मेरी पत्नी घर का खर्च उठाती है, और मुझे उससे कोई समस्या नहीं है

breadwinner

समान अकादमिक डिग्री और लगभग समान कार्य अनुभव होने के बावजूद, मुझे यह कहने में गर्व महसूस होता है कि मेरी पत्नी हमेशा से ही मुझसे ज़्यादा कमाती आई है। और इस बात से मुझे ज़रा सी भी परेशानी नहीं हुई, इस तथ्य को छोड़ कर की मुझे कभी-कभी उससे ऋण लेना पड़ता है। और हाँ, हम एक दूसरे के प्रति वफादार और प्रतिबद्ध हैं। लेकिन कभी-कभी हम अपने सेलिब्रिटी क्रश के सपने ज़रूर देखते हैं।

working woman

ये भी पढ़े: अरेंज्ड विवाह के बाद मैंने कैसे अपनी पत्नी का भरोसा जीता

लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि मुझे मेरे परिवार या दोस्तों ने चिढ़ाया नहीं कि मैं अपनी पत्नी से कम कमाता हूँ। बल्कि, जब मैंने फुलटाइम नौकरी छोड़ दी और स्टे-एट-होम-डैड की यह अद्भुत भुमिका निभाने लगा तो चिढ़ाना लगभग दुगना हो गया। और हाँ, कभी-कभार मेरे पुरूष अहंकार को चोट भी लगी थी। मुझे लगता है कि इसका कारण वह गहरी बैठी विचारधारा है कि पुरूष की यही पहचान है कि वह अपने परिवार का भरण-पोषण और रक्षा कैसे करता है और स्त्री की पहचान उसकी घरेलू शक्ति और परवरिश की क्षमता है।

और यद्यपि आज एक आर्थिक बदलाव आया है और हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां महिलाएं वे भूमिका भी निभा रही हैं जो हमेशा से पुरूषों का क्षेत्र रहा है, फिर भी हमारा सामाजिक जीवन और मानसिकताएं नहीं बदली हैं।

मैंने जल्द ही यह बात स्वीकार कर ली कि मेरी पत्नी का मुझसे ज़्यादा कमाना मेरे पुरूषत्व या एक लविंग पति, पिता और व्यक्ति होने की क्षमता को प्रतिबिंबित नहीं करता है। इसलिए भले ही समाज और मेरे आसपास के लोग मेरे कमाने की क्षमता पर मुझे उलाहने देने की कोशिश करते हैं, मुझे खुशी है कि मेरी पहचान मेरी पत्नी से ज़्यादा कमाने की कोशिश में अव्यवस्थित नहीं हो गई है।

ये भी पढ़े: क्या विवाहित भारतीय महिलाओं को उन अविवाहित महिलाओं से असुरक्षा का एहसास हुआ करता है जिनसे उनके पति मिलते हैं?

और कारण ये हैं:

o मैं अपनी पत्नी की ऊंची कैरियर महत्वाकांक्षाओं से कभी डरा नहीं। बल्कि, मैंने हमेशा उसके निर्णय का साथ देने और उसका सहारा बनने की इच्छा महसूस की है, जैसा मैंने वादा किया था। बेशक यह चुनौती रही है क्योंकि मेरी पत्नी कभी-कभी मुझसे भी उतना ही प्रेरित होने की उम्मीद करती है जितनी वह है। यहां तक कि, अगर ‘ज़्यादा महत्त्वकांक्षी कैसे बनें’ विषय पर कोई परामर्श होता तो मुझे लगता है उसने मुझे वहां ज़रूर भेजा होता।

o मैंने हमेशा हम दोनों को साथियों के रूप में देखा है ना कि प्रतिद्वंदियों के। पैसा ऐसी चीज़ है जो कभी-कभी एक जोड़े के रूप में आपके जीवन पर एक तूफानी काले बादल की तरह मंडराता है।

ये भी पढ़े: मेरी सास की मृत्यु के बाद मैंने उनसे ये महत्त्वपूर्ण सबक सीखे

लेकिन यह जानना महतत्वपूर्ण है कि हम ‘परिवार’ नामक एक ही टीम का हिस्सा हैं और अंतिम लक्ष्य हमेशा खुशी है।

o पैसा कभी हमारे रिश्ते की नींव नहीं रहा है। हालांकि हम दोनों सहमत हैं कि पैसा निश्चित रूप से महत्त्वपूर्ण है, लेकिन यह हमारे रिश्ते का मुख्य केंद्र बिंदू या निर्णायक कारक कभी नहीं रहा है। हम अपने खर्च सबसे तार्किक तरीके से विभाजित करने का प्रयास करते हैं। तो, अगर मैंने घर की कुल आय का 20 प्रतिशत कमाया है, तो मैं कुल घरेलू खर्च के 20 प्रतिशत का भुगतान करता हूँ। इस तरह, उसे कभी नहीं लगता कि घर का पूरा खर्च वही उठा रही है। हम संयुक्त खाते में अतिरिक्त आय भी जोड़ते हैं जिसे हम ‘हमारी बचत’ कहते हैं।

o आय में असमानता के बारे में बात यह है कि यह बात तभी बाहर आती है जब आपको उम्मीद भी नहीं होती – जैसे पूरी तरह असंबंधित बहस के दौरान, और हम दूसरे व्यक्ति की तुलना में एक एडवांटेज लेने की कोशिश करते हैं। इस तरह पैसा बुरा है – यह आपको शक्तिशाली महसूस करवाता है। एक चीज़ जिसने निश्चित रूप से हम दोनों की मदद की है वह यह निर्णय लेना है कि हम बहस के दौरान कभी भी पैसों को या फिर इस तथ्य को बीच में बीच में नहीं लाएंगे कि एक व्यक्ति दूसरे से कहीं ज़्यादा कमाता है।

एक सफल कैरियर वुमन के पति के रूप में, मैं समझता हूँ कि उच्च भुगतान वाली भूमिकाएं अतिरिक्त ज़िम्मेदारियों के साथ आती हैं। इसका मतलब है कि मैं उससे पारंपरिक पत्नी की पुरानी परिभाषा की तरह व्यवहार करने की उम्मीद नहीं करता, ना ही मैं उसे अपने परिवार के साथ पर्याप्त समय नहीं बिताने के बारे में दोषी ठहराता हूँ। इससे भी मदद मिली है कि अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, मेरी पत्नी ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि उसका काम उसके परिवार से ज़्यादा प्राथमिक नहीं बन जाए। जब पैसों के मामले की बात आती है तो इस आपसी देनदारी और समझ ने निश्चित रूप से दोनों स्तरों की स्थिति को बनाए रखने में हमारी मदद की है।

ये भी पढ़े: मेरी माँ बेवजह भाभी की शिकायतें करती हैं

stay at home dad

लेकिन हमारी आय में असमानता के बावजूद, शायद जिस चीज़ ने हमारे सुखी विवाह को बरकरार रखने में हमारी मदद की है, वह यह तथ्य है कि हमने हमेशा संचार का रास्ता खुला रखा है और अगर कोई भी नाराज़गी या असुरक्षा की भावना आती है तो हम उसके बारे में बात करने से हिचकिचाते नहीं हैं।

जब जोड़ों के सामने आने वाली चुनौतियों की बात आती है तो कुछ ही चीज़ें हैं जो स्पष्ट बातचीत (और सेक्स) हल नहीं कर सकते।

जब शादी ने हमारे प्रेम को ख़त्म कर दिया

जब शादी ने हमारे प्रेम को ख़त्म कर दिया

Spread the love

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.