पुरूष बताते हैं कि जब वे ही हमेशा सेक्स की शुरूआत करते हैं तो उन्हें कैसा महसूस होता है

Man and woman's hand

जब स्त्रियां सेक्स की शुरूआत नहीं करती, यह पुरूषों को उलझन में डाल सकता है।

सेक्स, संबंध में गैर-मौखिक संचार का एक रूप है। लेकिन यदि आप ही हमेशा इसे शुरू करते हैं तो जल्द ही ऐसा महसूस होने लग सकता है कि सामने वाला इच्छुक नहीं है। इस मामले में यह स्वयं से बातें करने जैसा है और यह आपको अस्वीकृत और अकेला महसूस करवा सकता है। कभी-कभी एक संबंध में, पुरूष को लग सकता है कि हमेशा वही अंतरंगता शुरू कर रहा है और यह बहुत सी भ्रामक भावनाओं की ओर बढ़ सकता है।

इससे पहले कि हम इस प्रश्न पर पहुंचे कि क्या यह वास्तव में सच है, ज़रा आंकडे़ देख लेते हैं। शोध बताते हैं कि औसतन, एक संबंध में, स्त्रियों की तुलना में पुरूष दुगनी बार सेक्स की शुरूआत करते हैं। हम सभी ने चुटकुले या मिथ्या बातें सुनी होगी की ‘लड़के तो बस यही चाहते हैं!’ या ‘पुरूष सेक्स के अलावा कुछ सोच नहीं सकते’ और फिर भी शोध हमें बताते हैं कि पुरूष और स्त्रियां समान रूप से सेक्स को पसंद करते हैं।

ये भी पढ़े: सहवास के दौरान लड़की ने कहा रूको, फिर लड़के ने क्या किया?

हमने छह पुरूषों से इस बारे में पूछा, ज़ाहिर है कि गुमनाम तरीके से और हमें निम्नलिखित प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईंः

1. अपनी इच्छाएं उस पर थोप तो नहीं रहा?

मैं चाहता हूं कि कभी-कभी वह भी मुझे बिस्तर पर फैंके और सेक्स की शुरूआत करे, आप समझ रहे हैं ना? मुझे लगता है कि सारे कामुक काम मैं ही करता हूँ। ऐसा नहीं है कि मुझे शुरूआत करने में कुछ समस्या है लेकिन ऐसा लगता है कि हमेशा मैं ही प्रयास करता हूँ और वह यह बस इसलिए करती है क्योंकि मैं चाहता हूँ वह करे, ना कि इसलिए क्योंकि वह करना चाहती है। मैं नहीं चाहता कि वह ऐसा कुछ करे जो वह करना नहीं चाहती, भले ही वह मुझसे संबंधित क्यों ना हो। इसलिए मुझे बस, बस अनिश्चित महसूस होता है।

2. मैं अपने विशेषाधिकार का उपयोग नहीं करना चाहता

देखिए, मैं समझता हूँ। इससे पहले कि हम इस अवधारणा के प्रति जागृत हुए कि सभी लिंग समान है, पुरूष हज़ारों वर्षों से स्त्रियों पर हावी रहे थे। और यह अनुचित था और यह स्पष्ट है कि समान अधिकार हर एक के लिए सर्वोत्तम बात है। लेकिन जब बात सेक्स की आती है, तो मुझे लगता है कि अगर हमेशा मैं ही शुरूआत करता रहा तो मुझे लगेगा कि मैं एक शक्तिशाली पुरूष की अवधारणा से सहमत हूँ। मैं नहीं चाहता कि यह असमान अनुभव हो। मैं चाहता हूँ कि हम दोनों इसमें समान रूप से संलग्न हों। मैं नहीं चाहता कि वह प्रतीकात्मक तरीके से भी अधीन हो। शायद मैं कुछ ज़्यादा ही सोच रहा हूँ लेकिन इसके पीछे की राजनीति कभी-कभी मुझे उत्तेजित कर देती है।

ये भी पढ़े: विवाहित लोगों द्वारा 11 कथन जो बताते हैं कि उन्होंने सेक्स करना क्यों समाप्त कर दिया

Couple undressing
पुरूष हज़ारों वर्षों से स्त्रियों पर हावी रहे थे।

3. बात करने से भी कोई फायदा नहीं हुआ

मैंने उसे इसके बारे में बताया। यह अच्छा नहीं रहा। वह नाराज़ हो गई और उसने कहा कि मैं अन्यायपूर्ण हो रहा हूँ। मैं बहुत उलझन में पड़ गया। मैं उसे दुखी नहीं करना चाहता था लेकिन यह ऐसा था जैसे थोड़े समय बाद मैं उससे कुछ ज़्यादा ही मांग रहा हूँ। अधिकांश दिनों में वह बहुत थकी हुई होती है और जब हम सेक्स करते हैं यह श्रेष्ठ होता है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि मैं कुछ ऐसी अपेक्षा कर रहा हूँ जो मुझे नहीं करनी चाहिए। मैंने सोचा कि शायद इसके बारे में बात करने से मदद मिल सकती है। शायद मैं अच्छे शब्दों में कहूं तो। मैं सोचता हूँ….

4. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता

सच कहूं तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे लगता है कि यह ठीक है? मैं कभी उससे आग्रह या प्रार्थना नहीं करता। मैं केवल सुझाव देता हूँ और अगर यह होता है तो बस हो जाता है। हमारी नौकरियां वास्तव में तनावपूर्ण हैं और कभी-कभी वे हमारे जीवन के अन्य भागों में संकट उत्पन्न कर देती हैं। मुझे लगता है, कि यदि मुझे सेक्स करने की इच्छा है और मेरा साथी व्यस्त नहीं है और वहां मौजूद है, तो स्पष्ट होकर पूछना संबंध का एक भाग है। मैंने कभी इस बारे में नहीं सोचा कि क्या हमेशा मैं ही शुरूआत करता हूँ। मेरे लिए यह अपेक्षा करना अजीब होगा कि वह मेरा मन पढ़े और शुरूआत करे, आप समझ रहे हैं ना?

ये भी पढ़े: प्लीज़, सेक्स नहीं, हम विवाहित हैं

5. मैं इसे हम पर अधिक ध्यान देने के लिए एक चुनौती के रूप में लेता हूँ

कभी-कभी यह अजीब हो जाता है। आप स्वयं पर संदेह करना शुरू कर देते हैं। क्या मैं आकर्षक नहीं हूँ? क्या कुछ समस्या है? मैं आमतौर पर इसे एक चुनौती के रूप में लेता हूँ। मैं ज़्यादा व्यायाम करना शुरू कर देता हूँ उसकी अधिक प्रशंसा करने लगता हूँ और उसके लिए सरप्राइज़ की व्यवस्था करने लगता हूँ। वह कहती है कि उसे वह बहुत पसंद है। मुझे लगता है कि कभी-कभी एक संबंध में कुछ लोग कुछ चीज़ें करते हैं और यह उनकी नियुक्त ज़िम्मेदारी जैसा होता है। वह हमेशा गाड़ी चलाती है, यह सुनिश्चित करती है कि हम दोनों अपनी दवाईयां समय पर लें। मैं घर के लिए खरीदारी करता हूँ और मैं सेक्स शुरू करता हूँ। यह इतना सामान्य है। मुझे नहीं लगता कि सेक्स को हमेशा इतना अधिक महत्त्व दिया जाना चाहिए। यह संबंध का एक बहुत महत्त्वपूर्ण भाग है और मुझे वह व्यक्ति बनने में कोई हर्ज नहीं जो यह सुनिश्चित करे कि हम इस पर ध्यान दे रहे हैं।

Woman on top
आप स्वयं पर संदेह करना शुरू कर देते हैं।

6. मुझे लगता है कि यह आपसी प्रयास है

देखिए, मुझे लगता है कि यदि हम यह चर्चा कर रहे हैं तो इस मिथक को टूट जाना चाहिए कि पुरूष हमेशा कामेच्छुक होते हैं। मुझे लगता है कि पुरूष और स्त्रियों के लिए शुरूआत करने के तरीके भिन्न होते हैं। स्त्रियां भी प्रत्यक्ष हो सकती हैं, लेकिन वे अधिक कोमल होती हैं। पुरूष शायद संकेतों को अनदेखा कर देते हैं। मुझे लगता है कि हम सभी सेक्स की शुरूआत करते हैं लेकिन बस एक अलग तरीके से। मुझे लगता है कि जैसे-जैसे लिंग के बारे में अधिक से अधिक चर्चाएं होंगी, हम यह समझ जाएंगे। मुझे यह समस्या प्रतीत नहीं होती। मैं किसी और की भावनाओं का अनादर नहीं करना चाहता लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह मेरी गर्लफ्रैंड मुझे देखती है, या मेरे बाहों को कोमलता से स्पर्श करती है, या उत्साह के रूप में मुझे जो प्रतिक्रिया प्राप्त होती है, क्या वह भी एक शुरूआत नहीं है? मुझे नहीं लगता कि यह ऐसा काम है जिसे आपमें से केवल एक कर सकता है, यह परस्पर है।

चाहे आप खुश हो या ना हो, लिंग के बारे में और अधिक खुली बातचीत शुरू करना बहुत अच्छा है, क्योंकि यही एकमात्र रास्ता है जिससे हमें इस विषय के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त होगी।

जब एक गृहणी निकली प्यार की तलाश में

पूर्वनिर्धारित अंतरंगता भी संतोषप्रद हो सकती है

पूर्वनिर्धारित अंतरंगता भी संतोषप्रद हो सकती है

Tags:

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.