पति, पत्नी और राजनीति: राजनीतिक विचारों में अंतर को संभालें

Couple discussing politics

राजनीतिक मामलों के मतभेद आपके रिश्ते के बीच नहीं आने चाहिए

“वह सोचता है कि हिलेरी प्रभावशाली हैं!” “वह बीजेपी को वोट देती है!” “वह आप पार्टी का प्रसंशक है!” “वह वास्तव में ट्रम्प के भाषणों को गम्भीरतापूर्वक सुनती है!” किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ निभा करना मुश्किल हो जाता है जिसके साथ आपका राजनीतिक विचारों में मतभेद होता है। अभी हाल में मेरी अपने दोस्त के साथ अनबन हो गई जब मैंने महसूस किया कि उसके विचार काफी कट्टरपंथी हो गए हैं।

उम्र के साथ हममें समझदारी आती है और हम अधिक व्यावहारिक भी हो जाते हैंI हम कुछ चीजों को नजरअंदाज करना सीखते हैंI फिर भी कुछ घाव हैं जो बने रहते हैं। अनदिना तो कोई ध्यान नहीं देता है या फिर राजनितिक विचारों में मतभेद का कोई फर्क नहीं पड़ता है लेकिन चुनाव आते ही सभी लोग जागरूक हो जाते हैं और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखने लगते हैं। और फिर मामला कभी-कभी तो इतना गरमा जाता है कि बात बिल्कुल दुश्मन के साथ सोने जैसी हो जाती है। आप दूसरे व्यक्ति के दृष्टिकोण को समझने की कोशिश करते हैं क्योंकि वो अपने राजनैतिक पार्टी के समर्थन कर रहा होता है और आप अपने उम्मीदवार के पक्ष में बहस करते हुए अपने आप को बार बार ये याद दिलाने की कोशिश करते हैं कि ये सिर्फ एक चुनाव है।

Cup of tea
हम अपनी दुनिया में खुश थे जिसमे राजनीति के लिए कोई खास जगह नहीं थी

ज्यादातर वक़्त हमारे राजनीतिक विचार हमें विरासत में मिली होती है, यही वजह है कि इससे उभर पाना मुश्किल है। राजनैतिक विचार बदलने से हम इस ग्लानि भाव से ग्रस्त होने लगते हैं कि हम अपने परिवार के साथ धोखा कर रहे हैं। हममें मालूम है कि विरासत में मिली हर चीज़ हमारे लिए अच्छी नहीं होती, पर फिर भी हम उसे छोड़ना नहीं चाहते हैं, है ना?

अतीत में मैं जिस व्यक्ति के साथ प्यार करती थी वो दक्षिणपंथी परिवार में पला था और मैं वामपंथी झुकाव वाले परिवार में पली-बढ़ी हूं। वास्तव में हम दोनों ही कोई मजबूत राजनीतिक विचार नहीं रखते थे; हम अपनी दुनिया में खुश थे जिसमे राजनीति के लिए कोई खास जगह नहीं थी और आराम से जीवन व्यतीत करते थे। फिर भी हमारे व्यव्हार में हमारे परिवार के राजनैतिक झुकाव का संकेत दिख जाता था, और मुझे यकीन है कि ये उसने भी महसूस किया होगा। क्या उसने ‘उसे’ वोट किया होगा या फिर क्या वह दूसरे समुदाय के लोगो से मेरी दोस्ती से आपत्ति करेगा? उसने फिर एक बार मुझे चेग्वेरा की जीवनी पढ़ते हुए देखा और अब सोच में हो कि क्या ड्राइवर रात के खाने के लिए हमारे साथ रेस्तरां में आएगा… मैं उसकी रूढ़िवादी चाची के साथ नाराज़गी में बैठ कर भोजन किया और वह मेरे साथ ट्रेड यूनियनों पर आधारित नाटक देखने तो आया पर पूरे नाटक के दौरान सोता रहा।

आख़िरकार इन उलझनों से मुक्ति पते हुए हमने समझदारीपूर्वक इस रिश्ते को ख़त्म किया, लेकिन मैंने अपने कई मित्रों और सहकर्मियों को इन मुद्दों के कारण परेशान होते देखा है।

तो आप व्यक्तिगत स्तर पर इस राजनीतिक समस्या का समाधान कैसे करेंगे? धर्म और राजनीति किसी भी स्तर पर समस्याएं पैदा कर सकते हैं!

जब मैं उस व्यक्ति से मिली जो अब मेरे पति हैं, हमने शुरू में ही फैसला किया कि राजनीति और हमारे व्यक्तिगत राजनैतिक विचारों के लिए हमारे घर में कोई जगह नहीं होगी। निश्चित रूप से हम अपने राजनीतिक विचारों पर बहुत बहस करते हैं, लेकिन हम उसे अपने रिश्ते और साथ मिलकर जो ज़िन्दगी बनाई है उसके दरमियाँ नहीं आने देते हैं। यहाँ आपके लिए एक सूची है जो मेरे लिए काफी फायदेमंद साबित हुई है:

इन बहसों को व्यक्तिगत रूप से न लें, आखिर आप राजनीतिक पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे हैं। ये एक भावनात्मक प्रतिक्रिया है उस मामले के लिए जिसके बारे में सभी लोग अपना एक भावनात्मक विचार रखते हैं, यह कोई व्यक्तिगत हमला नहीं है। इस मुद्दे की वजह से एक-दूसरे को अपमानित ना करें और ना ही अन्य मुद्दों को इसमें खींचें। यह एक आम बहस का मुद्दा है, इसलिए इसे ज़्यादा महत्व ना दें। अगर कोई टीवी पर बहस कर रहा हो तो आप क्या करते हैं? या तो दूर चले जाते हैं या चैनल बदल लेते हैं, है ना? इस वार्तालाप में भी ऐसा ही करें, विषय को खेल या सेक्स पर स्थानांतरित करें और सब ठीक हो जाएगा।

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जिसने भी यह कहा है कि पारिवारिक रिश्तों में पूरी तरह से ईमानदारी होनी चहिये, वह ग़लत कहते हैं। यदि आप अपनी पार्टी के बारे में ठोस विचार रखते हैं और ये दृढ़ता से महसूस करते हैं कि आपकी पार्टी ही सर्वश्रेष्ट है तो यह ठीक है। लेकिन अपने इस विचार को किसी पर ना थोपे और ना ही उम्मीद करें कि लोग आपका समर्थन करे। अंत में, यह एक गुप्त मतदान है, इसलिए जब आप वोट देने जाते हैं तो वैसा ही करें जैसा आप चाहतें हैं।



बच्चों की चिंता ना करें; आपके कहने और सुनने के बावजूद वे अपनी खुद की राय बनाएंगे। राजनैतिक मामलों के बजाय उनसे ज़िन्दगी को भरपूर तरीके से जीने के बारे में बातें करें।

जब आप अपने अंदर के आक्रोश को निकालने के लिए व्याकुल हो रहें हो तो इसके बारे में ब्लॉग लिखें या संपादक के नाम एक गुप्त-पत्र लिखें। फिर, प्रकाशित होने के बाद अपने साथी को यह दिखाते हुए बताएं कि आप अकेले नहीं हैं जो इस तरह के विचार रखते हैंI

यदि विरोधी पक्ष के द्वारा कोई कारवाई या भाषण आपको विशेष रूप से आक्रोशित करता है … तो यह धयान में रखें कि वो आपका साथी नहीं था जिसने यह किया या कहा। आज से 5 साल या 5 दिन बाद क्या ये बातें आपके लिए कोई मायने रखेगी?

रिश्ते बनाना मुश्किल है, उन्हें बनाए रखना और भी मुश्किल

आप अपना गुस्सा उनपर या जो खाना पका रहीं हैं, उसपर नहीं निकालें। बस उस दिन के सभी कामों को रद करके अपने पसंद के काम कीजिये या शांतिपूर्वक खुद के साथ समय व्यतीत करें। कानों में हैडफ़ोन लगाकर अपनी पसंदीदा संगीत सुनते हुए दौड़ने निकल जाइये। आमतौर पर ये उपाय बहुत कारगार साबित होती है।

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खुद को दोहराने का जोखिम लेते हुए मैं ये कहना चाहती हूँ कि कृपया इस राजनीतिक युद्ध को निष्पक्ष लड़ें। यदि यह बहस जल्द ही पैसा, परिवार या दाम्पत्यच्युति के बारे में आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले लें, तो खुशी मनाये कि आप राजनीतिक रंगवाली के विपरीत पक्षों पर हैं। इन विषयों पर ध्यान दें और समाधान ढूंढे ना कि खोखली राजनैतिक बातों पर। आपलोगों का अलग-अलग राजनीतिक झुकाव हो सकते हैं। आखिर संगीत में या वातानुकूल के तापमान में भी तो आपलोगों की रूचि या रुझान अलग-अलग हो सकते हैं। यह अंतर्निहित अनकहे मुद्दे हैं जिसके संकेतों को चेतावनी के रूप में लेनी चहिए। अपने पारिवारिक जीवन के इन मुद्दों पर ध्यान दें और राजनीतिक बंदरों को अपने सर्कस को जारी रखने दें।
मन ही मन में, आप दोनों जानते हैं कि चुनाव में हमेशा आगे कुआँ और पीछे खाई होती है।

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