Hindi

पचास की उम्र में तलाक

पचास की उम्र में तलाक लेकर उसने सबको स्तब्ध कर दिया...
Woman-Painting

(पहचान छुपाने के लिए नाम बदले गए हैं)

मैंने उसे साफ़ शब्दों में बोला की मुझे भी खुद को और अपने हुनर को समझने का पूरा हक़ है. सुन कर उसे थोड़ा अजीब लगा. यह ख्याल भर की मेरे अंदर भी कोई हुनर हो सकता है, उसे काफी अजीब लग रहा था. लेकिन मैं अपनी बात पर टिकी रही.

मेरी बेटी के दोस्तों को मैं एक बहुत ही “कूल” माँ लगती थी, जिससे वो बातें कर सकते थे और उसकी राय सुन सकते थे. जब किसी बात के लिए वो अपनी माँ के पास नहीं जा पाते तो वो मेरे पास आते थे. मैं शायद अकेली माँ थी जिसकी अपनी दोस्तों की मंडली थी, जबकि बाकी माँएं अपने परिवार और बच्चों से आगे कुछ देखती ही नहीं थीं. और इन सब के बीच राज हमेशा कहीं पीछे ही रहता था ड्राइंग रूम के सोफे में धंसा हुआ.

ये भी पढ़े: “उसे मुझसे ज़्यादा मेरे पिता में दिलचस्पी थी”

mom-friends
Image source

मेरे बच्चे अपनी अपनी दुनिया में मग्न थे. मीनाक्षी, मेरी बेटी, की एक खुशहाल शादीशुदा ज़िन्दगी थी. मेरे बेटे आकाश की भी शादी हो चुकी थी. दोनों के अपने बच्चे भी थे और सब “ठीक” चल रहा था.

Please Register for further access. Takes just 20 seconds :)!

कैसे मैंने खुद को और अपने बच्चों को तलाक़ के लिए तैयार किया…

पिता की मौत के बाद जब माँ को फिर जीवनसाथी मिला

जब मैं 19 वर्षों बाद उससे दुबारा मिला

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also enjoy:

Yes No