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मेरे पति ने बीमारी और दर्द में मेरा साथ दिया

वह अभी भी जवान थी, जब उसे एक भयानक उपचार से गुजरना पड़ा, लेकिन उसे पता था कि उसका पति अपने पिता का सच्चा बेटा था

2001 में, मैं 33 वर्ष की थी और मुंबई में एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के रूप में काम करती थी जब मल्टीपल स्क्लेरोसिस (एमएस) ने मुझ पर वार किया, हालांकि डायग्नोस करने के लिए कुछ समय लगा। एमएस एक इनफ्लेमेटरी बीमारी है जिसमें मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में तंत्रिका कोशिकाओं के इन्सूलेटिंग कवर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। यह नुकसान तंत्रिका तंत्र के भागों की संवाद करने की क्षमता को बधित करता है।

मैं बाहर जाने से बचने लगी, क्योंकि मैं बहुत अच्छी तरह से नहीं चल सकती थी और हमेशा फिसलने/ गिरने या मजाक बनने के बारे में चिंतित रहती थी। मुझे जिस दूसरी समस्या का सामना करना पड़ा वह असंयम थी, बाथरूम जाने की तीव्र इच्छा, जो कि भारत में एक महिला के लिए अभी भी एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि हम में से अधिकांश ने गर्भावस्था के दौरान इसका सामना किया है। मेरे पति जान सकते थे कि कुछ गड़बड़ थी और मुझे कम से कम एक बार चेक-अप के लिए जाने के लिए कहते रहे, लेकिन मैं इसे अनदेखा करके कुछ न कुछ बहाना बनाती रही, क्योंकि मुझे वास्तव में परिणाम का डर था। अंत में, मेरे पति को मुझे अस्पताल जाने के लिए मजबूर करना पड़ा। इसके बाद डायग्नोस आया।

मेरे पति ने इसके बारे में पढ़ा, और मुझे हमेशा कहा कि मुझे कभी भी एक खोल में बंद नहीं होना चाहिए, बल्कि जो भी कुछ मैं कर सकती हूँ वह करना चाहिए।

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