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प्यार की एक दुखभरी दास्तान

जब अभय चावला कालेज की एक दोस्त की हत्या के बारे में पढ़ते हैं, तो उसे उसके साथ बिताए गए समय की याद आ जाती है...
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यह संभव ही नहीं था कि आप उसके बारे में नहीं जानते हों। बात यह थी; उन दिनों ईंजीनियरिंग कॉलेजों में बहुत कम लड़कियां प्रवेश लेती थीं और वह भी महानगर नहीं, बल्कि एक छोटे से शहर में। वह उन सात लड़कियों में से एक थी जिसने उसी वर्ष प्रवेश लिया था जब मैंने ज्वाइन किया था।

इस बारे में मैं काफी अस्पष्ट हूँ कि मैंने उसके बारे में पहले अपने सहपाठियों से सुना था या फिर उसे स्थानीय बाज़ार में देखा था। मेरी सबसे पुरानी याद में, किसी ने उसकी ओर ईशारा किया था, ‘‘देखो वह ममता है, अपने बायफ्रैंड के साथ घूम रही है”, उसकी आवाज़ में ईष्र्या की झलक थी।
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मुझे याद है कि लगभग एक साल बाद, मैं दिल्ली में सीएसआईआर, पूसा कैंपस में एक नीरस इंटर्नशिप कर रहा था। वह ट्रेनिंग का चौथा और अंतिम सप्ताह था, जब मैं बस से उतरने वाला था और मैंने ममता को देखा। मन में दुविधा थी कि उससे बात करूं या फिर अनदेखा करूं, और मैं उससे बात किए बिना ही उतर गया।

फिर मुझे मेरे पीछे किसी के दौड़ने की आवाज़ आई। मैं मुड़ा और मैंने देखा ममता मुस्कुरा रही है और मुझे रूकने को कह रही है। वह तेज़ी से सांस ले रही थी, उसकी सांस सामान्य हुई और फिर उसने कहा, ‘‘हैलो।”

“हैलो,’’ मैंने उत्तर दिया। ‘‘तुम ममता हो ना?’’

“हाँ”

“तुम यहां क्या कर रही हो? मैंने कूल बनने की कोशिश करते हुए पूछा।

“मैं यहां पूसा संस्थान में अपनी इंटर्नशिप कर रही हूँ।”

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मुझे पता नहीं कि वह मेरा नाम जानती थी या नहीं, लेकिन जिस तरह वह मुझे हैलो बोलने के लिए भागी थी उससे यह तो स्पष्ट है कि वह मुझे जानती थी। हम उसकी इंटर्नशिप की जगह गए जिसके बाद मैं आगे बढ़ गया। मुझे याद नहीं कि हमने क्या बात की लेकिन हमने ज़्यादा बातें नहीं की थीं।

उस दिन लंच के बाद, जब मेरे गाइड कुछ समझा रहे थे, ममता अंदर आ गई और हम सबको हैरान कर दिया। वह घर जाना चाहती थी। मेरे गाइड मुस्कुराए और मुझे जाने की इजाज़त दे दी। मानना पड़ेगा कि वह बहुत दूरदर्शी थे। वह किसी जगह जाना चाहती थी और मुझे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था क्योंकि मुझे डेटिंग में ज़्यादा रूचि नहीं थी। उन दिनों, जिन जोड़ों को एकांत चाहिए होता था वे बुद्ध जयंती पार्क (दिल्ली) में जाते थे जो एक अंधेरी जगह थी, और मुझे नहीं लगा कि परिचय के पहले ही दिन ऐसी जगह जाने की कोई ज़रूरत थी।

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इसलिए हमने नज़दीकी बाज़ार जाने के लिए एक बस ली और एक कोल्ड ड्रिंक की दुकान में चले गए। वह बातूनी थी और उसने इंटरकास्ट समस्या और अन्य समस्याओं के कारण अपने बायफ्रैंड से ब्रेकअप की बात बताई। उसे बात करना पसंद था और मुझे लगता है कि उसे यह बात पसंद आ रही थी कि मैं सुन रहा था।

यह एक हफ्ते तक चला जहां हम काम की जगह तक बस में एक साथ जाते थे और फिर साथ में लौटते थे। ज़्यादा कुछ हुआ नहीं सिवाए इसके कि मुझे उसकी ज़िंदगी की कहानी पता चल गई और उसे मेरे जीवन के बारे में कुछ नहीं पता था।

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कॉलेज के फिर से खुलने के बाद, वह एक दिन मेरी क्लास में आई। एक इंजीनियरिंग कॉलेज में, दिन में हैंग आउट करने के लिए वास्तव में कोई जगह नहीं होती। इसलिए हम बगैर किसी उद्देश्य के बातें करते हुए ऐसे ही घूमते रहे और फिर मैंने उसे होस्टल छोड़ दिया। मैं समझ सकता था कि वह मुझे पसंद करने लगी थी। मुझे वह अच्छी लगती थी हालांकि मेरी भावनाएं अब भी अस्पष्ट थीं।

एक दोपहर को भारी बारिश के दौरान, होस्टल पहुंचने पर मैंने किसी को कहते सुना कि ममता के साथ कोई दुर्घटना हुई है। उस शाम, मैं स्थानीय अस्पताल पहुंचा जहां उसे भर्ती किया गया था। उसे एक रैश कार ड्राइवर ने ठोक दिया था और उसकी जांघ की हड्डी टूट गई थी जिसका आपरेशन किया जाना था।

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मुझे देखकर उसकी एक सहेली दौड़ी चली आई जो परेशान दिख रही थी और उसने मुझसे पूछा कि मैं देर से क्यों आया। उसने कहा कि वे लोग मुझे एक्सीडेंट के बाद से ही ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं और ममता मेरे बारे में पूछ रही है। जब मैं उसके कमरे में पहुंचा, उसने मुझे गुस्से में देखा -शायद आघात और साथ में ‘‘देखो मुझे क्या हो गया और तुम कहां थे” की वजह से। उस लुक ने मुझे हैरान कर दिया और तब मैं स्पष्ट रूप से उसकी भावना की तीव्रता को समझ गया।

ममता धीरे-धीरे ठीक हो गई। उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और फिर वह ठीक होने के लिए घर चली गई। ऐसा लग रहा था कि वह उस वर्ष ड्राप ले लेगी लेकिन वह वापस आ गई और ग्रेजुएट हो गई। इस बीच, हम संपर्क में नहीं थे। ग्रेजुएशन डे पर, वह अन्य क्लासमेट के साथ थी जबकि मैं खुश था और किसी भी प्रकार की प्रतिबद्धता से मुक्त था।

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पोस्ट नोटः जब मुझे मेरी पहली नौकरी मिली, मुझे पता चला कि ममता पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही है। मैं उसके लिए खुश था। फिर एक दिन, एक स्थानीय अखबार की हेडलाइन पर मेरी नज़र पड़ीः ‘‘पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही लड़की होस्टल में मृत पाई गई।” यह ममता थी। कितना दुखद था, मैंने सोचा, उसके साथ बिताया गया पूरा समय मेरी आँखों के सामने घूमने लगा! उसके कॉलेज के पूर्व प्रेमी ने आवेश में आकर उसकी हत्या कर दी थी।
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