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मेरे पति का भावनात्मक सम्बन्ध है और वो भी खुलेआम!

वो कहता है की उन दोनों के बीच कोई शारीरिक सम्बन्ध नहीं है. अगर ये सच है तो वो मुझे पास क्यों नहीं आने देता।
upset woman seated on stairs

प्रश्न

प्रिय मैम

मेरे पति का अपने ऑफिस की एक महिला सहकर्मी (अब वो दुसरे ऑफिस में है) के साथ भावनात्मक सम्बन्ध है. वो अक्सर अपनी वैवाहिक जीवन की समस्याएं मेरे पति के साथ डिसकस करती थी और बताती थी की उसके पति का ऑफिस की एक सहकर्मी के साथ अफेयर है. जब उसने अपने पति को इस अफेयर को ख़त्म करने के लिए ज़ोर दिया तो उस सहकर्मी ने उन दोनों की अंतरंग फोटो पब्लिक कर देने की धमकी दी. अब ये महिला मेरे पति से अपनी समस्याएं बता कर उनकी सहानुभूति लेने लगी और मेरे पति को भी लगा की उसकी मदद कर वो किसी हीरो से कम नहीं थे.

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मेरे पति कोलकाता में स्तिथ एक कंपनी में कार्यरत हैं जबकि मैं बच्चों के साथ दुसरे शहर में रहती हूँ. हम दोनों ने ये मिल कर फैसला किया था की मैं बच्चों के साथ इस दुसरे शहर में रहूंगी और मेरी माँ का मकान ठीक कराऊँगी. हम समझ गए थे की मेरे पति को नौकरी के सिलसिले में शहर बदलना ही पड़ेगा। हम कोलकाता में एक साथ करीब एक साल तक रहे और उन दिनों मैंने अपने पति में कई छोटे छोटे बदलाव देखे. वो बच्चों के साथ सोना पसंद करने लगे, रात को जल्दी सोने चले जाते और कहते बहुत थके हैं मगर अक्सर चुपचाप व्हाट्सप्प पर बातें करते रहते. मेरे साथ अंतरंग होने से कतराने लगे थे और मुझसे बातें भी बहुत कम करते थे. मैं बहुत अकेला और डिप्रेस महसूस करने लगी थी. सप्ताहांत अक्सर सास ससुर के साथ ही बिताते थे और जो चीज़ सबसे ज़्यादा प्रभावित हुई थी वो थी हमारे बीच की नज़दीकियां. मुझे ऐसा लगने लगा था की हमारी शादी में मेरी कोई पूछ नहीं है और मुझे वो फॉर ग्रांटेड लेने लगे हैं.

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तो जब बात मेरे अपने शहर में जा कर रहने कीआई, मैं तुरंत मान गई. सच कहूँ तो मैं हमारे इस फैसले से खुश ही थी. अब पति हमसे मिलने दो तीन महीने में एक बार आने लगे और एक बार जब वो आये तो उन्होंने मुझसे कबूल किया की वो किसी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ गए है और इसके कारण उनके ऑफिस में भी मुश्किलें आ रही हैं. अब सारे ऑफिस में ये अफवाह फ़ैल गई है की वो दोनों प्रेम में है. हमारे बीच चीज़ें बद से बदतर तब होने लगी जब वो मुझे अपना फ़ोन छूने भी नहीं देता था और चुपके से छत पर जाकर उस महिला से बातें करता था.

एक दिन इस बारे में हम दोनों की घमासान लड़ाई हुई और मैंने उसे तलाक और हमारे परिवारों को भी सब कुछ सच बताने की धमकी दे दी. उन्ही दिनों में मैंने एक दिन उसके बॉस को फ़ोन किया और पुष्टि की क्या सचमुच दोनों के बीच कोई अफेयर है या ये सिर्फ मेरी एक कल्पना मात्र ही है. उसके बॉस ने मुझे बताया की वो दोनों ही इसमें बराबर के शरीक थे और उन्हें इसके लिए चेतावनी भी दी जा चुकी है. इस बात के बाद मैंने करीब एक हफ्ते तक अपने पति और अपने सास ससुर के फ़ोन उठाने तक बंद दिए. मेरे पति मुझे मैसेज भेजते और अपनी गलतियों के लिए पछतावा भी दिखाते. मेरे पति ने मुझे ये भी कहा की उन दोनों ने कभी कोई शारीरिक सम्बन्ध स्थापित नहीं किये थे. उसने मुझे उस महिला और उसके पति तक से बात करवाई ताकि हमारे बीच बातें साफ़ हो सके.

इस बीच मेरे पति ने ऑफिस से दरख्वास्त की कि उसका तबादला पास के शहर में हो जाये ताकि वो हमारे साथ ज़्यादा वक़्त बिता सके. अब मेरी चिंता ये है की उनकी फिर से एक नयी नौकरी है और उसके लिए उन्हें फिर कोलकाता जाना होगा जहाँ ये सब शुरू हुआ था. मेरे पति अब भी उस महिला से बातें करते हैं मगर अब सारी बातचीत के रिकॉर्ड डिलीट कर देता है.

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मैं अक्सर लोगों को पहचानने में कोई गलती नहीं करती और मुझे लगता है की ये महिला चरित्रहीन है. न सिर्फ ये की वो एक शादीशुदा है बल्कि एक बच्चे की माँ भी है फिर भी उसने ऑफिस के सहकर्मी के साथ अफेयर किया. इसके अलावा उसने खुद मेरे पति को बताया है की पिछले बॉस के ज़बरदस्ती करने पर उसने एक दुसरे सीनियर के साथ रात गुज़री थी. ऐसी महिला के साथ मेरे पति का भी सेक्सुअल अफेयर हो सकना इतना नामुमकिन भी नहीं है, है ना?

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अवनि तिवारी कहती है:

सबसे पहले आखिरी सवाल का जवाब…

उसे कौन रोक सकता है आपके पति के साथ सेक्सुअल अफेयर करने से? आपके पति.. अगर वो ऐसा करना चाहे तो. हाँ, अगर वो खुद ही ऐसा कुछ चाहते है तो आप भी कुछ नहीं कर सकती हैं.

ज़रूरी है की बिना लड़ाई झगड़ा किये शांतिपूर्वक तरीके से आप अपने पति से बात करें. अगर आपको लगता है तो किसी तीसरे को भी साथ बिठा कर अपने पति से बात करें. अपने पति को उनकी ज़िम्मेदारियाँ और उनके बच्चों के प्रति उनके कर्त्तव्य की याद दिलाएं. कानूनी, आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक. अगर ज़रूर लगे तो अपने परिवार वालों को भी बातों में शामिल करें. इसके अलावा ज़रूरी है की आप खुद भी आपदोनो के रिश्ते को सही तरीके से आंखें और समझने की कोशिश करें. अगर आप भी उनके साथ नहीं रहने पर सुकून महसूस करती हैं तो अपनी भावनाओं को भी सही तरीके से समझना ज़रूरी है.

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क्या आप सच में उन्हें अपना जीवनसाथी के रूप में देखना चाहती है या फिर बस उनपर एक दावेदारी करना चाहती हैं. भावनाओं को ज़बरदस्ती ज़ंजीरों से नहीं बाँधा जा सकता है, न तो कानूनी तौर पे और न आध्यात्मिक तौर पर. खुद से पूछिए की आखिर आप इस रिश्ते से क्या चाहती है. अच्छा होगा अगर आप किसी विश्वासी दोस्त या परिवार वाले से बात करें या फिर प्रोफेशनल मदद लें.

मेरी शुभकामनाएं

अवनि

 

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मैं अपने शराबी, व्याभिचारी पति को तलाक देना चाहती हूँ

मैं जानती थी कि मेरा पति मुझे धोखा दे रहा है फिर भी मैं चुप रही

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