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मेरे पति की उम्र मुझसे दुगनी थी और वह हर रात मेरा बलात्कार किया करता था

उसने आठ साल तक हर रात अपनी पत्नी का बलात्कार किया और फिर वह अंततः अब्यूसिव विवाह से बच निकली
Rape in marriage

(जैसा कीर्ति जयकुमार को बताया गया)

मैं 18 साल की थी और मुझे 34 या 35 साल के आदमी के साथ शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। मेरे पिता ने घर आकर कहा कि उन्हें मेरे लिए एक लड़का मिल गया है और मुझे इसके बारे में खुश होना चाहिए क्योंकि ‘लड़का’ एक अमीर पृष्ठभूमी से है। मैं निश्चित रूप से उत्साहित थी ठीक उसी तरह जिस तरह एक वंचित और कंगाल टीनएजर पैसे और धन को देखता है, उस जीवन को जीने की आशा में जो उसने सिर्फ फिल्मों में ही देखा है। मेरा परिवार -बहनें और चाचियां मुझे छेड़ती रहती थीं और उन्होंने मेरे मन में उम्मीदें जगा दी थीं।

ऐसा लग रहा था जैसे स्वर्ग मिल गया है – शादी के बारे में चिकनी चुपड़ी बातें, मेरे पिता को उसके द्वारा दिए गए भव्य उपहार और मुझे दी गई शादी की ठाठ बाट।

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उस रात मेरा दुस्वप्न शुरू हो गया
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लेकिन चीज़ें सुहागरात के दिन ही भद्दी हो गई। मैंने सोचा था कि मैं उसे बताउंगी कि मैं डरी हुई हूँ, असहज हूँ और कुछ भी जल्दबाज़ी में नहीं करना चाहती हूँ -सेक्स के मामले में -लेकिन सुहागरात के दिन दरवाज़ा बंद होते ही उसने मुझे खींचा और मेरे साथ जबरदस्ती की। यह रफ, हिंसक और पीड़ादायक था और मेरे शरीर पर चोट लगी थी। अगली सुबह, चलने में असमर्थ होने के बावजूद मैं बाहर निकली और अस्पष्ट रूप से याद किया कि मुझे बहुत सी चीज़ें करने के लिए मजबूर किया गया जो मेरे दिमाग को समझ नहीं आया। मुझे लगा कि यह उत्साह था और उसे उत्साह का नाम दे डाला।

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घर सेट करने और एक नववधु की तरह अपना जीवन चलाने के बीच मुझे बहुत सी चीज़ों पर फोकस करना था।

लेकिन रात दर रात मेरा पति मेरे साथ ज़बरदस्ती करता था – और इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता था कि मैं मूड में नहीं थी, असहज थी, दर्द में थी या यौन संबंधों के बारे में बिल्कुल भी खुश नहीं थी।

वह मेरे साथ ज़बरदस्ती करता था और कभी-कभी मुझे दर्द देने के लिए बाहरी वस्तुओं का भी इस्तेमाल करता था और टीवी चला लिया करता था और मुझे चीखने के लिए मजबूर किया करता था। और अगर मैं ऐसा नहीं करती थी, तो वह मुझे तब तक चिकोटी काटता था जब तक मैं ऐसा कर ना लूँ।

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मुझे मेरे परिवार से कोई सहयोग नहीं मिला|

मेरी माँ के साथ बातचीत में सिर्फ यही बातें दोहराई जाती थीं कि मुझे एक अच्छी पत्नी बनना होगा और यह सामान्य था; क्योंकि अगर मेरा पति मेरे साथ नहीं सोएगा तो बेचारा कहां जाएगा? एक स्थान वह भी आता था जब वह टीवी पर एक के बाद एक पोर्न फिल्म लगाता जाता था और मुझे बिल्कुल वैसा ही करने के लिए कहता था जो स्क्रीन पर दिख रहा होता था। मैं कई बार गर्भवती हो गई, लेकिन उसकी हिंसा की वजह से हर बार मेरा गर्भपात हो गया। इसी तरह आठ साल बीत गए।

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धीरे-धीरे आघात बढ़ता ही गया और मुझे बच कर निकलना था। तलाक आदि एक अच्छा विकल्प नहीं होते हैं जब आप मेरी जैसी पृष्ठभूमि से आते हैं। मैंने मेरा घर छोड़ दिया और जो पहली ट्रेन मिली उसमें बिना टिकट के चढ़ गई। मानसिक बिमारी का नाटक करते हुए मैं बिना बात के हंसने लगी ताकि लोग मेरा बलात्कार ना करें और मुझे छूएं नहीं। पूरी रात की यात्रा के अंत में एक रेल्वे स्टेशन पर मैंने एक जगह ढूंढ ली – जिसका मतलब है कि मैं मेरे पति से कम से कम 12 घंटे दूर थी और वह मुझे ढूंढ नहीं सकता है। मैंने एक हफ्ते तक भीख मांग कर खाना खाया।

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उसने मुझे प्लेटफॉर्म पर देखा

एक बार, मैंने देखा कि कई औरतें कहीं जाने के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेल्वे स्टेशन पर जमा हैं। मैंने सोचा कि मैं पैसे मांगने के लिए उनके पास जाती हूँ – औरतें आदमियों की तुलना में ज़्यादा पैसे देती हैं, या फिर मैंने ऐसा अनुभव किया था। उस ग्रूप में से एक औरत ने मुझसे पूछा कि मैं भीख क्यों मांग रही हूँ तो मेरी आंखों में बंद पड़े आंसू बह निकले। मैंने उसके सामने रो कर सब कुछ बता दिया। उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं उसके घर में नौकरानी का काम करना चाहूंगी, भीख मांगना छोड़ कर गरिमापूर्ण जीवन जीना चाहूंगी। मैंने हां कर दिया और उसने मुझे बताया कि वह 15 दिन बाद लौटेगी और उसने मुझसे अमुक दिन को अमुक जगह मिलने को कहा। वे 15 दिन हंसी खुशी बीत गए।

आज, मैं उनके घर में नौकरानी के तौर पर काम करती हूँ। जीवन चुनौतीपूर्ण ज़रूर रहा है लेकिन मेरे पति के साथ बिताए गए वर्षों जितना भयानक नहीं है -मैं 26 वर्ष की उम्र में भागी थी, और अब मैं लगभग 40 साल की हूँ। मैं अविवाहित ही रही हूँ, लेकिन मेरा एक परिवार है; जिस लड़की ने मुझे बचाया था वह मेरी बहन जैसी है और मैं कभी नहीं भूलूंगी कि उसने मेरे जीवन को किस तरह सुधारा।

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वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करना

मुझे पता नहीं कि कानून की किताबों में वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने से कोई फर्क पड़ेगा या नहीं। क्योंकि मेरे जैसी औरतों को कभी पुलिस का सहयोग नहीं मिलेगा – कम से कम मुझे तो यही महसूस करवाया गया था – क्योंकि जिस पृष्ठभूमि से हम आते हैं, पूलिस भी पैसा बनाने का इंतज़ार करती रहती है या कभी-कभी बिल्कुल परवाह नहीं करती है। लेकिन यह निश्चित रूप से उन महिलाओं के लिए अच्छा रहेगा जो शिकायत करने, रिपोर्ट दर्ज करने और मेरे पति जैसे बुरे पति को गिरफ्तार करवाने की हिम्मत रखती हैं।
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