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पुरूष अब्यूसिव संबंधों में क्यों रहते हैं?

man hands tied with rope

पुरूष और स्त्री को हमेशा एक दूसरे का बेटर हाफ माना जाता है। लेकिन यह सवारी हर जोड़े के लिए समान नहीं होती। कुछ, जीवन के दौरान, अब्यूसिव रिश्तों में चिपके रहते हुए अपने ‘बिटर हाफ्स’ के साथ संघर्ष करते रहते हैं। लोकप्रिय संस्कृति में, हमने घरेलू हिंसा, गैसलाइटिंग और भावनात्मक शोषण में महिलाओं को चुपचाप पीड़ा झेलते देखा है। लेकिन, क्या पुरूष भी महिलाओं की तरह रिश्ते में पीड़ा झेलते हैं? क्या संबंध में दोनों लिंगों की भेद्यता समान है? पता लगाने से पहले, अब्यूसिव संबंध की पीड़ाओं पर गहराई से नज़र डालते हैं।

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अब्यूसिव रिश्ते क्या हैं?

एक अब्यूसिव संबंध मेनिपुलेटिव व्यवहार का एक पैटर्न है जिसमें एक साथी को शारीरिक और भावनात्मक पीड़ा के कारण अपना कम्फर्ट ज़ोन छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह गतिकी एक प्रेमपूर्ण रिश्ते का संतुलन बिगाड़ देती है। यह एक पावर गेम बन जाता है जहां अब्यूस करने वाला व्यक्ति असहाय पीड़ितों पर बल और मेनिपुलेशन जताता है। एक व्यक्ति अपने साथी पर अपने विचार भारी रूप से थोपता है, उन्हें उनके परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों से दूर करता है और उनके सपोर्ट सिस्टम में बाधा डालता है। डराना और धमकाना एक दैनिक दिनचर्या बन जाती है और पीड़ित को मन की शांति नहीं मिलती है। नतीजतन, उसे एक अब्यूसिव रिश्ते में विभिन्न प्रकार की तबाही से जीवनभर अकेले ही जूझना पड़ता है।
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आमतौर पर, ऐसे प्रतिरोधी रिश्ते या विवाह किसी व्यक्ति की गरिमा, गर्व और आत्मविश्वास छीन लेते हैं। प्रभावित व्यक्ति जल्द ही विवाह में परेशानियों के लिए खुद को दोषी ठहराता है और समस्या को ठीक करने की ज़िम्मेदारी खुद ले लेता है। शोषण भावनात्मक, वित्तीय, शारीरिक और यौन हो सकता है और इसमें गंभीर धमकी शामिल हो सकती है।

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लेकिन लोग बार-बार अब्यूसिव संबंधों पर क्यों लौटते हैं ? हमनें कई बार देखा है कि पीड़ित एक पैटर्न का पालन करता है। शोषण करने वाले के साथ संबंध तोड़ने के बाद भी, वह दुबारा गलत साथी के साथ मिल जाता है। मनोवैज्ञानिक रूप से, यह पैटर्न पीड़ित को बुरी तरह प्रभावित करता है, जहां सही विकल्प चुनने की उसकी प्रतिभा सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है।

पुरूष अब्यूसिव रिश्ते में क्यों रहते हैं?

ऐसा कोई हार्ड एंड फास्ट नियम नहीं है कि संबंध में शोषण करने वाला कौन है; यह पुरूष या महिला दोनों हो सकते हैं। यह सोचना गलत होगा कि सिर्फ महिलाएं ही अब्यूसिव रिश्तों में पीड़ित हैं। यह पुरूषों के साथ भी होता है। महिलाओं की तरह ही, कई पुरूष भावनात्मक, वित्तीय या यौन अब्यूसिव संबंधों में रह रहे हैं। लेकिन अब्यूसिव संबंधों में रहने के कारण क्या हैं ? क्या मनोवैज्ञानिक या सामाजिक दबाव पुरूषों को चुपचाप पीड़ा झेलने के लिए मजबूर कर रहे हैं ? ऐसे कई कारण है जिसकी वजह से पीड़ित के पास ऐसे बुरे संबंध में रहने के अलावा और कोई विकल्प नहीं रह जाता।

1. उन्हें लगता है कि यह इतना भी बुरा नहीं है

हमें ‘विवाह में समझौते’ की अवधारणा के बारे में सिखाया गया है। एक अब्यूसिव संबंध में फंसे अधिकांश पुरूष यह मानते हैं कि रिश्ता इतना भी बुरा नहीं है और एडजस्टमेंट उसका एक हिस्सा है। पुरूषों को बचपन से ही सिखाया जाता है कि वे महिलाओं की तुलना में भावनात्मक रूप से मजबूत हैं और विवाह नामक डूबते जहाज को बचा सकते हैं। यही कारण है कि अब्यूसिव रिश्ते में फंसे कई लोगों को यह तथ्य स्वीकार करना मुश्किल लगता है।

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2. मूक पीड़ित

यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम अक्सर पुरूषों के भावनात्मक दुर्व्यवहार की संभावना पर विचार नहीं करते हैं। पुरूष द्वारा चुपचाप झेली  जा रही पीड़ा को उसके मजबूत अचरण और सख्त व्यक्तित्व के पीछे अनदेखा कर दिया जाता है। सबसे बुरा भाग यह है कि ऐसे पुरूष भी गतिहीन संबंधों का बोझ सहन करते हैं और शादी या प्रेम संबंध बनाने के लिए अपनी सारी ऊर्जा इकट्ठी करते हैं।

3. वे अपनी छवि के बारे में चिंतित हैं

‘लोग क्या कहेंगे!’ एक पुरूष के अब्यूसिव विवाह में रहने का सबसे बड़ा कारण है। आइये इसे स्वीकार कर ही लेते हैं, पुरूषों की प्रोग्रामिंग इस तरह की जाती है कि वे सोचें वे मजबूत हैं। पुरूषों में सामाजिक मानकों के अनुसार ‘घर के पुरूष’ के कद के अनुरूप कुछ गुण होने चाहिए। यह छवि ऐसे पुरूषों के लिए बोझ बन जाती है। उनकी छवि को बर्बाद करने का डर एक प्रमुख कारण है जिसकी वजह से पुरूष अब्यूसिव रिश्तों में रहते हैं। ऐसे पुरूष और ज़्यादा वंचित स्थिति में हैं, क्योंकि वे अपने दोस्तों और परिवारों के साथ अपनी परिस्थिति साझा नहीं कर सकते हैं। वे उपहास और नेम कॉलिंग से भी डरते हैं जो अपनी दुर्दशा साझा करने पर उनके साथ हो सकते हैं।

4. अब्यूसर द्वारा मनोवैज्ञानिक शोषण

कई बार, शोषण करने वाला साथी सामने वाले व्यक्ति के मनोविज्ञान और कमज़ोरियों को अच्छी तरह जानता है और उसे विभिन्न कारणों से शादी में रहने के लिए मनाता है। यहां तक कि हमारे सामाजिक ढांचे में भी पुरूषों के लिए कोई राहत नहीं है। जोड़ों से उम्मीद की जाती है कि ‘मरते दम तक साथ रहेंगे’ को कुछ ज़्यादा ही गंभीरता से लें। तलाक को एक व्यक्ति पर धब्बा माना जाता है और विवाह की विफलता के लिए पुरूष को ही दोषी ठहराया जाता है। ये संभावित आधार अलगाव के विचारों को ही रोक देते हैं।

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5. परिवार और बच्चों के लिए ज़िम्मेदार

एक अब्यूसिव पत्नी से नियमित हमलों का सामना करने का दर्द और आघात सबसे खराब होता है, खासकर जब आपके परिवार में बच्चे होते हैं। बच्चों से अलग होने का डर पुरूषों को विवाह में रोके रखता है, यहां तक की निरंतर दुर्व्यवहार के साथ भी। ऐसी महिला जानती है कि एक पिता के रूप में, उसे बच्चों से लगाव है और बच्चों के प्रति उसका प्यार उसकी चतुर चालबाज़ियों के लिए एक अनुकूल स्थिति बन जाता है।

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6. आत्म सम्मान की कमी

जैसा अब्यूसिव संबंधों में महिलाओं के साथ होता है, वैसे ही पुरूष भी लंबे समय तक अब्यूस के अधीन होने के बाद आत्म-सम्मान की कमी से पीड़ित होते हैं। वे अपने आत्म मूल्य और क्षमताओं पर संदेह करना शुरू कर देते हैं और दुर्व्यवहार को उनकी कथित अक्षमताओं के लिए योग्य सजा के रूप में सही भी ठहराते हैं।

7. इल्ज़ाम लगाए जाने से डरते हैं

पुरूषों को आमतौर पर आक्रामकों के रूप में देखा जाता है। इसलिए अब्यूस के शिकार पुरूष रिपोर्टिंग या छोड़ने की कोशिश के लिए सावधान हो जाते हैं क्योंकि वे डरते हैं कि उनका साथी उनपर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाएगा। अब्यूसर परिस्थिति को मेनिपुलेट कर सकता है यह दिखाने के लिए कि वास्तविक पीड़ित वे हैं।

8. वित्तीय स्वायत्ता नहीं है

इन दिनों लिव-इन काफी आम हैं, कई पुरूषों को अब्यूसिव प्रेमिका की विलासिता और जीवनशैली का खर्च उठाने के लिए वित्तीय झटकों का सामना करना पड़ता है। एक दुःखदायी विवाह के मामले में वित्तीय समीकरण और ज़्यादा उलझन में पड़ जाता है। अगर अब्यूसर, शोषित व्यक्ति की तुलना में बेहतर वित्तीय स्थिति में है, तो वे इसका उपयोग अपने लाभ के लिए कर सकते हैं। जब एक पुरूष लंबे समय तक अपमानजनक साथी के साथ रहा है, तो संभावना है कि उनके वित्त काफी हद तक उलझ जाएंगे। एक हावी पत्नी पीड़ित के वित्त पर पूरी तरह नियंत्रण कर लेती है, और पीड़ित को ऐसा महसूस होता है कि उसे जेबखर्च के लिए राशि प्राप्त हो रही है। बैंक स्टेटमेंट्स को सूक्ष्मता से देखा जाता है और परिवार का मुख्य ब्रेडविनर होने के बावजूद पति बहुत असहाय महसूस करता है।

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9. स्थिति बेहतर हो जाएगी

आशा इंसानों को कभी नहीं छोड़ती है। एक अब्यूसिव रिश्ते में फंसे अधिकांश पुरूषों को लगता है कि अगर वे अपने साथी की ज़रूरतों पर थोड़ा अधिक ध्यान देते हैं, तो दुरूपयोग बंद हो जाएगा। उनके अब्यूसिव व्यवहार के बारे में अपने साथी को चिल्लाने की बजाए, पूरूष दोष खुद पर ले लेते हैं क्योंकि वे अपने साथी की ज़रूरतों को पूरा करने में असफल रहे हैं।

पुरूष अब्यूसिव संबंधों से कैसे निकल सकते हैं?

एक अपमानजनक रिश्ते में इतने सारे दृष्टिकोणों को देखते हुए, इसमें रहने का कोई औचित्य नहीं है। याद रखें, हम सभी को शांति और सुकून में रहने का अधिकार है, और किसी को भी इसे पीड़ित से छीनने का हक नहीं है, उसके साथी को भी नहीं। हमारे सलाहकारों का सुझाव है कि ऐसे पीड़ित पुरूष जल्द से जल्द अब्यूसिव रिश्ते से बाहर निकलें । अगर आप युगल विवाह परामर्श लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो वह एक और गलत निर्णय होगा। याद रखें, मतभेदों को हल करने के इस अप्रभावी तरीके से और ज़्यादा नुकसान हो सकता है। इस समीकरण में, अब्यूसिव पत्नी पहले से ही एक हावी स्थान पर है और पति प्राप्त करने वाले सिरे पर है। उस समय, वह इतनी आत्म केंद्रित होती है कि पति की पीड़ाओं पर ध्यान नहीं देती है। यह मूल अंतर विवाह के लक्ष्यों को रोकता है और परामर्श प्रक्रिया को विफल कर देता है। इस प्रकार, रिश्ते का कोई भविष्य नहीं रह जाता है।

अगर आप ऐसी स्थिति में संघर्ष कर रहे हैं, तो हमारे विशेषज्ञ की एकमात्र सलाह है अपमानजनक रिश्ते से बाहर निकलना । अब्यूस को पहचाने, अहसास करें कि विवाह की विफलता आपकी गलती नहीं है, और इससे बाहर निकलें। अपने सपोर्ट सिस्टम से बात करें, भले ही वे परिवार हों या दोस्त और उन्हें हर परिणाम के लिए तैयार करें। हिंसक संबंधों में छोड़ कर जाने के निर्णयों को समझने में कुछ समय लगता है, लेकिन जब पीड़ित पति जान जाता है कि समय आ चुका है, तो विषम साथी से पीछा छुड़ाने में एक पल की भी देरी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि अब भी समय है और आप निश्चित रूप से जीवन और प्यार में बेहतर पाने के योग्य हैं। क्या आप हमसे सहमत हैं? अगर आपके रिश्ते में भी दुर्व्यवहार की कहानी है, तो हमारे बोनोबोलॉजी परामर्शदाताओं से जुड़ें।
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