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ओह माई गॉड! कामुकता के बारे में पौराणिक कथाओं का क्या दृष्टिकोण है

Lord Krishna

विभिन्न संस्कृतियों और महाद्वीपों की पौराणिक कथाओं में कामुकता के बारे में दृष्टिकोण कितना अलग या समान है?

ईसाई पौराणिक कथाओं में सेक्स पाप है। ईस्लामिक पौराणिक कथाओं में, स्वर्ग (जन्नत) में नूर और हूर, परी जैसी कामुक सुंदरी का वादा होता है। दोनों ही धर्म होमोसैक्सुआलिटी के प्रति असहज हैं। इब्राहीम के भगवान, यहोवा ने यौन दुर्व्यव्हार के चलते सदोम और गमोरा को नष्ट कर दिया था। लोग मानते हैं कि यह यौन दुर्व्यव्हार होमोसैक्सुआलिटी है, लेकिन जब आप मूल अनुवाद पढ़ते हैं तो ऐसी कोई बात है ही नहीं: इसका मतलब सिर्फ उन अजनबियों के साथ स्वतंत्रता लेना है जिन्होंने आश्रय मांगा है, और इस प्रकार आतिथ्य कोड को तोड़ दिया है।

दोनों ही लोत की अपमानजनक कहानियों से व्याकुल नहीं लगते हैं (इस्लामिक पौराणिक कथाओं में लूत)। यूनानी पौराणिक कथाओं में, हम देखते हैं कि जी़उस विभिन्न परियों को उसके साथ सेक्स करने के लिए मजबूर करता है। फिर भी, कौशल और ज्ञान के लिए जानी जाने वाली एथेना और आर्टेमिस जैसी कई देवियाँ, कुंवारी रहने का विकल्प चुनती हैं।

भारतीय और यूनानी पौराणिक कथाओं की महिलाओं के बीच आप समानांतरता कैसे दर्शाएंगे?

ये बहुत अलग पौराणिक कथाएं हैं। दोनों ही कई देवी-देवताओं का उल्लेख करते हैं लेकिन ग्रीक माइथोलॉजी एक जन्म में विश्वास करती है और यह भी की भगवान मनुष्य से डरते हैं जबकि हिंदू माइथोलॉजी कई जन्मों में विश्वास रखती है और यह भी कि भगवान किसी इंसान से नहीं डरते। ज़ीउस द्वारा एल्सेमीन को अपने साथ सेक्स करने के लिए छला जाता है, जब वह उसके पति का रूप ले लेता है, जैसा इंद्र अहिल्या के साथ सेक्स करने के लिए करता है, लेकिन एल्सेमीन इस छल से अन्जान है और हरक्यूलस की माँ बन जाती है, जबकि अहिल्या को अपने इस ‘अपराध’ के लिए दंडित किया जाता है और पत्थर में बदल दिया जाता है। हेलेन पेरिस के साथ भाग जाती है। रावण द्वारा सीता का अपहरण कर लिया जाता है। दोनों ही मामलों में, पति अपहरणकर्ताओं के साथ युद्ध करते हैं। इसलिए सतही समानताएं मौजूद हैं लेकिन एक बड़ा अंतर है।[restrict]

कृष्ण, अर्जुन और पांचाली के बीच के संबंध/ समीकरण पर टिप्पणी करें।

हम सोचते हैं कि कृष्ण ने द्रौपदी के स्वयंवर में भाग क्यों नहीं लिया। हम चाहते हैं कि इसे समझाने के लिए वे भाई-बहन बन जाएं। शायद इसलिए क्योंकि उसने कर्ण (एक सारथी) को अस्वीकार कर दिया और ऐसा करते हुए एक ग्वाले (कृष्ण) को अयोग्य घोषित कर दिया और पाँच ब्राह्मणों की बन गई जो बाद में पाँच क्षत्रिय निकले। शायद उसे बाद में अपनी गलती का अहसास हुआ। हम सिर्फ अटकलें लगा सकते हैं। उसने कर्ण को अस्वीकार कर दिया और कर्ण ने उसे चोट पहुंचाई। कृष्ण ने द्रौपदी को अस्वीकार कर दिया, लेकिन उसकी रक्षा की।

द्रौपदी ने अर्जुन को चुना, लेकिन वह उसकी रक्षा करने में नाकाम रहा।

हमारी पौराणिक कथाओं में पॉलिगेमी को मैनेज करने वाले पुरूषों और महिलाओं के बारे में आपके क्या विचार हैं? वे अपने विभिन्न साथियों के बीच अपने स्नेह को कैसे बांटते थे? क्या सच में एक से ज़्यादा व्यक्तियों से प्यार करना संभव है?

प्रकृति में, जानवरों में सभी प्रकार के यौन संबंध होते हैं: हंस मोनोगोमस होते हैं, बंदर पॉलीगेमस होते हैं, कई कीड़े अपने प्रेमियों को खा जाते हैं, दरियाई घोड़े और पेंगुइन नर बच्चों का ख्याल रखते हैं, पक्षी साथ में घोंसले बनाते हैं और शेरों के जनानखाने होते हैं और वे बच्चों के पालन पोषण की ज़िम्मेदारी मादाओं को सौंप देते हैं। पशुओं की 1000 से ज़्यादा प्रजातियां समान यौन व्यवहार प्रदर्शित करती हैं। मनुष्य अपनी पसंद चुन लेते हैं। भिन्न संस्कृतियां अलग-अलग यौन व्यवहार को महत्त्व देती हैं। इसे शादी की अवधारणा के माध्यम से संपत्ति और विरासत में जोड़ती है। प्यार घटता बढ़ता रहता है, यौन इच्छाएं घटती बढ़ती रहती हैं, साथ घटता बढ़ता रहता हैः हम इन तीनों को संरेखित करने के लिए संघर्ष करते रहते हैं।

पौराणिक कथाओं में अपने पसंदीदा का चयन कीजिए

अ. एक जोड़ी जो आपकी राय में ज़्यादातर पहलुओं में आदर्श रिश्ता बनाती है/ या सही मायनों में एक दूसरे के लिए बनी है। (जिनके 36 गुण मिलते हैं)

1. सीता और राम – सीता समझती है कि राम नियमों (मर्यादा) की दुनिया में फंसा हुआ है और उसे बदलने की कोशिश नहीं करती है।

2. पेनेलोप और ओडिसीस – पेनेलोप धैर्यपूर्वक ट्रोजन युद्ध से अपने पति के लौटने का 20 साल से इंतज़ार कर रही है और ओडिसीस उसके साथ रहने के लिए सभी बाधाओं और प्रलोभनों से लड़ता है।

ब. एक स्त्री जो मजबूत है, स्वतंत्र है और एक असली सुपरवुमन है

नल-दमयंती की दमयंती – बदकिस्मति से नल बर्बाद हो जाता है, खुद पर से विश्वास खो बैठता है, लेकिन दमयंती उसका साथ देती है, तब भी उसका साथ देती है जब वह शर्मिंदगी में उसे छोड़ कर चला जाता है।

हमारे प्राचीन ग्रंथों में लिंग भूमिकाओं और डायनेमिक्स पर टिप्पणी कीजिए।

हिंदू पौराणिक कथाओं में मुझे महिलाएं आत्मनिर्भर लगती हैं। अप्सराएं बस अपने बच्चों को जंगल में छोड़ कर स्वर्ग में चली जाती है। पत्नियां उन पतियों को छोड़ कर चली जाती हैं जो उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, इसलिए लक्ष्मी वैकुण्ठ छोड़ कर चली जाती है, शक्ति कैलाश छोड़ देती है और देवदार वन में चली जाती है, दोनों अपने पतियों का इंतज़ार करती हैं कि वे आकर उन्हें मनाएं। फिर ऐसी शालीन पत्नियां भी हैं जो पतियों के शोक में घुल जाती है लेकिन अन्य पुरूषों के आग्रह को अस्वीकार कर देती हैं। सभी किस्में मौजूद हैं।

Devdutt Patnayak

संबंध एक व्यक्ति को बदलते हैं/ उसके विकास में बाधा डालते हैं या विकसित होने की अनुमति देते हैं। वे आपको बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी….

अ. जंगल की यात्रा से पहले लक्ष्मण और उर्मिला
उर्मिलाः ‘अपने अकेलेपन में यह मत भूल जाना कि मैं भी अकेली हूँ।’
लक्ष्मणः ‘मैं जंगल में घूमता हूँ और तुम्हारे बारे में सोचता हूँ। तुम महल में रहती हो और अपने विचारों में मेरे साथ घूमती हो।’

ब. मेनका और विश्वामित्र का खट्टा-मीटा संबंध
मेनकाः ‘नियंत्रण को कुछ ज़्यादा ही महत्त्व दिया जाता है। रोको मत।’
विश्वामित्रः ‘मैंने साम्राज्यों पर विजय प्राप्त की है। मैं तुम्हें भी जीत लूंगा।’
मेनकाः ‘अगर मैंने आत्मसमर्पण कर दिया, तो तुम हार जाओगे।’

क. राम और सीता द्वारा जंगल में बिताया गया और उसके बाद का समय
रामः ‘जंगली पशुओं ने तुम्हारे सामने प्रणय किया। रावण ने तुम्हें लुभाने की कोशिश की। तुमने खुद को रोका कैसे?’
सीताः ‘मैं आपकी सुंदरता के बारे में सोचती थी। और इसलिए धैर्यपूर्वक सर्वश्रेष्ठ का इंतज़ार किया जो पहले से ही मेरा था।’

प्यार, दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी पर असली कहानियां

आपकी पुस्तक शिव टू शंकर में आपने बाहरी भगवान शिव पर चर्चा की, जो विवाह में अनिच्छुक हैं फिर भी उनका प्रतिनिधित्व लिंग के प्रतीक द्वारा किया जाता है, विडंबना यह है कि ऐसे देश द्वारा जो सेक्स के प्रति असहज है….

ईसाई धर्म में, भगवान से क्रॉस, यातना के उपकरण द्वारा संपर्क किया जाता है। भगवान के पुत्र के मृत शरीर की पूजा करके मोक्ष की मांग की जाती है। प्रतीक किसी साधारण तर्क का पालन नहीं करते हैं और उन्हें लिटरली नहीं लिया जाना चाहिए। फिर भी हम ऐसा करते हैं क्योंकि हमारा दिमाग रूपकों का प्रतिरोध करता है और हमें लिटरल से सुकून मिलता है।

शिव लिंग एक ऐसे भगवान के प्रलोभन की व्याख्या करने के लिए यौन रूपकों का उपयोग करते हैं जो दुनिया से जुड़ना नहीं चाहता है, मतलब की उनकी शादी करने की या यौन संबंध रखने की इच्छा नहीं है। यह बौद्धिक मठवासी विचार को चुनौति देता है जो मृत शिक्षक के अवशेषों वाले ‘लिंग’ के आकार के स्तूपों की पूजा करता था।

आपके अपने शब्दों में, कामदेव दुनिया भर में लापरवाही से लोभ के तीर चलाता रहता है। एक व्यक्ति को किस वजह से प्यार होता है? कौन सी चीज़ है जो किसी व्यक्ति को एक व्यक्ति के लिए आकर्षक बनाती है जबकि दूसरों के लिए नहीं? क्या मनुष्य अनिवार्य रूप से मोनोगेमस हैं?

हमें शरीर की उन इच्छाओं, जो एक श्रेष्ठ सेक्स की ओर ले जाती है और वह बौद्धिक संगतता जो श्रेष्ठ संचार की ओर ले जाती है और भावनात्मक सुकून जो सुरक्षा की भावना पैदा करता है, इन सब के बीच अंतर करने की ज़रूरत है। हमें ये चीज़ें तीन भिन्न लोगों में मिल सकती हैं, या फिर एक ही व्यक्ति में। जब ये चीज़ें एक व्यक्ति में मिलती हैं, तो हम इसे प्यार कहते हैं। कामदेव पहली चीज़ (इच्छा) पर फोकस करता है, जिसपर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। आप खुद को इच्छा के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं।

प्यार तब होता है जब हम दूसरों की ज़रूरतों और मांगों को पूरा करने में खुशी महसूस करते हैं, जिससे सामने वाला व्यक्ति सुरक्षित महसूस करता है और ऐसा करने के दौरान शोषित महसूस नहीं करता है।

इसलिए प्यार इच्छा की तरह एक अचेतन्य प्रक्रिया नहीं है; यह परवाह की बौद्धिक चेतन प्रक्रिया भी है।
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