो पहलू

मैं अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ फिर भी अपने सहकर्मी की ओर आकर्षित हूँ

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