Hindi

पांच सहमत, धोखा देने वाले वयस्कों के मध्य ईमेल वार्ता

Silsila-Movie-Scene

नोटः सिलसिला फिल्म से तस्वीर केवल प्रतिनिधित्व के उद्देश्य के लिए ली गई हैं

इस कहानी के पांच किरदार हैं:

जेवी राजनः ibibo.com के साथ काम करने वाला 34 वर्षीय इंटरनेट का आदी पुरूष

रेखा टीपीः राजन की पत्नी, जो राजन की ढाई वर्षीय बच्ची रिया की माँ है और हाल ही में उसने अपने विवाह के छठे वर्ष में प्रवेश किया है।

प्रियंका चोपड़ाः राजन की प्रियसी। एक 29 वर्षीय दिल्ली की लड़की जो खुद भी राजन से प्यार करती है।

ये भी पढ़े: एक प्रस्ताव, नशे में भेजा गया एक मैसेज और एक हैप्पिली एवर आफ्टर

बीजू आनंदः रेखा का प्रेमी। जब उसने पहली बार रेखा से प्यार का इज़हार किया था तब वे दसवीं कक्षा में साथ में पढ़ते थे। वह अब भी अविवाहित है और उम्मीद करता है कि राजन पर बिजली गिर जाए और उसे खत्म कर दे।

राकेश झाः प्रियंका का पूर्णकालिक प्रेमी। एक इंजीनियरिंग छात्र जो पिछले दो वर्षों से नौकरी की तलाश कर रहा है।

ईमेल का यह सिलसिला 20 अक्टूबर को शुरू हुआ जब राजन को पता चला कि उसे कुछ दिनों के लिए दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन जाना है।

——

20 अक्टूबर 2009, 4.00 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः यात्रा

हाय जानेमन, मुझे 25 अक्टूबर को केप टाउन के लिए एक फ्लाइट पकड़नी होगी। और मैं 30 को वापस आ पाउंगा। इस साप्ताहांत नहीं हो पाएगा। मेरे लिए खुद को बचा कर रखना (और सप्ताहांत के बाद के लिए गुलाबी वाली भी। तो केप टाउन से तुम्हारे लिए क्या लाऊं?

लव,
आर

—–
ये भी पढ़े: विचित्र चीज़ें जो लोगों ने किसी को प्रभावित करने के लिए की हैं

20 अक्टूबर 2009, 4.03 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः आधिकारिक यात्रा

मैं कुछ दिनों के लिए दक्षिण अफ्रीका जाउंगा। मेरी हरी ट्रॉली पैक कर दो। ड्रेस कोडः अनौपचारिक

चियर्स

—-
20 अक्टूबर 2009, 7.13 p.m.
प्रेषक: priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लायः यात्रा

यह बहुत प्यारा है जान। मुझे तुम्हारी बहुत…बहुत…याद आएगी। मैं तुम्हारे लिए गुलाबी वाली बचा कर रखूंगी। क्या मैंने तुम्हें नई काली वाली के बारे में बताया? वादा करो की हम अगले सप्ताहांत में मिलेंगे….तुम पर झपटने के लिए मैं बहुत बेताब हूँ। वैसे, मैंने शेर और खरगोश का पेंट भी खरीदा है। अब जल्द ही फैसला कर लो कि जब हम मिलेंगे तो तुम क्या बनना चाहते हो -शेर या खरगोश?

तुम मेरे लिए क्या लाओगे? कुछ बहुत ही छोटा, और कहने की आवश्यकता नहीं कि महंगा भी।

तुम्हारी प्रिय,
पीसी

—–

20 अक्टूबर 2009, 8.53 p.m.
प्रेषक: rekha.tp@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लायः आधिकारिक यात्रा

मैंने तुम्हारा सामान पैक कर दिया है। हालांकि, फुर्सत के समय में तुम भी यह कर सकते थे- अभी तुम्हारी यात्रा में पांच दिन शेष हैं। रिया तुम्हें याद करेगी।

क्या तुम अकेले यात्रा कर रहे हो या सहकर्मियों के साथ? क्या यात्रा की तिथियां निश्चित हैं? या फिर बदलाव की संभावना है?
तुम घर कब आ रहे हो? खाना तैयार है…..मैं उसे अभी गर्म कर दूं?

तुम्हारी पत्नी,
रेखा

ये भी पढ़े: 5 झूठ जो जोड़े कभी ना कभी एक दूसरे को बोलते हैं
—–
20 अक्टूबर 2009, 9.03 p.m.
प्रेषक: rekha.tp@gmail.com
प्रतिः biju-anand@live.com
विषयः हम दुबारा मिल सकते हैं!

स्वीटहार्ट, मेरे पास एक अच्छी और एक बुरी खबर है। मेरे पति फिर से बाहर जा रहे हैं। बुरी खबर यह है, वह देश से बाहर केवल 5 दिन, इस महीने की 26वीं से 30 वीं तारीख तक होंगे। तुम्हें लगता है तुम गुड़गांव आ सकते हो?

मुझे पता है…..कोकीन ने तुम्हारी जेब खाली कर दी है। लेकिन अगर तुम वादा करो की गुड़गांव आने पर जाग जाओगे तो मैं तुम्हारी टिकट खरीद सकती हूँ। इतनी अधिक सुरक्षा के साथ, हवाई यात्रा का जोखिम नहीं उठाया जा सकता, है ना?

मेरा क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल नहीं कर सकती….इसलिए मुझे रेलवे बुकिंग सेंटर पर जाना होगा….इसलिए तुम्हें मुझे पहले ही बताना होगा।

तुम्हारा सच्चा प्यार,
रेखा

20 अक्टूबर 2009, 9.10 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः रिप्लायः आधिकारिक यात्रा

मैं बस पांच मिनट में यहां से निकल रहा हूँ। खाना गर्म कर देना। मैं बहुत थक चुका हूँ, इसलिए खाना खाने के बाद तुरंत सो जाऊंगा।

यात्रा शुरू होने की तारीख तय है। लेकिन शायद यह साप्ताहांत तक बढ़ाया जा सकता है….और शायद हमें अफ्रीकी सफारी देखने के लिए मजबूर किया जा सकता है। स्पष्ट रूप से, एक शेर और खरगोश की दौड़ होती है जो देखने योग्य है।

चियर्स

—-
ये भी पढ़े: मैं एक अन्य पुरूष के प्रति आकर्षित हूँ और मुझे इसका पछतावा नहीं है

20 अक्टूबर 2009, 7.13 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः रिप्लायः यात्रा

मेरी एप्पल पाई……मैं अपनी पत्नी को बताने की कोशिश कर रहा हूँ की दक्षिण अफ्रीका में मेरे आवास में विस्तार हो सकता है। फिर हम पूरा साप्ताहांत साथ में बिता सकते हैं। तुम्हारे पड़ोसियों को शक तो नहीं होगा? हालांकि, मैं सोचता हूँ अगर हम सारा समय तुम्हारे शयनकक्ष में ही बिताएंगे तो पड़ोसियों को क्या खाक शक होगा।

शेर और खरगोश में से….मुझे खा जाओ! तुम जानती हो की मुझे कितना अच्छा लगता है जब तुम मेरा शिकार कर लेती हो, दीवार पर चिपका देती हो और खा जाती हो। प्लीज़ भूमिकाएं नहीं बदलते हैं।

तो फिर काली वाली, अगर मैं दक्षिण अफ्रीका की यात्रा को अनौपचारिक रूप से विस्तरित करने और तुम्हारे साथ सप्ताहांत बिताने में सफल हो जाता हूँ तो।

मेरी उबाऊ पत्नी मेरे घर जल्दी आने की और बिग बॉस सीज़न 3 देखते हुए खाना खाने की राह देख रही है। बेचारा मैं।

प्यार,
आर

—-

20 अक्टूबर 2009, 3.13 a.m.
प्रेषक: biju-anand@live.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः हम दुबारा मिल सकते हैं!

जब तुम्हारा पति नहीं होगा तब मैं सच में गुड़गांव आना चाहूँगा। जब तुम मुझे टिकट भेजोगी, उसके साथ कम से कम 5000 रूपये नकद भेजना। मुझे अपने रास्ते में खर्च करने के लिए पैसों की आवश्यकता होगी – ट्रेन से यह कम से कम दो दिन का रास्ता है।

केरल से तुम्हारे लिए क्या लाऊं?

तुम्हारा सच्चा प्यार,
बीजू बेबी

—-

21 अक्टूबर 2009, 10.45 a.m
प्रेषक: rekha.tp@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः एक सहेली से मिलने के बारे में

मैं दोपहर 12 से 4 के बीच में घर पर नहीं रहूँगी…मैं अपनी एक पुरानी सहकर्मी से मिलने जा रही हूँ। दोपहर के खाने के लिए घर पर आकर खुद को हैरान मत करना…मैं वहां नहीं रहूंगी।

काम कैसा चल रहा है? उम्मीद है कि तुम्हारी दक्षिण अफ्रीका ट्रिप की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही होंगी – आशा है कि ट्रिप तय है और अंतिम समय में कोई रद्दीकरण नहीं होगा।

पत्नी,
रेखा

—-
ये भी पढ़े: 5 तरह से विवाह मेरी कल्पना के विपरीत निकला

21 अक्टूबर 2009, 11.05 a.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः एक सहेली से मिलने के बारे में

कोई बात नहीं। मैं भी काम पर ही व्यस्त रहूंगा। तुम अपना काम जारी रखो। तुम अपनी इस सहेली को मेरा प्यार देना। क्या मैं उससे मिल चुका हूँ?

सादर,
राजन

—-

21 अक्टूबर 2009, 7.13 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः उत्तेजना!

मैं पूरा सप्ताहांत साथ में बिताने को लेकर बहुत ही रोमांचित हूँ। तुमने पड़ोसियों के विषय में मेरे प्रश्न का उत्तर क्यों नहीं दिया?

प्यार,
आर

—–

21 अक्टूबर 2009, 7.23 p.m.
प्रेषक: priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः उत्तेजना!

मैं काम में अटकी हुई थी जानेमन। मैं भी वास्तव में बहुत रोमांचित हूँ….हमने काफी लंबे समय से रोल प्ले नहीं किया। सप्ताहांत बिताने में कोई समस्या नहीं।

मैंने अपने पड़ोसियों को पहले ही बता दिया है कि अगले सप्ताहांत मेरा भाई मुझसे मिलने आएगा।

तुमने उपहार के प्रश्न पर मुझे उत्तर नहीं दिया। मैंने सुना है कि दक्षिण अफ्रीका के हीरे बहुत अच्छे हैं? स्पष्ट रूप से, वहां बहुत सारी हीरे की खदाने हैं। अगर तुम्हें मुझपर विश्वास नहीं तो ये विकिपीडिया लिंक देख लो-

काली पहने हुए तुम्हारी एप्पल पाई
पी

—–
ये भी पढ़े: 8 लोग बता रहे हैं कि उनका विवाह किस प्रकार बर्बाद हुआ
21 अक्टूबर 2009, 7.25 p.m.
प्रेषक: priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः rakesh.jha@hotmail.com
विषयः माफ करना

प्रिय राकेश,

ऐसा लग रहा है कि हमें अगले सप्ताहांत के लिए अपनी योजनाओं में फेरबदल करना होगा। शायद मुझे एक अनुसंधान के लिए चंडीगढ़ जाना पड़ सकता है। मेरे बॉस मेरे साथ यात्रा कर रहे होंगे इसलिए फोन द्वारा भी संपर्क नहीं हो पाएगा।

मैं गुड़गांव पहुंचते ही तुम्हें मैसेज करूंगी। शायद तक रविवार शाम को।

चिंता मत करो, मैं तुम्हारे लिए गुलाबी और काला दोनों को बचा कर रखूंगी। मैंने शेर पेंट और खरगोश पेंट खरीदा है….राह देख रही हूँ की कब तुम शेर पेंट लगाओ और मुझ पर झपट पड़ो।

तुम्हारी लवी-डवी,
प्रियंका

—-

21 अक्टूबर 2009, 8.26 p.m.
प्रेषक: rekha.tp@gmail.com
प्रतिः biju-anand@live.com
विषयः रिप्लाएः रिप्लाएः हम दुबारा मिल सकते हैं!

तुम्हें तुम्हारे रेल के टिकट कूरियर कर दिए। मेरे पास 4000 रूपये थे…वह भी कूरियर कर दिए हैं।

ज़्यादा कोकीन साथ में मत रखना….कभी कभी ट्रेन में भी पुलिस होती है। और ट्रेन में सोने से पहले उसे मत सूंघना…गुड़गांव आखरी स्टेशन नहीं है और मैं तुम्हें लेने के लिए जयपुर तक गाड़ी चलाकर आने में समय नहीं बर्बाद करना चाहती।

याद है, जब राजन पिछली बार दक्षिण अफ्रीका गए थे तब तुमने यह किया था?

कम सामान लाना….तुम राजन के कपड़े इस्तेमाल कर सकते हो।

मैं चाहती हूँ कि तुम बस केरल से वह सच्चा प्यार लाओ जो मैंने तुम्हारी आँखों में तब देखा था जब मैं 10वीं कक्षा में थी।

तुम्हारा सच्चा प्यार,
रेखा

—–
ये भी पढ़े: पुरुषों में कौन से गुण स्त्रियों को सबसे यादा आकर्षित करते हैं?

22 अक्टूबर 2009, 4.41 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः रिप्लाएः रिप्लाएः उत्तेजना!

मुझे इशारा मिल गया था रानी। एक हीरा लाने के लिए मुझे क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करना होगा जिसका मतलब संकट हो सकता है (जानती हो, स्टेटमेंट घर पर आता है)।

मैं तुम्हारे लिए कुछ बहुत अच्छा लाने की कोशिश करूंगा -ऐसा कुछ जो छोटा हो लेकिन ज़रूरी नहीं की हीरे जितना महंगा हो।
काश हम साथ में जा सकते….बहुत अच्छा रहता। मौसम ठंडा और हवादार है…हम पूरी ट्रिप पर घर के अंदर रह सकते थे। लेकिन दुभार्ग्य से, यह एक आधिकारिक यात्रा है।

तुम्हारा भूरा खरगोश,
राजन

—-

22 अक्टूबर 2009, 4.51 p.m.
प्रेषक: jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः उपहार

तो, तुम्हारे लिए केप टाउन से क्या लाऊं? ऐसा कुछ मांगना जो तुम्हारे जैसी जवान लड़की चाहेगी…ऐसा कुछ जो छोटा हो लेकिन हीरे जितना महंगा ना हो। तुम जानती हो की हमें जो किश्ते भरनी होती हैं, उनके साथ मैं तुम्हारे लिए एक हीरा नहीं खरीद पाऊंगा।

तुम्हारा पति,
राजन

—-

22 अक्टूबर 2009, 7.53 p.m.
प्रेषक: rekha.tp@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः उपहार

मैं तुम्हें बिग बॉस सीज़न 3 देखने के बाद बताउंगी की मुझे केप टाउन से क्या चाहिए। आशा है कि इसमें कोई समस्या नहीं।
लेकिन अचानक इतना प्यार कैसे?

तुम्हारी पत्नी,
रेखा

—-

22 अक्टूबर 2009, 8.15 p.m.
प्रेषक: rakesh.jha@hotmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः रिप्लाएः माफ करना

प्रियंका,

उम्मीद है कि तुम और तुम्हारा बॉस अलग-अलग कमरों में रहोगे। याद रखना, चंड़ीगढ़ में मेरे दोस्त हैं जो आकर तुमपर निगरानी रख सकते हैं, अगर मुझे किसी भी बात का शक हुआ तो।

तुम मेरे लिए चंडीगढ़ से क्या लाओगी?

तुम्हारा डूड,
राकेश

—-

23 अक्टूबर 2009, 4.15 p.m.
प्रेषक: biju-anand@live.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः रिप्लाएः रिप्लाएः रिप्लाएः हम दुबारा मिल सकते हैं!

टिकट और पैसे मिल गए। तुम बहुत प्यारी हो।

मैंने अभी से शीशे के सामने किस करने का अभ्यास शुरू कर दिया है, ताकि जब हम मिलें, तो तुम्हें निराश ना कर दूं।

मैं वादा करता हूँ कि जूते के तलवे मैं मैंने कोकीन भरने के लिए जो स्थान बनाया था उसे नहीं भरूंगा। मैं उसे सिर्फ आधा भरूंगा…क्योंकि मैं तुम्हें प्यार करता हूँ और तुम्हारी चिंताओं का सम्मान करता हूँ।

क्या मुंबई पुलिस रिश्वत लेती है? जब हम पिछली बार मिले थे, मेरा वज़न तब से कम हो गया है, इसलिए राजन के कपड़े मुझे नहीं आएंगे…और वह अच्छा नहीं लगेगा अगर हम बाहर जाएंगे। लेकिन फिर, क्या हमारी बाहर जाने की योजनाएं हैं? बल्कि मैं घर पर ही रहना चाहूंगा। तुम्हारा क्या खयाल है?

तुम्हारा सच्चा मलयाली प्यार,
बीजू बेबी
ये भी पढ़े: 5 वस्तुएं जो एक सुखी जोड़ा करता है, पर अन्य लोग नहीं।
——

23 अक्टूबर 2009, 6.44 p.m.
प्रेषक : priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः रिप्लाएः रिप्लाएः उत्तेजना

ठीक है जाओ तुम्हें माफ किया। मेरे लिए ऐसी कोई चीज़ मत लाना जो छोटी हो और महंगी हो। अगर यह हीरा नहीं है, तो मैं ऐसा कुछ चाहती हूँ जो बड़ा हो और महंगा भी।

चाहो तो तुम भारत से नकद भी ले जा सकते हो…अगर तुम क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल से बचना चाहते हो।
तुम्हें क्या लगता है कि हम रविवार की शाम को कितने बजे तक काम खत्म कर लेंगे? मैं इसलिए जानना चाहती हूँ क्योंकि रविवार की शाम को मुझे काम से संबंधित कुछ फोन करने हैं।

तुम्हारी एप्पल पाई (अब आसमानी नीला पहने हुए)
पी

—–

23 अक्टूबर 2009, 6.48 p.m.
प्रेषक : jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः उपहार- मन बदल गया

तुम्हारे लिए केप टाउन से क्या लाऊं इस पर अब मैंने अपना मन बदल लिया है। अब मैं ऐसा कुछ लाना चाहता हूँ जो बड़ा हो और महंगा भी हो। यह क्या होना चाहिए? कोई भी विशेष चीज़ जो तुम्हारे मन में आती हो? मुझे कुछ विकल्प दो।

और यह मेल मत करना की तुम बिग बॉस सीज़न 3 देखकर मुझे बताओगी….उसके खत्म होने पर तुम हमेशा सो जाती हो।

तुम्हारा पति,
राजन

—-

23 अक्टूबर 2009, 7.28 p.m.
प्रेषक : rekha.tp@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः उपहार- मन बदल गया

सच कहूं तो, मैं बस इतना चाहती हूँ कि तुम सुरक्षित वापस आ जाओ। मुझे हमेशा सूचित करते रहना की तुम क्या कर रहे हो और तुम कहां हो…मैं बस इतना ही चाहती हूँ। और कुछ नहीं।

तुम्हारा पति,
राजन

अक्टूबर 24 और 25 शनिवार और रविवार थे….और किसी ने भी मेल नहीं देखे या प्रतिक्रिया नहीं दी। और राजन, रविवार रात को केप टाउन के लिए निकल गया।

26 अक्टूबर 2009, 4.22 p.m.
प्रेषक : jv.rajan@gmail.com
प्रतिः rekha.tp@gmail.com
विषयः पहुंच गया

केप टाउन पहुंच गया हूँ। एक अच्छे नज़ारे वाले एक अच्छे कमरे में हूँ। अभी व्यस्त हूँ…सम्मेलन के लिए भागना पड़ेगा। तुम्हें बाद में फोन करता हूँ।

मैं रविवार देर रात को घर लौट रहा हूँ। इतना निश्चित है।

तुम्हारा पति,
राजन

—-
ये भी पढ़े: विवाह के बाद एक स्त्री के जीवन में होने वाले 15 परिवर्तन

26 अक्टूबर 2009, 4.22 p.m.
प्रेषक : jv.rajan@gmail.com
प्रतिः priyanka-chopra@gmail.com
विषयः पहुंच गया

हाय मेरी कुरकुरी फिंगर चिप्स, केप टाउन पहुंच चुका हूँ। फ्लाइट ने सही समय पर उड़ान भरी और फ्लाइट के दौरान मुझे अच्छा साथ मिला। एयरहोस्टेस तो तुम्हारी तुलना में कुछ भी नहीं थीं….पता नहीं ये एयरलाइन वाले इन्हें कहां से पकड़ लाते हैं? झारखंड हिंटरलैंड?

मेरे कमरे से बहुत शानदार नज़ारा है और काश तुम यहां होती। हम कोमल, सफेद कंबल लपेटे रहते और खिड़की के सामने खड़े होकर सारा दिन नौका विहार देखा करते।

यहां एक बहुत बड़ा बाथ टब भी है, जहां हम पॉम्फ्रेट और पिरान्हा का खेल खेल सकते थे। मुझे तुम्हारी याद आ रही है।
सम्मेलन कल शुरू होगा….अभी करने के लिए कुछ है नहीं सिवाए मेरे कमरे में बैठकर समुद्र को देखने के। तुम ऑनलाइन आओगी तब बात करते हैं।

तुम्हारा फ्रूट केक बिना कपड़ों के तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है,
राजन

—–

26 अक्टूबर 2009, 8.20 p.m.
प्रेषक : rekha.tp@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः पहुंच गया

रिया और मैं दोनों तुम्हें याद करते हैं। रिप्लाए करने में देर हो गई क्योंकि मुझे एक सहेली को रेल्वे स्टेशन लेने जाना था। वह गुड़गांव में पहली बार आई है…नहीं असल में दूसरी बार….और उसे रूकने के लिए जगह चाहिए थी। मैंने उसे हमारे साथ रूकने को कहा है।

सम्मेलन पर ध्यान केंद्रित रखो। फोन करने की ज़रूरत नहीं….मैं समझ सकती हूँ। बस जब भी तुम्हें समय मिले एक मेल डाल दो और मैं उत्तर दे दूंगी।

रविवार के इंतज़ार में,

तुम्हारी पत्नी,
रेखा

—-

26 अक्टूबर 2009, 9.22 p.m.
प्रेषक : priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः jv.rajan@gmail.com
विषयः रिप्लाएः पहुंच गया

मेरे प्यारे हैदराबादी चिकन बिरयानी,

काश की मैं भी वहां होती। तुम मुझे तुम्हारे लिए तड़पा रहे हो….मुझे अभी उसी सिहरन का अहसास हो रहा है जो तब होता है जब भी मैं तुम्हारे बारे में सोचती हूँ।

मैं यह ढूंढने की कोशिश करूंगी कि क्या बाज़ार में पॉम्फ्रेट और पिरान्हा का पेंट उपलब्ध है। शायद बाथटब में नहीं, लेकिन हम वह खेल कम से कम शावर में तो खेल ही सकते हैं। क्या मुझे वाटरप्रूफ रंग खरीदने चाहिए?

मैं हमेशा तुम्हारे खयालों में रहूँगी। और सुनो….तुम्हें अंतर्राष्ट्रीय कॉल पर पैसे बर्बाद करने की ज़रूरत नहीं है….बस जब भी संभव हो मेल कर दिया करना और मैं उत्तर दूंगी। ठीक है?

मैंने भी कुछ नहीं पहना है,
प्रियंका

26 अक्टूबर 2009, 9.28 p.m.
प्रेषक : priyanka-chopra@gmail.com
प्रतिः rakesh.jha@hotmail.com
विषयः क्या तुम आ सकते हो

हाय राकेश,

तुम्हें फोन करने की कई बार कोशिश की….यह बंद मिल रहा है। क्या तुम अभी आ सकते हो? मुझे वही सिहरन महसूस हो रही है जो तब महसूस होती है जब मुझे तुमसे मिलने की इच्छा होती है?

मैंने सोचा की अगर हम आने वाले सप्ताहांत में नहीं मिल सकते तो क्यों ना अभी मिल लिया जाए?

तुम्हारी स्पाइस गर्ल,
पी

मेल और संबंधों का सिलसिला भविष्य में भी जारी रहा….

10 प्रमुख झूठ जो पुरूष अपनी पत्नियों से हमेशा कहते हैं

नशे में चूर होकर घर लौटने पर भरतीय पुरूष इन छह सबसे खराब बातों से डरते हैं


[mc4wp_form id=”10924″]

Published in Hindi
Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *